बिहार में बढ़ रहा है कोरोना संक्रमण, रात्रि कफ्र्यू या आंशिक लाॅकडाउन की संभावना

बिहार लोक संवाद डाॅट नेट
पटना, 26 नवंबर: देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या 92 लाख 66 हजार 700 के पार चली गई है। वहीं बिहार में इससे संक्रमितों की संख्या 2 लाख 31 हजार 500 से अधिक हो गई है। बिहार में अब तक 1237 लोगों की मौत हो चुकी है। जहां तक राजधानी पटना की बात है यहां कोरोना संक्रमित लोगों का ट्रेंड बढ़ने लगा है। यहां 25 नवंबर को लगभग 300 नये मरीज मिले हैं।
इस बीच गृह मंत्रालय ने कोरोना से रोकथाम के लिए नई गाइडलाइन जारी की है। इस गाइडलाइन से इस बात की आशंका है कि आने वाले दिनों में बिहार में रात्रि कफ्र्यू या आंशिक लाॅकडाउन लग सकता है।

होम मिनिस्ट्री की कोरोना की नई गाइडलाइंस की 13 अहम बातें —-

1- मंत्रालय ने कहा कि रोकथाम की रणनीति में निगरानी, अन्य उपायों पर ध्यान होना चाहिए। गृह मंत्रालय तथा स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों एवं मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) का कड़ाई से पालन होना चाहिए।

2- मंत्रालय ने कहा, राज्य स्थिति के आकलन के आधार पर कोविड-19 के प्रसार को रोकने के लिए नाइट कर्फ्यू जैसी स्थानीय पाबंदी लागू कर सकते हैं।

3- राज्य सरकारें केंद्र सरकार के साथ विचार-विमर्श किए बिना निषिद्ध क्षेत्रों के बाहर किसी भी प्रकार का स्थानीय लॉकडाउन (राज्य, जिला, उपसंभाग, शहर के स्तर पर) नहीं लागू करेगी। दिशा-निर्देश एक दिसंबर से 31 दिसंबर तक प्रभावी रहेगा।

4- मंत्रालय ने एक आदेश जारी कर कोविड संक्रमण पर अंकुश लगाने के लिए निगरानी, उपाय और सतर्कता से संबंधित दिशा निदेर्श भी जारी किए जो आगामी एक दिसंबर से लागू होंगे। मंत्रालय ने सभी राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों से इन दिशानिदेर्शों को पूरी सख्ती से लागू करने को कहा है।

5- दिशानिदेर्शों में इस बात पर जोर दिया गया है कि कोरोना के खिलाफ अभियान में अब तक देश ने जो सफलता हासिल की है उसे बरकरार रखते हुए इसे और मजबूत बनाने के लिए कदम उठाए जाएं। इनमें जोर देकर कहा गया है कि कंटेनमेंट जोन में सभी दिशानिदेर्शों को पूरी तरह से लागू किया जाए और वहां केवल अनिवार्य सेवाओं की गतिविधि की ही अनुमति दी जानी चाहिए। कंटेनमेंट जोन के बाहर जाने और उनमें अंदर आने पर भी पूरी तरह से रोक लगाने को कहा गया है। भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों मैं भी विशेष एहतियात बरतने को कहा गया है।

6- राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से कहा गया है कि वे त्योहारों और सर्दी के मौसम को देखते हुए विशेष सावधानी बरतें तथा जिला, स्थानीय प्रशासन, नगर निगम और पुलिस को गृह मंत्रालय तथा केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के दिशानदेर्शों और मानक संचालन प्रक्रिया को लागू करने के प्रति जवाबदेह बनाए। साथ ही अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए भी कहा गया है।

7- दिशानिर्देशों में राज्य सरकारों से सामाजिक और धार्मिक समारोह में शामिल होने वाले लोगों की संख्या सौ तक सीमित रखने और जरूरत पड़ने पर इससे भी कम करने को कहा गया है।

8- दिशानिर्देशों में कंटेनमेंट जोन का सावधानी से निधार्रण करने और इसकी सूची वेबसाइट पर डालने को कहा गया है। इसके अलावा घर-घर जाकर सर्वेक्षण करने और निगरानी के लिए टीम बनाने को भी कहा गया है। संक्रमित लोगों के संपर्क में आने वालों का पता लगाने तथा उनके क्वारंटाइन को सुनिश्चित करने का प्रावधान भी दिशानिर्देशों में किया गया है।

9- राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि सभी लोग मास्क पहनें, हाथ साफ रखें और सामाजिक दूरी बनाकर रखें। प्रशासन इसके लिए सार्वजनिक और कार्यस्थलों पर जुमार्ने सहित अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के लिए भी स्वतंत्र है।

10- बड़े बाजारों, साप्ताहिक बाजारों और सार्वजनिक परिवहन के साधनों में भीड़भाड़ के मद्देनजर सामाजिक दूरी सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय मानक संचालन प्रक्रिया जारी करेगा जिसका सभी को सख्ती से पालन करना होगा।
कंटेनमेंट जोन के बाहर पहले से ही सभी तरह की गतिविधियों की शर्तों के साथ अनुमति है और इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है।

11- अंतरार्ष्ट्रीय यात्रा, सिनेमाा हॉल, स्विमिंग पूल, प्रदर्शनी और सामाजिक तथा धार्मिक समारोह के लिए लागू दिशा निर्देशों में भी कोई फेरबदल नहीं किया गया है। इन आयोजनों में भाग लेने वाले लोगों की संख्या 200 या हॉल की आधी क्षमता तक सीमित रहेगी। हालांकि सरकार स्थिति के अनुसार, इसमें शामिल होने वाले लोगों की संख्या अधिक से अधिक सौ या उससे भी कम कर सकती है।

12- दिशा निर्देशों में कहा गया है कि स्थानीय प्रशासन स्थिति के अनुसार रात्रि कर्फ्यू जैसे उपाय भी लागू कर सकता है लेकिन कंटेनमेंट जोन के बाहर केन्द्र सरकार की अनुमति के बिना किसी तरह की पूर्णबंदी लागू करने की अनुमति नहीं है।

13- जिन राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों में संक्रमण की दर 10 प्रतिशत से अधिक है वहां कार्यालयों के समय को आगे पीछे किया जा सकता है। राज्यों के अंदर तथा उनके बाहर आवागमन पर किसी तरह का प्रतिबंध नहीं रहेगा। बुजुर्गों, अनेक रोगों से पीड़ति लोगों , गर्भवती महिलाओं तथा दस वर्ष से कम आयु के बच्चों को घरों में ही रहने की सलाह दी गई है। साथ ही आरोग्य सेतु ऐप के इस्तेमाल को बढ़ावा देने को भी कहा गया है।

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