छ्पी-अनछपी: तेजस्वी बोले- विधायक नहीं हमारी सरकार का चुनाव, मोदी का वादा- मेक इन इंडिया का हब
बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। महागठबंधन के मुख्यमंत्री के उम्मीदवार तेजस्वी यादव ने कहा है कि यह चुनाव विधायक चुने का नहीं बल्कि उनकी सरकार चुनने का है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वादा किया है कि बिहार में मेक इन इंडिया का हब बनेगा। बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण की 121 सीटों के लिए आज चुनाव प्रचार थम जाएगा।
और, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को केंद्रीय मंत्री ललन सिंह द्वारा तोहफे में फ्लैट दिए जाने की खबर अखबारों में नहीं है लेकिन यह रहस्य उद्घाटन द वायर की रिपोर्ट में किया गया है।
पहली ख़बर
जागरण के अनुसार पूर्व उपमुख्यमंत्री व नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सोमवार को पटना, नालंदा, सारण, भोजपुर व बक्सर में कई जनसभाओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि यह चुनाव केवल विधायक बनाने का नहीं, बल्कि अपनी सरकार बनाने का है। उन्होंने वादा किया कि यदि उनकी सरकार बनी, तो हर परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाएगी। दियारा क्षेत्र में पुल-पुलिया और डिग्री कालेज का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने मोकामा में दुलारचंद यादव की हत्या का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार के लोग इस पर चुप हैं क्योंकि वे खुद इसके पीछे हैं। उन्होंने बिहार की सत्ता को कुछ लोगों के हाथों में सुमित बताते हुए कहा कि अब हर परिवार सरकार चलाएगा। सरकार बनी तो केवल 20 महीना में वे बिहार की तस्वीर बदल देंगे पूर्ण ग्राम अब बिहार को गुजराती नहीं बल्कि बिहारी ही चलाएंगे।
मेक इन इंडिया का बड़ा केंद्र बनेगा: बिहार मोदी
हिन्दुस्तान के अनुसार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि बिहार आने वाले दिनों में मेक इन इंडिया का बड़ा केंद्र बनेगा। यहां मोबाइल बनाने और इलेक्ट्रिक इंजन की फैक्ट्री लगेगी। बिहार के युवाओं को बिहार में ही रोजगार मिलेगा। उनको बाहर नहीं जाना पड़ेगा। प्रधानमंत्री ने सोमवार को सहरसा और कटिहार में चुनावी सभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि बिहार में शिक्षा का गौरव फिर से लौटेगा। यह राज्य 2005 से पहले वाली स्थिति में फिर कभी नहीं जाएगा। राजद-कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए पीएम ने कहा कि दोनों पार्टियों को घुसपैठियों से विशेष लगाव है। घुसपैठियों को बचाने के लिए ये बिहार का भ्रमण करते हैं। राजद और कांग्रेस की डिक्शनरी में कट्टा, क्रूरता, कटुता, कुशासन और करप्शन भरा है। राजद-कांग्रेस ने कट्टरपंथियों के आगे घुटने टेक दिए हैं।
देश को आज कांग्रेस की जरूरत: गहलोत
राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और बिहार चुनाव में कांग्रेस के वरीय पर्यवेक्षक अशोक गहलोत ने दावा किया है कि देश को आज कांग्रेस की जरूरत है, भाजपा या मोदी जी की नहीं है। देश की मजबूती के लिए कांग्रेस का मजबूत होना आवश्यक है। हिन्दुस्तान से विशेष बातचीत में उन्होंने कहा कि भाजपा हिन्दुत्व की भावना भड़काकर चुनाव जीतती हैं। इनके पास कोई नैतिक मूल्य नहीं है। बिहार चुनाव महत्वपूर्ण है। जिस तरह ध्रुवीकरण की राजनीति चल रही है, वह देशहित में नहीं हैं। चुनाव जीतने के लिए हर हथकंडे अपनाए जा रहे हैं। एजेंसियों का दुरुपयोग किया जा रहा है। चुनाव आयोग, न्यायपालिका दबाव में हैं। आम आदमी की ताकत वोट का अधिकार है, जिसे छीनने की कोशिश हो रही है। वे (भाजपा वाले) गो मांस की बात करते हैं और आज देश में इसका निर्यात कितना बढ़ गया है। दो करोड़ नौकरी, कालाधन, 15 लाख की बात तो जुमला ही साबित हुआ। एमएसपी कानून का क्या हुआ?
