छ्पी-अनछपी: राष्ट्रपति भी सियासी बयानबाजी में, ईरान बोला- सरेंडर का सपना कब्र लेकर जाएं ट्रंप

बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। राष्ट्रपति द्रोपति मुर्मू और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी में सियासी बयानबाजी हुई है। ईरान के राष्ट्रपति ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सरेंडर की मांग को लेकर कहा कि यह ऐसा सपना है जिसे उन्हें अपनी कब्र तक साथ ले जाना चाहिए। रसोई गैस की कीमत बढ़ाने के बाद अब इसकी बुकिंग के लिए 25 दिन की शर्त लगाई गई है। बिहार के कुछ जिलों को काटकर केंद्र शासित प्रदेश बनाने की बात को केंद्रीय गृह राज्य मंत्री ने गलत बताया है।

और, जानिएगा कि मुंबई में कितने अरबपति हैं और भारत दुनिया में कितने नंबर पर है।

पहली ख़बर

हिन्दुस्तान के अनुसार राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के उत्तर बंगाल दौरे पर शनिवार को सियासी विवाद खड़ा हो गया। मुर्मु ने कार्यक्रम स्थल बदलने को लेकर सवाल उठाया और उनके स्वागत के लिए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के न आने पर हैरानी जताई। इस पर ममता ने पलटवार करते हुए राष्ट्रपति पर भाजपा के इशारे पर विधानसभा चुनाव से पूर्व राजनीति करने का आरोप लगाया।

मुर्मु ने शनिवार को बागडोगरा हवाई अड्डे के पास आयोजित आदिवासी समुदाय के कार्यक्रम में कम उपस्थिति पर असंतोष व्यक्त करते हुए कहा कि अगर कार्यक्रम बिधाननगर में ही आयोजित होता तो बेहतर होता। वहां पर्याप्त जगह थी और कई लोग शामिल हो सकते थे। कार्यक्रम ऐसी जगह पर हुआ, जहां लोगों का आना मुश्किल था। शायद राज्य सरकार आदिवासियों का कल्याण नहीं चाहती, इसलिए उन्हें यहां आने से रोका गया। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा, भाजपा राज्य सरकार को बदनाम करने के लिए राष्ट्रपति कार्यालय का दुरुपयोग कर रही है। अगर राष्ट्रपति साल में एक बार आती हैं तो मैं उनका स्वागत कर सकती हूं, लेकिन अगर वे चुनाव के दौरान आती हैं तो मेरे लिए उनके कार्यक्रमों में शामिल होना संभव नहीं होगा, क्योंकि मैं लोगों के अधिकारों के लिए काम कर रही हूं। इधर, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के पश्चिम बंगाल दौरे में प्रदेश सरकार द्वारा प्रोटोकॉल का पालन नहीं किए जाने को राष्ट्रपति का अपमान करार देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे शर्मनाक बताया।

ईरान ने अफसोस जताया, फिर भी हमले किए

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान द्वारा पड़ोसी मुल्कों पर हमले के लिए माफी मांगने और दोबारा हमले न करने की बात कहने के बाद भी प्रहार जारी रहा। ईरान ने शनिवार देर रात कतर और यूएई में अमेरिकी सैन्य अड्डों को निशाना बनाया। इससे पहले, ईरानी राष्ट्रपति पेजेशकियान ने अपने संबोधन में कहा कि मैं उन पड़ोसी देशों से माफी मांगता हूं जिन पर हमले हुए। उन्होंने कहा कि अब से पड़ोसी देशों पर हमला नहीं होना चाहिए और न ही उन पर मिसाइलें दागी जानी चाहिए लेकिन ये तभी संभव होगा जब वे देश हमपर हमला न करें। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की आत्मसमर्पण की मांग को लेकर कहा कि ये ऐसा सपना है जिसे उन्हें अपनी कब्र तक साथ ले जाना चाहिए।

अमेरिका, इस्राइल और ईरान के बीच जारी सैन्य टकराव आठवें दिन भी जारी

प्रभात खबर के अनुसार अमेरिका, इस्राइल और ईरान के बीच जारी सैन्य टकराव आठवें दिन में पहुंच चुका है और इसके साथ ही पश्चिम एशिया में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है. ईरान और इसराइल का एक-दूसरे पर ताबड़तोड़ हमले जारी हैं. ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आइआरजीसी) ने सैन्य और सैन्य सहायता केंद्रों को निशाना बनाते हुए मिसाइलों और ड्रोन से हमलों की 25वीं लहर की घोषणा की है. आइआरजीसी ने कहा कि इस अभियान में हाइपरसोनिक फतह मिसाइल और बैलिस्टिक इमाद मिसाइलों का इस्तेमाल किया जा रहा है. वहीं, लेबनान के सरकारी मीडिया के मुताबिक पूर्वी बेका घाटी में स्थित नबी चित पर इसराइली हवाई हमलों में मारे गये लोगों की संख्या अब बढ़ कर 26 हो गयी है. वहीं, शनिवार तड़के दक्षिणी लेबनान के जिबचित में एक इस्राइली हवाई हमले में एक आवासीय इमारत नष्ट हो गयी, जिसमें कम से कम छह लोग मारे गये. जॉर्डन पर भी 119 मिसाइलों से हमले किये गये हैं.

रसोई गैस: एक लेने के 25 दिन के बाद ही मिलेगा अगला सिलेंडर

प्रभात ख़बर के अनुसार बिहार में 2.34 करोड़ से अधिक घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं को ध्यान में रखते हुए गैस कंपनियों ने बुकिंग और डिलीवरी व्यवस्था में नया प्रावधान लागू किया है. अब उपभोक्ता 25 दिन के अंतराल के बाद ही एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग कर सकेंगे और डिलीवरी भी इसी अवधि के बाद दी जायेगी. इस व्यवस्था का उद्देश्य सभी उपभोक्ताओं को गैस की नियमित और संतुलित आपूर्ति सुनिश्चित करना है. पहले बुकिंग के लिए दिनों की कोई शर्त नहीं थी.

