छ्पी-अनछपी: वोटर वेरिफिकेशन व ऑपरेशन सिंदूर पर घिरेगी सरकार, सरेंडर के जुगाड़ में था शूटर तौसीफ
बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। आज से दिल्ली में सांसद और पटना में विधानमंडल का सत्र शुरू हो रहा है जिसमें वोटर वेरीफिकेशन और ऑपरेशन सिंदूर पर सरकार को घेरने की तैयारी है। पारस अस्पताल मर्डर केस के बारे में पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार तौसीफ कोर्ट में सरेंडर का जुगाड़ लगा रहा था। गंगा और पुनपुन नदी कई जगह लाल निशान के ऊपर बह रही हैं। विश्व हिंदू परिषद मंदिरों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त करने का अभियान चलाएगी।
और, जानिएगा कि हिमाचल में दो सगे भाइयों ने एक ही महिला से शादी की।
पहली ख़बर
प्रभात खबर के अनुसार संसद का मानसून सत्र 21 जुलाई से शुरू हो रहा है। इसके हंगाममेदार रहने के आसार रविवार को बुलाई गई बैठक में देखने को मिल गए। बैठक में विपक्ष में बिहार में मतदाता सूची पुनरीक्षण पहलगाम आतंकवादी हमले और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के संघर्ष विराम के दावों सहित विभिन्न मुद्दे उठाए और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सदन में बयान देने की मांग की। बैठक में सरकार ने सदन के सुचारू संचालन के लिए विपक्षी दलों से सहयोग मांगा। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा कि संसद को सुचारू रूप से चलाने के लिए सरकार एवं विपक्ष के बीच समन्वय होना चाहिए उन्होंने कहा कि सरकार ऑपरेशन सिंदूर पर ट्रंप के दावों को लेकर विपक्ष द्वारा उठाए गए मुद्दों पर संसद में उचित जवाब देगी।
बिहार विधान मंडल में भी मुद्दा बनेगा वोटर वेरीफिकेशन का फरमान
हिन्दुस्तान के अनुसार बिहार विधानमंडल के सोमवार से शुरू हो रहे मानसून सत्र में नीतीश सरकार दर्जनभर विधेयक लाएगी। इनमें चार मूल जबकि आठ संशोधन विधेयक हैं। बिहार विधानसभा तथा बिहार विधान परिषद से इन्हें पारित करा सरकार शीघ्र ही विधेयकों को कानून की शक्ल में राज्य में लागू करेगी। इनमें से आधा दर्जन से अधिक विधेयक युवाओं, बेरोजगारों, कामगारों, रैयतों आदि के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। मौजूदा सरकार और 17वीं विधानसभा का अंतिम पांच दिवसीय सत्र (सोमवार से शुक्रवार तक) छोटा किंतु पक्ष-विपक्ष के लिए महत्वपूर्ण है। इस सत्र के बाद प्रदेश की पार्टियां चुनावी मैदान में उतरेंगी। इस लिहाज से दोनों पक्ष मानसून सत्र को अपने पाले में करने की तैयारी में हैं। विपक्ष जहां मतदाता सत्यापन और विधि व्यवस्था के मसले पर सरकार को घेरने की तैयारी कर रहा है वहीं सत्ता पक्ष भी विरोधियों के हर सवाल का जवाब देने को तैयार है। 21 जुलाई को पहले दिन दोनों सदनों में लगभग 50 हजार करोड़ का अनुपूरक बजट पेश किया जाएगा।
कोर्ट में सरेंडर का जुगाड़ लगा रहा था तौसीफ़
