छ्पी-अनछपी: झारखंड में ऐलान- वक़्फ़ कानून लागू नहीं करेंगे, रूस के हमले में 34 की मौत

बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बाद अब झारखंड में ऐलान हुआ है कि वहां वक़्फ़ कानून लागू नहीं होगा। रूस के यूक्रेन पर हमले में 34 लोगों की मौत हो गई। तमिलनाडु के राज्यपाल जय श्री राम के नारे लगवाने पर विवादों में घिर गए हैं। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक कार्यक्रम में कहा कि उन्होंने सभी जाति धर्म के लोगों के लिए काम किया है। बिहार पुलिस में चालीस साल तक एक ही सर्टिफिकेट पर ममेरे- फुफेरे भाइयों ने नौकरी की।

और, जानिएगा कि एंटीबायोटिक के बेअसर होने से 36 लाख बच्चों की जान चली गयी है।

हिन्दुस्तान के अनुसार झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी ने कहा है कि राज्य में वक्फ कानून लागू नहीं होगा। शनिवार को धनबाद के सरायढेला स्थित कोलाकुसमा में एक निजी कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे मंत्री पत्रकारों से बात कर रहे थे। उन्होंने कहा कि वक्फ कानून के चलते बंगाल में हिंसा हो रही है। झारखंड के लोगों में भी इसपर आक्रोश है। भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि यह पार्टी उनके कौम के खिलाफ साजिश कर अशांत कर रही है। भाजपा के पास हमारे कौम का न तो कोई मंत्री है, न विधायक और न ही कोई सांसद है, ऐसे में वे हमारी कौम के लिए हितैषी बनने का दिखावा क्यों कर रहे हैं।

मदनी बोले- वक़्फ़ कानून वापस ले केंद्र

प्रभात खबर के अनुसार जमीयत उलमा ए हिंद ने केंद्र सरकार पर संविधान और उसकी मूल अवधारणा का उल्लंघन करने का आरोप लगाते हुए वक़्फ़ अधिनियम को वापस लेने की मांग की। नई दिल्ली में जमीयत प्रमुख मौलाना महमूद मदनी ने कहा कि वक़्फ़ कानून के जरिए मुसलमान को दूसरे दर्जे का नागरिक बनाने का कुत्सित प्रयास किया जा रहा है। मदनी की अध्यक्षता में रविवार को हुई संगठन की कार्य समिति की बैठक में वक्फ संशोधन अधिनियम के खिलाफ प्रस्ताव पारित किया गया। इस दौरान मदनी मदनी ने कहा कि सरकार वक्फ संशोधन अधिनियम वापस ले। उन्होंने दावा किया कि बहुलतावाद की अनदेखी करके जो भी कानून बनाया जाएगा, उसका सीधा असर देश की एकता और अखंडता पर पड़ेगा।

मुर्शिदाबाद में पलायन

हिन्दुस्तान के अनुसार पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में सांप्रदायिक हिंसा के बाद सैकड़ों लोग पलायन कर गए। अधिकारियों का दावा है कि हालात बिगड़ने के बाद प्रभावित लोग घर छोड़कर भागने को मजबूर हो गए, जिन्हें मालदा में शरण दी गई है। स्थानीय प्रशासन ने दंगा प्रभावित परिवारों को मालदा के स्कूलों में ठहराया है, जहां पर उनके लिए भोजन की व्यवस्था की है।

भाजपा व टीएमसी आमने-सामने

पश्चिम बंगाल के हिंसाग्रस्त मुर्शिदाबाद जिले के लोगों की कथित तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद सत्तारूढ़ टीएमसी और भाजपा आमने-सामने आ गए। टीएमसी की राज्यसभा सांसद सागरिका घोष और प्रवक्ता कुणाल घोष ने आरोप लगाया कि भाजपा इंटरनेट पर हिंसा और आगजनी की फर्जी तस्वीरें और वीडियो डाल रही है और उन्हें पश्चिम बंगाल में होने वाली घटना बता रही है। यह भाजपा का झूठ और ध्रुवीकरण की राजनीति है। वहीं, मुर्शिदाबाद में हिंसा पर पश्चिम बंगाल के विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने पोस्ट में लिखा, टीएमसी के शासन में कट्टरपंथी तत्वों का हौसला बढ़ा है।

