छपी-अनछपी: राबड़ी के सरकारी घर के मुद्दे पर टकराव, इमरान की हत्या की बात ‘अफवाह’
बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। राजद के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा है कि जो करना है कर लें राबड़ी देवी का बंगला खाली नहीं होगा। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की जेल में हत्या की खबरों के बीच रावलपिंडी में प्रदर्शन हुआ है। मेडिकल कॉलेज में दाखिले के नाम पर 100 करोड़ की ठगी करने के मामले में औरंगाबाद का प्रेम प्रकाश यूपी में गिरफ्तार।
और, जानिएगा कि रेयर अर्थ मैग्नेट के घरेलू उत्पादन के लिए 728 करोड़ की स्कीम क्या है।
पहली ख़बर
भास्कर के अनुसार राबड़ी आवास, 10 सर्कुलर रोड खाली करने के सरकार के आदेश के बाद राजनीतिक घमासान तेज हो गया। बुधवार को इस पर पक्ष-विपक्ष में खूब हमले हुए। राजद जहां इस बंगले को खाली नहीं करने पर अड़ गया है तो सत्ता पक्ष ने लालू परिवार को सरकारी बंगले से मोह त्यागने की सलाह दे दी है। राजद प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल ने इसे लालू-राबड़ी को अपमानित करने से जोड़ दिया है। साफ कहा है, कुछ भी करना पड़े करेंगे, लेकिन 10 सर्कुलर रोड खाली नहीं करेंगे। भवन निर्माण विभाग के निर्देश को धता बताते हुए मंडल ने सरकार को चेतावनी भी दे दी है। मंडल ने पूछा है कि 20 साल से नीतीश जी सत्ता में है तो यह पहले क्यों नहीं किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि उसे आवास में एक ही परिवार से दो पूर्व मुख्यमंत्री रह रहे हैं फिर भी एक कदम उठाकर उन्हें अपमानित किया जा रहा है। वहीं वरीय नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी ने पूछा है खाली करने के पीछे क्या कारण है यह राज्य की जनता जानना चाहती है। उन्होंने कहा कि ऐसा लग रहा है कि राजनीतिक दवा में यह फैसला लिया गया है। इधर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और उद्योग मंत्री डॉ दिलीप जायसवाल ने कहा कि सरकारी भवन स्थाई नहीं होता है, राजद के लोगों को मोह माया में नहीं पढ़ना चाहिए।
इमरान खान की हत्या की अफ़वाह, सेना बोली- मनगढ़ंत
प्रभात खबर के अनुसार पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री, क्रिकेटर और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआइ) प्रमुख इमरान खान की कथित हत्या की अफवाहों के बीच रावलपिंडी में तनाव चरम पर है. रावलपिंडी की अडयाला जेल के बाहर हजारों समर्थक जुटकर इमरान खान की सेहत और सुरक्षा को लेकर पारदर्शी जानकारी की मांग कर रहे हैं. अफगानिस्तान के कुछ मीडिया प्लेटफॉर्म और एक्स अकाउंट्स ने दावा किया कि इमरान खान की जेल में टॉर्चर के बाद हत्या कर दी गई है और उनका पार्थिव शरीर गुपचुप तरीके से जेल से हटाया गया. हालांकि पाकिस्तान सरकार और सुना ने इन डाबो को पूरी तरह से खारिज कर इन्हें मनगढ़ंत अपवाह बताया है.
