छ्पी-अनछपी: दो साल की बच्ची मैनहोल में गिरी-मौत, ईरान-अमेरिका में फिर तनाव

बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता दिख रहा और राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि ईरान में सबसे अच्छा सत्ता परिवर्तन होगा। फुलवारी शरीफ में खुले मैनहोल में गिरने से दो साल की बच्ची की मौत हो गई। एकीकृत बिहार में अध्यादेश के माध्यम से नियुक्त मदरसा शिक्षकों को झारखंड सरकार पेंशन देगी।

पहली ख़बर

प्रभात खबर के अनुसार पटना ज़िले के फुलवारीशरीफ के ईसापुर राय चौक इलाके में शनिवार को खुले नाले में गिरने से दो वर्षीय मासूम खदीजा की मौत हो गयी. नाला निर्माण अधूरा था और कई जगह ढक्कन नहीं लगाये गये थे. इसी खुले हिस्से में गिरकर बच्ची तेज बहाव में बह गयी. खदीजा कुछ अन्य बच्चों के साथ घर के बाहर खेल रही थी. वह नगर परिषद के अधीन बने खुले नाले के पास पहुंची और उसमें गिर गयी. नाले में पानी के तेज बहाव में वह कुछ ही क्षणों में लापता हो गयी. सीसीटीवी फुटेज में बच्ची के नाले में गिरने की पुष्टि हुई. लोगों और पुलिस की दो घंटे की मशक्कत के बाद बच्ची को बाहर निकाला गया. उसे एम्स पटना ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया.

ट्रंप ईरान में सरकार बदलना चाहते हैं

भास्कर के अनुसार ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता दिख रहा है। ओमान की राजधानी मस्कट में दोनों देशों के बीच परमाणु समझौते को लेकर बैठक बेनतीजा होती नजर आ रही है। शायद इसी वजह से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प नाराज हो गए हैं। उन्होंने अब कड़ा रुख अपनाते हुए सीधे ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह खामेनेई पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि पिछले 47 वर्षों से ईरान केवल बातचीत को टालने का काम कर रहा है और इस वजह से कई लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। ईरान में सत्ता परिवर्तन ही सबसे अच्छा होगा। ट्रम्प ने एक और अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर ग्रुप के मिडिल ईस्ट भेजने की भी पुष्टि की। ट्रम्प ने बताया कि यूएसएस जेराल्ड आर. फोर्ड को कैरेबियन सागर से मिडिल ईस्ट भेजा जा रहा है, जहां यह पहले से मौजूद यूएसएस अब्राहम लिंकन और अन्य युद्ध पौधों के साथ शामिल होगा।

सभी कोचिंग सेंटर्स की जानकारी थानों में रहेगी

जागरण के अनुसार बिहार में गर्ल्स हास्टल की तरह अब सभी कोचिंग संस्थानों का भी विस्तृत ब्योरा थानास्तर पर रखा जाएगा। इसमें कोचिंग संस्थानों की निबंधन संख्या, संचालक के नाम-पता से लेकर शिक्षकों कर्मियों का पूरा ब्योरा होगा। सभी कोचिंग संस्थानों के शिक्षकों व कर्मियों का पुलिस सत्यापन भी अनिवार्य किया गया है। सभी थानाध्यक्षों को इसकी जिम्मेदारी दी गई है।” पुलिस मुख्यालय ने कोचिंग में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किया है। सभी जिलों के एसएसपी और एसपी को इसका सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित कराने को कहा गया है।

ज़िलों की प्रमुख सड़कें बनेंगी स्टेट हाईवे

हिन्दुस्तान के अनुसार बिहार में स्टेट हाइवे (राज्य उच्चपथ) की लंबाई बढ़ेगी। जिलों की प्रमुख सड़कें राजकीय उच्चपथ में तब्दील होंगी। स्टेट हाइवे (एसएच) के मानकों पर विभाग सूची तैयार कर रहा है। पथ निर्माण विभाग कम से कम तीन हजार किलोमीटर सड़कों को स्टेट हाइवे घोषित करेगा। एसएच घोषित होने से सड़कें कम से कम दो लेन चौड़ी हो जाएंगी। इससे जाम की समस्या से लोगों को मुक्ति मिलेगी। विभागीय अधिकारियों के अनुसार आम तौर पर किसी भी राज्य में शहरी सड़कों में सबसे अधिक मेजर डिस्ट्रिक्ट रोड (एमडीआर-वृहद जिला पथ) होता है। इसके बाद स्टेट हाइवे और फिर नेशनल हाइवे होता है। लेकिन, बिहार में ऐसी स्थिति नहीं है। बिहार में सबसे अधिक एमडीआर की लंबाई 16784 किलोमीटर है।

