बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। बॉम्बे हाई कोर्ट के एक जज ने लंबे समय से चली आ रही लोगों की उस शिकायत को शब्द दिए हैं जिसमें विरोध की आवाज़ को दबाने की बात कही जा रही है। पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने अंततः बीस साल के अपने सरकारी बंगला को छोड़ दिया है।
और, जानिएगा कि पटना के कोतवाली परिसर में लंबे अर्से से हो रही जुमे की नमाज अब अदा नहीं होगी।
पहली ख़बर
भास्कर के अनुसार बॉम्बे हाई कोर्ट ने गुरुवार को मुंबई पुलिस को कड़ी फटकार लगाई। जस्टिस माधव जामदार ने मौखिक टिप्पणी की। कहा- ‘सभी नागरिकों को भारत सरकार का गुलाम बनाया जा रहा है, वे विरोध प्रदर्शन नहीं कर सकते, वे आंदोलन नहीं कर सकते-यह सब क्या है? अब इतने सारे पेपर लीक हुए हैं। अगर लोग विरोध करेंगे, तो आप केस थोप देंगे… यह क्या है? विरोध करना नागरिकों का अधिकार है… याचिकाकर्ता ने केवल ‘भाजपा सरकार मुर्दाबाद’ जैसे नारे लगाए हैं… नागरिक ऐसे नारे क्यों नहीं लगा सकते? ऐसे नारों के लिए तड़ीपार के आदेश क्यों?’ पुलिस ने ‘सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया’ के महासचिव सईद अहमद अब्दुल वाहिद चौधरी 49) के खिलाफ तड़ीपार का आदेश जारी किया था। सईद सीएए व ज्ञानवापी विवाद सहित केंद्र के विभिन्न फैसलों के खिलाफ लगातार मोर्चे और धरने कर रहे थे।
राबड़ी देवी ने 20 साल बाद सरकारी बंगला छोड़ा
हिन्दुस्तान के अनुसार बीस वर्ष बाद पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद का आवासीय पता बदल गया है। दस संर्कुलर रोड आवास खाली कर गुरुवार को राबड़ी देवी पूरे परिवार के साथ कौटिल्य नगर स्थित निजी आवास में शिफ्ट कर गई हैं। लालू प्रसाद और राबड़ी देवी अब कौटिल्य नगर आवास में ही रहेंगे। इस तरह राजद की राजनीति का केंद्रबिंदु भी अब बदल गया है। दस सर्कुलर रोड आवास में अब कुछ घरेलू सामान और चंद गाड़ियां ही बची हैं। नवंबर 2025 में नई सरकार बनने के बाद राबड़ी देवी को 39, हार्डिंग रोड आवास आवंटित किया गया था।
प्रशांत किशोर बांकीपुर विधानसभा से उपचुनाव लड़ेंगे
जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर बांकीपुर विधानसभा से उपचुनाव लड़ेंगे। वह पहली बार किसी चुनाव में बतौर उम्मीदवार उतरेंगे। पूर्व विधायक और पार्टी के वरिष्ठ नेता किशोर कुमार मुन्ना ने गुरुवार को पूछे जाने पर यह जानकारी दी। कहा कि बांकीपुर की जनता की इच्छा को देखते हुए पार्टी ने निर्णय लिया है कि प्रशांत किशोर उम्मीदवार होंगे। प्रशांत किशोर ने दो अक्टूबर 2024 को जन सुराज पार्टी का गठन किया था। इसके बाद से वह लगातार बिहार में राजनीतिक रूप से काफी सक्रिय हैं। उन्होंने लागातार कई दिनों तक बिहार के जिलों का दौरा किया।
बांकीपुर उपचुनाव के लिए 30 जुलाई को मतदान, 3 अगस्त को रिज़ल्ट
बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र में उपचुनाव को लेकर 30 जुलाई को मतदान होगा। तीन अगस्त को चुनाव परिणाम घोषित किए जाएंगे। गुरुवार को चुनाव आयोग ने तीन राज्यों की तीन सीटों के उपचुनाव की घोषणा की। इनमें बिहार की बांकीपुर के अलावा एमपी की दतिया एवं गुजरात की मंजालपुर सीट शामिल है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के इस्तीफे से यह सीट खाली हुई है। छह जुलाई को अधिसूचना जारी होने के साथ नामांकन शुरू होगा। 13 जुलाई तक नामांकन पत्र दाखिल होगा। 14 को स्क्रूटिनी जबकि 16 जुलाई तक नामांकन पत्र वापस लिये जा सकेंगे।
शिक्षा विभाग के अवर सचिव घूस लेते पकड़े गए
प्रभात खबर के अनुसार बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने गुरुवार को कार्रवाई करते हुए शिक्षा विभाग के वेतन सत्यापन कोषांग में तैनात अवर सचिव अमोद मिश्रा को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया. जानकारी के अनुसार, नालंदा जिले के बिहारशरीफ (नयीसराय) निवासी उमा शंकर उमरेबी ने निगरानी ब्यूरो से शिकायत की थी कि उनका बकाया एरियर भुगतान लंबे समय से लंबित है. आरोप था कि फाइल आगे बढ़ाने और एरियर भुगतान कराने के एवज में अवर सचिव अमोद मिश्रा ने 20 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की थी.