भास्कर के अनुसार पारस अस्पताल में इलाज करा रहे बक्सर के कुख्यात चंदन मिश्रा की हत्या की साजिश तीन दिन पहले रची गई थी। इस मामले में मुख्य शूटर तौसीफ उर्फ बादशाह उसके मौसेरे भाई निशु खान, निशु के केयरटेकर हर्ष उसके नर्सिंग स्टाफ भी को पुलिस ने कोलकाता से गिरफ्तार कर लिया। निशु के घर पर ही हत्या की साजिश रची गई थी। तौसीफ 17 जुलाई की सुबह चंदन की हत्या के बाद निशु के समनपुरा स्थित घर पर गया था। वहां से निशु की कार से ही तौसीफ, निशु, उसकी गर्लफ्रेंड, हर्ष और भीम गया, बरही, रांची होते कोलकाता पहुंच गया। तौसीफ और निशु ने घटना से एक पहले 16 जुलाई को कोलकाता के आनंदपुर में गेस्ट हाउस बुक कराया था। इधर कोलकाता में गिरफ्तार नीशू ने बताया कि हत्या के बाद तौसीफ उसके घर आया था। उसने तौसीफ से कहा था कि सरेंडर कर दो। पुलिस तुम्हारे रिश्तेदारों को परेशान करेगी। निशु का दावा है कि तौसीफ ने कहा था कि सोमवार को सरेंडर कर देगा। नीशू ने कहा पुलिस ने उसकी गर्लफ्रेंड को भी पकड़ लिया है।
गंगा और पुनपुन खतरे के निशान से ऊपर
प्रभात खबर के अनुसार बिहार में मानसून के एक्टिव होने के साथ ही राज्य की कई छोटी बड़ी नदियां उफनाने लगी हैं। राज्य में रविवार को गंगा, बूढ़ी गंडक और पुनपुन नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर दर्ज किया गया। पटना में गंगा नदी उफान पर है। इस कारण कई जगहों पर लोगों की परेशानियां बढ़ती जा रही हैं। बाढ़ के पानी के कारण पटना जिले के मनेर दानापुर, फतुहा, बख्तियारपुर और दनियावां में असर दिखने लगा है। साथ ही कोसी, सोन, गंडक और फल्गु नदियों के जलस्तर में भी बढ़ोतरी का रुख देखा जा रहा है।
मंदिरों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त कराएगी विश्व हिंदू परिषद
जागरण में मुंबई से खबर है कि विश्व हिंदू परिषद ने तय किया है कि वह सभी हिंदू मंदिरों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त करने का अभियान चलाएगी। इसके लिए विश्व हिंदू परिषद 7 सितंबर से सभी राज्यों के मुख्यमंत्री से मिलेगी और उन पर हिंदू मंदिरों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त करने का दबाव बनाएगी। महाराष्ट्र के जलगांव में दो दिन चली विश्व हिंदू परिषद की केंद्रीय प्रबंध समिति की बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा कि सरकार चर्च नहीं चलाती, मस्जिद नहीं चलाती, गुरुद्वारा नहीं चलाती लेकिन मंदिर चलाती है। कई राज्यों का कानून कहता है कि मंदिर की आय का 12% प्रशासनिक खर्च के रूप में सरकारी खजाने में जमा किया जाएगा। दो प्रतिशत ऑडिट फीस लेते हैं। यदि मंदिर में कोई प्रशासक रखा गया है तो उसका वेतन भत्ता मंदिर से लिया जाता है।
हिमाचल में दो सगे भाइयों ने एक ही महिला से शादी की
जागरण के अनुसार हिमाचल प्रदेश के जिन क्षेत्रों में पांडवों के कदम पड़े वहां की लोक संस्कृति में आज भी उनके अनुशरण की छाप देखने को मिलती है। सिरमौर जिले के गिरी पार्क क्षेत्र में सदियों पुरानी बहुपति प्रथा आज भी प्रचलित है। इसी परंपरा का पालन करते हुए शिलाई के दो सगे भाइयों प्रदीप नेगी और कपिल नेगी ने कुल्हाटी गांव की सुनीता चौहान से एक साथ विवाह किया। जहां पहले इस तरह के विवाह चुपचाप होते थे वही इन दोनों भाइयों ने खुलेआम समाज के सामने यह विवाह किया। 11 से 13 जुलाई तक चल समारोह में करीब 4000 मेहमान शामिल हुए। प्रदीप नेगी ने बताया कि दोनों भाइयों के साथ दुल्हन ने बिना किसी दबाव के सहमति से विवाह किया है। वह जल शक्ति विभाग में नौकरी करता है और छोटा भाई कपिल विदेश में नौकरी करता है।
