छ्पी-अनछपी: चिराग पासवान बिहार में क्या करेंगे? मणिपुर में फिर हिंसा-कर्फ्यू

बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। लोक जनशक्ति पार्टी रामविलास के अध्यक्ष चिराग पासवान ने एक बार फिर चुनाव लड़ने के बारे में ऐसा बयान दिया है जिससे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की परेशानी बढ़ सकती है। मणिपुर में कुछ समय की शांति के बाद एक बार फिर हिंसा हुई है और वहां कई जिलों में कर्फ्यू लगाया गया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी के आरोपों के जवाब में चुनाव आयोग ने कहा है कि अगर वह उसे पत्र लिखें तो जवाब मिलेगा।

और, जानिएगा कि अमेरिका के शहर लॉस एंजेलिस में 33 साल बाद सी क्यों उतारनी पड़ी।

पहली ख़बर

भास्कर के अनुसार केंद्रीय मंत्री और लोजपा (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने रविवार को आर की जनसभा में कहा कि वह विधान विधानसभा का चुनाव लड़ेंगे और सभी 243 सीटों पर लड़ेंगे। चिराग ने आरा के रमना मैदान के मंच से यह ऐलान किया। और मंच से उतरते ही मीडिया से बातचीत में कहा कि वह एनडीए को सभी सीटों पर जीत दिलाने के लिए चिराग बन लड़ेंगे। खुद कहां से लड़ेंगे यह जनता तय करेगी। कहा, उन्हें अपनों ने घर- पार्टी से बाहर किया तब से बिहार की जनता ही उनका परिवार है। वीर कुंवर सिंह स्टेडियम में आयोजित नव संकल्प सभा में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने रविवार को कहा कि यह वर्ष अगले पांच साल के लिए काफी महत्वपूर्ण है।

मणिपुर में फिर हिंसा

प्रभात खबर के अनुसार मणिपुर में मैतेई संगठन अरम्बाई टेंगोल के नेता कान सिंह की गिरफ्तारी को लेकर हिंसक विरोध प्रदर्शन के बाद मणिपुर में कई इलाकों में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। इसके मद्देनजर प्रशासन ने इंफाल घाटी के पांच जिलों में कर्फ्यू लगाया गया है और इंटरनेट सेवाएं निलंबित कर दी गई हैं। इन इलाकों में भी वीसेट और वीपीएन सुविधाओं सहित इंटरनेट और मोबाइल डेटा सेवाएं निलंबित कर दी गई हैं। सीबीआई ने रविवार को मणिपुर के इंफाल एयरपोर्ट से मैतेई संगठन के नेता को गिरफ्तार किया। उसपर 2023 के मणिपुर जातीय हिंसा से जुड़े कई आपराधिक मामलों में शामिल होने का आरोप है। गिरफ्तार नेता को तुरंत गुवाहाटी ले जाया गया जहां उसे कोर्ट में पेश किया जाएगा और पुलिस रिमांड मांगी जाएगी। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर मणिपुर हिंसा के मामलों की जांच सीबीआई कर रही है। इन मामलों की सुनवाई मणिपुर से हटकर गुवाहाटी ट्रांसफर कर दी गई है।

राहुल पत्र लिखें तो जवाब मिलेगा: चुनाव आयोग

जागरण के अनुसार महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में गड़बड़ियों को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी की ओर से लेख के जरिए लगाए गए आरोपों पर चुनाव आयोग ने रविवार को फिर तीखी प्रतिक्रिया दी है। चुनाव आयोग से जुड़े उच्च पदस्थ सूत्रों का कहना है कि यदि राहुल गांधी को लगता है कि मामला बेहद गंभीर है तो उन्हें लिखित में इसकी शिकायत करनी चाहिए। ‘वह ऐसा क्यों नहीं कर रहे हैं यह भी दिलचस्प है। वैसे भी उनकी ओर से नए सिरे से लगाए गए इन आरोपों को 24 घंटे से अधिक समय हो गया है। चुनाव आयोग को इंतजार है कि लिखित में शिकायत मिले ताकि उसका जवाब दिया जा सके।”

95 लाख बच्चों की पोशाक के लिए लगेगा एक करोड़ मीटर कपड़ा

हिन्दुस्तान के अनुसार बिहार के 1.15 लाख आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों की पोशाक जीविका दीदियां बनाएंगी। लगभग 95 लाख बच्चों के लिए एक करोड़ मीटर कपड़ा लगेगा। कपड़े की आपूर्ति के लिए निविदा जारी कर दी गई। चयनित एजेंसी से कपड़ा मिलने के बाद जीविका दीदियां पोशाक तैयार करने में जुट जाएंगी। इसमें राज्य की 30 से 35 हजार जीविका दीदियों को लगाया जाएगा। बता दें कि राज्य के कई जिलों में जीविका दीदियों का सिलाई सेंटर जानकी स्टिचिंग प्रोड्यूसर कंपनी के नाम से चल रहा है। इस कंपनी में मुख्यत: सिलाई कढ़ाई का काम होता है। अब ये कंपनी आंगनबाड़ी केंद्र के बच्चों की पोशाक तैयार करेगी। अबतक इस कंपनी से राज्यभर की 15 हजार जीविका दीदियां जुड़ी हैं।

