छ्पी-अनछपी: सरेंडर नहीं सामना करेगा ईरान, ₹3000 में साल भर के लिए मिलेगा फास्टैग

बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। ईरान ने इसराइल के साथ जारी जंग के बीच कहा है कि वह सरेंडर नहीं बल्कि सामना करेगा हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान पर सरेंडर के लिए दबाव डाल रखा है। एनएच टोल प्लाजा के लिए ₹3000 में मिलेगा वार्षिक फास्टैग। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि भारत कभी मध्यस्थता स्वीकार नहीं करेगा। बिहार के विश्वविद्यालयों में वैकेंसी की जानकारी मांगी गई है ताकि शिक्षकों की बहाली जल्द हो सके।

और, जानिएगा कि पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नोबेल पुरस्कार के लिए समर्थन के एवज में लंच पर बुलाया।

पहली खबर

हिन्दुस्तान के अनुसार ईरान के सर्वोच्च नेता आयातुल्ला अली खामेनेई ने बुधवार को अमेरिका को कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने बिना शर्त आत्मसमर्पण की धमकी पर कहा कि ईरान समर्पण नहीं करेगा। अगर अमेरिका जंग में कूदा तो उसे अपूर्णीय क्षति उठानी होगी। इसराइल ने हमला कर बड़ी गलती की, उसे सजा मिलेगी। खामेनेई ने सरकारी टेलीविजन पर कहा, “समझदार लोग ईरान और उसका इतिहास जानते हैं। ऐसे व्यक्ति ईरान से कभी धमकी भरी भाषा में बात नहीं करेंगे। इससे पहले सर्वोच्च नेता ने एक्स पर कहा था कि हम इसराइल के शासकों के खिलाफ दया नहीं दिखाएंगे। यह जंग की शुरुआत है और हम कड़ा जवाब देंगे।”

इस बीच इसराइल ने बुधवार को 50 लड़ाकू विमानों से तेहरान पर बमबारी की। रक्षा मंत्री इसराइल कैट्ज ने दावा किया कि आंतरिक सुरक्षा एजेंसी के मुख्यालय को नष्ट कर दिया गया। वहीं, ईरान ने दावा किया कि उसने पहली बार फतेह-1 हाइपरसोनिक मिसाइल से हमला किया। साथ ही दावा किया कि उसने तेहरान प्रांत के वरामिन शहर के ऊपर एक इसराइली एफ-35 लड़ाकू विमान को मार गिराया है।

ट्रंप ने कहा- कोई नहीं जानता कि मैं क्या करने वाला हूं

राष्ट्रपति ट्रंप ने बुधवार को पहले कहा कि ईरान ने व्हाइट हाउस में वार्ता की इच्छा जताई है, लेकिन अब बहुत देर हो चुकी है। हालांकि, बाद में उन्होंने कहा कि बातचीत के दरवाजे अब भी खुले हैं। जब उनसे पूछा गया कि क्या अमेरिका ईरान पर हमला कर सकता है, तो उन्होंने कहा, कोई नहीं जानता कि मैं क्या करने वाला हूं। आत्मसमर्पण से इनकार के खामेनेई के बयान पर ट्रंप ने कहा, मैं उन्हें गुडलक कहता हूं। उधर, संयुक्त राष्ट्र में ईरान के मिशन ने ट्रंप के उस दावे का खंडन किया कि तेहरान ने वार्ता का प्रस्ताव दिया है। ईरानी मिशन ने कहा, हमने व्हाइट हाउस के दरवाजे पर गिड़गिड़ाने के लिए कभी नहीं कहा।