उत्सव मना रहे यूक्रेनियों पर रूस का मिसाइल हमला, 34 लोग मरे

जागरण के अनुसार अब यूक्रेन का सूमी इलाका रूस के निशाने पर है। रविवार को रूस के मिसाइल हमले में दो बच्चों समेत 34 लोग मारे गए और 117 घायल हुए। दो बैलिस्टिक मिसाइल से रूसी हमला तब हुआ तब सूमी शहर के लोग पाम संडे उत्सव मनाने के लिए एकत्रित हुए थे। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेन्सकी ने इस हमले के वैश्विक जवाब का आह्वान किया है। कहा कि बातों से मिसाइल और बमों के हमले बंद नहीं होंगे। जो काम रूस कर रहा है वह केवल आतंकवादी ही कर सकते हैं। घटना के बाद के जो वीडियो सामने आए हैं उनमें फायर ब्रिगेड कर्मी आग बुझाते और मलबे से लोगों को निकलती दिखाई दे रहे हैं।

जय श्री राम के नारे लगवाने पर तमिलनाडु के राज्यपाल विवादों में घिरे

जागरण के अनुसार तमिलनाडु के मदुरई जिले स्थित त्यागराजार इंजीनियरिंग कॉलेज के एक कार्यक्रम के दौरान छात्रों से जय श्री राम का नारा लगाने के राज्यपाल आर्यन रवि के आह्वान से एक नया विवाद खड़ा हो गया है। कार्यक्रम में रवि मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद थे। उन्होंने अपने संबोधन के अंत में जय श्री राम का नारा लगाया और छात्रों से भी ऐसा करने के लिए कहा। हाल ही में राज्यपाल को सुप्रीम कोर्ट ने राज्य विधान मंडल द्वारा पारित 10 विधायकों पर कार्रवाई न करने के लिए फटकार लगाई थी। कांग्रेस विधायक जम हसन मौलाना ने कहा कि वह एक संवैधानिक पद पर आसीन हैं, इसलिए इस तरह की टिप्पणी उन्हें शोभा नहीं देती। शिक्षाविदों के एक संगठन स्टेट प्लेटफॉर्म फॉर कॉमन स्कूल सिस्टम-तमिलनाडु ने आरोप लगाया है कि राज्यपाल ने छात्रों से नारे लगाने के लिए कहकर अपने पद की शपथ और धर्मनिरपेक्ष सिद्धांतों का उल्लंघन किया है।

सबके लिए काम किया: नीतीश

जागरण के अनुसार पटना स्थित बापू सभागार में जदयू द्वारा बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की जयंती पर आयोजित भी संवाद कार्यक्रम में रविवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि जब से उन्हें काम करने का मौका मिला है वह सभी वर्गों के लिए काम कर रहे हैं। हाल ही में प्रगति यात्रा के दौरान उन्होंने सभी जगह का भ्रमण किया उस यात्रा के दौरान अलग-अलग जगह पर जो कमियां देखीं, उसके समाधान का निर्णय लिया गया। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि अगड़ी जाति के लिए भी उनका काम रहा है।

एक नाम, एक पैन पर दो रिश्तेदारों की नौकरी

प्रभात खबर के अनुसार बिहार पुलिस में एक चौका आने वाला मामला आया है। जात में पाया गया है कि एक ही नाम जन्म तिथि पता और पहचान दस्तावेजों के आधार पर दो अलग-अलग लोग बिहार पुलिस में नौकरी करते रहे और बिना किसी रुकावट के दारोगा पद से रिटायर भी हो गए।अब आर्थिक अपराध इकाई ने राजेंद्र सिंह के खिलाफ विभिन्न आपराधिक धाराओं में केस दर्ज किया है। शिवहर के एसपी की पहल पर की गई जांच में पता चला कि विक्रम सिंह नामक दो पुलिस सब इंस्पेक्टर (एक गया जिले में और दूसरा शिवहर से) एक ही जन्म तिथि और अन्य दस्तावेज के आधार पर पुलिस सेवा में थे। जांच में सामने आया कि शिवहर से रिटायर हुआ व्यक्ति असल में कैमूर के रामगढ़ का राजेंद्र सिंह है। उसने अपने फुहेरे भाई विक्रम सिंह की पहचान और शैक्षणिक दस्तावेजों का उपयोग कर 12 में 1982 को रोहतास जिला बाल में सिपाही के पद पर नियुक्ति ली थी।

