छ्पी-अनछपी: अमेरिकी दादागिरी से ₹ सहमा, केवल एक तिहाई किसानों का बना आई कार्ड

बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। राष्ट्रपति ट्रंप और यूरोप के बीच तनातनी के दौरान पहले शेयर मार्केट पर बुरा असर पड़ा और अब रुपया भी इसकी वजह से और बदहाल हो गया है। बिहार सरकार के विशेष अभियान के बावजूद अब तक केवल एक तिहाई किसानों का ही आई कार्ड बन पाया है। उत्तर प्रदेश के संभल में पुलिस वालों के खिलाफ केस दर्ज करने का फैसला सुनाने वाले जज के तबादले के बाद वकीलों ने बड़ा प्रदर्शन किया है लेकिन पटना के अक्सर हिंदी अखबारों ने इस खबर को नजरअंदाज कर दिया है।

और, जानिएगा कि तालाब में गिरे जहाज से दो पायलटो को कैसे बचा ले आए राहगीर।

पहली ख़बर

जागरण ने लिखा है कि ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिका की ‘दादागिरी’ के खिलाफ यूरोपीय संघ की तरफ से एकजुटता दिखाने का असर पूरी दुनिया के शेयर बाजार और मुद्रा बाजार पर दिख रहा है। हालांकि, भारतीय बाजार में कुछ ज्यादा उथल-पुथल मची है। बुधवार को भारतीय रुपया डालर के मुकाबले 68 पैसे टूटकर 91.65 के ऐतिहासिक निचले स्तर पर बंद हुआ। इसके पहले का न्यूनतम रिकार्ड स्तर 91.14 रुपये था। जनवरी माह में रुपया ना सिर्फ 1.50 प्रतिशत कमजोर हुआ है बल्कि चीन, इंडोनेशिया, वियतनाम जैसे प्रतिस्पर्दी इकोनमी के मुकाबले इसकी गिरावट ज्यादा तेज रही है। इस गिरावट के लिए मुख्य तौर पर वैश्विक अनिश्चितता, विदेशी संस्थागत निवेशकों की तरफ से भारतीय बाजार से निवेश का बाहर निकालना और भारतीय तेल कंपनियों की तरफ से डालर की बढ़ती मांग को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है।

साख का सवाल बना ग्रीनलैंड

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वर्ल्ड इकोनामिक फोरम में साफ कर दिया है कि अमेरिका को किसी भी हालत में ग्रीनलैंड चाहिए। उन्होंने ग्रीनलैंड को बर्फ का सुंदर टुकड़ा बताते हुए कहा कि विश्व की सुरक्षा के लिए अमेरिका को ग्रीनलैंड मिलना चाहिए। ट्रंप ने दावोस में तर्क दिया कि अमेरिका के अलावा कोई देश या समूह ग्रीनलैंड की सुरक्षा की गांरटी देने में सक्षम नहीं है। एपी के अनुसार ट्रंप ने अमेरिका के पहले के नेतृत्व की चर्चा करते हुए कहा कि हम बेक्कूफ थे जो हमने जर्मनी से ग्रीनलैंड की रक्षा करने के बाद उसे डेनमार्क को दे दिया। ट्रंप ने डेनमार्क को एह‌सान- फरामोश बताया। उन्होंने कहा कि डेनमार्क सिर्फ छह घंटे की लड़ाई में जर्मनी से हार गया था। वह न तो अपनी रक्षा कर पाया और न ही ग्रीनलैंड की।

यूरोप ने खींची तलवार

सैन्य संगठन नाटो के सदस्य डेनमार्क के स्वायत्त क्षेत्र ग्रीनलैंड को अमेरिका में मिलाने पर आमादा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विरुद्ध यूरोपीय देश मुखर हो गए हैं। यूरोपीय संसद ने ट्रंप की टैरिफ लगाने की धमकियों के विरोध में अमेरिका और यूरोपीय यूनियन (ईयू) के बीच व्यापार समझौते पर अपना काम निलंबित करने का फैसला किया है। यही नहीं, फ्रांस समेत यूरोपीय देशों ने कहा है कि नाटो के सैनिक ग्रीनलैंड में बुद्धाभ्यास करेंगे।

