छ्पी-अनछपी: मास्टर मुजाहिद ने नीतीश का साथ छोड़ा, बिहार से इस साल 2403 हज यात्री
बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। सीमांचल में जनता दल यूनाइटेड के सबसे बड़े चेहरे दो बार के विधायक मास्टर मुजाहिद आलम ने नीतीश कुमार का साथ छोड़ दिया है, हालांकि पटना के हिंदी अखबारों ने इस खबर को बहुत अहमियत नहीं दी है। बिहार से इस साल केवल 2403 लोग हज के लिए जाएंगे। फलस्तीन के लिए चंदा देने के आरोप में फुलवारी से एक किशोर से एंटी टरेरिस्ट स्क्वाड (एटीएस) ने पूछताछ की है। भारतीय जनता पार्टी के सांसद निशिकांत दुबे ने विवादास्पद बयान में कहा है कि ‘गृहयुद्ध’ के लिए चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया जिम्मेदार हैं।
और, जानिएगा कि लोजपा (रामविलास) नेता चिराग पासवान का दिल दिल्ली में नहीं लगता और उन्हें कौन बुला रहा।
पहली ख़बर
हिन्दुस्तान के किशनगंज संस्करण के अनुसार किशनगंज के जदयू जिलाध्यक्ष व पूर्व विधायक मुजाहिद आलम ने शनिवार शाम जदयू कार्यालय में प्रेसवार्ता कर अपने पद और जदयू पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। जदयू जिलाध्यक्ष मुजाहिद आलम ने कहा कि उन्होंने वक्फ संशोधन बिल के विरोध में इस्तीफा दिया है। उन्होंने कहा कि 15 वर्षों तक मैं जदयू से जुड़ा रहा और पार्टी हित में ही काम किया। किशनगंज जिले में जदयू संगठन को मजबूत बनाने का काम किया, लेकिन वक्फ संशोधन कानून को पार्टी का समर्थन उचित नहीं है। इस वजह से मैं इस्तीफा दे रहा हूं। पूर्व विधायक मास्टर मुजाहिद आलम ने सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ जदयू से नाता तोड़ने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि हम सभी सीएम नीतीश कुमार को सेक्यूलर तथा विकास पुरुष के साथ ही मुसलमानों का हितैषी समझते थे, लेकिन उन्होंने वक्फ संशोधन बिल का समर्थन कर हम सबको धोखा दिया।
बिहार से इस साल 2403 हज यात्री
जागरण के अनुसार इस वर्ष देश के 10 अलग-अलग हवाई अड्डों से बिहार के हज यात्री हज के लिए रवाना होंगे। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शनिवार को संकल्प कक्षा में हज 2025 की तैयारी को ले समीक्षा बैठक की और कई निर्देश दिए। बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि हज यात्रियों को हज यात्रा के दौरान एयरपोर्ट तक जाने के पहले ठहरने खाने और आने-जाने की सुविधा राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जा रही है। इस साल बिहार से 1391 पुरुष और 1012 महिलाओं समेत कुल 2403 लोग हज यात्रा के तहत मक्का जाएंगे। बिहार में गया के अलावा कोलकाता, मुंबई, नागपुर, लखनऊ, हैदराबाद, दिल्ली, चेन्नई, बेंगलुरु और अहमदाबाद से बिहार के लोग हज यात्रा पर जाएंगे।
फलस्तीन के लिए चंदा देने पर किशोर से पूछताछ
हिन्दुस्तान के अनुसार किसी प्रतिबंधित संगठन को ऑनलाइन चंदा भेजने के मामले में आतंकवाद निरोधी दस्ता (एटीएस) ने शनिवार को फुलवारीशरीफ के ग्यास नगर में छापेमारी कर इंटर के एक छात्र को हिरासत में लेकर पूछताछ की। करीब छह घंटे तक पूछताछ के बाद नावालिग छात्र को बॉण्ड भराकर छोड़ दिया गया। छात्र पर फलस्तीन की मदद के लिए करीब साढ़े सात हजार रुपये चंदा इकट्ठा कर भेजने का आरोप है, जो कि किसी प्रतिबंधित संगठन के खाते में जमा हुए हैं। एटीएस ने उत्तर प्रदेश में इस मामले में पकड़े गये युवकों से मिले इनपुट के आधार पर यह कार्रवाई की। उक्त छात्र को छह मई को यूपी एटीएस के दफ्तर में पूछताछ के लिए बुलाया गया है।
