छ्पी-अनछपी: ट्रंप के विरोध में अमेरिका व यूरोप में प्रदर्शन, साबरीन व पुष्पांजलि मैट्रिक टॉपर

बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। अमेरिका और यूरोप के कई शहरों में रविवार को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ जबर्दस्त विरोध प्रदर्शन हुए। मैट्रिक परीक्षा में सिमुलतला आवासीय विद्यालय की पुष्पांजलि कुमारी और उच्च माध्यमिक विद्यालय छौराही, वैशाली की छात्रा साबरीन 492 अंक (98.4%) लाकर संयुक्त रूप से बिहार टॉपर बनीं।

और, ममता बोलीं- बीजेपी बंगाल में सत्ता में आई तो मछली , मांस और अंडे नहीं खा पाएंगे।

पहली ख़बर

अमेरिका और यूरोप के कई शहरों में रविवार को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हुए। ‘नो किंग्स’ प्रदर्शन में शामिल हजारों लोग ईरान से युद्ध सहित ट्रंप के कई अन्य फैसलों का विरोध कर रहे हैं। अमेरिका के अलावा, यूरोप, लातिन अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया समेत कम से कम 12 देशों में विरोध-प्रदर्शन हुए। अमेरिका में मिनिसोटा का सेंट पॉल प्रदर्शन का प्रमुख केंद्र रहा। यहां लाखों की संख्या में लोग एकत्रित हुए। वैसे तो यह प्रदर्शन ट्रंप के कई मनमाने फैसलों के विरोध में था, मगर रविवार की रैली का मुख्य मुद्दा मध्यपूर्व में चल रही जंग का था। लोग ‘नो किंग्स’ के बैनर और पोस्टर थामे हुए थे। उनका कहना है कि अमेरिका एक लोकतांत्रिक देश है और ट्रंप एक राजा की तरह फैसले ले रहे हैं, जो उन्हें मंजूर नहीं है। मिनिसोटा के अलावा वॉशिंगटन न्यूजर्सी, डेलावेयर, कैलिफोर्निया, टेनिसी, ओहायो, फ्लोरिडा, टेक्सास में भी बड़े पैमाने पर लोगों ने प्रदर्शन किया। जानकारी के अनुसार, पूरे अमेरिका में 3200 से ज्यादा रैलियां हुईं।

ईरानी मिसाइलों से थर्राया अमेरिकी बेस

प्रभात खबर के अनुसार पश्चिम एशिया में जारी युद्ध रविवार को 30वें दिन पर पहुंच गया, ईरान ने सऊदी अरब स्थित अमेरिकी एयरबेस और दक्षिणी इसराइल के एक केमिकल प्लांट पर मिसाइल हमला किया. हमले में सऊदी में तैनात अमेरिका का सबसे आधुनिक कमांड एंड कंट्रोल विमान इ-3 अवाक्स पूरी तरह तबाह हो गया. वहीं, इसराइल के केमिकल प्लांट में भीषण आग लग गयी. इससे इलाके में जहरीली गैस के रिसाव का खतरा पैदा हो गया है. लोगों को घरों में रहने और खिड़कियां बंद रखने की सलाह दी गयी है. ईरान ने दावा किया है कि उसके हमले में अमेरिका के कई विमान तबाह हुए हैं, जबकि 10 अमेरिकी सैनिक घायल हुए हैं. इनमें से दो की हालत गंभीर है. ईरानी मीडिया के मुताबिक, इस हमले में छह बैलिस्टिक मिसाइलों और 29 खतरनाक ड्रोन का इस्तेमाल किया गया था. ईरान ने कुछ तस्वीरें भी जारी की हैं, जिनमें दिख रहा है कि विशालकाय विमान का बीच का पूरा हिस्सा उड़ चुका है. इसके अलावा, विमानों में ईंधन भरने वाले रिफ्यूलिंग विमानों को भी भारी नुकसान पहुंचा है. हालांकि, अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने आधिकारिक तौर पर इस हमले पर खुलकर कोई बयान जारी नहीं किया है.

