छपी-अनछपी: बिहार में अब कोई मुस्लिम डीएम नहीं, फ्लाइट्स का किराया मनमाना
बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। बिहार में नई सरकार बनने के बाद बिहार के 38 जिलों में एकमात्र मुस्लिम डीएम (शेखपुरा) आरिफ अहसन को वेटिंग फॉर पोस्टिंग कर दिया गया है। सरकार के दावों के बावजूद इंडिगो संकट के कारण फ्लाइट्स का मनमाना किराया जारी है। एआईएमआईएम के तीन विधायक क्षेत्र की समस्या को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मिले। गोवा के जिस क्लब में आग लगने से 25 लोग मारे थे उसके मालिक थाईलैंड फरार हो गए हैं।
और, जानिएगा कि नवादा के सरकारी अस्पताल में एक महिला की मौत के बाद न केवल एंबुलेंस नहीं दिया गया बल्कि दो लोगों को बंधक रख स्ट्रेचर दिया गया।
पहली ख़बर
हिन्दुस्तान के अनुसार बिहार में नई सरकार गठन के बाद सोमवार को पहली बार बड़े पैमाने पर भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारियों का तबादला हुआ है। इसके तहत 13 जिलों में नये जिला पदाधिकारी (डीएम) की तैनाती की गयी है। (बिहार के एकमात्र मुस्लिम डीएम (शेखपुरा) आरिफ अहसन को वेटिंग फॉर पोस्टिंग कर दिया गया है जो 2017 बैच के आईएएस अधिकारी हैं)। उद्योग विभाग तकनीकी विकास के निदेशक शेखर आनंद को शेखपुरा का डीएम बनाया गया है।
कौन कहां डीएम बने
बेगूसराय- श्रीकांत शास्त्री, पश्चिम चंपारण- तरणजोत सिंह, सीवान- विवेक रंजन मैत्रेय, औरंगाबाद- अभिलाषा शर्मा, कटिहार- आशुतोष द्विवेदी, शिवहर- प्रतिभा रानी, सारण- वैभव श्रीवास्तव, अररिया- विनोद दूहन, मधेपुरा- अभिषेक रंजन, शेखपुरा- शेखर आनंद, अरवल- अमृता बैंस, बक्सर- साहिला, कैमूर नितिन कुमार सिंह।
फ्लाइट्स का किराया मनमाना
जागरण के अनुसार इंडिगो की मनमानी से उत्पन्न संकट के बाद घरेलू हवाई किराया आसमान छूने लगा, तो नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने छह दिसंबर को हस्तक्षेप करते हुए दूरी के हिसाब से अधिकतम बेस फेयर की सीमा (कैप) तय कर दी। सरकार ने इसे सख्ती से लागू करने का दावा किया, लेकिन सोमवार को यह तस्वीर कई रूटों पर बिल्कुल उलट दिखी। प्रमुख महानगरीय रूटों पर तो किराया काबू में आया है, मगर छोटे और वैसे रूट जहां सीधी उड़ानों की सुविधा नहीं है, वहां कैप को ताक पर रखकर कई गुना ज्यादा किराया वसूला जा रहा है। उल्लेखनीय है कि उड्डयन मंत्रालय ने 500 किलोमीटर तक के लिए 7500 रुपये, 501 से 1000 किलोमीटर तक के लिए 12000 रुपये, 1001 से 1500 किलोमीटर तक 15000 रुपये और 1500 किलोमीटर से अधिक दूरी के लिए 18000 रुपये की अधिकतम सीमा निर्धारित की थी। लेकिन, इसके बाद विमानन कंपनियों ने इस नियम में खामी निकाल ली। इससे कैप फार्मूला बेअसर हो गया है और बेबस यात्रियों को ज्यादा किराया देना पड़ रहा है।
एआईएमआईएम के तीन एमएलए नीतीश से मिले, आर्मी बेस पर बातचीत
