छपी-अनछपी: हिजाब मामले में नीतीश को धमकी, पंचायत चुनाव दिसंबर 2026 से पहले

बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को हिजाब मामले में कथित तौर पर धमकी देने वाले पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी के वीडियो को लेकर बिहार पुलिस सतर्क हो गयी है। बिहार में अगले साल दिसंबर तक पंचायत चुनाव होंगे। नवादा जिले में नाम और धर्म पूछकर की गई अतहर हुसैन की मॉब लिंचिंग के मामले में जमीयत उलेमा-ए-हिंद पीड़ित परिवार को कानूनी मदद देगी।

और, जानिएगा कि ट्रेन पर कितना सामान ले जाने की इजाजत होगी और कब चार्ज लगेगा।

पहली ख़बर

प्रभात ख़बर के अनुसार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को हिजाब मामले में धमकी देने वाले पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी के वीडियो को लेकर बिहार पुलिस सतर्क हो गयी है. इस मामले में डीजीपी विनय कुमार ने बुधवार को मीडिया को बताया कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो की गंभीरता से जांच करायी जा रही है. वीडियो के स्रोत, अपलोड करने वाले अकाउंट और इसके पीछे की मंशा की जांच के लिए साइबर पुलिस और गांधी मैदान थाना को जिम्मेदारी सौंपी गयी है. गौरतलब है कि पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी ने वीडियो जारी कर मुख्यमंत्री को हिजाब मामले में माफी नहीं मांगने पर अंजाम भुगतने की धमकी दी है. डीजीपी ने स्पष्ट किया कि किसी भी संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति को धमकी देना गंभीर अपराध है और इसे हल्के में नहीं लिया जायेगा. पुलिस यह भी जांच कर रही है कि वीडियो के जरिए राज्य में भय या तनाव फैलाने की साजिश तो नहीं है. उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर से जुड़े किसी भी आपराधिक नेटवर्क की भूमिका सामने आती है, तो केंद्रीय एजेंसियों से समन्वय कर कार्रवाई की जायेगी. पुलिस मुख्यालय के अनुसार, सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक, भड़काऊ और धमकी भरे कंटेंट पर कड़ी नजर रखी जा रही है.

क्या हिजाब मामले की डॉक्टर नौकरी छोड़ेंगी?

भास्कर के अनुसार यूनानी डॉक्टर हिजाब मामला बुधवार को भड़क गया। पार्टी लाइन पर नेताओं की जुबानें खूब टकराईं। एनडीए व महागठबंधन एक-दूसरे पर हमलावर रहा। एनडीए बोला-“हताश विपक्ष बात का बतंगड़ बनाए हुए है’; तो महा गठबंधन ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से माफी मांगने को कहा। मुख्यमंत्री ने 15 दिसंबर को डॉक्टर को नियुक्ति पत्र देते हुए उनके हिजाब को हटाया। चर्चा है कि इसके बाद से यह डॉक्टर मानसिक रूप से गहरे आघात में हैं। उन्होंने नौकरी ज्वाइन नहीं करने की बात तय की है। (हालांकि उनकी तरफ से कोई ऑफिशियल स्टेटमेंट नहीं आया है।)

पंचायत आम चुनाव दिसंबर 2026 से पहले

हिन्दुस्तान के अनुसार बिहार में पंचायत आम चुनाव दिसंबर 2026 से पहले होगा। चुनाव नए सिरे से आरक्षण निर्धारण के बाद ही कराया जाएगा। राज्य निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि तय समय पर सभी पदों के आरक्षण के निर्धारण का कार्य पूरा कर लिया जाएगा। आयोग के संयुक्त निर्वाचन आयुक्त ने बुधवार को यह ऐलान किया। आयोग ने कहा है कि पंचायत आम चुनाव 2026 की अवधि और पदों के आरक्षण के संबंध में कोई भ्रम की स्थिति नहीं है। इसके पूर्व राज्य में पंचायत आम चुनाव 2021 में 11 चरणों में कराए गए थे। निर्वाचित पदधारकों ने दिसंबर 2021 के अंतिम सप्ताह से जनवरी 2022 के पहले सप्ताह तक शपथ ग्रहण किया था।

मॉब लिंचिंग के शिकार अतहर के परिवार को जमीयत कानूनी मदद देगी

नवादा जिले में नाम और धर्म पूछकर की गई अतहर हुसैन (40) की मॉब लिंचिंग के मामले में जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने पीड़ित परिवार को कानूनी मदद मुहैया कराने का फैसला किया है। साथ ही प्रकरण में जमीयत मृतक की पत्नी की गुहार पर याचिका दायर अनुभवी वकीलों का पैनल गठित कर हत्यारों को सजा दिलाने और परिवार को न्याय दिलाने को हक की आवाज बुलंद करेगी। जमीयत उलमा ए हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने कहा कि जुल्म, जुल्म होता है वह हिंदू के साथ हो या किसी मुसलमान के साथ। कहा कि अगर हम इंसान होने का दावा करते हैं, तो हमें हर जुल्म के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए।

नेशनल हेराल्ड मामले में कांग्रेस ने बीजेपी को घेरा

नेशनल हेराल्ड मामले में अदालत के एक फैसले के बाद कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर हमले तेज कर दिए हैं। पार्टी ने ईडी के आरोपपत्र पर संज्ञान लेने से अदालत के इनकार किए जाने का हवाला देते हुए प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री से इस्तीफा मांगा है। आरोप लगाया कि भाजपा सरकार कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ मामले को धनशोधन से जोड़कर, उन्हें और पार्टी को बदनाम कर रही है। कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने पत्रकारवार्ता में कहा कि नेशनल हेराल्ड का फर्जी मामला राजनीतिक बदले और द्वेष से प्रेरित है।