अमेरिका ज़मीन से हमले की तैयारी में

जागरण के अनुसार हवाई हमलों से ईरान को 15 सूत्रीय समझौते के लिए झुका न पाने के चलते अमेरिका अब जमीनी सैन्य अभियान चलाने की तैयारी में जुट गया है। अमेरिकी युद्धपोत यूएसएस त्रिपोली करीब 3,500 मरीन और नेवी सैनिक के साथ इस इलाके में पहुंच गया है। जबकि दूसरी टुकड़ी रास्ते में है। 82 वीं एयरबोर्न डिवीजन का कमांड भी भेजा जा रहा है। उधर, पाकिस्तान में सऊदी अरब, तुर्किए और मिस्त्र के विदेश मंत्रियों की बैठक रविवार से शुरू हुई, जिसमें पश्चिम एशिया की सुरक्षा स्थिति, समुद्री मार्गों की स्थिरता और युद्ध विस्तार रोकने के उपायों पर चर्चा की जा रही है।

हमारी सेना तैयार: ईरान

द बाकर गलीबाफ ने चेतावनी दी कि यदि अमेरिकी सैनिक ईरानी भूमि पर उतरे तो उन्हें ‘ऐसी आग में झोंक दिया जाएगा जिसे क्षेत्रीय सहयोगी भी लंबे समय तक याद रखेंगे।” उन्होंने कहा कि देश की सैन्य प्रतिबद्धता पहले से अधिक मजबूत हुई है। गलीबाफ ने यह भी कहा कि पाकिस्तान के जरिए तेहरान तक पहुंचाई गई अमेरिकी 15 सूत्री योजना वस्तुतः वाशिंगटन की इच्छाओं की सूची है, न कि स्वीकार्य कूटनीतिक प्रस्ताव।

मैट्रिक रिज़ल्ट में छोटे शहरों का जलवा

हिन्दुस्तान के अनुसार बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने रविवार को मैट्रिक वार्षिक परीक्षा-2026 का परिणाम जारी कर दिया। इसमें गांवों और छोेटे शहरों के बच्चों ने परचम लहराया है। सिमुलतला आवासीय विद्यालय की पुष्पांजलि कुमारी और उच्च माध्यमिक विद्यालय छौराही, वैशाली की छात्रा साबरीन 492 अंक (98.4%) लाकर संयुक्त रूप से बिहार टॉपर बनीं। वहीं राजकीयकृत हाई स्कूल बनवारीपुर बेगूसराय की छात्रा नाहिद सुल्ताना ने 489 (97.8%) अंक लाकर राज्य में दूसरा स्थान हासिल किया। 488 (97.6%) अंक लाकर बीएसएस हाई स्कूल रजवारा बेगूसराय के ओम कुमार और उच्च माध्यमिक विद्यालय खरहना बक्सर की छात्रा अनुपा कुमारी ने संयुक्त रूप से तीसरा स्थान हासिल किया। शिक्षा मंत्री सुनील कुमार और बिहार बोर्ड के अध्यक्ष आनंद किशोर ने परीक्षाफल घोषित किया। परिणाम के मुताबिक 81.79% परीक्षार्थियों ने सफलता हासिल की। 15 लाख 10 हजार 928 छात्र-छात्राओं ने परीक्षा दी थी। इनमें से 12 लाख 35 हजार 743 उत्तीर्ण हुए। इस बार टॉप 10 में पिछले साल की तुलना में अधिक विद्यार्थी शामिल हैं। टॉप 10 में 139 परीक्षार्थी आए हैं। इनमें छात्राओं की संख्या 57 जबकि 82 छात्र हैं।

