छ्पी-अनछपी: होर्मुज पर ट्रंप की धमकी- ईरान का पलटवार, मिलावटी दूध से 16 की मौत
बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने धमकी दी है कि अगर ईरान 48 घंटे के भीतर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से पूरी तरह नहीं खोलता है, तो अमेरिका उसके के पावर प्लांट पर हमला करेगा। इसके जवाब में ईरान ने कहा कि वह ऐसे हर हमले का जवाब देगा। आंध्र प्रदेश के पूर्वी गोदावरी जिले में मिलावटी दूध पीने से 16 लोगों की मौत हो गई।
और, जानिएगा कि नरेंद्र मोदी देश में सबसे ज्यादा 8,931 दिनों से शासन करने वाले नेता बन गए हैं।
पहली ख़बर
प्रभात ख़बर के अनुसार अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार की सुबह चेतावनी दी कि अगर ईरान 48 घंटे के भीतर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से पूरी तरह नहीं खोलता है, तो अमेरिका उसके के पावर प्लांट पर हमला करेगा और ऊर्जा संयंत्रों को पूरी तरह से तबाह कर देगा. ट्रंप ने यह चेतावनी फ्लोरिडा में सप्ताहांत बिताने के दौरान सोशल मीडिया पर पोस्ट के जरिए दी. उन्होंने कहा कि ईरान को इस अहम जलमार्ग को खोलने के लिए ठीक 48 घंटे का समय दिया जा रहा है, अन्यथा उसे नये हमलों का सामना करना पड़ेगा. उन्होंने कहा कि अमेरिका विभिन्न ऊर्जा संयंत्रों को नष्ट कर देगा और इसकी शुरुआत सबसे बड़े संयंत्र से होगी. तेल की कीमतों में तेजी के बीच ट्रंप पर इस जलडमरूमध्य को सुरक्षित कराने का दबाव बढ़ता जा रहा है.
किसी भी हमले का बदला लेंगे: ईरान
ट्रंप की धमकी का ईरान ने अपनी सेना के जरिए दिया जवाब दिया है. उसने रविवार तड़के चेतावनी दी कि वह किसी भी हमले का बदला लेगा. उसके ऑपरेशनल कमांड ने कहा कि पिछली चेतावनियों के बाद, अगर दुश्मन ईरान के ईंधन और ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर किसी भी तरह का हमला होगा हैए तो उसके जवाब में वह क्षेत्र में अमेरिका और इस्राइल के ऊर्जा व बुनियादी ढांचे को निशाना बनायेगा.
इसराइल पर मिसाइलों की बौछार
इसराइल और ईरान के बीच संघर्ष 23वें दिन भी जारी रहा. ईरान ने इसराइल पर रविवार सुबह चार बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं. इन हमलों में तीन सौ से ज्यादा लोग घायल हुए हैं. इसराइल ने इसकी पुष्टि की है. इससे पहले, ईरान ने शनिवार देर रात भी दक्षिणी इसराइल के दो इलाकों- डिमोना और अराद शहरों पर मिसाइल से हमला किया था, जहां इसराइल का बड़ा न्यूक्लियर प्लांट है. इधर, अमेरिका ईरान के साथ सीजफायर पर वार्ता करना चाहता है. ट्रंप का दावा है कि ईरान समझौता करना चाहता है. हालांकि ईरान ने बातचीत से पहले युद्ध रोकने, नुकसान का मुआवजा देने और भविष्य में उस पर हमले नहीं होने की पक्की गारंटी देने की शर्त रखी है.
एयरलाइंस को अरबों का नुकसान
हिन्दुस्तान के अनुसार मध्य-पूर्व के युद्ध ने विमानन क्षेत्र को एक नए और गहरे संकट में धकेल दिया है। अधिकारियों और विशेषज्ञों का मानना है कि यह इंडस्ट्री के लिए सबसे बड़ी उथल-पुथल है। पिछले चार हफ्तों में दुनिया की 20 सबसे बड़ी एयरलाइनों की मार्केट वैल्यू में लगभग 53 बिलियन डॉलर (करीब 4.4 लाख करोड़ रुपये) की भारी गिरावट आई है। एयरलाइन के कुल खर्च का एक तिहाई हिस्सा जेट फ्यूल (विमान ईंधन) पर होता है। अमेरिका और इसराइल द्वारा ईरान पर हमलों के बाद ईंधन की कीमतें दोगुनी हो गई हैं। युद्ध के कारण खाड़ी देशों के ऊपर से उड़ना खतरनाक हो गया है। कई मुख्य हवाई अड्डों पर काम रुक गया है, जिससे उड़ानों के रूट लंबे हो गए हैं और लागत बढ़ गई है।
आंध्र प्रदेश में मिलावटी दूध पीने से 16 लोगों की मौत
आंध्र प्रदेश के पूर्वी गोदावरी जिले में मिलावटी दूध पीने से 16 लोगों की मौत हो गई। इसके अलावा तीन लोगों का अस्पताल में उपचार चल रहा है। राज्य सरकार की तरफ से रविवार को बयान जारी कर बताया गया कि प्रयोगशाला जांच के नतीजों से पता चला है कि इन सभी 16 लोगों की मौत ‘एथिलीन ग्लाइकॉल’ नामक जहरीले पदार्थ की वजह से दूषित हुए दूध के सेवन से हुई। दूषित दूध पीने की वजह से उनकी किडनी ने अचानक काम करना बंद कर दिया, जिससे उनके शरीर के कई अंग भी अचानक से ही निष्क्रिय हो गए। आंध्र प्रदेश सरकार के अनुसार, यह मामला पहली बार 22 फरवरी को तब सामने आया, जब किडनी फेल होने के गंभीर लक्षणों वाले कई मरीजों की रिपोर्ट मिली थी।
