छ्पी-अनछपी: नीतीश सरकार को फिर याद आये मुसलमान, इंजीनियर के घर मिला 3 करोड़ कैश

बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। वक़्फ़ बिल के मुद्दे पर मुस्लिम संगठनों के भारी विरोध के बाद नीतीश कुमार सरकार ने अखबारों में एक पन्ने का विज्ञापन देखकर अल्पसंख्यक कल्याण के दावे किए हैं। भवन निर्माण विभाग के चीफ इंजीनियर के खिलाफ छापेमारी में 3 करोड़ रुपया कैश मिला है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने विदेशी गाड़ियों पर 25% टैरिफ लगाया है। लॉरेंस बिश्नोई गैंग से हत्या की धमकी मिलने पर अभिनेता सलमान खान ने कहा है कि जितनी उम्र लिखी है उतनी ही जिएंगे। मौसम विभाग का कहना है कि 52 साल बाद मार्च में पर 41 डिग्री के पार हुआ है।

और, जानिएगा कि टोल टैक्स से भारत सरकार को पांच साल में कितनी कमाई हुई और टॉप 10 में कौन से टोल हैं।

पटना से छपने वाले प्रमुख हिंदी अखबारों में आज अल्पसंख्यक कल्याण विभाग का एक पेज का विज्ञापन छपा है। इसमें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सरकार की दो तस्वीर छपी हैं। इस विज्ञापन में दावा किया गया है कि 21 वर्षों में बिहार में अल्पसंख्यक कल्याण विभाग का बजट 284 गुना बढ़ गया है। इसमें दावा किया गया है कि 2004-5 में कुल बजट 3 करोड़ 53 लाख रुपए था जबकि 2025-26 के विभाग का बजट 1004 करोड़ 22 लाख रुपए कर दिया गया है। इस विज्ञापन में नीतीश कुमार की एक तस्वीर मुस्लिम छात्राओं के साथ है जो हिजाब लगाए हुई हैं। इसमें कब्रिस्तानों की घेराबंदी समेत कई योजनाओं की जानकारी दी गई है। इसमें उर्दू की शिक्षा पर जोर देने की बात का दावा भी किया गया है।

इंजीनियर के घर 3 करोड़ कैश मिला

ईडी नेट टेंडर में गड़बड़ी से जुड़े मामले में बड़ी कार्रवाई की है। उसने गुरुवार को भवन निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता (उत्तर) तारिणी दास के साथ ही पुल निर्माण निगम व बुडको के इंजीनियर और बिहार प्रशासनिक सेवा के दो अधिकारियों के आठ ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। इसमें ईडी को 3 करोड़ से अधिक कैश, कई अहम दस्तावेज, डिजिटल उपकरण के साथ ही जमीन में निवेश के कागजात भी मिले। ईडी को जानकारी मिली थी कि टेंडर मैनेज करने में वही सिंडिकेट कम कर रहा है जो आईएएस अधिकारी संजीव हंस के मामले में सक्रिय था। तारिणी दास 31 अक्टूबर 2024 को चीफ इंजीनियर के पद से रिटायर हुए थे लेकिन रिटायरमेंट के अगले महीने ही उन्हें 2 साल के लिए कॉन्ट्रैक्ट पर फिर से इस पद पर बहाल कर दिया गया। उन्हीं के घर से 3 करोड़ कैश मिलने की बात सामने आई है हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हुई है।

ट्रंप ने गाड़ियों पर 25% टैरिफ लगाया

हिन्दुस्तान के अनुसार अमेरिका ने आयात होने वाले वाहनों और वाहन कलपुर्जों पर आयात शुल्क के तौर पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने का ऐलान किया है। बुधवार देर रात अपने आदेश में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने दो अप्रैल से टैरिफ लागू करने का आदेश दिया। इस फैसले से भारत, यूरोप, जापान, दक्षिण कोरिया और चीन के वाहन क्षेत्र प्रभावित होने की आशंका है। इस फैसले के बाद अमेरिका में उन कंपनियों की कारें, बाइक व कलपुर्जे महंगे होंगे जो अमेरिकी बाजार में उत्पाद भेज रही थीं। भारत में वाहन उद्योग ज्यादा प्रभावित नहीं होगा, लेकिन कलपुर्जे बनाने वाली कंपनियों का कारोबार प्रभावित हो सकता है।

सलमान खान बोले, जितनी उम्र लिखी है उतनी ही जिएंगे

जागरण के अनुसार कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से मिली मौत की धमकियों और कड़ी सुरक्षा के कारण गतिविधियों पर प्रतिबंध लगने को लेकर अभिनेता सलमान खान ने प्रतिक्रिया दी है। ‘दबंग’ अभिनेता ने बुधवार रात मीडिया से बातचीत में बताया कि सुरक्षा प्रोटोकॉल ने उनकी दिनचर्या को प्रभावित किया है। 59 वर्षीय सलमान ने सुरक्षा संबंधी सवाल पूछने पर अपनी उंगली ऊपर उठे। जब एक पत्रकार ने कहा, अल्लाह तो उन्होंने कहा कि भगवान अल्लाह सब बराबर है। “जितनी उम्र लिखी है, उतनी लिखी है। बस यही है। कभी-कभी इतने सारे लोगों को साथ लेकर चलने पर समस्या हो जाती है।”

