छपी-अनछ्पी: तीन पार्टियों में सेंध लगाने की भाजपा की चाल, अब स्टेट हाईवे पर भी टोल

बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। महिला आरक्षण व परिसीमन से जुड़े बिल पर लोकसभा में जीत के लिए भाजपा ने संसद में दो-तिहाई बहु जुटाने की चाल तेज कर दी है। एनएच की तर्ज पर बिहार सरकार राज्य की सड़कों और बड़े पुलों के साथ बाईपास पर भी टोल टैक्स वसूलेगी।

और, पढ़िएगा कि 117 हस्तियों ने भारत और पाकिस्तान को दुश्मनी छोड़ बातचीत अपनाने को कहा। 

पहली ख़बर

भास्कर के अनुसार भाजपा के शीर्ष रणनीतिकार सियासी तस्वीर बदलने के लिए ‘मिशन 360’ में जुटे हैं। 17 अप्रैल को महिला आरक्षण व परिसीमन से जुड़े बिल पर लोकसभा में झटका लगने के बाद ही भाजपा ने संसद में दो-तिहाई बहु जुटाने की रणनीति तेज कर दी थी। पार्टी का फोकस केवल इसी विधेयक तक सीमित नहीं बल्कि ‘एक देश-एक चुनाव’ और न्यायिक सुधारों जैसे बड़े संवैधानिक बदलावों के लिए जरूरी ‘सुपर मेजोरिटी’ हासिल करने पर है। इसके लिए भाजपा विपक्षी दलों में टूट, नए सहयोगी जोड़ने और जरूरत पड़ने पर मतदान के समय विपक्ष की गैरहाजिरी जैसे विकल्पों पर नजर रखे है। इसे संसद के मानसून सत्र तक पूरा करने का टारगेट है। हाल ही में टीएमसी के 20 सांसदों के अलग होकर एनडीए को समर्थन करने और शिवसेना (उद्धव) के 6 सांसदों के शिंदे गुट में शामिल होने के बाद इस कयास को और बल मिल गया है। हालांकि इस जोड़तोड़ के बावजूद दो-तिहाई बहुमत के लिए 41 और सांसदों की जरूरत है। इसके लिए भाजपा की (शरद) जैसे दलों पर की है। महाराष्ट्र भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने दावा किया कि शरद पवार के 8 सांसदों में उनकी बेटी सुप्रिया सुले के अलावा बाकी 7 भाजपा के साथ हैं।

अब बिहार में स्टेट हाईवे पर भी टोल टैक्स लगेगा

जागरण के अनुसार राष्ट्रीय उच्च मार्गों की तर्ज पर प्रदेश सरकार राज्य की सड़कों और बड़े पुलों के साथ बाइपास पर भी टोल टैक्स वसूलेगी। सरकार ने बिहार सरकार के स्वामित्व वाले पथ अवसंरचनाओं पर पथ उपयोगकर्ता शुल्क (दरों का निर्धारण एवं संग्रहण) नियमावली, 2026 स्वीकृत कर दी है। इसके तहत राज्य सरकार की सड़कों, बड़े पुलों और बाईपास से गुजरने वाले वाहनों से श्रेणी के अनुसार टोल लिया जाएगा। हल्के मोटर वाहनों के लिए आधार दर 1.25 रुपये प्रति किलोमीटर तब की गई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में इस प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई। बैठक में कुल 29 प्रस्ताव स्वीकृत किए गए।

सोमनाथ यात्रा कराएगी बिहार सरकार

सोमनाथ स्वाभिमान पर्व एक हजार साल की अटूट आस्था की परिकल्पना के अंतर्गत कला एवं संस्कृति विभाग की तरफ से सोमनाथ यात्रा कराई जा रही है। 20 जुलाई से शुरू हो रही इस यात्रा में 1100 श्रद्धालुओं के साथ विशेष ट्रेन पटना से सोमनाथ के लिए प्रस्थान करेगी तथा दो दिवसीय सोमनाथ भ्रमण के उपरांत वापसी करेगी। इस यात्रा के आयोजन के लिए मंत्रिमंडल 2.50 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की है।

हज के लिए अगले साल से पटना और गया से भी फ्लाइट

हिन्दुस्तान के अनुसार बिहार के आजमीन ए हज अगले वर्ष से पटना एयरपोर्ट से पहली बार सीधे जद्दा-मदीना के लिए यात्रा कर सकेंगे। वर्ष 2027 में पटना से यह सुविधा शुरू होगी। इस यात्रा में करीब सात घंटे का समय लगेगा। पटना एयरपोर्ट से वर्ष 2011 तक हज के लिए यात्रा लोग करते थे, लेकिन उस समय यात्रियों को कोलकाता होते हुए सऊदी अरब जाना पड़ता था। अब यह परेशानी समाप्त हो जाएगी। बुधवार को अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के अनुसार, पटना एयरपोर्ट के पास ही हज भवन होने से यात्रियों को बड़ी सुविधा मिलेगी। विभाग के अनुसार गयाजी एयरपोर्ट से भी 2027 में हज आने-जाने की यात्रा शुरू होगी। यहां 2012 से 2025 तक सीधी उड़ानें संचालित होती रहीं। वर्ष 2026 में यात्रियों की संख्या कम होने के कारण ऑपरेशन रद्द कर दिया गया था।

