छ्पी-अनछपी: पहलगाम हमले की जांच को पाकिस्तान तैयार, ईरान के बंदरगाह पर धमाका 5 मरे

बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। पहलगाम आतंकी हमले के मामले में पाकिस्तान ने जांच में शामिल होने की पेशकश की है। ईरान की एक बंदरगाह में धमाके में पांच लोगों की मौत हो गई जबकि 700 लोग घायल हुए। बिहार के स्वास्थ्य विभाग में सत्रह हजार पदों पर बहाली की प्रक्रिया शुरू की गई है। गुजरात में बांग्लादेशी होने के आरोप बड़े पैमाने पर लोगों की धर पकड़ की गई है।

और, जानिएगा कि बिहार में मांस, मछली, अंडा और दूध-दही का कारोबार कितने सौ करोड़ रुपये का है।

पहली खबर

हिन्दुस्तान के अनुसार पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान ने शनिवार को जांच में शामिल होने की पेशकश की। पाक के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा कि पाकिस्तान किसी भी तटस्थ, पारदर्शी और विश्वसनीय जांच में भागीदारी करने के लिए तैयार है। शरीफ ने कहा कि शांति हमारी प्राथमिकता है। पाकिस्तान ने हमेशा ही आतंकवाद के सभी स्वरूपों की निंदा की है। उधर, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने पाकिस्तान द्वारा जांच में शामिल होने की पेशकश पर सवाल उठाए।

दुबई और दमाम का हवाई किराया 12% बढ़ेगा

एक मई से पटना सहित देश के कई शहरों से दुबई, दमाम, यूएसए और यूके सहित कई देशों में आने-जाने का हवाई किराया 12% तक बढ़ सकता है। पहलगाम में आतंकी हमले के बाद भारतीय विमानन कंपनियों के विमानों को मार्ग बदलकर उड़ान भरना पड़ रहा है। इससे दुबई व अन्य विदेशी महानगरों की यात्रा की अवधि बढ़ गई है। बदले यातायात मार्ग से दिल्ली से विदेशों के लिए उड़ान भरने में डेढ़ से ढाई घंटे तक अधिक समय लग रहा है। फिलहाल विमानन कंपनियों ने मार्ग बदलने के बावजूद बढ़े खर्चे से यात्रियों को राहत दी है पर एक मई से किराया बढ़ाने की तैयारी है। दिल्ली, चंडीगढ़ व अन्य शहरों से लंदन जाने वाले विमान गुजरात के मोरबी से ऊपर से होकर गुजर रहे हैं। विमानन कंपनियों ने ओमान की खाड़ी की ओर से वैकल्पिक यातायात मार्ग तय किया है।

हिज्ब उत तहरीर से जुड़े होने के आरोप में धनबाद से चार गिरफ्तार

प्रभात खबर के अनुसार प्रतिबंधित संगठन हिज्ब उत तहरीर से जुड़े पति-पत्नी सहित चार लोगों को झारखंड के एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (एटीएस) ने गिरफ्तार किया है। इनमें धनबाद के अयान जावेद, उनकी पत्नी शबनम परवीन और गुलफाम हसन को धनबाद से गिरफ्तार किया गया है। इसके साथ ही शहजाद आलम को कोडरमा के दर्जी मोहल्ला स्थित उनके फूफा के घर से गिरफ्तार करने के बाद एटीएस की टीम धनबाद ले आई। चारों आरोपी धनबाद के ही अलग-अलग जगहों के रहने वाले हैं। एजेंसी की मानें तो पति-पत्नी ही टीम को लीड कर रही थी। संगठन में शबनम की गतिविधि ज्यादा थी। आरोपियों के पास से पुलिस ने दो पिस्टल, 12 कारतूस, कई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जैसे मोबाइल, लैपटॉप के अलावा भारी मात्रा में प्रतिबंधित संगठनों से संबंधित दस्तावेज व पुस्तक बरामद करने का दावा किया है। इस संबंध में एटीएस थाना रांची में आपराधिक केस दर्ज किया गया है।

ईरान में नेवी बेस के पास ब्लास्ट, 5 मरे-700 जख्मी

भास्कर के अनुसार ईरान की पोर्ट सिटी बंदर अब्बास शनिवार को भीषण धमाके से थर्रा उठी। स्थानीय समय के अनुसार दोपहर लगभग तीन बजे शहीद राजेई बंदरगाह पर ईरानी नेवी बेस के पास हुए ब्लास्ट से 5 लोगों की मौत हो गयी जबकि 700 से अधिक लोग घायल हो गए। ब्लास्ट के बाद आग लग गई। बंदरगाह पर पड़े केमिकल के कंटेनरों ने भी आग पकड़ ली। ईरान सरकार की ओर से देर रात तक पोर्ट सिटी विस्फोट के कारणों की जानकारी नहीं दी।

गुजरात में बांग्लादेशी होने के नाम पर बड़े पैमाने पर धरपकड़

भास्कर के अनुसार पाकिस्तानी नागरिकों को उनके लौटने की चेतावनी के बीच गुजरात पुलिस ने अवैध-बांग्लादेशों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। अब तक के सबसे बड़े अभियान में शनिवार तड़के 3:00 बजे अहमदाबाद पुलिस ने 890 और सूरत पुलिस ने 134 अवैध बांग्लादेशी को पकड़ा। सभी 1024 लोगों से पूछताछ की जा रही है कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद इन्हें मूल देश बांग्लादेश भेज दिया जाएगा। गिरफ्तार दो बांग्लादेशियों पर अलकायदा स्लीपर सेल के रूप में काम करने का संदेह है। गुजरात के गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी ने पुलिस को बांग्लादेशियों की सभी गतिविधियों की जांच पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।