बिहार और बंगाल के कुछ जिलों को मिलाकर केन्द्र शासित प्रदेश बनाने की योजना नहीं

हिन्दुस्तान ने लिखा है कि केन्द्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने कहा है कि केन्द्र सरकार की ओर से बिहार और बंगाल के कुछ जिलों को मिलाकर केन्द्र शासित प्रदेश बनाने की कोई योजना नहीं है। इसमें कोई सच्चाई नहीं है। पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव के ट्वीट का जवाब देते हुए राय ने कहा कि पूर्णिया के सांसद लोगों को गुमराह करने के लिए इस तरह के अफवाह फैला रहे हैं।

भारत में 308 अरबपति

जागरण के अनुसार 2026 में भारत में बिलियनेयर यानी अरबपतियों की संख्या 308 पर पहुंच गई है और इसमें पिछले वर्ष के मुकाबले 24 को बढ़ोतरी हुई है। यह मजबूत संपत्ति सृजन और लगातार आर्थिक गति को दिखाता है। हुरुन रिसर्च इंस्टीट्यूट की ओर से शनिवार को जारी हुरुन ग्लोबल रिच लिस्ट-2026 के अनुसार, इस बढ़ोतरी के साथ अरबपतियों की संख्या के मामले में अमेरिका और चीन के बाद भारत तीसरे स्थान पर पहुंच गया है। रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय अरबपतियों की कुल संपत्ति में वार्षिक आधार पर 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है और इनकी कुल संपत्ति 112.6 लाख करोड़ रुपये हो गई है। इस वर्ष 199 अरबपतियों की संपत्ति में बढ़ोतरी हुई है, जबकि 109 अरबपतियों की संपत्ति में गिरावट या कोई बदलाव नहीं हुआ है। कुल अरबपतियों में महिलाओं की सात प्रतिशत हिस्सेदारी है। रिपोर्ट के अनुसार, सबसे ज्यादा अरबपतियों के साथ मुंबई देश में शीर्ष 308 शहर बना हुआ है और 95 अरबपति मुंबई से संबंध रखते हैं। हालांकि, मुंबई को पछाड़कर चीन का शेन्ड्रोन शहर एशिया की अरबपति राजधानी बन गया है। यह कुल 133 अरबपति निवास करते हैं। 15 नए अरबपति जोड़कर मुंबई ने न्यूयार्क सिटी (14) और लंदन (नौ) को पीछे छोड़ दिया है। 146 अरबपतियों के साथ न्यूयार्क पूरी दुनिया में शीर्ष पर है। 120 अरबपतियों के साथ शंघाई दूसरे, 107 अरबपतियों के साथ बीजिंग तीसरे और 102 अरबपतियों के साथ लंदन चौथे नंबर पर रहा है।

कुछ और सुर्खियां:

  • सीतामढ़ी जिले के सुरसंड में तैनात बीडीओ कृष्ण राम के पास 21 प्लॉट, आय से अधिक मामले में छापेमारी
  • टी 20 विश्व कप का फाइनल मुकाबला आज भारत और न्यूजीलैंड के बीच
  • रजिस्ट्री से 10 दिन पहले रैयती जमीन के मालिकाना हक की जानकारी मिलेगी
  • बर्ड फ्लू की पुष्टि नहीं होने के बाद आज से खुलेगा पटना का चिड़ियाघर

अनछपी: भारतीय राजनीति का स्तर कितना गिरता जा रहा है इसका एक उदाहरण शनिवार को उस समय सामने आया जब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बीच सियासी बयानबाजी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी कूद पड़े। आमतौर पर यह माना जाता है कि राष्ट्रपति को किसी सियासी पचड़े में नहीं पढ़ना चाहिए लेकिन श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बारे में ऐसा बयान दिया कि उस पर सियासी घमासान शुरू हो गया। ममता बनर्जी का कहना है कि भारतीय जनता पार्टी इतनी घटिया हरकत पर उतर आई है कि वह पश्चिम बंगाल को बदनाम करने के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का इस्तेमाल कर रही है। सबको मालूम है कि पश्चिम बंगाल में चुनाव होने वाला है, ऐसे में ममता बनर्जी ने कहा कि राष्ट्रपति को भाजपा के इशारे पर राजनीति नहीं करनी चाहिए। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू अंतरराष्ट्रीय संथाल सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए सिलीगुड़ी पहुंची थीं। उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के उस कार्यक्रम में नहीं पहुंचने और कार्यक्रम की जगह को लेकर सवाल उठाए। एक तरफ उन्होंने ममता को अपनी छोटी बहन बताया तो दूसरी तरफ उन पर यह आरोप भी लगा कि वह राजनीति कर रही हैं। ममता का कहना है कि वह इस समय एसआईआर की धांधली के खिलाफ धरने पर बैठी हैं और वह हर बार राष्ट्रपति का स्वागत करने नहीं जा सकतीं। ममता ने तो यहां तक कह दिया कि अगर कोई 50 बार आए तो हर कार्यक्रम में शामिल होना संभव नहीं है। उन्होंने राष्ट्रपति के कार्यक्रम की जानकारी नहीं दिए जाने का भी दावा किया। ऐसे मौके को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल की तृणमूल सरकार पर हमला करने का बहाना बनाया। उचित तो यही होता कि इस मामले को सार्वजनिक तौर पर बहस का मुद्दा ना बनाया जाता और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को इस पचड़े में पड़ने से बचना चाहिए था।

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