छ्पी-अनछपी: मणिपुर में हिंसा के साथ सियासी संकट, इसराइली पीएम के घर पर हमला
बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। मणिपुर में हिंसा के ताजा दौर के बीच नेशनल पीपुल्स पार्टी ने सरकार से समर्थन वापस ले लिया है। इसराइल के प्रधानमंत्री के घर पर हमला किया गया है हालांकि इसमें उन्हें कोई नुकसान नहीं हुआ। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए आज प्रचार का आखिरी दिन है। सीबीआई ने विशाखापट्टनम रेलवे मंडल के डीआरएम को 25 लाख की रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया है।
मणिपुर में हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है। जागरण की सबसे बड़ी खबर के अनुसार उग्र भीड़ ने लगातार दूसरे दिन एक मंत्री समेत चार विधायकों के घर में आग लगा दी। प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री बीरेन सिंह के पैतृक आवास पर भी हमले की कोशिश की लेकिन सुरक्षा बलों ने उन्हें नाकाम कर दिया। रविवार से इंफाल घाटी के पांच जिलों में कर्फ्यू जारी है। मणिपुर के सात जिलों में इंटरनेट सेवा बंद है। हिंसा के मद्देनजर पुलिस ने 23 लोगों को गिरफ्तार किया है। सीआरपीएफ के डायरेक्टर जनरल अनीश दयाल सिंह मणिपुर का दौरा करने वाले हैं। गौरतलब है कि राहत शिविर से लापता महिलाओं और बच्चों के शव मिलने के बाद शनिवार को हिंसा भड़क उठी थी। मैतेई संगठनों का आरोप है कि उनकी हत्या उग्रवादियों ने की है। राज्य में 565 दिनों से हिंसा का दौर जारी है। इस बीच सरकार में शामिल एनपीपी यानी नेशनल पीपुल्स पार्टी ने समर्थन वापस ले लिया है। यहां भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार है जिसके पास अपने 37 विधायक हैं। 60 सीटों वाली विधानसभा में फिलहाल सरकार पर कोई खतरा नहीं है लेकिन ऐसी खबरें भी आ रही हैं कि भाजपा के कई विधायक भी इस्तीफा देने वाले हैं। इस बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने महाराष्ट्र का अपना चुनावी दौरा प्रचार खत्म होने से एक दिन पहले रद्द करते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के साथ दिल्ली में स्थिति का जायजा लिया है।
इसराइली प्रधानमंत्री के घर पर हमला
हिन्दुस्तान के अनुसार इसराइली प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू के सीजेरिया स्थित आवास पर शनिवार देर शाम हमला हुआ। इसराइली सुरक्षा एजेंसियों ने रविवार को कहा कि इस हमले में किसी तरह का नुकसान नहीं हुआ है। नेतन्याहू के निजी आवास पर आग के गोले दागे गए थे जो घर के आंगन में गिरे। हमले के बाद इसरायली पीएम या उनके परिवार का सदस्य घर में मौजूद नहीं था। इसरायल के राष्ट्रपति इसहाक हर्जोग ने इस घटना की कड़ी निंदा की है और शिन बेट के प्रमुख से बात करते हुए घटना के लिए जिम्मेदार लोगों की जल्द पहचान करने और उनसे निपटने को कहा है। ध्यान रहे कि इससे पहले भी उनके आवास पर हमला हुआ था और वह तब भी अपने घर पर मौजूद नहीं थे।
महाराष्ट्र में चुनाव प्रचार का अंतिम दिन