मेडिकल एडमिशन के नाम पर 100 करोड़ की ठगी के मामले में औरंगाबाद का प्रेम प्रकाश गिरफ्तार
लखनऊ से हिंदुस्तान ने खबर दी है कि नीट (यूजी-पीजी) पास कराकर मेडिकल में दाखिला दिलाने के नाम पर 100 करोड़ से अधिक की ठगी करने वाले गिरोह के सरगना और उसके साथी को साइबर अपराध थाने की टीम ने बुधवार को गिरफ्तार कर लिया। यह गिरोह एक करोड़ में नीट (यूजी) और चार करोड़ में पीजी पास कराने का ठेका लेता था। सरगना अभिनव शर्मा उर्फ प्रेम प्रकाश विद्यार्थी उर्फ राजीव सिंह उर्फ सर्वेश शुक्ला बिहार में औरंगाबाद जिले के बारुण स्थित सिरिस फतेहपुर का रहने वाला है। उसका साथी संतोष कुमार समस्तीपुर के दलसिंहसराय का निवासी है। अभिनव शर्मा ने स्टडी पाथवे कंसल्टेंसी के नाम से लखनऊ के गोमतीनगर में कठौता झील के पास किराए के पेंट हाउस में ऑफिस खोल रखा था। वहां 50 से अधिक कर्मचारी भी कार्यरत थे। उसने कंसल्टेंसी और हिंद मेडिकल कॉलेज के नाम से फर्जी वेबसाइट भी बना रखी थी।
एसआईआर कराने का फैसला अवैध नहीं: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को उस दलील को सिरे से ठुकरा दिया, जिसमें कहा गया था कि देश में पहले कभी मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) नहीं हुआ है, इसलिए चुनाव आयोग का फैसला अवैध है। शीर्ष अदालत ने बंगाल और तमिलनाडु द्वारा एसआईआर को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान यह टिप्पणी की। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने मामले की सुनवाई के दौरान कहा कि देश में पहले, एसआईआर नहीं किया गया, इस दलील को निर्वाचन आयोग द्वारा राज्यों में कराई जा रही इस प्रक्रिया को चुनौती देने के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। पीठ ने कहा कि निर्वाचन आयोग के पास फॉर्म-6 में एंट्री की सच्चाई तय करने का अंदरूनी अधिकार है। पीठ ने कहा, आधार नागरिकता का पक्का सबूत नहीं है और इसीलिए हमने कहा कि यह दस्तावेजों की सूची में से एक होगा।
रोसड़ा नगर परिषद के एग्जीक्यूटिव ऑफिसर के पास जायज कमाई से ज्यादा की संपत्ति
समस्तीपुर जिले में नगर परिषद रोसड़ा के कार्यपालक पदाधिकारी (इओ) उपेंद्रनाथ वर्मा के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति मामले में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, पटना की टीम ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई की. टीम ने उपेंद्रनाथ वर्मा के पटना के राजीव नगर थाना क्षेत्र के आशियाना फेज-2 स्थित निजी आवास और समस्तीपुर के रोसड़ा स्थित नगर परिषद कार्यालय के अतिथि होटल में बने उनके अस्थायी आवास व कार्यालय पर एक साथ छापेमारी की. सात घंटे तक चली कार्रवाई के दौरान इओ के तीनों ठिकानों से भारी मात्रा में चल और अचल संपत्ति का खुलासा हुआ है. बरामदगी में 10,50,600 नकद और 27,30,297 मूल्य के सोने-चांदी के आभूषण शामिल हैं. जमीन के 14 डीड मिले हैं. इंश्योरेंस कंपनियों में निवेश के कागजात, एक इनोवा व एक स्विफ्ट डिजायर कार तथा एक बैंक पासबुक जब्त किये गये हैं. बताया जा रहा है कि उपेंद्रनाथ लगातार दूसरी बार रोसड़ा नगर परिषद में पदस्थापित हैं और लगभग एक वर्ष से यहां कार्यरत हैं, उन पर आरोप है कि उन्होंने 1.16 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति बनायी है.