एक तिहाई किसानों का ही बना आई कार्ड

हिन्दुस्तान के अनुसार बिहार में किसानों के निबंधन के लिए चले विशेष अभियान के बावजूद बमुश्किल 29 लाख किसानों का ही निबंधन (फॉर्मर आईडी) हो सका। जनवरी में दो बार में कुल नौ दिनों के विशेष अभियान चलाए गए। फार्मर आईडी नहीं बनाने वाले किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल सकेगा। सूबे में 85 लाख से अधिक किसानों ने पीएम किसान सम्मान योजना के लिए पंजीकरण करा रखा है। यानी, करीब एक तिहाई किसानों की ही आईडी बन पायी। वैसे 65 लाख से अधिक किसानों का ई-केवाईसी हुआ है। अब केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ प्राप्त करने वाले सभी किसानों के लिए फार्मर आईडी को अनिवार्य कर दिया है।

जज के तबादले से वकील बिरादरी में गुस्सा, योगी के खिलाफ लगे नारे

जिला न्यायालय में तैनात मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) विभांशु सुधीर का सुल्तानपुर स्थानांतरण किए जाने पर अधिवक्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा। हिन्दुस्तान के संभल एडिशन में बताया गया है कि बुधवार को बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं ने न्यायालय परिसर में एकत्र होकर जोरदार नारेबाजी की और हाईकोर्ट से इस तबादले को तत्काल रोकने की मांग की। इस रिपोर्ट में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का नाम नहीं लिया गया है लेकिन उनके खिलाफ भी नारे लगे हैं। गौरतलब है कि मंगलवार को हुए न्यायिक फेरबदल में आदित्य कुमार सिंह को संभल का नया सीजेएम नियुक्त किया गया है। सीजेएम के अचानक तबादले की खबर मिलते ही बुधवार सुबह अधिवक्ता लामबंद हो गए। अधिवक्ताओं ने स्थानांतरण पर सवाल उठाते हुए कहा कि सुचारू और निष्पक्ष रूप से कार्य कर रहे अधिकारी का बीच सत्र में तबादला समझ से परे है। उन्होंने सामूहिक रूप से उच्च न्यायालय से गुहार लगाई है कि व्यापक जनहित और न्यायहित को देखते हुए इस स्थानांतरण को निरस्त कर उन्हें यथावत रखा जाए।

10 करोड़ की रंगदारी मांगने के मामले में विधायक अनंत सिंह बरी

पटना सिविल कोर्ट के एमपी-एमएलए की विशेष न्यायिक दंडाधिकारी पंकज कुमार मालवीय ने बुधवार को 10 करोड़ की रंगदारी मांगने के आपराधिक मामले में मोकामा विधायक अनंत कुमार सिंह को बरी कर दिया। यह आपराधिक मामला 11 वर्ष पुराना है, जो विशेष कोर्ट में चल रहा था। बुधवार को बेऊर जेल से मोकामा विधायक अनंत कुमार सिंह को विशेष अदालत में पेश किया गया। विशेष कोर्ट ने साक्ष्य के अभाव में अनंत सिंह को बरी करने का फैसला सुनाया।

वज़न घटाने की दवा खाने से मौत

मदुरई से प्रेस ट्रस्ट की खबर जागरण ने दी है कि इंटरनेट मीडिया पर वायरल हो रहे वजन घटाने के खतरनाक नुस्खों ने एक और जान ले ली। तमिलनाडु के मदुरई में 19 वर्षीय कालेज छात्रा की बोरैक्स सेवन से मौत हो गई। छात्रा ने यह पदार्थ एक इंटरनेट मीडिया वीडियो में बताए गए तरीके के अनुसार वजन कम करने के लिए लिया था। पुलिस के अनुसार, मृतका कलैयारसी प्रथम वर्ष की छात्रा थी और वजन घटाने के उपाय तलाश रही थी। इसी दौरान उसने यूट्यूब पर ‘बोरैक्स से फैट पिघलाएं और शरीर पतला करें’ शीर्षक वाला वीडियो देखा। इससे प्रभावित होकर उसने दवा की दुकान से बोरैक्स खरीदकर उसका सेवन किया था।

