छ्पी-अनछपी: एनडीए के अब तक 182 उम्मीदवार-  मुस्लिम 000, तेजस्वी 8 करोड़ के मालिक

बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। विधानसभा चुनाव के लिए एनडीए के घटक दलों भारतीय जनता पार्टी, जनता दल यूनाइटेड, चिराग पासवान की लोजपा, उपेंद्र कुशवाहा के राष्ट्रीय लोक मोर्चा और जीतन राम मांझी के हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा ने कुल 182 उम्मीदवारों के नाम की घोषणा कर दी है जिसमें एक भी मुसलमान नहीं है। चुनावी एफिडेविट में राजद नेता तेजस्वी यादव के पास 8 करोड़ और मशहूर गणित शिक्षक के सिंह के पास 9 करोड़ की संपत्ति है। कांग्रेस में टिकट को लेकर असंतोष के बाद पटना एयरपोर्ट पर हंगामा देखा गया।

और, जनिएगा कि साइबर ठगों ने कैसे अमेरिका सहित कई देशों से आठ करोड रुपए मधुबनी के एक एनजीओ के खाते में मंगाए।

पहली ख़बर

भास्कर के अनुसार एनडीए के घटक दलों ने अब तक 182 प्रत्याशी घोषित कर दिए है। इनमें एक भी मुस्लिम नहीं है। अबतक घोषित प्रत्याशियों से साफ है कि एनडीए के घटक दल भी अब भाजपा की राह पर चल पड़े हैं। भाजपा ने सभी 101 उम्मीदवार उतार दिए हैं। जदयू ने 57 प्रत्याशियों की पहली सूची जारी की। लोजपा आर 14, और हम के 6 उम्मीदवार घोषित हो चुके हैं। रालोमो ने भी 4 प्रत्याशी उतार दिए हैं। बुधवार को जदयू द्वारा जारी 57 उम्मीदवारों की पहली सूची में कुर्मी और कुशवाहा (कोइरी) जाति को कुल 19 टिकट मिले। इसमें धानुक के 4 टिकट जोड़ने से संख्या 23 होती है। सवर्ण इसकी जातियों पर भी नजर रही। इन्हें 13 टिकट मिले। सवर्ण जातियों में सबसे अधिक टिकट भूमिहारों को मिला। संख्या 6 है। राजपूत को 5 तथा ब्राह्मण को 2 टिकट दिए गए। वैश्य को 4 और यादव को 3 टिकट मिले। पिछले चुनाव में इन सीटों पर 2 मुसलमान उम्मीदवार (अंजुम आरा, फराज फातमी) थे। इन्हें टिकट नहीं मिला। फातमी राजद में हैं। 4 वर्तमान विधायक बेटिकट हुए। 25 सीटों पर उम्मीदवार बदले गए। 6 मंत्री टिकट पाने में कामयाब रहे। 15 नए चेहरों को भी टिकट मिला है। दलित जातियों को टिकट दिए गए। अति पिछड़ी जमात के 6 लोग टिकट पाए।

किसके पास कितनी दौलत?

जागरण के अनुसार राजद नेता तेजस्वी यादव छह करोड़ 12 लाख 48 हजार 877 रुपये की चल और एक करोड़ 85 लाख 50 हजार रुपये की अचल संपत्ति के मालिक हैं। साथ ही चार करोड़ 40 लाख 50 हजार रुपये के कर्जदार भी। तेजस्वी पर 16 आपराधिक मुकदमे बिहार के विभिन्न जिलों में हैं। वहीं चार मुकदमे ट्रिब्यूनल अपील में हैं। वैशाली जिले के राघोपुर विधानसभा क्षेत्र से बुधवार को पदाधिकारी हाजीपुर के यहां नामांकन प्रपत्र में दाखिल हलफनामे में तेजस्वी ने यह जानकारी दी है। उनके पास इटली में बनी पिस्टल भी है।