जेटेट से भोजपुरी, मगही और अंगिका को हटाया गया

हिन्दुस्तान के अनुसार झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (जेटेट) 2026 की नियमवाली में क्षेत्रीय भाषाओं की कोटि से भोजपुरी, मगही और अंगिका को हटा दी गई है। पूर्व में जब नियमावली का प्रारूप जारी हुआ था तो ये भाषाएं शामिल नहीं थीं। इसका विरोध हुआ। उस समय सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया था कि ये प्रारूप है, जब नियमावली आएगी तो ठीक कर दिया जाएगा। बावजूद इसके प्ररूप के आधार पर ही नियमावली जारी की गई। अब फिर से इस पर विवाद होता दिख रहा है। शिक्षक संगठनों ने इसका विरोध किया है और आंदोलन का ऐलान किया है।

बीजेपी बंगाल में सत्ता में आई तो मछली मां संडे नहीं खा पाएंगे: ममता

भास्कर के अनुसार पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने रविवार को पुरुलिया में चुनावी सभा में भाजपा पर जमकर हमला बोला। ममता बनर्जी ने कहा कि अगर पश्चिम बंगाल में भाजपा सत्ता में आई तो लोग मांसाहारी भोजन नहीं खा पाएंगे। ममता ने कहा कि भाजपा कहती है कि मछली, मांस, अंडे नहीं खा सकते। भाजपा महिलाओं की ‘लक्ष्मी भंडार’ योजना बंद कर देगी। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव से पहले राज्य में एसआईआर से 1.2 करोड़ वोटरों के नाम हटाए गए हैं।

कुछ और सुर्खियां:

  • नीतीश कुमार विधान परिषद से और नितिन नवीन विधानसभा से आज दे सकते हैं इस्तीफा
  • ईरान युद्ध संकट के मद्देनजर पेट्रोल पंपों पर अब केरोसिन तेल भी मिलेगा
  • मंत्री चौधरी से मिले कांग्रेस के बागी विधायक सुरेंद्र कुशवाहा, कांग्रेस में गहराया संकट
  • नेपाल के नए प्रधानमंत्री बालेन शाह की सरकार ने छात्र राजनीति पर पूरी तरह रोक लगाई, पांचवीं तक के बच्चों के इम्तिहान नहीं होंगे

अनछपी: ईरान पर अमेरिका और इसराइल के हमले के बाद से भारत की अर्थव्यवस्था पर बड़ा असर डालने में विदेशी निवेशकों के जरिए शेयर बाजार से निकाली गई पूंजी बेहद अहम है। यह बात खास तौर पर उन लोगों को बताने की है जिन्हें लगता है कि इसराइल भारत का दोस्त है और ईरान पर हमले से भारत का कोई नुकसान नहीं हो रहा है। यह बात सही है कि इस हमले का असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर हुआ है लेकिन इससे भी इनकार नहीं किया जा सकता कि भारत इससे अछूता है। इस हमले के बीच ही यह खबर आई है कि भारतीय शेयर बाजार में मार्च के महीने में जितनी बिकवाली हुई है वह इसके इतिहास में रिकॉर्ड है। एफपीआई यानी फॉरेन पोर्टफोलियो इन्वेस्टर्स नाम मार्च में 30 में से पहले तक 1.14 लाख करोड़ रुपए की भारी भरकम निकासी की है। इस महीने का अभी एक ट्रेडिंग सेशन बचा हुआ है और समझा जाता है कि निकासी का आंकड़ा और बढ़ सकता है। अबसे कुछ महीने पहले तक यह उम्मीद लगाई जा रही थी कि सेंसेक्स एक लाख अंक तक पहुंच सकता है। अब हालात यह है कि यह 85000 अंक से 15000 अंक घटकर 70000 अंक के आसपास संघर्ष कर रहा है। इसलिए एक लाख अंक का सपना तो फिलहाल बहुत दूर चला गया है। अगर अगले दो सप्ताह में ईरान पर हमले और ईरान की तरफ से जवाबी हमले बंद भी हो जाएं तो शेयर बाजार का अब तक का टॉप पोजीशन पाना भी इस साल मुश्किल लगता है। कुल मिलाकर ईरान पर हमले अगर बंद होते हैं तो यह भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए भी भलाई का काम होगा। इसके लिए जरूरी है कि इसराइल से बेमतलब दोस्ती गांठे रहने की जिद छोड़ी जाए।

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