हिन्दुस्तान के अनुसार असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम के तीन विधायक सोमवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मिलने पहुंचे। विधायकों द्वारा बताया गया कि वे अपने क्षेत्र की समस्या को लेकर सीएम के पास गए थे। हालांकि, उधर इस मुलाकात के बाद सियासी तापमान अचानक बढ़ गया है। राज्य में नयी सरकार बनने के बाद एआईएमआईएम विधायकों की सीएम से यह पहली मुलाकात थी। मुलाकात करने वालों में पार्टी विधायक दल के नेता अख्तरूल ईमान, जोकीहाट के विधायक सरवर अली शामिल थे। अख्तरूल ईमान ने बताया कि उनके क्षेत्र में कोचाधामन व मुर्शीद आलम, कोचाधामन व बहादुरगंज के बीच सेना का बेस बनाया जा रहा है। इसके लिए 250 एकड़ जमीन ली जा रही है। यह घनी आबादी वाला इलाका है और इस क्षेत्र में कई धार्मिक स्थल भी हैं। इसके कारण लोगों की परेशानी बढ़ जाएगी। हम इसी सिलसिले में कम से मिलने गए थे।
गोवा नाइट क्लब के मालिक थाईलैंड फरार
गोवा के नाइट क्लब में शनिवार रात भीषण आग में 25 लोगों की मौत के बाद क्लब के मालिक सौरभ और गौरव लूथरा थाईलैंड के फुकेत भाग गए थे। दोनों को पकड़ने के लिए लुकआउट नोटिस जारी किया गया है। आग लगने के कुछ घंटों बाद ही दोनों भाई फुकेत भाग गए थे। पुलिस ने बताया कि आग लगने के तुरंत बाद प्राथमिकी दर्ज की गई और दोनों भाइयों के आवासों पर टीम दिल्ली भेजी गई, लेकिन वे नहीं मिले। उधर, सोमवार को क्लब मालिक सौरभ लूथरा ने सोशल मीडिया पोस्ट में घटना पर दुख जताया और मदद का भरोसा दिया। इस मामले में अब तक पांच लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं। एक आरोपी को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया है। गोवा पुलिस ने मामले में क्लब मालिक सौरभ लूथरा, उसके भाई गौरव लूथरा समेत क्लब के अधिकारियों, इवेंट प्रबंधक और अन्य पर मुकदमा दर्ज किया है।
वंदे मातरम् के मुद्दे पर प्रियंका बोलीं- बंगाल चुनाव निशाने पर
राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के 150 साल होने पर सोमवार को लोकसभा में चर्चा हुई। पीएम नरेंद्र मोदी ने पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू पर निशाना साधा। कहा, नेहरू ने जिन्ना की सांप्रदायिक चिंताएं दोहराकर ‘वंदे मातरम्’ के साथ विश्वासघात किया। तुष्टिकरण की राजनीति की राह पर राष्ट्रीय गीत के टुकड़े किए। इससे देश चला, जो आगे विभाजन तक पहुंची। गौरतलब है कि आजादी के बाद वंदे मातरम् के शुरुआती दो पैराग्राफ ही राष्ट्रीय गीत के रूप में अपनाए गए थे। वहीं, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि ये गीत 150 साल से देश की आत्मा का हिस्सा है। पश्चिम बंगाल में चुनाव आ रहा है, इसलिए आज इस पर बहस हो रही है। जितने साल से मोदी पीएम हैं, उतने साल तो नेहरू जेल में रहे थे। इससे पहले, पीएम मोदी ने कहा कि बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा 1875 में रचित ‘वंदे मातरम्’ ने ब्रिटिश साम्राज्य को इसके साथ घोर अन्याय हुआ। महात्मा चुनौती दी थी। पर, पिछली सदी में गांधी ने 1905 में लिखा था कि ‘वंदे मातरम्’ इतना लोकप्रिय हो गया है कि वह राष्ट्रीय गान जैसा बन गया है। जब ‘वंदे मातरम्’ ने 100 साल पूरे किए, तब आपातकाल में संविधान का गला घोंटा गया। ‘वंदे मारतम्’ सिर्फ गीत नहीं, बल्कि 2047 तक विकसित भारत का सपना पूरा करने की प्रेरणा है। यह हमारा स्वदेशी को शक्ति देने का मंत्र होगा। मंगलवार को राज्यसभा में गृह मंत्री अमित शाह भाजपा की ओर से चर्चा की शुरुआत करेंगे।
