छ्पी-अनछपी: तेजस्वी बोले- वक़्फ़ क़ानून को कूड़ेदान में फेकेंगे, चक्रवाती तूफान को लेकर रेड अलर्ट
बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। विवादास्पद वक़्फ़ कानून को कूड़ेदान में डालने वाले तेजस्वी यादव के बयान पर भाजपा ने सांप्रदायिक बोल बोले हैं। तेजस्वी ने पंचायत प्रतिनिधियों का मानदेय दुगना करने का वादा किया है। चक्रवाती तूफान मोंथा को लेकर कई जगह रेड अलर्ट जारी किया गया है। छठ पर्व के दौरान आज पहला अर्घ्य दिया जाएगा। जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा है कि अगर पूर्ण राज्य का दर्जा नहीं मिला तो वह इस्तीफा दे देंगे।
पहली ख़बर
हिन्दुस्तान के अनुसार तेजस्वी यादव ने कटिहार के आजमनगर में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए कहा कि जब हमारी सरकार थी तो किसी में हिम्मत नहीं थी कि कोई दंगा करवा ले। हमलोगों ने कभी भी घुटने नहीं टेके। बीजेपी वाले सबसे ज्यादा लालू यादव से डरते हैं। तेजस्वी यादव ने कहा कि मुस्लिमों की मर्जी के खिलाफ जो कानून वक्फ बिल बीजेपी लाई है, हमारी सरकार बनने पर उसे कूड़ेदान में फेंक देंगे। उन्होंने किशनगंज के कोचाधामन प्रखंड आयोजित सभा में भी यह बात दोहराई। उन्होंने कहा कि समूचे सीमांचल की जनता गरीबी, बेरोजगारी और पलायन की समस्या से त्रस्त है। यदि इस बार बिहार में महागठबंधन की सरकार बनी तो सीमांचल डेवलपमेंट अथॉरिटी का गठन किया जाएगा। इससे सीमांचल की बदहाली दूर होगी, बेरोजगारी खत्म होगी और रोजगार की तलाश में युवाओं का पलायन रुकेगा। उन्होंने नारा दिया- एनडीए की सरकार भगाना है, नया बिहार बनाना है। भास्कर के अनुसार भाजपा के वरिष्ठ नेता और उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि तेजस्वी यादव नमाजवाद कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उनका समाजवाद केवल परिवार तक है। श्री सिन्हा ने दावा किया के तेजस्वी यादव ने उस वक़्फ़ बिल को कूड़े में फेंकने की बात कही है जिसे मुसलमानो को फायदा होगा।
(इस खबर के साथ लगी तस्वीर फाइल फोटो है।)
पंचायत प्रतिनिधियों का मानदेय दोगुना करेंगे: तेजस्वी
नेता विपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा है कि महागठबंधन की सरकार बनी तो पंचायत प्रतिनिधियों का मानदेय भत्ता दोगुना किया जाएगा। ग्राम पंचायत एवं ग्राम कचहरी प्रतिनिधियों को पेंशन मिलेगी। त्रि-स्तरीय पंचायत एवं ग्राम कचहरी प्रतिनिधियों का 50 लाख का बीमा किया जाएगा। वहीं, पीडीएस दुकानदारों को मानदेय दिया जाएगा। प्रति क्विंटल अनाज का मार्जिन मनी बढ़ायी जाएगी। रविवार की सुबह अपने सरकारी आवास एक पोलो रोड में प्रेस कांफ्रेंस कर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव ने ये घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि नाई, कुम्हार, बढ़ई, लोहार को स्वरोजगार की खातिर पांच साल के लिए ब्याज रहित पांच लाख आर्थिक सहायता दी जाएगी।
चुनाव बुलेटिन:
- चुनावी भाषण में बोले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, दो दशक पहले वाले अराजक दौर में नहीं लौटेगा बिहार