कुछ और सुर्खियां:
- आर्थिक अपराध इकाई ने युवा जदयू के प्रदेश सचिव हर्षित मिश्रा को करोड़ों की ठगी और साइबर अपराध में गिरफ्तार किया
- घर पर नकदी मिलने से चर्चित हुए जस्टिस यशवंत वर्मा के विरुद्ध महाभियोग प्रस्ताव नोटिस पर 100 सांसदों का हस्ताक्षर
- महाराष्ट्र विधानसभा सत्र के दौरान मोबाइल फोन पर रमी खेल रहे थे कृषि मंत्री, पकड़े जाने पर छिड़ा विवाद
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 23 जुलाई से 26 जुलाई तक ब्रिटेन और मालदीव की यात्रा पर रहेंगे
- 8 अगस्त को सीतामढ़ी के मां जानकी मंदिर की आधारशिला रखेंगे गृह मंत्री
- नीतीश कुमार को उपेंद्र कुशवाहा की सलाह पार्टी की जवाब दे ही दूसरे को दें
अनछपी: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की छवि चाहे जितनी बढ़ा चढ़ा कर पेश की जाए लेकिन यह बात कभी ना कभी सामने आ ही जाती है कि कैसे उन्होंने अपनी ही पार्टी के संविधान की धज्जियां उड़ाईं और पदों पर काबिज रहे। इस बात की चर्चा नहीं की जाती कि नीतीश कुमार की पार्टी के संविधान के अनुसार एक व्यक्ति और एक पद का नियम है लेकिन जब नीतीश कुमार अपनी पार्टी के राजा हैं तो ऐसे नियमों का क्या मतलब है? ताजा मामला यह है कि नीतीश कुमार के साथी रह चुके और इस वक्त राष्ट्रीय लोकतांत्रिक मोर्चा के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने यह बात कही है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पार्टी अध्यक्ष का पद किसी और को सौंप देना चाहिए। पता नहीं इसे उपेंद्र कुशवाहा का नीतीश कुमार पर छिपा हुआ हमला माना जाए या उनका उभरा हुआ प्यार। उपेंद्र कुशवाहा कहते हैं कि राज्यहित के लिए जरूरी है कि नीतीश कुमार सरकार चलाते रहें क्योंकि इसमें उनका लंबा अनुभव है। इसके साथ ही उनका कहना है कि नीतीश कुमार को पार्टी की जवाबदेही के हस्तांतरण के विषय पर समय रहते ठोस फैसला लेना चाहिए। शायद उनका इशारा यह है कि नीतीश कुमार को अपनी पार्टी की कमान अपने बेटे निशांत कुमार को दे देनी चाहिए लेकिन उन्होंने खुलकर यह बात नहीं कही है। उन्होंने यह जरूर कहा है कि उनके दल के हजारों कार्यकर्ताओं और नेताओं की राय में अब नेतृत्व किसी और को देने का समय आ चुका है और अगर वह इसमें देरी करते हैं तो इससे अपूरणीय नुकसान हो सकता है। उपेंद्र कुशवाहा का यह संदेश नीतीश कुमार के पुत्र निशांत के जन्मदिन पर बधाई देने के साथ आया है। इस तरह कड़ियों को मिलाकर कर देखा जाए तो उनका कहना यह है कि निशांत कुमार को पार्टी का अध्यक्ष पद दे दिया जाए। यह बात याद रखने की है कि नीतीश कुमार जब पार्टी के अध्यक्ष नहीं हुआ करते थे तब भी पार्टी के सर्वेसर्वा तो वही होते थे लेकिन कुछ मामले ऐसे हुए इसके बाद उन्होंने मुख्यमंत्री रहते हुए यह पद संभाल लिया। जाहिर है राजा के रूप में नीतीश कुमार अपनी पार्टी चल रहे हैं तो उनकी पार्टी के किसी नेता ने यह हिम्मत नहीं की कि उनसे पूछे कि वह एक पद एक व्यक्ति के सिद्धांत को क्यों नहीं मान रहे। ऐसे में मीडिया से इस तरह की उम्मीद करने की गुंजाइश नहीं है।
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