121 सीटों के लिए आज थमेगा चुनाव प्रचार
प्रभात खबर के अनुसार बिहार विधानसभा चुनाव की 121 सीटों पर होने वाले पहले चरण के चुनाव प्रचार का शोर मंगलवार शाम को थम जायेगा. मगलवार की शाम पांच बजे के बाद इन क्षेत्रों में चुनावी सभाएं, रैली और रोड शो पर पूरी तरह से प्रतिबंध लग जायेगा. पहले चरण के मतदान के पहले मंगलवार को सभी दलों और प्रत्याशियों द्वारा अपने क्षेत्र में प्रचार-प्रसार को लेकर पूरी ताकत झोंक दी जायेगी, बुधवार को प्रत्याशी घर-घर जाकर जनसंपर्क कर सकेंगे. पहले चरण का मतदान गुरुवार को कराया जायेगा. इस चरण में कुल 18 जिलों में मतदान होना है जो सुबह 7:00 से शुरू हो जाएगा।
नीतीश के बेटे निशांत को ललन ने दिया तोहफे में दिया क़ीमती फ्लैट
द वायर हिंदी के अनुसार बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की छवि बहुत साफ़-सुथरी बताई जाती है. द वायर हिंदी की इन्वेस्टिगेशन बताती है कि उनके बेटे निशांत कुमार को उनकी पार्टी जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के कद्दावर नेता और केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ़ ललन सिंह ने एक आलीशान घर तोहफ़े में दिया है. पेंटहाउस की तरह बना यह घर पटना के रईस इलाके बेली रोड के पास बहुमंजिली इमारत शिव राधिका कॉम्प्लेक्स की सबसे ऊपरी मंजिल पर स्थित है. यह गिफ्ट डीड 15 जनवरी 2024 को दर्ज हुई थी, यानी पिछले लोकसभा चुनाव से ठीक तीन महीने पहले. अपनी पार्टी के सुप्रीमो सुशासन बाबू के सुपुत्र को इतना महंगा तोहफ़ा देते वक्त राजीव रंजन सिंह मुंगेर से लोकसभा सांसद थे. वे इससे पहले कई बार सांसद रह चुके थे. लेकिन इस बार जब वे चुनाव जीते तो उन्हें नरेंद्र मोदी की सरकार में जदयू के कोटे से मंत्री पद मिल गया, और इस तरह ललन सिंह केंद्र में पहली बार मंत्री बन गए.शिव राधिका कॉम्प्लेक्स शास्त्री नगर में स्थित है, और फ्लैट नंबर 501 इस इमारत की पांचवीं मंज़िल पर है. 2,160 वर्गफुट के सुपर बिल्ट-अप क्षेत्रफल वाले इस आवास का डीड पर दर्ज मूल्य लगभग 91 लाख रुपये है. लेकिन जानकार मानते हैं कि इसका वास्तविक मूल्य कहीं अधिक है. नाम न लिखने की शर्त पर पटना के एक बिल्डर ने कहा, ‘इसकी कीमत 8000 रुपये वर्ग फुट हो सकती है. जिस नूतन कंस्ट्रक्शन ने इसे बनाया है, उसके द्वारा निर्मित फ्लैट का बाज़ार मूल्य पटना में बहुत महंगा है.’