स्वास्थ्य विभाग में 17 हज़ार पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया शुरू

हिन्दुस्तान के अनुसार स्वास्थ्य विभाग में 17092 नए पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया आरंभ हो गई है। इन पदों पर नियुक्ति का विज्ञापन जारी हो गया है। बहाली बिहार तकनीकी सेवा आयोग एवं राज्य स्वास्थ्य समिति की ओर से की जाएगी। राज्य स्वास्थ्य समिति के माध्यम से राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत बहाली होगी। जबकि, तकनीकी सेवा आयोग के माध्यम से स्वास्थ्य विभाग में स्थायी नियुक्ति की जाएगी। स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने 17 हजार नये पदों पर बहाली प्रक्रिया शुरू होने की जानकारी दी।

बिहार में मांस, मछली, अंडा और दूध का कारोबार 90-100 करोड़

बिहार में सालाना 90 से 100 करोड़ रुपये तक पशुधन से जुड़ा मांस, मछली, अंडा और दूध का कारोबार होता है। ऐसे में राज्य में पशुधन के विकास में पशु चिकित्सकों की भूमिका काफी अहम है। जल्द ही राज्य में पशुधन और पॉल्ट्री साइंस की पढ़ाई भी शुरू होगी। यह बात पशु व मत्स्य संसाधन विभाग की अपर मुख्य सचिव डॉ. एन. विजयलक्ष्मी ने कहीं। शनिवार को विभाग द्वारा विश्व पशु चिकित्सा दिवस पर आयोजित कार्यशाला में उन्होंने कहा कि राज्य में अभी रोजाना लगभग 30 लाख लीटर दूध का उत्पादन होता है। इसे बढ़ाकर 50 लाख लीटर करने का लक्ष्य है।

कुछ और सुर्खियां:

  • दिल्ली- मुंबई एक्सप्रेसवे पर हरियाणा के नूह जिले में ट्रक ने 11 को कुचला, 7 की मौत
  • गया में तामपान 44.6 डिग्री तक पहुंचा, पटना को आज से राहत
  • बिहार राज्य मदरसा शिक्षा बोर्ड ने फ़ौकानिया और मौलवी परीक्षा 225 का रिजल्ट जारी किया
  • पटना में मौजूद 24 पाकिस्तानियों के पास लॉन्ग टर्म वीज़ा, इनके बारे में दिशा निर्देश का इंतजार
  • लाखों लोगों ने वेटिकन सिटी में पोप फ्रांसिस को नाम आंखों से दी अंतिम विदाई
  • तीसरे चरण की सक्षमता परीक्षा 10 से 15 में के बीच होगी

अनछपी: पहलगाम में आतंकी घटना के बाद सरकार को सभी दलों का समर्थन मिला है और सरकार की हर कार्रवाई पर एकजुटता देखने को मिल रही है। हालांकि सरकार के कई फसलों पर विशेषज्ञ सवाल भी उठा रहे हैं और कुछ मामलों में यह भी कहा जा रहा है कि आखिर सरकार ने पहले यह कार्रवाई क्यों नहीं की। उदाहरण के लिए सरकार ने सिंधु जल समझौते को निलंबित करने की घोषणा की है लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि इसको अमल में लाने के लिए सरकार को लंबा समय लगेगा और काफी खर्च करना होगा। हम अपने इसी कॉलम में इस तरह की घटनाओं के बाद के दुखद मानवीय पहलू को भी उजागर कर चुके हैं। जैसे वीजा रद्द होने के बाद पारिवारिक रिश्ते टूट रहे हैं। एक खबर में बताया गया है कि रांची की एक महिला तो भारतीय हैं लेकिन उनके दो बच्चे पाकिस्तानी पासपोर्ट पर भारत आए थे इसलिए बच्चों को वापस पाकिस्तान भेजने की व्यवस्था की जा रही है और इस तरह मां और बच्चे बिछड़ रहे हैं। एक खबर गुजरात से आई है जिसमें बताया गया है कि सैकड़ों लोगों को इस आधार पर पुलिस ने हिरासत में लिया है कि उन पर बांग्लादेशी होने का आरोप है। हालांकि सरकार ने पहलगाम आतंकी मामले से इसे नहीं जोड़ा है लेकिन कई लोगों को लगता है कि शायद इस घटना के बाद यह कार्रवाई की जा रही है। ऐसे में सवाल उठता है कि अगर इतनी बड़ी संख्या में गुजरात के दो शहरों अहमदाबाद और सूरत में बांग्लादेशी लोग अवैध रूप से रह रहे थे तो उन्हें निकाल बाहर करने की करवाई पहले क्यों नहीं की गई और कई लोग यह भी कह सकते हैं कि इसके लिए एक आतंकी घटना का इंतजार क्यों किया गया। इसका दूसरा पहलू यह भी है कि पुलिस की जांच अभी पूरी नहीं हुई है फिर भी पकड़े गए सभी लोगों को बांग्लादेशी नागरिक क्यों बताया जा रहा है? कई बार बांग्ला बोलने वाले लोगों को भी उनकी भाषा के आधार पर बांग्लादेशी घोषित कर दिया जाता है। पश्चिम बंगाल के अधिकतर लोग बांग्ला बोलते हैं और देश के विभिन्न हिस्सों में रोजी रोटी के लिए काम करते हैं। एक तरफ जहां यह जरूरी है कि अवैध रूप से रह रहे लोगों को देश से निकाला जाए, वहीं यह भी उतना ही महत्वपूर्ण है कि जो लोग भारत के नागरिक हैं उन्हें किसी भी तरह परेशान ना किया जाए।

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