एंटीबायोटिक बेअसर, 30 लाख बच्चों की जान गई

हिन्दुस्तान के अनुसार संक्रमण से स्वस्थ करने के लिए दी जाने वाली एंटीबायोटिक दवाओं का असर नहीं होने से दुनिया में 30 लाख से अधिक बच्चों की मौत हो गई। नए अध्ययन में इस बात का खुलासा किया गया। यह अध्ययन ऑस्ट्रिया के वियना शहर में ‘ईएससीएमआईडी ग्लोबल 2025’ कार्यक्रम के दौरान पेश किया गया। इसमें दक्षिण-पूर्व एशिया और अफ्रीका जैसे इलाकों में बच्चों के इलाज में गंभीर समस्या को लेकर चिंता जताई गई। 2022 में अकेले दक्षिण-पूर्व एशिया में 7.5 लाख और अफ्रीका में 6.6 लाख बच्चों की मौत एएमआर से जुड़ी जटिलताओं के कारण हुई।

कुछ और सुर्खियां:

  • खरमास खत्म हुआ, शादी विवाह फिर से शुरू, अप्रैल, मई और जून में 58 दिन लग्न के
  • पूर्व मंत्री वृशिण पटेल जन सुराज पार्टी में शामिल हुए
  • बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती से माफी मांगने के बाद भतीजे आकाश आनंद को एक और मौका दिया, पार्टी में वापसी
  • कर्नाटक में बच्ची की अपहरण कर हत्या, एनकाउंटर में मर गया पटना का अपराधी रितेश

अनछपी: कभी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए टाइम जैसी प्रतिष्ठित मैगजीन में डिवाइडर इन चीफ शीर्षक से कवर स्टोरी छपी थी तो भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने बहुत हंगामा किया था। यही नहीं उस रिपोर्ट के लेखक को भारतीय नागरिकता संबंधी जो छूट मिली हुई थी वह भी वापस ले ली गई। बात केवल हिंदू-मुसलमान या धर्म के आधार पर समाज को बांटने की ही नहीं बल्कि समाज के सभी वर्गों में फूट डालने की नीति है। ऐसे में हिंदू समाज भी इससे नहीं बच सकता था और अब देवघर से खबर आई है कि गोवर्धन मठ पुरी पीठ के जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में देश में संत भी खेमे में बंट गए हैं। उन्होंने कहा कि देश में संतों की हालत भाजपाई संत, सपाई संत व बसपाई संत जैसी हो गई है। याद रखने की बात यह है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विचारधारा आरएसएस की विचारधारा है और उसके बारे में यह आरोप लगता है कि यह पूरी तरह विभाजनकारी है, समाज को बांटने वाला है और नफरत फैलाने वाला है। आरएसएस की नफरत फैलाने वाली बातों में एक बात यह भी शामिल है कि वह पूर्वजों और वंशजों की बात करता है यानी एक तरह से वंशवाद का समर्थन है। यहां यह बताना जरूरी है कि भारत को भारतीय संविधान के अनुसार चलना है और संविधान में पूर्वज और वंशज के नाम पर कोई विभेद नहीं किया गया है। ऐसे में इस विभाजनकारी बात के लिए कायदे से संविधान विरोध का केस होना चाहिए लेकिन सत्ता के संरक्षक पर कोई मुकदमा नहीं होगा, यह बात सबको आसानी से समझ में आती है। अब हिंदू धर्म के एक प्रमुख नेता ने भी इस बात पर चिंता जताई है कि मोदी के शासनकाल में संतों को भी खेमों में बांट दिया गया है। उनकी बात पर हिंदू समाज को मंथन करना चाहिए और सामाजिक एकता की बात को बढ़ावा देना चाहिए।

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