महाराष्ट्र में सोमवार यानी आज विधानसभा के लिए चुनाव प्रचार का अंतिम दिन है। यहां छह पार्टियों में तीन-तीन के दो खेमे हैं। एक खेमे का नाम महायुति है जिसमें सरकार चला रही भारतीय जनता पार्टी, शिव सेना का एकनाथ शिंदे धड़ा और एनसीपी का अजीत पवार गुट शामिल हैं। दूसरा खेमा महाविकास अघाड़ी है जिसमें कांग्रेस, एनसीपी का शरद पवार गुट और शिवसेना का उद्धव ठाकरे धड़ा है। चुनाव विश्लेषक कह रहे कि अभी पक्के तौर पर नहीं कहा जा सकता कि कौन जीतेगा लेकिन इतना तय माना जा रहा है कि सबसे बड़ी पार्टी बनने के लिए भाजपा और कांग्रेस में जोर आजमाइश है। भाजपा की अगुवाई वाले खेमे महायुति में अजीत पवार को कमजोर कड़ी माना जा रहा है। इधर महाविकास अघाड़ी में ऐसी कोई समस्या नहीं बताई जा रही है। भास्कर के अनुसार भाजपा और महायुति की सारी ताकत लाडली बहन योजना पर है। शहर और गांव दोनों इलाकों में इसका प्रभाव माना जा रहा है। लेकिन कपास खरीद केंद्र न खुलने और सोयाबीन के भाव गिरने का उल्टा असर भी हो सकता है।
25 लाख घूस लेते डीआरएम गिरफ्तार
हिन्दुस्तान के अनुसार सीबीआई ने विशाखापत्तनम रेलवे के एक मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) को 25 लाख की रिश्तव लेने के आरोप में गिरफ्तार किया है। रविवार को अधिकारियों ने जानकारी दी कि डीआरएम सौरभ प्रसाद ने एक निजी कंपनी के मालिक से रिश्वत ली थी, जिसके बाद मुंबई में एजेंसी ने गिरफ्तार किया। सीबीआई ने डीआरएम के साथ दो अन्य व्यक्ति को भी पकड़ा है। विशाखापत्तनम में वाल्टेयर डिवीजन के डिवीजनल रेलवे मैनेजर के रूप में तैनात प्रसाद भारतीय रेलवे मैकेनिकल इंजीनियरिंग सेवा के 1991 बैच के अधिकारी हैं।
बैंकों से छह अंकों वाले नम्बर से आएंगे फोन
बिहार सहित देशभर में बैंकों से कॉल या संदेश 6 अंकों वाले नंबर से ही आएंगे। भारतीय रिजर्व बैंक बैंक ग्राहकों को साइबर धोखाधड़ी से बचाने के लिए नयी पहल कर रहा है। वर्तमान में भारतीय स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक सहित विभिन्न बैंकों के अपने-अपने नंबर हैं, जिनसे ग्राहकों को फोन कॉल या मैसेज भेजे जाते हैं। इन नंबरों का साइबर फ्रॉड फायदा उठाने की कोशिश करते हैं और ग्राहकों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा करते हैं।
शिक्षक बहाली टीआरई 2 का पेपर भी लीक था
बिहार में नौकरी वाले इंसानों में भी पेपर लीक की शिकायत कोई खास बात नहीं मानी जाती। अब भास्कर की ताजा खबर के अनुसार शिक्षक बहाली टीआरई 2 यानी दूसरे दौर की परीक्षा का पेपर भी लीक हुआ था। याद रहे कि टीआरई तीन का पेपर लीक होने के बाद यह परीक्षा रद्द कर दी गई थी। इसकी जांच ईओयू यानी इकोनामिक ऑफेंस यूनिट कर रही है। ईओयू ने कहा है कि टीआरई 2 परीक्षा का पेपर भी लीक था। उस परीक्षा में एक लाख 22 हज़ार उम्मीदवार पास हुए थे। ईओयू ने जो चार्जशीट कोर्ट में दी है उसमें यह बात बताई गई है।
कुछ और सुर्खियां
- दिल्ली सरकार में मंत्री कैलाश गहलोत ने पद और आम आदमी पार्टी से इस्तीफा दिया
- एनएमसीएच में मृतक की आंख गायब होने के मामले में दो नर्स सस्पेंड
- एशियाई महिला चैंपियंस ट्रॉफी हॉकी में भारत ने जापान को 3-0 से हराया
- नाइजीरिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश के दूसरे सबसे बड़े सम्मान ‘ग्रैंड कमांडर ऑफ द ऑर्डर ऑफ द नाइजर’ से सम्मानित किया
- बिहार में 17 नवंबर से शुरू पल्स पोलियो अभियान 21 नवंबर तक चलेगा
- पटना के महेंद्रु घाट स्थित रेलवे कार्यालय में तैनात इंजीनियर 60 लाख के सोने के बिस्कुट के साथ गिरफ्तार
- पटना में ‘पुष्पा 2’ की ट्रेलर लॉन्चिंग में ऐक्टर अल्लु अर्जुन व रश्मिका मंदाना को देखने उमड़े लोग
- यूक्रेन के पावर ग्रिड पर रूस की सबसे बड़ी स्ट्राइक, 30 लाख लोग अंधेरे में
अनछपी: पटना समेत बिहार के कुछ शहरों में जब से ई चालान यानी इलेक्ट्रॉनिक चालान कटने लगा है तब से यह शिकायत भी आने लगी है कि लोग जुर्माना के पैसे जमा नहीं कर रहे हैं। पटना के बारे में खबर है कि स्थानीय और बाहर से पटना आने वाली ऐसी गाड़ियों की संख्या तीन लाख से अधिक है जिन्होंने जुर्माना नहीं भरा है। सरकार अपनी व्यवस्था के अनुसार यह सोचती है कि ई चालान का नोटिस जाने के साथ लोग जुर्माना भर देंगे लेकिन जिनके पास ऐसे नोटिस जाते हैं वह या तो इसका ध्यान नहीं रखते या कई बार उन्हें गलत नोटिस दिया जाता है। सख्ती करने के लिए सरकार ने यह व्यवस्था की है कि जिन पर जुर्माना लगाया जाए उनकी गाड़ियों का प्रदूषण प्रमाण पत्र नहीं बनाया जाएगा यानी उन पर एक और जुर्माना लगाने की तैयारी की जाती है। जाहिर है जब ऐसी गाड़ियों का भौतिक निरीक्षण किया जाएगा तो उन्हें प्रदूषण प्रमाण पत्र के बिना चलने के कारण उनपर एक बार फिर जुर्माना लगाया जाएगा। चूंकि यह जुर्माना आमने-सामने लगाया जाता है इसलिए इसे भरना गाड़ी मालिकों की मजबूरी होती है। फिलहाल यह व्यवस्था कमर्शियल गाड़ियों के लिए की जा रही है और प्राइवेट गाड़ी वालों को राहत दी गई है। लेकिन अगर प्राइवेट गाड़ी वाले भी फिजिकल चेक में पकड़े जाते हैं तो उन पर जुर्माना लगाया जा रहा है। ई चालान में एक समस्या यह आती है कि लोगों का फोन नंबर ड्राइविंग लाइसेंस से नहीं जुड़ा होता या फोन नंबर काम नहीं कर रहा होता है। ऐसे लोगों को प्रदूषण प्रमाण पत्र बनवाने के लिए जाने पर यह जानकारी मिलती है कि उनका ई चालान काटा हुआ है। इस समस्या का हल यह है कि लोगों को जागरूक किया जाए कि वह अपने मोबाइल नंबर को सही रखें और लाइसेंस से जुड़वा लें। इसका दूसरा पहलू यह है कि बहुत से लोग जानबूझकर ड्राइविंग लाइसेंस के साथ सही मोबाइल नंबर नहीं देते ताकि उनको ई चालान का नोटिस ही नहीं मिले। ऐसे लोगों को प्रदूषण प्रमाण पत्र बनवाने में दिक्कत होगी और फिर वह इसकी वजह से पकड़े जाने पर जुर्माना भरने को मजबूर होंगे। बहुत से लोगों को इसलिए जुर्माना देना पड़ रहा है कि उनकी गाड़ियों का इंश्योरेंस फेल होता है। बताया जाता है कि सबसे ज्यादा ई चालान बाइक का कटा है और उनमें बहुत से लोगों पर यह जुर्माना इसलिए लगाया गया है क्योंकि वह बिना हेलमेट के चल रहे थे या उनके पीछे बैठी सवारी के पास हेलमेट नहीं था। ऐसे में बेहतर यही मालूम होता है कि गाड़ी चलाने के समय नियमों का पूरा ध्यान रखा जाए और अगर कभी चूक होती हो तो ई चालान कटने पर उसका जुर्माना भर दिया जाए।
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