ट्रेन में 35 किलो तक का सामान मुफ्त ले जाने की अनुमति

जागरण के अनुसार रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को लोकसभा को सूचित किया कि ट्रेन में यात्रा करते समय निर्धारित मुफ्त सामान सीमा से अधिक सामान ले जाने पर यात्रियों को शुल्क देना होगा। वह सांसद वेमिरेड्डी प्रभाकर रेड्डी द्वारा पूछे गए प्रश्न का उत्तर दे रहे थे। वैष्णव ने कहा, द्वितीय श्रेणी में यात्रा करने वाले यात्री को 35 किलो तक का सामान मुफ्त ले जाने की अनुमति है और 70 किलो तक का सामान शुल्क के साथ ले जाया जा सकता है। स्लीपर श्रेणी के यात्रियों के लिए मुफ्त सामान सीमा 40 किलो है और अधिकतम अनुमत सीमा 80 किलो है।

कुछ और सुर्खियां:

  • एनआईए ने पटना में हथियार तस्करी के सरगना कमलाकांत वर्मा को गिरफ्तार किया
  • योजना एवं विकास विभाग के दरभंगा कार्यमंडल में तैनात जूनियर इंजीनियर अंसारुल हक करोड़ों के मालिक, निगरानी विभाग की छापेमारी
  • पटना जीपीओ में 10 और आधार काउंटर चालू होंगे, अब 20 काउंटर हो जाएंगे
  • रोहतास जिले के डेहरी प्रखंड में आयर कोठा थाना के गोही मोड़ के पास दो बाइक की आमने-सामने की टक्कर में चार युवकों की मौत
  • लखनऊ में कोहरे के कारण भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच चौथा टी 20 रद्द
  • ढाका स्थित भारतीय उच्चायोग की सुरक्षा को लेकर चिंता, बांग्लादेश के हाई कमिश्नर एम रियाज हमीदुल्लाह को तलब किया गया
  • पहली बार 1 किलोग्राम चांदी का दाम ₹200000 के पार पहुंचा

अनछपी: जिस बात का डर था वही बात नीतीश कुमार के जरिए एक डॉक्टर का हिजाब खींचने के मामले में सामने आ रही है। बिहार के डीजीपी ने यह बात बताई है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को किसी पाकिस्तानी गैंगस्टर के जरिए धमकी दी गई है। जाहिर है जिस तरह यह बात काबिल ए कबूल नहीं है कि कोई भी आदमी, चाहे वह मुख्यमंत्री ही क्यों न हो, किसी का हिजाब खींचे, उसी तरह यह बात भी बर्दाश्त के लायक नहीं है कि कोई भी, खासकर कोई विदेशी मुख्यमंत्री को धमकी दे। दोनों मामले में पुलिस को भारत के कानून के अनुसार कार्रवाई करनी चाहिए। हिजाब खींचने के मामले में कार्रवाई के लिए यह बात जरूरी है कि इसमें पीड़ित महिला की राय भी ली जाए लेकिन ऐसा नहीं है कि इससे आहत बाकी दूसरे लोग इस मामले में एफआईआर नहीं कर सकते हैं। यही वजह है कि बिहार से बाहर कुछ शहरों में नीतीश कुमार पर महिला के साथ अमर्यादित व्यवहार करने का केस हुआ है। दूसरी तरफ यह बात भी बताई गई है कि पीड़ित महिला ने अब बिहार में नौकरी नहीं करने का फैसला किया है। यह दूसरी महिलाओं के लिए भी बहुत बुरी खबर है। यह बात अपनी जगह सही हो सकती है कि नीतीश कुमार ने महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए काफी काम किया लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि उनकी किसी ऐसी हरकत को नजरअंदाज कर दिया जाए जो महिला के सम्मान के खिलाफ हो। महिला सम्मान और मर्यादा से जुड़ी हुई एक ऐसी ही बात बिहार विधानसभा में हुई थी जब नीतीश कुमार ने खुलेआम एक ऐसा बयान दिया था जिसे सबने, खासकर महिलाओं ने, काफी आपत्तिजनक माना था और उसमें भारतीय जनता पार्टी का विरोध भी सबके सामने आया था। उस समय नीतीश कुमार ने माफी मांग ली थी और वह मामला फिर आगे नहीं बढ़ा था। महिला डॉक्टर का हिजाब खींचने के मामले में भी अगर नीतीश कुमार की तरफ से अपनी गलती स्वीकार करने और माफी मांगने की बात सामने आ जाए तो यह मामला बहुत हद तक खत्म हो सकता है। अगर नीतीश कुमार इस बात के लिए माफी मांग लें कि उनकी हरकत से लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं और महिला के सम्मान को ठेस पहुंची है तो फिर यह बहस भी खत्म हो सकती है कि नीतीश कुमार का मानसिक स्वास्थ्य सही है या नहीं। अगर वह ऐसा नहीं करते हैं तो अफसोस के साथ यह कहना पड़ता है कि न केवल नीतीश कुमार के स्वास्थ्य के बारे में बराबर सवाल खड़े होते रहेंगे बल्कि उनकी नीयत पर भी शक बना रहेगा।

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