दो बच्चों की हत्या में मां और उसके प्रेमी को फांसी की सज़ा
भास्कर के अनुसार झंझारपुर व्यवहार न्यायालय ने गुरुवार को दो मासूम बच्चों की हत्या के मामले में मां अनिता कुमारी और उसके प्रेमी जय प्रकाश मंडल को फांसी की सजा सुनाई। जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय अभिषेक रंजन ने अपराध को ‘दुर्लभतम से दुर्लभ’ श्रेणी का मानते हुए मृत्युदंड दिया। झंझारपुर कोर्ट के इतिहास में यह पहला मामला है, जिसमें किसी दोषी को फांसी की सजा सुनाई गई हैं। अंधरामठ थाना क्षेत्र के नरही गांव निवासी प्रमोद कुमार साफी की पत्नी अनिता कुमारी 3 जुलाई 2023 को अपने दो बच्चों के साथ घर से निकली थी। उसने अपने प्रेमी जय प्रकाश मंडल के साथ मिलकर चार वर्षीय बेटे प्रिंस और डेढ़ वर्षीय बेटी सृष्टि की गर्दन मरोड़कर हत्या कर दी। इसके बाद दोनों ने साक्ष्य मिटाने के लिए शवों को बलान नदी के खाप पुल से नीचे फेंक दिया। अदालत ने दोनों को धारा 302 के तहत मृत्युदंड और 50-50 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई।
शिकायत के बाद कोतवाली परिसर में नमाज़ बंद की गई
हिन्दुस्तान के अनुसार कोतवाली परिसर में अब जुमे की नमाज अदा नहीं होगी। थाना से सटे मस्जिद के अंदर ही नमाज अदा होगी। पुलिस और मस्जिद कमेटी के बीच आपसी सहमति से यह निर्णय लिया गया है। कोतवाली थाना परिसर में वर्षों से जुमे की नमाज अदा की जाती थी। हाल ही में पुलिस अधिकारी, जामा मस्जिद प्रबंधन और स्थानीय लोगों के बीच इस विषय पर बैठक हुई थी। किसी ने राज्य सरकार द्वारा संचालित सहयोग पोर्टल पर इसकी शिकायत की थी कि कोतवाली थाना परिसर के अंदर नमाज अदा करने के कारण पुलिस के कामकाज और लोगों पर असर हो रहा है। फरियादी को भी परेशानी होती है।
कुछ और सुर्खियां:
- भोजपुर में अदालत में गवाही देकर लौट रहे चाचा भतीजे को गोली मारी, चाचा की मौत
- होमस्टे के लिए बिहार के 16 जिलों में 34 पर्यटन स्थल चुने गए
- पटना में आईएसबीटी से मलाही पकड़ी तक पहली बार चली मेट्रो रेल
- कर्नाटक के बेंगलुरु शहरी जिले में पत्थर खदान में ग्रेनाइट चट्टान गिरने से सात मजदूरों की
अनछपी: अखबारों में और आमतौर पर मीडिया में खबरों को कैसे दबाया जाता है यह उजागर करने की हम लगातार कोशिश करते रहे हैं और ऐसे ही एक कोशिश आज भी कर रहे हैं। बॉम्बे हाई कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार के एक विवादास्पद फैसले के बारे में जो टिप्पणी की उसे एक अखबार ने तो ढंग से छापा, दूसरे ने आखिरी पन्ने के आखिरी हिस्से में। बाक़ी दो हिंदी अखबारों में यह खबर नज़र नहीं आई। जिस अखबार ने यह ख़बर छापी उसने भी उससे अमित शाह मुर्दाबाद वाला हिस्सा एडिट कर दिया। दरअसल मुंबई पुलिस ने सोशलिस्ट डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया के महासचिव सईद अहमद अब्दुल वहीद चौधरी को एक वर्ष के लिए शहर और उपनगरों से निष्कासित करने का आदेश दिया था। बॉम्बे हाईकोर्ट ने उस आदेश को को न केवल रद्द बल्कि कोर्ट ने यह कहा कि केवल सरकार के खिलाफ प्रदर्शन या नारे लगाने के आधार पर किसी नागरिक को उसके अपने शहर से बाहर नहीं किया जा सकता. न्यायमूर्ति माधव जामदार की एकल पीठ ने टिप्पणी की कि लोकतंत्र में नागरिकों को सरकारी नीतियों के खिलाफ आवाज उठाने, प्रदर्शन करने और आंदोलन करने का संवैधानिक अधिकार है। कोर्ट ने पुलिस की कार्रवाई को पुलिस शक्तियों का दुर्भावनापूर्ण इस्तेमाल भी बताया। कोर्ट ने भारतीय राजनीति में पाला बदलने को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने सईद अहमद को भी पाला बदल लेने की सलाह दी… उन्होंने कहा, “वैसे भी पूरे महाराष्ट्र में हॉर्स ट्रेडिंग चल रही है। आपके (सईद अहमद) खिलाफ कुछ एफआईआर हैं… पाला बदलने पर विचार करें, वहां एक वॉशिंग मशीन है।” सवाल यह है कि मीडिया कोर्ट की ऐसी टिप्पणियों को कब तक आम लोगों की चर्चा से क्यों दूर रखता है और कब तक दूर रखेगा? ऐसे में वैकल्पिक मीडिया और आम जनता की ज़िम्मेदारी बनती है कि ऐसी टिप्पणियों को खूब प्रचारित प्रसारित किया जाए।
38 total views