दुबे का विवादास्पद बयान- ‘गृहयुद्ध’ के लिए चीफ जस्टिस जिम्मेदार
भास्कर के अनुसार भारतीय जनता पार्टी के सांसद निशिकांत दुबे ने एक विवादित बयान देते हुए सीधे सुप्रीम कोर्ट और देश के प्रधान न्यायाधीश (चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया) संजीव खन्ना पर हमला बोला है। हालांकि विवाद बढ़ने पर भारतीय जनता पार्टी ने बयान से किनारा कर लिया। दुबे ने शनिवार को कहा, “देश में जितने गृह युद्ध हो रहे हैं उसके लिए सीजेआई जिम्मेदार हैं। सुप्रीम कोर्ट देश को अराजकता की ओर ले जाना चाहता है।” दुबे ने कहा कि आप नियुक्ति करने वाले राष्ट्रपति को निर्देश कैसे दे सकते हैं? सीजेआई की नियुक्ति राष्ट्रपति करते हैं। अगर कानून सुप्रीम कोर्ट बनाएगा तो संसद को बंद कर देना चाहिए। इस बयान पर भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा कि निशिकांत दुबे के न्यायपालिका व सीजेआई पर दिया बयान से भाजपा का लेना नहीं है।
दिल्ली में इमारत ढही, 11 की मौत
जागरण के अनुसार दिल्ली के मुस्तफाबाद क्षेत्र में शुक्रवार की रात 3 मंजिला इमारत गिरने से 11 लोगों की मौत हो गई। इनमें से आठ लोग मकान मालिक के परिवार से हैं। पांच की हालत गंभीर बनी हुई है। दयालपुर के शक्ति विहार की गली नंबर 1 में 65 गज में यह मकान 12 वर्ष पहले बना था। गिरी स्वामी 60 वर्षीय मोहम्मद तहसील से प्रॉपर्टी डीलर है। मकान के ग्राउंड फ्लोर पर बनी दो दुकानों के पीछे बने कमरे में वह खुद रहते थे। हादसे में एक ही परिवार के आठ लोगों की मौत होने से कोहराम मच गया। बागपत के सिंगोली गांव निवासी जमील ने बताया कि 25 वर्षीय बेटी शाहीना की आठ साल पहले नाजिम के साथ शादी हुई थी। हादसे के बाद परिवार के आठ लोगों को जीटीबी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने सभी को मृत घोषित कर दिया। नाजिम और शाहीना पूरे परिवार सहित चार मंजिला इमारत में प्रथम और दूसरे तल पर रहते थे।
तेजस्वी का आरोप- सरकारी खजाने के 225 करोड़ से नीतीश सरकार कर रही चुनाव प्रचार
जागरण के अनुसार बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया है कि महिला संवाद कार्यक्रम पर खजाने से 225 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं जबकि इस आयोजन का उद्देश्य चुनावी लाभ है। इसके लिए दिल्ली से 600 डिजिटल रथ मंगाए गए हैं। जनता के धन से चुनाव प्रचार का यह नया तरीका है। महागठबंधन सरकार बनने पर लूट भ्रष्टाचार की जांच होगी और दोषियों को सजा दी जाएगी। तेजस्वी ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि आम जनता दलाली और अफसरशाही से त्रस्त हो चुकी है। चुनाव प्रचार के लिए सरकारी खजाना लुटाया जा रहा है जबकि बिहार कर्ज में डूबता जा रहा है।
चिराग पासवान का दिल दिल्ली में नहीं लगता