होर्मुज पर टोल वसूली पर आगे बढ़ा ईरान

भास्कर के अनुसार अमेरिका-ईरान में जारी सीजफायर के बीच होर्मुज स्ट्रेट पर नया टकराव शुरू हो गया है। अब ओमान ने यहां टोल वसूली का ऐलान किया है। ईरान पहले से ही होर्मुज में टोल वसूलने की बात कर रहा था। अब ओमान ने सिंगापुर-मलक्का स्ट्रेट मॉडल पर इस दिशा में कदम बढ़ाया है। ओमान ने अमेरिका व पश्चिमी देशों को प्रस्ताव भेजा है। इसमें शिपिंग कंपनियों से सर्विस फीस लेने की बात कही गई है। ओमान इसे टोल नहीं, बल्कि सुरक्षित मार्ग, प्रदूषण रोकने और समुद्री आपात स्थितियों से जुड़ी सेवाओं का खर्च बता रहा है। अमेरिका ने कड़ा विरोध जताया है। ईरान ने कहा है कि होर्मुज अब युद्ध से पहले वाली स्थिति में नहीं लौटेगा।

“दुश्मनी छोड़ बातचीत अपनाएं भारत-पाक”

प्रभात ख़बर के अनुसार भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़े तनाव के बीच दोनों देशों की 117 प्रमुख हस्तियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को संयुक्त पत्र लिख कर रिश्तों में जमी बर्फ पिघलाने की अपील की है. पत्र में कहा गया है कि दोनों देश टकराव के बजाय संवाद और सहयोग का रास्ता अपनाएं, क्योंकि लगातार शत्रुता से दक्षिण एशिया की शांति, विकास और करोड़ों युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है. यह पहल सेंटर फॉर पीस एंड प्रोग्रेस के बैनर तले की गयी है. पत्र पर भारत के 61 और पाकिस्तान के 56 लोगों के हस्ताक्षर हैं. भारतीय हस्ताक्षरकर्ताओं में फारूक अब्दुल्ला, महबूबा मुफ्ती, मीरवाइज उमर फारूक और राजद सांसद मनोज झा शामिल हैं, जबकि पाकिस्तान की ओर से पूर्व विदेश मंत्री खुर्शीद महमूद कसूरी समेत कई पूर्व राजनयिक और सार्वजनिक हस्तियों ने समर्थन दिया है.

कुछ और सुर्खियां:

  • बिहार में टेंडर घोटाले की जांच संभाल रहे स्पेशल विजिलेंस यूनिट के एडीजी पंकज दराद को हटाया गया
  • राजस्थान के दौसा जिले में दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे पर वैष्णो देवी से लौट रही बस में आग लगने से आठ श्रद्धालुओं की मौत
  • आगरा लखनऊ एक्सप्रेसवे पर फरीदाबाद से नालंदा आ रही स्लीपर बस हादसे का शिकार, मां बेटी समेत पांच की मौत
  • झारखंड की अवैध शराब फैक्ट्री पर छापेमारी के बाद बिहार के पूर्व राजद एमएलसी के सुबोध राय समेत तीन गिरफ्तार
  • कमर्शियल गैस सिलेंडर बिहार में 173 रुपए सस्ता, छोटे सिलेंडर की कीमत भी ₹13 कम की गई
  • भारत-म्यांमार सीमा से लगे मणिपुर के कम्जोंग जिले में दो घटनाओं में हमलावरों ने लगभग 30-35 घर जलाए 

अनछपी: बिहार में एक चर्चित ठेकेदार के जरिए बड़े अधिकारियों ने कितने करोड़ का टेंडर घोटाला किया है इसकी जानकारी तो स्पेशल विजिलेंस यूनिट (एसयूवी) ने नहीं दी लेकिन यह जरूर है कि इस मामले की जांच में केंद्र सरकार की ईडी और बिहार सरकार की एजेंसी का रुख अलग-अलग दिख रहा है। ईडी की जांच में जहां आईएएस अधिकारी योगेश सागर और अभिलाषा शर्मा को भी आरोपी माना गया था वही स को उनके खिलाफ कथित तौर पर कोई साक्षी नहीं मिला। इसका दूसरा पहलू यह है कि एसयूवी ने संजीव हंस और दूसरे बड़े अधिकारियों के खिलाफ आरोप पत्र तैयार किया है। अब इस मामले में एसयूवी के एडीजी पंकज दराद यानी इसके मुखिया को राज्य सरकार ने हटा दिया है जिनके जिनके जिम में यह पूरी जांच थी। ऐसे में दो अहम सवाल हैं। एक यह की जिन दो आईएएस अधिकारियों को ईडी ने मुलजिम माना था उनके नाम एसयूवी ने क्यों हटाए? दूसरा सवाल यह है कि यह जान जब अपने महत्वपूर्ण मोड़ पर थी तो एसयूवी के मुखिया को क्यों हटाया गया? इस मामले में जो सबसे अहम बात है वह यह है कि रिशु श्री और आईएएस अधिकारियों के गठजोड़ से जो टेंडर घोटाला हुआ है उनके लाभार्थियों में कौन से नेता रहे हैं, अभी तक इसके बारे में कोई जानकारी सामने नहीं आई है। लेकिन क्या इस बात पर यकीन किया जा सकता है कि इस घोटाले में किसी मंत्री और नेता को कोई लाभ नहीं हुआ होगा? बिहार के लिए अफसोस की बात यह है कि ना तो विपक्ष और ना ही मीडिया इस मामले को उस तेजी और ज़ोरदार ढंग से उठा रहा है जैसी इसकी जरूरत है। ऐसा लगता है कि सृजन घोटाले की तरह टेंडर घोटाला भी छोटे-मोटे मुजरिमों को सजा देकर बड़े मुजरिमों को बचा ले जाएगा। 

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