छ्पी-अनछपी: लोकसभा में प्रधानमंत्री को क्या ख़तरा था? अमेरिका-ईरान वार्ता आज
बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि कांग्रेस के सांसद सदन के नेता के आसन के पास पहुंचकर किसी अप्रत्याशित घटना को अंजाम देना चाहते थे। अमेरिका और ईरान ने शुक्रवार को ओमान की राजधानी मस्कट में वार्ता करने पर सहमति जता दी है। बिहार सरकार ने हड़ताली राजस्व अधिकारियों की मांगें मान ली है और उनकी हड़ताल खत्म हो गई।
पहली ख़बर
प्रभात खबर के अनुसार लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव को विपक्ष के हंगामे के बीच प्रधानमंत्री के जवाब के बिना मंजूरी दे दी गयी. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि बुधवार को सदन में कांग्रेस के सांसद सदन के नेता के आसन के पास पहुंचकर किसी अप्रत्याशित घटना को अंजाम देना चाहते थे, इसलिए मेरे अनुरोध पर पीएम नरेंद्र मोदी चर्चा का जवाब देने सदन में नहीं आये. वहीं, पीएम ने गुरुवार को राज्यसभा में राष्ट्रपति अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर हुई चर्चा का जवाब दिय. उन्होंने कांग्रेस और विपक्ष पर निशाना साधा. एक घंटा 27 मिनट के भाषण में कहा कि वे (कांग्रेस) लोकतंत्र की बात करते हैं और ‘मोहब्बत की दुकान’ के साइनबोर्ड लगाते हैं, मगर ‘मोदी तेरी कब्र खुदेगी’ के मंत्र के साथ आगे बढ़ रहे हैं और यही सपना देखते हैं. पीएम ने सवाल किया कि क्या सार्वजनिक जीवन में ऐसी नफरत होती है? पीएम ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस की सरकार रिमोट से चलती थी. रिमोट से मेरी सरकार भी चलती है, मगर मेरा रिमोट 140 करोड़ लोग हैं. मोदी ने राहुल गांधी को लक्ष्य कर कहा कि बुधवार को लोकसभा में जो हुआ, वह कांग्रेस के ‘युवराज’ का शातिर दिमाग था. राहुल का अहंकार चरम पर है.
अमेरिका-ईरान में वार्ता आज
जागरण में वाशिंगटन से रायटर की खबर छ्पी है कि अमेरिका और ईरान ने शुक्रवार को ओमान की राजधानी मस्कट में वार्ता करने पर सहमति जता दी है, हालांकि बातचीत के एजेंडे को लेकर दोनों देशों के बीच मतभेद अभी भी कायम हैं। अमेरिकी पक्ष जहां ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम, क्षेत्रीय समूहों को समर्थन और आंतरिक नीतियों जैसे मुद्दों को भी चर्चा में शामिल करना चाहता है, वहीं तेहरान केवल अपने परमाणु कार्यक्रम तक बातचीत सीमित रखने पर अड़ा हुआ है। यह कूटनीतिक पहल ऐसे समय हो रही है जब पश्चिम एशिया में तनाव चरम पर है और सैन्य गतिविधियां बढ़ी हैं।
मणिपुर में फिर हिंसा
हिन्दुस्तान के अनुसार मणिपुर में नई सरकार गठन के एक दिन बाद गुरुवार को कुकी बहुल चुराचांदपुर जिले में कुकी प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच झड़प हो गई। इसमें दो लोगों को चोटे आई हैं। ये लोग कुकी समुदाय से आने वाली विधायक नेमचा किपगेन के नवगठित सरकार में उप मुख्यमंत्री बनने का विरोध कर रहे थे। अधिकारियों ने बताया, प्रदर्शनकारी नेमचा किपगेन के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे, उन्होंने टायरों में आग लगा दी।
सुप्रीम कोर्ट बिहार में नए सिरे से चुनाव कराने की अर्ज़ी
चुनाव रणनीतिकार से नेता बने प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर बिहार विधानसभा चुनाव- 2025 रद्द करने और राज्य में नए सिरे से चुनाव कराने की मांग की है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ के समक्ष शुक्रवार को इस याचिका पर सुनवाई होगी। दाखिल याचिका में बिहार सरकार पर चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के बाद मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत महिलाओं को 10,000 रुपये हस्तांतरित करके आदर्श संहिता का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है।
राजस्व अधिकारियों की हड़ताल खत्म
भास्कर के अनुसार बिहार सरकार ने हड़ताली राजस्व अधिकारियों की मांगें मान ली। उनकी हड़ताल खत्म हो गई। वे 2 फरवरी से हड़ताल पर थे। हड़तालियों से बातचीत के बाद डिप्टी सीएम व राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा- अब बासा (बिहार प्रशासनिक सेवा) नहीं, बल्कि राजस्व सेवा के अधिकारी ही डीसीएलआर (भूमि सुधार उप समाहर्ता) बनेंगे। बातचीत में जो फैसले हुए, उसकी अधिसूचना 12 फरवरी तक जारी होगी। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा है कि राज्य में विधानसभा चुनाव के बाद विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) होगा। उन्होंने कहा कि जब चुनाव आयोग राज्य में एसआइआर करने का निर्णय लेगा, तो यह बहुत व्यापक और सही तरीके से किया जाएगा।