जनगणना के साथ महिलाओं की सीटों का रिजर्वेशन भी लागू होगा

जागरण के अनुसार 1 मार्च 2027 को जनगणना पूरी होने के बाद लोकसभा और विधानसभाओं की सीटों का परिसीमन किया जाएगा। इस परिसीमन में न केवल लोकसभा और विधानसभाओं की सीटें बढ़ेंगी बल्कि महिलाओं के लिए एक तिहाई सीटों का आरक्षण भी लागू किया जाएगा। इस संबंध में सांसद पहले ही महिला आरक्षण विधायक 2023 को पारित कर चुकी है। दक्षिण के राज्यों की जनसंख्या वृद्धि पर प्रभावी नियंत्रण के कारण लोकसभा में हिस्सेदारी कम होने की आशंका को नए परिसीमन में ध्यान में रखा जाएगा।

लॉस एंजेलिस में 33 साल बाद सी उतर गई

भास्कर के अनुसार अमेरिका के लॉस एंजेलिस शहर में अवैध प्रवासियों की धर पकड़ के लिए इमीग्रेशन के छापों के खिलाफ दंगे के हालात बन गए हैं। कई जगह आगजनी, पथराव और नारेबाजी हुई है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने लॉस एंजेलिस में सी नेशनल गार्ड के 2000 जवान उतारे हहैं। बता दें कि इससे पहले 1992 में लॉस एंजेलिस दंगों से निपटने के लिए तत्कालीन राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने सेना उतारी थी।

 कुछ और सुर्खियां:

  • इलाहाबाद हाई कोर्ट के जज जस्टिस शेखर यादव के विवादास्पद भाषण मामले की सुप्रीम कोर्ट जांच नहीं करेगा
  • 2022 से पहले एक साथ हासिल की गई दो डिग्रियां भी अब मान्य होंगी: यूजीसी
  • पटना के अशोक राजपथ पर बने बिहार के पहले डबल डेकर पुल पर 11 जून से दौड़ेंगी गाड़ियां
  • रेपो दर में कमी के बाद बैंक ऑफ़ बड़ोदा और एचडीएफसी बैंक ने ब्याज दर घटाई
  • फ्रेंच ओपन में पुरुष एकल के किताबी मुकाबले में नंबर एक खिलाड़ी यानिक सीनियर को हराकर कार्लोस अल्काराज़ चैंपियन बने रहे

अनछपी: बिहार विधानसभा 2025 का चुनाव जैसे-जैसे करीब आता जा रहा है चिराग पासवान अपने बयानों से इसे दिलचस्प बनाते जा रहे हैं। 2020 के विधानसभा चुनाव में चिराग पासवान ने एनडीए में रहते हुए एनडीए से अलग चुनाव लड़ा और उसका सबसे बड़ा खमियाजा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड को भुगतना पड़ा था। चिराग पासवान अपने बयान की शिद्दत को धीरे-धीरे बढ़ा रहे हैं। पहले तो उन्होंने यह बयान दिया कि बिहार उनको बुला रहा है और उनका दिल दिल्ली में नहीं लगता और अगली बार से वह विधानसभा का चुनाव लड़ेंगे। फिर इस बयान में महत्वपूर्ण बदलाव आया और उन्होंने कहा कि पार्टी चाहेगी तो वह इस साल भी चुनाव लड़ेंगे। अब स्थिति यह है कि वह इसी साल चुनाव लड़ेंगे और अपने बयानों से यह जतला रहे हैं कि उनकी तैयारी सभी 243 सीटों पर चुनाव लड़ने की है। इससे साफ तौर पर यह लगता है कि वह नीतीश कुमार को इस बार बिना बोले चुनौती दे रहे हैं। 2020 के चुनाव में तो उन्होंने साफ तौर पर नीतीश कुमार का विरोध किया था लेकिन इस बार ऐसा लगता है कि वह यह बात सीधे तौर पर नहीं कहेंगे। इस बयानबाजी में जो सबसे अहम बात है वह यह है कि बिहार में शायद ही कोई होगा जो यह नहीं मानता होगा कि यह सब कुछ भारतीय जनता पार्टी के इशारे पर हो रहा है। फिलहाल तो राजनीतिक पर्यवेक्षक यह मान रहे हैं कि यह सब कुछ दरअसल एनडीए के अंदर सीट बंटवारे में दबाव डालने के लिए हो रहा है। इस समय चर्चा में यह बात है कि भारतीय जनता पार्टी एनडीए में सबसे ज्यादा सीटों पर लड़ना चाहती है और नीतीश कुमार को अपने बराबर सीट नहीं देना चाहती जबकि नीतीश कुमार की पार्टी बराबर बराबर सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती है। बिहार की राजनीति में अगर नीतीश कुमार लंबे समय से टिके हुए हैं तो चिराग पासवान पिछले 5 सालों से उनके लिए सर दर्द बने हुए हैं। नीतीश कुमार की सेहत दिन-ब-दिन गिर रही है और चिराग पासवान का दबाव दिन-ब-दिन बढ़ रहा है। यह देखना दिलचस्प होगा कि बिहार के चाणक्य कहे जाने वाले नीतीश कुमार चिराग पासवान की चुनौती से इस बार कैसे निपटते हैं जिसमें चिराग को भाजपा का भी साथ है।

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