₹3000 में मिलेगा साल भर का फास्टैग

जागरण के अनुसार केंद्र सरकार ने 15 अगस्त से राष्ट्रीय राजमार्गों (एनएच) पर ₹3000 में फास्टैग आधारित वार्षिक टोल पास जारी करने की घोषणा की है। नई टोल नीति का लंबे समय से इंतजार किया जा रहा था और बुधवार को किया गया ऐलान इसी का हिस्सा है। वार्षिक टोल पास असीमित यात्रा के लिए नहीं होगा जैसा कि पहले संभावना जताई जा रही थी। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी की ओर से एक्स पर की गई घोषणा के अनुसार ₹3000 का पास एक वर्ष या अधिकतम 200 ट्रिप (जो भी पहले हो) के लिए मान्य होगा।

विश्वविद्यालयों में वैकेंसी की जानकारी मांगी

हिन्दुस्तान के अनुसार बिहार के सभी विश्वविद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति होगी। इसके लिए सभी विश्वविद्यालयों को विषयवार शिक्षकों की रिक्तियां देने के लिए कहा गया है। बुधवार को राजभवन में राज्यपाल सह कुलाधिपति आरिफ मोहम्मद खां की अध्यक्षता में हुई सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों की बैठक में कई निर्देश दिए गए। सभी कुलपतियों को शिक्षकों की आवश्यकताओं के संबंध में समेकित रिक्ति भेजने के लिए कहा गया, ताकि आवश्यकतानुसार अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति की जा सके। रिक्ति के आधार पर नियमित नियुक्ति भी होनी है। राज्यपाल ने शैक्षणिक सत्र हर हाल में नियमित रखने का निर्देश दिया। राज्यपाल ने एक कमेटी का गठन करने को कहा, जिसके समक्ष सभी कुलपति अपने-अपने विश्वविद्यालय की समस्याओं एवं उनके निदान से संबंधित सुझाव रखेंगे।

भारत मध्यस्थता स्वीकार नहीं करेगा

प्रभात खबर के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस दावे को खारिज कर दिया है जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत ने उनकी मध्यस्थता के बाद पाकिस्तान पर ऑपरेशन सिंदूर के तहत सैनिक कार्रवाई रोकी की थी। मंगलवार को फोन पर ट्रंप के साथ हुई करीब 35 मिनट की बातचीत में पीएम ने अमेरिकी राष्ट्रपति को स्पष्ट शब्दों में संदेश दिया कि भारत मध्यस्थता स्वीकार नहीं करता है और ना कभी स्वीकार करेगा। उन्होंने कहा कि इस्लामाबाद के अनुरोध पर सैन्य कार्रवाई रोकने पर भारत और पाकिस्तान की सेनाओं के बीच बातचीत शुरू हुई थी। इस बात की जानकारी बुधवार को विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने दी। उन्होंने बताया कि ट्रंप ने प्रधानमंत्री मोदी को कनाडा की यात्रा के बाद वाशिंगटन आने का न्योता दिया है लेकिन अपनी पहले की प्रतिबद्धताओँ के कारण उन्होंने इसमें असमर्थता व्यक्त की।

भारत और कनाडा के हाई कमिश्नर फिर से बहाल होंगे

जागरण के अनुसार भारत और कनाडा के रिश्तों पर पिछले डेढ़ वर्षो से भी ज्यादा समय से जमी बर्फ सोमवार को दोनों देशों के प्रधानमंत्री के बीच हुई मुलाकात में पिघल गई। अल्बर्टा (कनाडा) में आयोजित G7 शिखर सम्मेलन में विशेष मेहमान के तौर पर आमंत्रित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के बीच तकरीबन 40 मिनट बैठक चली। इसमें सबसे पहले इस बात पर सहमति बनी कि दोनों देशों की राजधानियों में हाई कमिश्नरों की जल्द से जल्द नियुक्ति की जाएगी। इसके बाद हाई कमीशन में राजनयिकों की संख्या बढ़ाने और अपने-अपने उच्च आयोग के कामकाज को सामान्य बनाने पर सहमति बनी।