- महागठबंधन का चुनावी घोषणा पत्र कल जारी होगा
- जेडीयू ने बागी विधायक गोपाल मंडल समेत पांच नेताओं को बाहर निकाल
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2 नवंबर को पटना में करेंगे चुनावी रोड शो, नवादा और आरा में सभा भी करेंगे
- राहुल गांधी 29 अक्टूबर को मुजफ्फरपुर में और प्रियंका गांधी 28 अक्टूबर को पटना में करेंगे सभाएं
छठ: पहला अर्घ्य आज
भास्कर के अनुसार छठ महापर्व की छटा चारों ओर छाई है। रविवार को व्रतियों ने रविवार को व्रतियों ने दूध-गुड़ व नए चावल से बनी खीर से खरना किया। खरना से पहले व्रतियों ने स्नान ध्यान के बाद नियम निष्ठा के साथ पूजा-अर्चना की और खरना का प्रसाद ग्रहण किया। खरना के साथ ही व्रतियों का 36 घंटे का निराहार-निर्जला छठ व्रत आरंभ हो गया। सोमवार की शाम सांध्यकालीन अर्घ्य और मंगलवार की सुबह व्रती अरुणोदय काल में प्रातःकालीन अर्घ्य देंगे। रविवार की शाम व्रतियों के घर आस्था व उल्लास के साथ सात्विक माहौल दिखा। व्रतियों के खरना करने के बाद उनके घर प्रसाद खाने के लिए देर रात तक श्रद्धालुओं के आने-जाने का क्रम जारी रहा। गंगा घाटों पर भीड़ से बचने के लिए बड़ी संख्या में लोगों ने अपने छत पर ही घाट सजाए हैं। अपार्टमेंट व घरों की छतों पर अस्थाई या कृत्रिम तालाब बनाकर व्रती अर्घ्य देंगे।
चक्रवाती तूफान को लेकर रेड अलर्ट
जागरण के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दबाव का क्षेत्र धीरे- धीरे आगे बढ़ रहा है। 28 अक्टूबर की शाम तक सतह से टकराने के बाद चक्रवात ‘मोंथा’ का रूप लेगा। मौसम विभाग के अनुसार, संभावित चक्रवात मोंथा के 28 अक्टूबर की शाम से रात के बीच आंध्र प्रदेश के मछलीपट्टनम और कलिंगपट्टनम के तट से टकराने की संभावना है। इस दौरान तटीय ओडिशा और उत्तरी तमिलनाडु में भी भारी बारिश और तेज हवा चलने और इसके बाद अगले दो-तीन दिनों तक कहीं हल्की तो कहीं भारी वर्षा होने की संभावना है। चक्रवात से आंध्रप्रदेश, तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, तेलंगाना, बंगाल, ओडिशा के इलाके प्रभावित होंगे। मौसम विभाग ने भारी वर्षा की संभावना को देखते हुए अलग-अलग इलाकों में रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। बिहार में भी आंशिक असर पड़ सकता है। उधर तूफान से होने वाली तबाही की आशंका को देखते हुए भारत की सेवा को भी हाई अलर्ट पर रखा गया है।
पूर्ण राज्य का दर्जा नहीं मिला तो इस्तीफा देंगे: उमर अब्दुल्ला
जागरण के अनुसार पार्टी के अंदर और बाहर से लगातार बढ़ रहे दबाव के बीच जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने निश्चित समय सीमा के भीतर राज्य का दर्जा बहाल नहीं करने पर पद से त्यागपत्र देने की चेतावनी दी है, हालांकि उन्होंने इसकी डेडलाइन घोषित नहीं की। उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब जम्मू- कश्मीर में दो विधानसभा क्षेत्रों में उपचुनाव की प्रक्रिया चल रही है। उनकी ही पार्टी के सांसद उन्हें इस मुद्दे पर घेर रहे हैं। रविवार को श्रीनगर में एक साक्षात्कार के दौरान उमर ने कहा कि उनका पद पर बने रहना सीधे तौर पर जम्मू-कश्मीर के पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने से जुड़ा है। इसे राजनीतिक ईमानदारी और जनता के विश्वास का मामला बताते हुए उमर अब्दुल्ला ने कहा कि अगर मेरे द्वारा निर्धारित समय सीमा के भीतर राज्य का दर्जा बहाल नहीं किया गया तो मैं इस्तीफा दे दूंगा।