बिहार दिवस पर कार्यक्रमों की धूम
भास्कर के अनुसार बिहार, 114 साल का हो गया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रविवार को गांधी मैदान में ‘बिहार दिवस’ समारोह का उद्घाटन किया। यह 3 दिनों (22-24 मार्च) तक चलेगा। समारोह की थीम है-उन्नत बिहार, उज्ज्वल बिहार। गांधी मैदान में शिक्षा, कृषि, उद्योग, गन्ना, नगर विकास व आवास विभागों के स्टॉल व प्रदर्शनी लगी है। यहां के अलावा राजधानी के विभिन्न हॉल में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम है।
गया में मेगा ब्लॉक खत्म, ट्रेनों की आवाजाही ठीक हुई
गया जंक्शन पर करीब 45 दिनों से प्रभावित रेल सेवाएं अब बहाल हो गई हैं। प्लेटफॉर्म संख्या दो और तीन के पुनर्विकास कार्य के कारण 21 मार्च तक मेगा ब्लॉक लगाया गया था, जिससे कई ट्रेनों का परिचालन बाधित था। शनिवार की देर रात से इन प्लेटफॉर्मों पर ट्रेनों का संचालन फिर से शुरू कर दिया गया है, जिससे रेल यातायात सामान्य होने लगा है। रविवार से गया से पटना के बीच नियमित रूप से ट्रेनों का परिचालन शुरू कर दिया गया।
नरेंद्र मोदी बने सबसे लंबे समय तक शासन करने वाले नेता
जागरण के अनुसार तीन बार गुजरात के मुख्यमंत्री और फिर उसके बाद लगातार तीसरी बार देश के प्रधानमंत्री के रूप में दायित्व संभाल रहे नरेन्द्र मोदी के नाम अब एक और रिकार्ड दर्ज हो गया है। अब तक इन दोनों कार्यकाल को मिलाकर वह सर्वाधिक 8,931 दिनों से शासन के मुखिया के पद पर आसीन रहने बाले देश के पहले नेता बन गए हैं। मोदी ने यह रिकार्ड सिक्किम के पूर्व मुख्यमंत्री पवन कुमार चामलिंग के 8,930 दिनों के रिकार्ड को तोड़कर कायम किया है। चामलिंग के बाद नवीन पटनायक (ओडिशा) और ज्योति बसु (पश्चिम बंगाल) सबसे लंबे समय तक शासन करने वाले नेता थे।
कुछ और सुर्खियां:
- कतर की मिलिट्री फोर्स का हेलीकॉप्टर ट्रेनिंग मिशन के दौरान हादसे का शिकार, सभी सात सवारों की मौत
- जदयू के पूर्व नेता केसी त्यागी राष्ट्रीय लोक दल में शामिल हुए, 2003 में समता पार्टी और जनता दल के विलय से बने जदयू से जुड़े थे
- मार्च में अब तक विदेशी निवेशकों ने 88180 करोड़ रुपए के शेयर बेचे
- यूनेस्को की वैश्विक शिक्षा निगरानी टीम की रिपोर्ट- स्कूलों में मोबाइल पर दुनिया के 58% देशों ने रोक लगाई
- बिहार में अधिकतम तापमान में 13 डिग्री तक की गिरावट, 26 मार्च से फिर बारिश का अलर्ट
अनछपी: ईरान पर अमेरिका और इसराइल के हमलों से मची भारी तबाही के बीच एक अजीबोगरीब हकीकत यह भी है कि ईरान को इससे अपनी आर्थिक स्थिति संभालने में कुछ हद तक मदद मिली है तो दूसरी तरफ खाड़ी के अरब देशों का काफी नुकसान हुआ है। अरब देशों को नुकसान की वजह वही है जो ईरान के फायदे की वजह है यानी होर्मुज स्ट्रेट। कहा जा रहा है कि अमेरिका ने ईरान के खार्ग आइलैंड के पास सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया, लेकिन दुनिया भर में तेल संकट गहराने के डर से ईरान के तेल सप्लाई टर्मिनल को सीधे निशाना नहीं बनाया। इसका फायदा उठाते हुए ईरान धड़ल्ले से खार्ग टर्मिनल चला रहा है और ‘घोस्ट फ्लीट’ के जरिए लगातार चीन को क्रूड ऑयल की सप्लाई करके कमाई कर रहा है। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी और एसएंडपी ग्लोबल के अनुसार, ईरान रोजाना 1.7 से 2 मिलियन बैरल तेल निर्यात कर रहा है, जिसका बड़ा हिस्सा चीन जा रहा है। खार्ग टर्मिनल से अभी भी देश के करीब 90% तेल का निर्यात हो रहा है। साउथ पार्स गैस फील्ड पर हमले से उत्पादन में कमी तो आई है लेकिन घरेलू और स्थानीय सप्लाई जारी है। इस बीच होर्मुज जलडमरूमध्य पार करने वाले हर विदेशी जहाज से ईरान 16.5 करोड़ रुपए वसूली करके खजाना भर रहा है। दूसरी तरफ, सऊदी अरब, कतर, इराक, कुवैत और यूएई जैसे खाड़ी देश फंस गए हैं। लगातार ईरान के ड्रोन मिसाइल हमलों और होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकेबंदी के कारण इन देशों का उत्पादन 70% तक गिर गया है। इसके अलावा ईरान के मिसाइल हमले से खाड़ी के देशों की रिफाइनरियों को जो नुकसान हुआ है उसकी भरपाई करने में भी बरसों लगेंगे। ऐसे में अरब देशों को यह भी सोचना है कि वह इसराइल और अमेरिका के हमले की वजह से कब तक अपना आर्थिक नुकसान सहते रहेंगे।
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