ट्रंप की आसिम मुनीर को दावत का नोबेल प्राइज कनेक्शन

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को व्हाइट हाउस में पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर से दोपहर के भोजन पर मुलाकात की। इस बीच अब अमेरिका ने मुनीर को लंच का नेता देने का कारण भी बता दिया है। व्हाइट हाउस की प्रवक्ता अन्ना केली ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने जनरल मुनीर को इसलिए मिलने बुलाया क्योंकि मुनीर ने ट्रंप को भारत और पाकिस्तान के बीच संभावित परमाणु युद्ध रोकने के लिए नोबेल शांति पुरस्कार देने की सिफारिश की है। दरअसल ट्रंप ने दावा करते हुए कहा, “मैंने पाकिस्तान और भारत के बीच युद्ध रोका। यह दोनों परमाणु संपन्न देश हैं और लड़ाई के मुहाने पर खड़े थे।”

कुछ और सुर्खियां:

  • बिहार विधान मंडल का मानसून सत्र 21 से 25 जुलाई तक
  • महाराष्ट्र में हिंदी सीखने की शर्त हटी, किसी भी भारतीय भाषा को तीसरी भाषा के रूप में चुना जा सकता है
  • पटना के डीएफओ सुबोध गुप्ता भ्रष्टाचार के आरोप में सस्पेंड किए गए
  • वैशाली जिले के देसरी प्रखंड के जहांगीरपुर में कुएं में जहरीली गैस से दम घुटा, एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत

अनछपी: इंजीनियरिंग एंट्रेंस टेस्ट ‘जेईई’ और मेडिकल एंट्रेंस टेस्ट ‘नीट’ में कामयाबी के किस्से या तो कोटा से आते हैं या कोचिंग सेंटरों से। बहुत कम सरकारी स्कूलों के छात्र-छात्राओं को ऐसी कामयाबी मिलने की खबर आती है। ऐसे में झारखंड के खूंटी जिले के एक सरकारी स्कूल की 11 छात्राओं के ‘नीट’ पास करने की खबर बहुत उत्साहित करने वाली है। यही नहीं, यहां की 26 छात्राओं ने जईई मेन में भी सफलता पाई है। इसमें एक और खास बात यह है कि कामयाब होने वाली सभी छात्राएं दलित, आदिवासी और पिछले समुदाय से आती हैं। यह कामयाबी खूंटी जिले के कर्रा प्रखंड के कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की है। रांची से लगभग 40 किलोमीटर दूर यह स्कूल 2007 में बना था और यहां साइंस स्ट्रीम की पढ़ाई तो 2023 से शुरू हुई। झारखंड सरकार ने ‘सपनों की उड़ान’ नाम की एक योजना के तहत इस स्कूल को फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी के टीचर उपलब्ध कराए थे। इसके अलावा छात्राओं को फ्री वाई-फाई के जरिए ऑनलाइन गाइडेंस भी दी गई। दरअसल सरकारी स्कूल की ऐसी कामयाबी को ज्यादा लोगों तक पहुंचाने की जरूरत है क्योंकि सरकारी स्कूलों की छवि ऐसी बन गई है जिससे वहां दाखिला करवाने में गार्जियन हिचकिचाते हैं। बिहार की स्कूली शिक्षा के कर्ताधर्ता को भी झारखंड के स्कूल की कामयाबी से सबक लेना चाहिए। झारखंड के जिस स्कूल से छात्राओं की कामयाबी की यह खबर आई है वहां से एक समस्या यह भी आई है कि उन बच्चियों की अगली पढ़ाई का फीस कैसे आएगा। वैसे तो राज्य सरकार शिक्षा के लिए कर्ज देती है लेकिन उसे इस पर भी विचार करना चाहिए कि अगर सरकारी कॉलेज में दाखिला हो तो पूरी फीस सरकार खुद जमा करे। अजीब बात यह है कि कम अंक लाकर भी पैसे के बल पर मोटी फीस वाले प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों में बड़े लोगों के बच्चे दाखिला ले लेते हैं लेकिन जो ज्यादा नंबर लाने वाले बच्चे हैं वह गरीबी के कारण मेडिकल की पढ़ाई नहीं कर पाते।

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