52 साल बाद मार्च में इतनी गर्मी

भास्कर के अनुसार बिहार में मौसम का पारा अचानक चढ़ गया है। मार्च में ही गर्मी ने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। राज्य में 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गर्म हवा चल रही है। बक्सर, खगड़िया और सीवान में लू जैसे हालात देखे गए हैं। 27 मार्च को बक्सर का तापमान 41.4 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार मार्च में 52 साल बाद बिहार का तापमान 41 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचा है। 1973 में डेहरी का तापमान मार्च में 41.5 डिग्री तक पहुंच गया था।

टोल प्लाजा वसूली में टॉप 10 में एक बिहार से

प्रभात खबर के अनुसार भारत के सभी हाईवे के टोल प्लाजा ने पिछले 5 साल 2019-20 से 2023-24 में 1.93 लाख करोड़ रुपए का टोल वसूल किया। यह जानकारी सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की ओर से लोकसभा में दी गई। देश के टॉप 10 कमाऊ टोल प्लाजा की सूची में दो-दो गुजरात, राजस्थान और उत्तर प्रदेश से जबकि एक-एक हरियाणा, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और बिहार से है पांडुरम बिहार से एनएच 2 पर सासाराम में बने टोल प्लाजा से 1071 करोड़ रुपए की वसूली हुई।

कुछ और सुर्खियां:

  • कठुआ में मुठभेड़ में तीन जवानों की जान गई, तीन आतंकी भी देर किए गए
  • गया के पुलिस लाइन में एएसआई नीरज कुमार ने सर्विस रिवॉल्वर से खुद को गोली मारी, मौत
  • 31 मार्च को ईद हुई तो भी खुले रहेंगे एलआईसी के कार्यालय, हरियाणा में छुट्टी रद्द
  • बिहार में हर साल चार लाख पासपोर्ट बन रहे
  • रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भारत आएंगे, तारीख का ऐलान जल्द
  • भारतीय जनता पार्टी ने पटना हाई कोर्ट मजार के पास शुरू क्या सौगात-ए-मोदी का वितरण

अनछपी: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को मुसलमानों की ओर से शायद इस समय सबसे बड़े विरोध का सामना करना पड़ रहा है। विरोध की वजह भी सबको मालूम है। मुसलमान की एक ही और सीधी मांग है कि मोदी सरकार के वक़्फ़ संशोधन बिल को नीतीश कुमार पूरी तरह खारिज करें। याद रखने की बात यह है कि जनता दल यूनाइटेड के मुंगेर के लोकसभा सांसद और केंद्र में मंत्री ललन सिंह ने इस बिल का खुलकर समर्थन किया था जिसे मुसलमान समझते हैं कि वक़्फ़ संपत्ति को हड़पने की साजिश है। मुसलमान के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात कर अपनी आशंकाएं जाता दी थीं, इसके बावजूद नीतीश कुमार वक़्फ़ संशोधन बिल को ख़ारिज करने का कोई वादा नहीं कर रहे हैं और सबको यही लग रहा है कि एक बार फिर ललन सिंह या जदयू का कोई और सांसद इसके समर्थन में भाषण देगा और इस मुद्दे पर जेडीयू का वोट भी मोदी सरकार को मिलेगा। इसी दौरान नीतीश कुमार और उनकी पार्टी की तरफ से इफ्तार की दावत भी दी गयी और यह दावे भी किए जा रहे हैं कि नीतीश कुमार ने मुसलमानों के लिए बहुत काम किया है। पता नहीं नीतीश कुमार यह बात समझने की स्थिति में हैं या नहीं लेकिन समझने की बात यही है कि इस समय सवाल यह नहीं है कि नीतीश कुमार ने मुसलमानों के लिए क्या किया है और क्या नहीं किया है। मुसलमानों के लिए इस समय सबसे बड़ा सवाल है कि किसी भी तरह वक़्फ़ संशोधन बिल को पारित नहीं होने देना है और इसे नाकाम बनाना है। चूंकि नीतीश कुमार के 12 सांसदों के समर्थन के बिना यह बिल नहीं पास हो सकता इसलिए उन्हें यह बात याद दिलाई जा रही है। यह भी साफ तौर पर कहा जा रहा है कि अगर वह इस बिल का विरोध नहीं करते तो फिर उनका सेकुलर नेता होने का दावा अर्थहीन हो जाता है। जहां तक अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के बजट बढ़ाने का मामला है तो इसी एक विभाग का नहीं बल्कि सभी विभागों का बजट बढ़ा है। नीतीश सरकार को यह बताना चाहिए कि अल्पसंख्यक बजट के अनुपात में क्या वृद्धि हुई है। इसके अलावा उर्दू और दूसरे मामलों को लेकर नीतीश कुमार की सरकार जो दावे करती है उस पर भी सवाल होते हैं। नीतीश कुमार की पार्टी ने सीएए और ट्रिपल तलाक पर भी भारतीय जनता पार्टी का साथ दिया था। सीएए की तरह वक़्फ़ बिल भी मुसलमानों के वजूद का मामला है और जब उनका वजूद ही खतरे में पड़ जाएगा तो नीतीश कुमार का यह बजट किसी काम का नहीं रह जाएगा।

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