एकीकृत बिहार के मदरसा शिक्षकों को झारखंड सरकार पेंशन देगी

एकीकृत बिहार में अध्यादेश के माध्यम से नियुक्त मदरसा शिक्षकों को झारखंड सरकार पेंशन देगी। सरकार ने यह जानकारी हाईकोर्ट को दी। इसके बाद जस्टिस आनंद सेन की अदालत ने सरकार के खिलाफ चल रही अवमानना की कार्यवाही को समाप्त कर दिया। मोहम्मद इजामुल हक एवं अन्य सेवानिवृत्त कर्मियों ने इस संबंध में याचिका दायर की थी। सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से अपर महाधिवक्ता सचिन कुमार ने कोर्ट को बताया कि प्रार्थियों की पेंशन से संबंधित दस्तावेज संबंधित विभाग को भेज दिए गए हैं और वे वहां जाकर अपना दावा निष्पादित कर सकते हैं। राज्य सरकार ने स्पष्ट किया कि अदालत के आदेश के अनुसार मदरसा शिक्षकों को पेंशन का लाभ दिया जाएगा।

कुछ और सुर्खियां:

  • टी-20 विश्व कप में आज भारत और पाकिस्तान के बीच कोलंबो में मुकाबला
  • बिहार भूमि पोर्टल आज 10:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक मेंटेनेंस के लिए रहेगा बंद
  • महाशिवरात्रि आज, बिहार पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों को अलर्ट पर रखा
  • बिहार में मैट्रिक परीक्षा 17 फरवरी से, 15 लाख विद्यार्थी होंगे शामिल

अनछपी: सामाजिक तौर पर हम कितने असंवेदनशील हो चुके हैं इसका एक अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है की फुलवारी शरीफ में दो साल की बच्ची खदीजा मैनहोल में गिरकर इस दुनिया से चल बसी लेकिन कोई यह नहीं कह सकता कि अब फुलवारी के सारे मैनहोल ढक दिए जाएंगे और इस तरह के हादसे अब नहीं होंगे। सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या फुलवारी शरीफ नगर परिषद के अध्यक्ष आफताब आलम और कार्यपालक पदाधिकारी दीपक झा इस घटना की जिम्मेदारी लेंगे? दीपक झा यह बात भी स्वीकार करते हैं कि नालों की सफाई के लिए बरसात के पहले ढक्कन हटाया जाता है लेकिन अभी तो बरसात की शुरुआत भी नहीं हुई है तो नाले का ढक्कन क्यों हटा हुआ था? दोनों अधिकारी इस घटना की जिम्मेदारी ठेकेदार पर डाल रहे हैं लेकिन सवाल यह है कि ठेकेदार किनका होता है? फुलवारी में सब लोग यह जानते हैं कि कोई ठेकेदार बिना अधिकारियों की इजाजत के कुछ नहीं करता और अगर वह लापरवाही बरत रहा है तो इसके लिए इजाजत भी उन्हीं की तरफ से मिली हुई होती है। ऐसी घटना के बाद अक्सर कहा जाता है की जांच रिपोर्ट आने के बाद सख्त कार्रवाई होगी लेकिन ना तो जांच रिपोर्ट का पता चलता है और ना ही सख्त कार्रवाई का। यह बात भी याद रखने की है कि अक्सर ऐसी ठेकेदारी सत्ता से करीब रहने वाले लोगों को मिलती है। फिलहाल तो यही लगता है कि ऐसे तमाम खतरों से निपटने के लिए आम लोग खुद ही सावधानी बरतें और नगर परिषद या दूसरे ऐसे संस्थानों से किसी उम्मीद के भरोसे ना रहे।

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