भास्कर के अनुसार लोजपा (रामविलास) के अध्यक्ष चिराग पासवान की इच्छा बिहार राजनीति में सक्रिय होने की है। इसकी वजह से केंद्र में मंत्री बनने के बाद भी वह औसतन हर महीने तीन से सात बार बिहार आते हैं। अब चिराग पासवान ने अपनी इच्छा सार्वजनिक कर दी है। कहा है कि केंद्र की राजनीति में नहीं रहना चाहते हैं, उनका मन दिल्ली की राजनीति में नहीं लगता है। उन्हें बिहार बुला रहा है। उन्होंने कहा, “मेरे पिता रामविलास पासवान केंद्र की राजनीति में ज्यादा सक्रिय रहे थे लेकिन मेरी प्राथमिकता बिहार है।” हालांकि चिराग ने कहा कि विधानसभा चुनाव में उम्मीदवार नहीं बनेंगे।
कुछ और सुर्खियां:
- बिहार के 20 जिलों के थानों में सहायक उर्दू अनुवादक की होगी बहाली, 240 पद सृजित किए गए
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 22 अप्रैल से सऊदी अरब की दो दिवसीय यात्रा पर जाएंगे
- मालेगांव विस्फोट मामले की सुनवाई पूरी 8 मई को फैसला, 29 सितंबर 2008 को हुए विस्फोट में छह लोग मरे थे
- रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने की यूक्रेन के साथ ईस्टर पर अस्थाई युद्ध विराम की घोषणा
अनछपी: वक़्क़ कानून के विरोध में मास्टर मुजाहिद आलम का इस्तीफा इसलिए महत्वपूर्ण है कि वह सीमांचल में नीतीश कुमार के सबसे मजबूत हाथ माने जाते थे। अक्सर लोगों का इस्तीफा या बयान राजनीतिक कारणों से होता है लेकिन मास्टर मुजाहिद ने वक़्फ़ के मामले में पहले दिन से अपना विरोध जताया था और यहां तक कि वह सुप्रीम कोर्ट में भी इसके ख़िलाफ़ अर्जी दे चुके हैं। वह किशनगंज जदयू के जिला अध्यक्ष भी थे और इस पद पर तीसरी बार नामित किए गए थे। मास्टर मुजाहिद का इस्तीफा नीतीश कुमार और जनता दल यूनाइटेड के लिए एक कड़ा संदेश है मगर सवाल यह है कि क्या नीतीश और उनकी पार्टी इस बात की कोई परवाह भी कर रही है? ऐसा नहीं है कि मास्टर मुजाहिद वक़्फ़ कानून का विरोध करने वाले अकेले मुस्लिम नेता हैं बल्कि जदयू के लगभग सभी मुस्लिम नेताओं ने इसका विरोध किया था। यह और बात है कि जब नीतीश कुमार और जनता दल यूनाइटेड के बड़े नेताओं ने उनके विरोध को दरकिनार कर दिया तो चापलूसी या मजबूरी में आकर इन मुस्लिम नेताओं ने इसके समर्थन में बयान देना शुरू कर दिया। इसकी मिसाल वह प्रेस कॉन्फ्रेंस थी जो जनता दल यूनाइटेड के मुस्लिम नेताओं की ओर से आयोजित की गई थी हालांकि सवाल लेने से पहले ही वह उठकर भाग खड़े हुए थे। दबी जुबान में ऐसे मुस्लिम नेता अपनी मजबूरी भी बताते हैं और कोई राजनीतिक विकल्प न होने की वजह से जनता दल यूनाइटेड में बने रहते हैं और मजबूरी में ही उसके स्टैंड को भी सपोर्ट करते हुए दिखते हैं। मास्टर मुजाहिद आलम ने इस्तीफा देकर इस मजबूरी से निकलने का एक रास्ता बताया है। अब देखना यह है कि वह एआईएमआईएम का हाथ थामते हैं या प्रशांत किशोर की जनसुरज पार्टी में जाते हैं क्योंकि प्रशांत किशोर उनसे ईद मिलन के लिए उनके गांव गए थे और तब मास्टर मुजाहिद ने कहा था कि प्रशांत किशोर कॉलेज में उनके जूनियर रहे हैं। जनता दल यूनाइटेड के बारे में मुस्लिम नेताओं की यह आम राय बनती जा रही है कि उसने फैसला कर लिया है कि उसे मुस्लिम वोटों की जरूरत नहीं है। अब अगले विधानसभा चुनाव में इस फैसले के सही होने या गलत होने का पता चल जाएगा।
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