अस्पताल में मौत, एंबुलेंस देने से इनकार, स्ट्रेचर देने के लिए दो लोगों को रोका
नवादा के अकबरपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में मानवता शर्मसार हुई। मां का शव ले जाने के लिए एंबुलेंस नहीं मिली। लाचार बेटे ने गुहार लगाई। हाथ जोड़े। पैर पड़े। फिर भी मदद नहीं मिली। स्ट्रेचर मांगा गया। काफी मिन्नत के बाद स्ट्रेचर दिया गया। लेकिन एक शर्त रखी गई। स्ट्रेचर के बदले पत्नी और बेटे को अस्पताल में गिरवी रखा गया। परिजनों ने बताया कि मां के शव को स्ट्रेचर पर घसीटते हुए घर ले गए। जब स्ट्रेचर अस्पताल लौटाया गया, तब जाकर पत्नी और बेटे को छोड़ा गया। सिविल सर्जन विनोद कुमार चौधरी ने कहा कि मामले की जांच के लिए कमेटी बनाई जाएगी। रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई होगी।
कुछ और सुर्खियां:
- बिहार के 31 जिलों में 14 से 18 दिसंबर तक पल्स पोलियो अभियान चलेगा
- पटना से सटे दानापुर में बेकाबू कार ने 6 लोगों को रौंदा, एक की मौत
- ‘मुख्यमंत्री की कुर्सी के लिए 500 करोड़ का सूटकेस’ वाला बयान के बाद पंजाब कांग्रेस ने नवजोत कौर सिद्धू को पार्टी से सस्पेंड किया
- थाईलैंड का कंबोडिया पर हवाई हमला, पांच लोगों की मौत
- पश्चिम बंगाल में एमएलए हुमायूं कबीर का दावा, बाबरी मस्जिद बनाने के लिए अब तक 1.3 करोड़ चंदा मिला
अनछपी: आप गोपालगंज के बनकटा गांव के दिनेश राय और गोल्डी राय को शायद ही जानते हों लेकिन हम उनकी चर्चा इसलिए कर रहे कि दोनों भाई बहन ने घरेलू झगड़े के बाद जहर खा लिया और इलाज में उनकी जान नहीं बन सकी। दोनों के जहर खाने की खबर कल आई थी। पीएमसीएच में भर्ती भाई-बहन दिनेश राय (32) और गोल्डी (28) की रविवार की आधी रात इलाज के दौरान मौत हो गई। दोनों पटना जंक्शन पर रविवार की शाम बेहोश मिले थे। हैरत और अफसोस की बात यह है कि दोनों भाई-बहन वर्षों से पिता से अलग रह रहे थे। इस दौरान वह पिता और पाटीदार से संपर्क में भी नहीं थे। इस संबंध में पिता अवधेश राय ने पीएमसीएच टीओपी में बयान दर्ज कराया है। उन्होंने बयान में लंबे समय से दोनों से कोई बातचीत नहीं होने के साथ ही घटना क्यों और कैसे हुई इसकी जानकारी नहीं होने की बात कही। लेकिन चर्चा यह है कि दोनों भाई-बहन अपने पिता से जमीन में हिस्सा मांग रहे थे और हिस्सा नहीं देने के बाद दोनों घर से अलग हो गए थे। यह बात समझ में नहीं आने वाली है कि 28 और 32 साल के उम्र में ही जमीन में हिस्सा मांगने की जरूरत क्यों पड़ी और मामला इतना आगे क्यों बढ़ा कि दोनों ने जहर खा लिया और उनकी मौत हो गई। दोनों भाई बहन के बारे में यह खबर भी मिली है कि उनकी मां अपने पति से लंबे समय से अलग रह रही थीं और यह दोनों भी उनके साथ रह रहे थे। यह भी जांच की बात है कि आखिर उन्होंने जहर खाने के लिए पटना को क्यों चुना। इस खबर की सच्चाई जो भी हो इस हकीकत से कौन इनकार कर सकता कि घर और जमीन के झगड़े ने दो लोगों की जान ले ली। हमारे समाज को इस बारे में गंभीरता से चर्चा करनी चाहिए।
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