प्रोफेसर केसी सिन्हा 9 करोड़ के मालिक

कुम्हरार विधानसभा सीट से जनसुराज पार्टी के प्रत्याशी केसी सिन्हा ने दाखिल किए नामांकन पत्र के साथ अपने हलफनामे में करोड़ों की संपत्ति का घोषणा की है। पटना विश्वविद्यालय के सेवानिवृत्त प्रोफेसर सिन्हा और उनकी पत्नी इंदु सिन्हा के नाम पर पटना, दिल्ली, मुंबई, इंदौर और वाराणसी में कई मकान, फ्लैट और भूखंड हैं। हलफनामा के अनुसार, केसी सिन्हा की कुल चल संपत्ति (नकद, बैंक जमा, म्यूचुअल फंड, बीमा, आदि) की कीमत करीब 9.99 करोड़ रुपये है, जबकि उनकी पत्नी के नाम पर 1.28 करोड़ रुपये से अधिक की चल संपत्ति दर्ज है। दीघा से भाजपा वाले की उम्मीदवार दिव्या गौतम के पास एक करोड़ 77 लाख रुपए की संपत्ति है। फुलवारी शरीफ से भाकपा माले के उम्मीदवार गोपाल रविदास के पास अपना घर नहीं है और वह गैर मजरुआ जमीन पर रहते हैं।

कांग्रेस में टिकट को लेकर असंतोष

बिहार विधानसभा चुनाव, 2025 के लिए उम्मीदवारों की सूची जारी होने से पहले ही कांग्रेस में घमासान मच गया है। पार्टी के भीतर असंतोष का ज्वालामुखी अब फूट पड़ा है। दिल्ली से पटना पहुंचे कांग्रेस के बिहार प्रभारी कृष्णा अल्लावारू और प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम और विधानमंडल दल के नेता शकील अहमद खान का पटना एयरपोर्ट पट पर कार्यकर्ताओं ने जमकर विरोध किया। हंगामा बढ़ा तो मारपीट शुरू हो गई। जिलों से आए कार्यकर्ता लगातार नारेबाजी करते हुए नेताओं पर टिकट बेचने के गंभीर आरोप लगा रहे थे। हंगामा बढ़ता देख सुरक्षा घेरा बनाकर अध्यक्ष, विधान मंडल दल के नेता और प्रभारी को भीड़ से बाहर निकाला गया।

चुनाव बुलेटिन:

  • मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज से चुनाव प्रचार अभियान शुरू करेंगे
  • जदयू की 57 उम्मीदवारों की पहली लिस्ट में 23 सीट कोइरी, कुर्मी और धानुक को, कोई मुसलमान नहीं
  • राजद के 35 उम्मीदवारों की लिस्ट में 18 यादव और चार-चार मुस्लिम व अति पिछड़े
  • भाजपा ने अपने कोटे की सभी 101 सीटों पर उम्मीदवारों की सूची जारी की, आधे उम्मीदवार सवर्ण वर्ग से तो बाकी पिछड़ा, अति पिछड़ा व दलित, गायिका मैथिली ठाकुर को भी टिकट
  • कांग्रेस ने 23 उम्मीदवारों को सिंबल दिया, बछवाड़ा में सीपीआई से फ्रेंडली फाइट
  • चिराग पासवान की लोजपा (आर) की पहली सूची में 14 उम्मीदवार
  • प्रशांत किशोर खुद नहीं लड़ेंगे विधानसभा चुनाव
  • उपेंद्र कुशवाहा के राष्ट्रीय लोक मोर्चा के लिए चार उम्मीदवार तय, उनकी पत्नी स्नेह लता सासाराम से लड़ेंगी चुनाव
  • एआईएमआईएम ने चंद्रशेखर आजाद और स्वामी प्रसाद मौर्य की पार्टी के साथ बनाया गठबंधन, पशुपति पारस भी होंगे शामिल
  • राजद नेता तेजस्वी यादव ने वैशाली की राघोपुर सीट से नामांकन का पर्चा दाखिल किया
  • उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की आज दानापुर और सहरसा में होगी सभा
  • पटना जिले के परसा विधानसभा क्षेत्र के राजदविधायक छोटेलाल राय ने दिया इस्तीफा, जदयू से लड़ेंगे चुनाव