रेयर अर्थ मैग्नेट के घरेलू उत्पादन के लिए 7280 करोड़ की स्कीम
जागरण के अनुसार चिप की तरह महत्वपूर्ण रेयर अर्थ मैग्नेट के लिए आयात पर निर्भर भारत अगले तीन-चार साल में आत्मनिर्भर हो जाएगा। बुधवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति की बैठक में रेयर अर्थ मैग्नेट के उत्पादन के लिए 7,280 करोड़ रुपये का इंसेंटिव देने का फैसला किया गया। इस इंसेंटिव से रेयर अर्थ मैग्नेट की पांच यूनिट लगाई जाएंगी जिससे सालाना 6,000 टन रेवर अर्थ मैग्नेट का उत्पादन होने का अनुमान है। सेमीकंडक्टर की तरह ही रेयर अर्थ मैग्नेट भी इलेक्ट्रानिक्स, सुरक्षा, एयरो स्पेस, इलेक्ट्रिक वाहन, मेडिकल उपकरण जैसे सेक्टर में होने वाले उत्पादन के लिए काफी महत्वपूर्ण है। अभी ‘भारत मुख्य रूप से चीन से रेवर अर्थ मैग्नेट का आयात करता है।
कुछ और सुर्खियां:
- पटना के हाई प्रोफाइल ठेकेदार रिशु श्री से जुड़े मामले में कई ठिकानों पर ईडी की छापेमारी, 33 लाख नकद जब्त
- भारत को 20 वर्ष बाद राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी, 2030 में अहमदाबाद में होगा आयोजन
- दक्षिण अफ्रीका ने भारत को 408 रन से हराकर 2-0 से जीत ली टेस्ट सीरीज, रनों के लिहाज से टेस्ट में भारत की सबसे बड़ी हार
अनछपी: दो दिन पहले हमने इसी कॉलम में घरेलू कलह में होने वाली हत्या व आत्महत्या की बढ़ती घटनाओं को लेकर समाज और सरकार की जिम्मेदारी के बारे में लिखा था। आज के अखबार से समस्तीपुर के शाहपुर पटेरी अनुमंडलीय अस्पताल और प्रखंड कार्यालय पटोरी के बीच मुख्य सड़क के किनारे मानवता को शर्मसार करनेवाली घटना की ख़बर मिली है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार बुधवार सुबह कूड़े के ढेर पर दो नवजातों के अधजले शव मिले। सीसीटीवी फुटेज में कूड़े के ढेर के पास फेंके दोनों नवजात पर लाइटर जलाकर फेंकते एक शख्स को साफ देखा जा सकता है। ठंड व ओस के कारण नंगे बदन नवजात पूरी तरह नहीं जले लेकिन दोनों की मौत हो गई। आसपास बड़ी संख्या में छोटे-बड़े नर्सिंग होम हैं। समस्तीपुर और मुजफ्फरपुर के आसपास किस तरह नवजातों का कूड़े के ढेर या नाले में मिलना कोई अचरज की बात नहीं है। मगर सवाल यह है कि हम समाज सुधार की बातों में इसे क्यों शामिल नहीं करते? इस मामले में शायद हमें यह भी पता नहीं चल पाए कि जिन बच्चों को इस तरह जला दिया गया वह बेटा थे या बेटी। हम यह सवाल इसलिए कर रहे हैं कि अक्सर बेटियों के साथ ऐसा होता है लेकिन यह जरूरी नहीं। शायद पुलिस की जांच और मेडिकल टीम की रिपोर्ट से कुछ पता चल सके। लेकिन समस्तीपुर से जो रिपोर्ट मिली है उसमें पुलिस के रवैए को बेहद खराब बताया गया है क्योंकि शुरू में उसने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया। जब बात बहुत फैल गई तब उसकी जांच का आदेश दिया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लंबे समय से ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ का नारा लगाते रहे हैं लेकिन हमारे समाज में इसके बावजूद इस तरह की कड़वी सच्चाई सामने आती रहती है। वैसे इस मामले में ज्यादा अहम बात यह है कि आखिर ऐसी नौबत क्यों आती है, उस पर भी ध्यान दिया जाए और उसे खत्म करने की कोशिश की जाए।
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