एयर फोर्स का लाइट एयरक्राफ्ट तालाब में गिरा, गांव वालों ने पाइलटों को बचाया

हिन्दुस्तान के अनुसार वायुसेना का हल्का विमान बुधवार को तकनीकी खराबी आने पर प्रयागराज में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। दोनों पायलटों ने पैराशूट की मदद से जलकुंभी से भरे तालाब में इसकी क्रैश लैंडिंग कराई। आसपास के लोगों ने जान की परवाह न करते हुए तत्परता दिखाई और दोनों पायलटों को तालाब से बाहर निकाल लाए। तालाब में विमान की क्रैश लैंडिंग होते ही छितपुर और मलाकराज बस्ती में अफरातफरी मच गई। आवाज सुनकर आसपास के लोग घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े। दोनों पायलटों को हाथ हिलाते देख स्थानीय निवासी लाल साहब निषाद, पंकज सोनकर और आलोक यादव बिना समय गंवाए तालाब में उतर गए। कई बीघे में फैले जलकुंभी से भरे तालाब में किसी तरह तीनों विमान तक पहुंचे और पायलटों को सुरक्षित बाहर निकालने का प्रयास शुरू किया। जलकुंभी के कारण एयरक्राफ्ट का दरवाजा नहीं खुल पा रहा था, लेकिन युवकों ने दस मिनट की मशक्कत के बाद गेट खोलकर पायलटों को निकालकर किनारे तक ले आए। दोनों पायलटों ने प्राण रक्षकों को गले लगाकर धन्यवाद दिया।

कुछ और सुर्खियां:

  • इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल ने बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के t20 विश्व कप के मैच श्रीलंका में करने की अपील नहीं मानी
  • बक्सर के राजपुर थाना क्षेत्र में दो बाइकों की आमने-सामने की टक्कर में चार युवकों की मौत
  • पटना विश्वविद्यालय के हथवा हॉस्टल में 40 सुतली बम मिले, सात छात्र गिरफ्तार
  • भारत सरकार ने बांग्लादेश में तैनात राजनीतिकों और अधिकारियों के परिवारों को फिलहाल भारत लौटने की सलाह दी

अनछपी: कोई बुजुर्ग किसी को अपनी जमीन या संपत्ति दान में दे दे तो दान लेने वाले की बुजुर्ग की देखभाल की कोई जिम्मेदारी होगी या नहीं? आमतौर पर इसका जवाब यही होगा कि बुजुर्ग की देखभाल करनी चाहिए लेकिन छत्तीसगढ़ से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसमें दान लेने वाले व्यक्ति ने उसे बुजुर्ग दंपति की देखभाल करने के बदले उन्हें वृद्धाश्रम में रहने को मजबूर कर दिया। एक सवाल यह भी है कि अगर दान देने वाले बुज़ुर्ग ने अपनी देखभाल की शर्त ना रखी हो तो क्या दान लेने वाला इस जिम्मेदारी से आज़ाद हो जाता है? अफसोस की बात यह है कि जो काम इंसानी जिम्मेदारी होनी चाहिए उसके लिए अब अदालतों को फैसला देना पड़ रहा है। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट की एकल पीठ ने दान और उसके एवज में बुजुर्गों की देखभाल की जिम्मेदारी पर फैसला सुनाया है। जस्टिस एके व्यास ने कहा है कि दान देने वाले बुजुर्गों ने भले ही अपनी देखभाल की शर्त ना रखी हो लेकिन दान लेने वाले की यह जिम्मेदारी बनती है कि वह उनकी देखभाल करे। वृद्ध आश्रम में रह रहे बुजुर्ग दंपति को इस मामले में उनकी संपत्ति पर दोबारा कब्जा देने का आदेश देते हुए गिफ्ट डीड को रद्द कर दिया। यह मामला बिलासपुर के कोनी निवासी बुजुर्ग दंपति का है जिन्होंने अपनी संपत्ति भतीजे को इस उम्मीद से दी थी कि वह उनके बुढ़ापे का सहारा बनेगा लेकिन दान लेने वाले ने उन्हें उनके ही घर से बेदखल कर दिया था। उम्मीद है कि हाई कोर्ट का यह फैसला पूरे देश के लिए एक नजीर बनेगा।

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