अमेरिका सहित कई देशों से ठगी के आठ करोड़ मधुबनी के एनजीओ के खाते में मंगाए

हिन्दुस्तान के अनुसार गेमिंग एप, क्रिप्टो करेंसी और टेलीग्राम ग्रुप के जरिए निवेश के नाम पर अमेरिका समेत कई देशों से ठगी के पैसे साइबर शातिरों ने मधुबनी के एनजीओ के खाते में मंगाए। आठ करोड़ 33 लाख रुपये ठगी के रुपये मधुबनी की एनजीओ रामप्यारी नंदलाल सेवा संस्थान के खाते में मंगाए गए। एनजीओ संचालक ने ठगी के रुपये के एवज 40 प्रतिशत कमीशन लिया। दिल्ली में बैठा प्रमोद चौधरी मास्टरमाइंड है। मुजफ्फरपुर साइबर थाने की पुलिस ने जेल भेजे गए चार शातिरों पर दाखिल चार्जशीट में इस बिंदू पर जांच किए जाने का खुलासा किया है। केस के आईओ ने यूपी के अमेठी जिले के गौरीगंज निवासी अभिषेक पांडेय, मधुबनी के फुलपरास थाने के धर्मडीहा निवासी कृष्ण कुमार सिंह, विक्रम कुमार सिंह और मुशहरी के गुड्डू पर 4 अक्टूबर को चार्जशीट दाखिल की थी। वहीं, प्रमोद चौधरी और अन्य डेढ़ दर्जन से अधिक लोगों की संलिप्तता के बिंदू पर जांच चल रही है। जांच के दायरे में यूपी और दिल्ली के 60 से अधिक बैंक अकाउंट भी हैं। पुलिस सूत्रों ने बताया कि प्रमोद चौधरी व दिल्ली में बैठे शातिर कॉलिंग सेंटर के जरिए अमेरिका और अन्य देशों में ठगी कर रहे हैं। टेलीग्राम एप पर अमेरिका के लोगों को जोड़कर क्रिप्टो करेंसी में निवेश पर कम समय में बड़ी कमाई का झांसा दे ठगी की जा रही है।

कुछ और सुर्खियां:

  • केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज से 3 दिन के बिहार दौरे पर
  • नौकरी छोड़ने पर पीएफ की 75% राशि तुरंत मिलेगी, बाकी पैसा एक वर्ष तक बेरोजगार रहने पर निकाला जा सकेगा
  • आचार संहिता उल्लंघन मामले में रजौली के पूर्व विधायक प्रकाश वीर की 6 माह की सजा बरकरार रही, 7 दिनों में सरेंडर का आदेश
  • भाकपा माले के विधायक सत्यदेव राम को 20 साल पुराने मामले में भेजा गया जेल
  • अफगानिस्तान और पाकिस्तान में टकराव के बाद 48 घंटे का संघर्ष विराम

अनछपी: स्टाफ सेलेक्शन कमीशन या कर्मचारी आयोग (एसएससी) की परीक्षाओं में होने वाली धांधली से वैसे तो पूरे देश के युवा परेशान हैं लेकिन बिहार की चुनावी गहमागहमी में इसकी कोई चर्चा नजर नहीं आती। इस सिलसिले की सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि परीक्षार्थी अपना होम स्टेट छोड़कर बिहार और यूपी में एग्जामिनेशन सेंटर क्यों ले रहे हैं? खबरों में बताया गया है कि एसएससी की दो परीक्षाओं सीजीएल यानी (कंबाइंड ग्रैजुएट लेवल) परीक्षा 2025 और सेलेक्शन पोस्ट फेज 13 परीक्षा में इस बार करीब 38000 ऐसे उम्मीदवार शामिल हुए जिनका पता मध्य क्षेत्र से बाहर का है लेकिन उन्होंने यूपी और बिहार केंद्रों पर आकर परीक्षा दी। बताया गया कि दिल्ली, झारखंड और उत्तराखंड ही नहीं बल्कि अंडमान निकोबार, लद्दाख, केरल, तमिलनाडु, तेलंगाना, असम, गोवा, मेघालय, मणिपुर और अरुणाचल प्रदेश जैसे दूर दराज के राज्यों से भी उम्मीदवार अपना क्षेत्र छोड़कर हजार किलोमीटर का सफर तय कर उत्तर भारत पहुंचे। एसएससी की परीक्षाओं में धांधली के आरोपों के बीच आने वाली यह जानकारी हमें सोचने पर मजबूर करती है कि आखिर बिहार और उत्तर प्रदेश के सेंटरों में ऐसी क्या बात है जो लोग इतने दूर आकर परीक्षा देना चाहते हैं? यह तो माना जा सकता है कि कुछ परीक्षार्थी अपने राज्य से बाहर रहकर पढ़ाई कर रहे हैं इसलिए उन्होंने नजदीकी सेंटर पर परीक्षा देने का विकल्प चुना लेकिन इतनी बड़ी संख्या में अपने होम स्टेट से बाहर परीक्षा केंद्र चुनने की जांच करना अब जरूरी मालूम होता है। एसएससी को चाहिए कि अगर इसमें कोई धांधली हो रही है तो उस पर कड़ाई से निगरानी रखे।

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