कुछ और सुर्खियां:
- बलूचिस्तान का नाम लेने पर अभिनेता सलमान खान को पाकिस्तान ने आतंकवादियों की सूची में डाला
- पूर्णिया से नई दिल्ली और हैदराबाद की नियमित उड़ान शुरू
- पूरे भारत में वोटर लिस्ट की एसआईआर कराने की घोषणा आज हो सकती है
अनछपी: महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार तेजस्वी यादव ने विवादों से भरे वक़्फ़ कानून को कूड़ेदान में डालने की बात क्या कह दी भारतीय जनता पार्टी के नेताओं की सांप्रदायिक सोच एक बार फिर सामने आ गई। समाजवाद और नमाजवाद जैसे विवादों से भरे बोल अब तक उत्तर प्रदेश और भारतीय जनता पार्टी के शासन वाले दूसरे राज्यों से सुनने को मिलती थी लेकिन अब नीतीश कुमार के बिहार में भी यह सुनने को मिल रहा है। सबको पता है की नमाजवाद जैसी कोई चीज नहीं है लेकिन दरअसल इस शब्द से भारतीय जनता पार्टी यह संदेश देना चाहती है कि जिन पार्टियों को सेक्यूलर माना जाता है वह दरअसल नमाजवादी हैं यानी मुसलमानों की पार्टी है और इसमें यह संदेश भी होता है कि उन्हें हिंदुओं से कोई मतलब नहीं। भाजपा के वरिष्ठ नेता और इस समय उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिंह का यह बयान बेहद आपत्तिजनक है। इस मामले में भाजपा के एक और वरिष्ठ नेता रविशंकर प्रसाद ने भी तेजस्वी यादव को हमले का निशाना बनाया है। भाजपा नेता कह रहे हैं कि यह संसद से पास कानून है और ऐसा आभास दे रहे हैं कि संसद से पास कानून का विरोध नहीं हो सकता और उसे बदला नहीं जा सकता है। हालांकि भारतीय लोकतंत्र में संसद से पास कानून की नहीं बल्कि संविधान की सर्वोच्चता मानी गई है। यानी हर कानून को संविधान के नीचे ही माना जाएगा और उसी हिसाब से उस पर बात भी होगी और उसे बदला भी जा सकता है। ऐसे कानून को कोर्ट भी बदलता रहा है और हाल के दिनों में सरकार ने भी संसद से पास कानून वापस लिए हैं जिसका ज्वलंत उदाहरण कृषि कानून है जिसके भारी विरोध के बाद नरेंद्र मोदी की सरकार से वापस लेने को मजबूर हुई थी। यह सही है कि केंद्र से बनाए गए कानून को बिहार सरकार नहीं बदल सकती लेकिन कम से कम अपने राज्य में उसे लागू न करने का फैसला ले सकती है और उसके खिलाफ अदालत भी जा सकती है। दरअसल भारतीय जनता पार्टी के नेता चाहते हैं कि कई तरह के विवादों से भरे वक़्फ़ कानून का विरोध कहीं से नहीं हो और अगर कोई इसका विरोध करता है तो इस विरोध का इस्तेमाल धार्मिक ध्रुवीकरण के लिए किया जाए। ऐसे में तेजस्वी यादव जैसे नेता अगर इसका विरोध करते हैं तो भारतीय जनता पार्टी के नैरेटिव को चुनौती देने में आसानी होगी। यह बात भी सोचने की है कि मामला अगर अत्याचार वाले कानून का हो तो क्या इसका विरोध केवल इस डर से नहीं किया जाना चाहिए कि इससे भारतीय जनता पार्टी ध्रुवीकरण शुरू कर देगी?
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