असम में चुनाव के बाद एसआईआर
जागरण के असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बुधवार को सोनारी में एक कार्यक्रम में कहा कि इस समय असम में मतदाता सूची का विशेष पुनरीक्षण (एसआर) चल रहा है। उन्होंने कहा, यहां, एसआइआर बहुत विस्तृत और विधिवत तरीके से किया जाएगा। मैंने चुनाव आयोग से अभी एसआइआर करने का अनुरोध किया था, लेकिन राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) के प्रकाशित न होने के कारण उन्होंने एसआर किया। अंतिम एनआरसी बाहर कर दिया गया। 31 अगस्त, 2019 को जारी की गई, जिसमें 19,06,657 व्यक्तियों
आरएसी बर्थ पर पूरा टिकट क्यों? संसदीय समिति ने कहा उचित नहीं
हिन्दुस्तान के अनुसार संसदीय समिति का मानना है कि आधी बर्थ देकर रेलवे का पूरा किराया वसूलना यात्रियों के लिए न्यायसंगत नहीं है। ऐसे में रिजर्वेशन अगेंस्ट कैंसिलेशन (आरएसी) टिकट के कंफर्म न होने पर रेलवे को किराये का कुछ हिस्सा यात्री को वापस करने के लिए तंत्र विकसित करना चाहिए। लोक लेखा समिति (पीएसी) ने बुधवार को संसद में पेश अपनी रिपोर्ट में कहा कि आरएसी के तहत टिकटों के लिए पूरा किराया वसूलना, जिसमें चार्ट बनने के बाद यात्री को पूरी बर्थ नहीं मिलती है, उचित नहीं है। मौजूदा प्रणाली में रेलवे आरएसी श्रेणी में सीट बुक करने पर यात्री से पूरा किराया वसूलता है, जबकि यात्री को दूसरे के साथ बर्थ साझा करनी पड़ती है। ऐसे में एक सीट के लिए दो यात्रियों को पूरा किराया देना पड़ता है। समिति ने रेलवे से यात्री को आंशिक किराया वापस करने संबंध में उठाए गए कदमों के बारे में उसे सूचित करने को कहा है।
कुछ और सुर्खियां:
- नॉर्थ ईस्ट में मेघालय के ईस्ट जयंतिया हिल्स जिले में कोयला खदान में विस्फोट होने से 18 मजदूरों की मौत
- गया-कोडरमा रेल खंड पर बदमाशों ने 25 मीटर ट्रैक्शन तार काटकर चोरी की, 3 घंटे तक रही आवाजाही
- पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी सभी 294 सीटों पर अकेले मैदान में उतरेगी
- झारखंड के बोकारो जिले के गोमिया में हाथियों के झुंड ने ली एक ही परिवार के तीन लोगों की जान
- यूक्रेन के राष्ट्रपति का बयान- रूस से युद्ध में अब तक यूक्रेन के बचपन हजार सैनिकों की गई जान
अनछपी: राजनीति कितनी बड़ी नौटंकी है और इसमें सब शब्दों की बाजीगरी कैसे की जाती है इसका एक उदाहरण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में कही गई यह बात है कि लोकसभा में उन्हें सांसदों से खतरा था। यह बात औपचारिक तौर पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कही जो भारतीय जनता पार्टी के ही सांसद हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर जवाब देना था लेकिन उनके पास ऐसी पुख्ता जानकारी थी कि कांग्रेस पार्टी के कई सदस्य नेता सदन के आसन पर पहुंचकर कोई भी अप्रत्याशित घटना को अंजाम दे सकते थे। यानी लोकसभा अध्यक्ष यह कह रहे हैं कि कांग्रेस सांसद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ कोई अप्रिय घटना कर सकते हैं। लोकसभा अध्यक्ष के इस बात के बारे में यह प्रयास लगाया जा सकता है कि दरअसल उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व के साथ मिलकर यह बयान तैयार किया है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक सुरक्षा कवच दे रहे हैं जो कांग्रेस नेता राहुल गांधी के हमले की जद में है। राहुल गांधी ने पूर्व आर्मी के की किताब के हवाले से चीन की घुसपैठ के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सवाल किया था और इस मुद्दे पर सरकार बहुत ही असहज नजर आ रही थी। राहुल गांधी का चुके थे कि प्रधानमंत्री लोकसभा में उनके सवाल का जवाब नहीं देंगे और ठीक वही हुआ हालांकि लोकसभा अध्यक्ष ने इसे किसी और रूप में पेश करते किया। लोकसभा अध्यक्ष के इस बयान पर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने कहा कि यह पूरी तरह से झूठा दावा है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी अब स्पीकर के पीछे छिप रहे हैं। प्रियंका ने स्पष्ट किया कि पीएम पर हाथ उठाने या उन्हें चोट पहुंचाने या ऐसी किसी चीज का कोई सवाल ही नहीं था। राजनीति की इस नौटंकी को समझने के लिए आम लोगों को भी कोशिश करनी चाहिए।
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