कुछ और सुर्खियां:
- लावारिस कुत्तों की समस्या से जुड़े मामले में देश के लगभग सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों ने सुप्रीम कोर्ट से माफी मांगी
- फिल्म अभिनेता और टीएमसी के सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने पटना की कुम्हरार सीट से जनसुरज के केसी सिन्हा को सपोर्ट किया, उन्हें बताया ट्रंप कार्ड
- साल भर बाद चुनाव प्रचार में उतरे लालू प्रसाद ने रीत लाल यादव के लिए दानापुर क्षेत्र में किया रोड शो
- कैलकुलेटर के इस्तेमाल पर एनटीए का यू टर्न, कहा टाइपोग्राफिक गलती से हुई गलतफहमी
- अफगानिस्तान में शक्तिशाली भूकंप से कम से कम 20 लोगों की मौत, 650 घायल
- सम्राट चौधरी और ललन सिंह के रोड शो में अनुमति से अधिक गाड़ियों को किया गया जब्त
अनछपी: 2005 के बाद से नीतीश कुमार के शासनकाल के बारे में जो कुछ सबसे बड़े झूठ फैलाए गए हैं उनमें से एक यह भी है कि नीतीश कुमार क्राइम और क्रिमिनल्स को पसंद नहीं करते। सच्चाई यह है कि नीतीश कुमार का इतिहास इस बात की गवाही देता है कि उन्होंने 2000 में एक हफ्ते के लिए मुख्यमंत्री बनने के वक्त से लेकर 2025 तक क्रिमिनल्स पर मेहरबानी दिखाई है, बस उनकी एक शर्त रही है कि वह क्रिमिनल्स उनके साथ हों जिन्हें अखबार बाहुबली लिखते हैं। इस मामले में भारतीय जनता पार्टी भी बराबर की शरीक रही है। हम आरजेडी या कांग्रेस के मामलों की इसलिए चर्चा नहीं कर रहे हैं क्योंकि उसके लिए मेनस्ट्रीम मीडिया काफी है। नीतीश कुमार की क्रिमिनल्स पर मेहरबानी की कहानी की ताजा कड़ियों में आनंद मोहन से लेकर अनंत सिंह तक शामिल है जिसमें राजबल्लभ यादव का नाम भी लिया जाना जरूरी है जो नाबालिग से रेप के मामले में नौ साल जेल में रहे। राजबल्लभ यादव को अगर राजद के शासनकाल में इस तरह रिहा किया जाता तो मीडिया का रुख बिल्कुल अलग होता लेकिन आज वह इस पर चुपी साधे हुए है। यह बात भी याद रखना जरूरी है कि अभी जब दुलारचंद यादव की हत्या अनंत सिंह के काफिले से टक्कर के बाद हुई तो मीडिया ने दुलारचंद यादव के लिए तो बाहुबली लिखा लेकिन अनंत सिंह को पूर्व विधायक और जदयू के उम्मीदवार के तौर पर ही पेश किया। दिलचस्प बात यह है कि प्रशासन ने भी दुलारचंद यादव की आपराधिक पृष्ठभूमि की बात तो की लेकिन अनंत सिंह की हिस्ट्रीशीट पर कुछ नहीं कहा। अभी इस बात की चर्चा इसलिए जरूरी है कि सोमवार को जनता दल यूनाइटेड के वरिष्ठ नेता और केंद्र में मंत्री नीतीश कुमार के खासमखास माने जाने वाले ललन सिंह ने अनंत सिंह के प्रचार में हिस्सा लेते हुए जिस तरह अनंत बाबू का संबोधन दिया और यह अपील की कि एक-एक व्यक्ति अनंत सिंह बनकर चुनाव लड़े उससे तो यही लगता है कि अनंत सिंह दर्जनों मर्डर और दूसरे मामलों के अभियुक्त नहीं बल्कि संत हैं। अनंत सिंह के बारे में ललन सिंह का यह बयान न केवल यह साबित करता है कि वह दोनों भूमिहार समुदाय के होने की वजह से इस तरह का बयान दे रहे बल्कि इससे एक बार यह बात फिर साबित होती है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कैसे ऐसे क्रिमिनल्स को सपोर्ट देते हैं और उनसे सपोर्ट लेते हैं जो उनके सपोर्ट में रहते हैं।
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