छपी-अनछपी: एसआईआर पर संसद में टकराव के आसार, चंपारण में ट्रक ने आठ को रौंदा
बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। आज से शुरू हो रहे संसद के सत्र में वोटर लिस्ट के एस ए आर पर टकराव केआसार हैं। बिहार की नई विधानसभा का सत्र आज से शुरू हो रहा है। पूर्वी चंपारण में बेकाबू ट्रक ने आठ लोगों को रौंद दिया जिसमें पांच लोगों की मौत हो गई। एनआईए ने खगड़िया में छापेमारी की है जिसके बारे में कहा जा रहा है कि यह दिल्ली ब्लास्ट से जुड़ा हुआ मामला है।
और जानिएगा कि निकाह के बाद कैसे जश्न में चली गोली से दूल्हे की मौत हो गई।
पहली ख़बर
हिन्दुस्तान के अनुसार सोमवार से शुरू हो रहे संसद के शीतकालीन सत्र में पक्ष और विपक्ष में भिड़ंत के आसार हैं। सरकार की ओर से रविवार को बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में विपक्ष ने एक सुर से मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर दोनों सदनों में चर्चा की मांग की। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक के बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सभी दलों से सत्र सुचारू रूप से चलाने की अपील की गई। एसआईआर के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों में कई नेता हैं जो संसद चलाना और मुद्दे उठाना चाहते हैं। इसलिए यह कहना उचित नहीं है कि सभी दल कार्यवाही बाधित करना चाहते हैं। उन्होंने कहा, विपक्ष ने कई मुद्दे रखे, उनमें से एसआईआर एक है। बैठक में 36 दलों के 50 नेता पहुंचे थे।
बिहार की 18वीं विधानसभा का पहला सूत्र आज से
जागरण के अनुसार सोमवार (एक दिसंबर) से बिहार की 18वीं विधानसभा के पहले सत्र की शुरुआत हो. रही है, जो पांच दिसंबर तक चलेगा। नवगठित विधानसभा के इस सत्र में कुल पांच बैठकें प्रस्तावित हैं। पहले दिन सभी 243 विधायकों को शपथ दिलाई जाएगी। दूसरे दिन विधानसभा अध्यक्ष का चुनाव होगा और तीसरे दिन विधान मंडल की संयुक्त बैठक में राज्यपाल के अभिभाषण के साथ दूसरे विधायी कार्य शुरू होंगे। इस सत्र में द्वितीय अनुपूरक अनुदान भी प्रस्तुत किया जाना है। राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान विपक्ष की ओर से प्रायः हस्तक्षेप की स्थिति बनती है। विधानसभा में संख्या बल के हिसाब से विपक्ष (महागठबंधन) इस बार बेहद कमजोर है। ऐसे में विधायी कार्यों के निपटारे में किसी तरह के अड़ंगा की आशंका नहीं।
पूर्वी चंपारण में बेकाबू ट्रक ने आठ लोगों को रौंदा, पांच की मौत
हिन्दुस्तान के अनुसार पूर्वी चंपारण में पिपराकोठी-गोपालगंज एनएच 27 पर कोटवा दिपउ के पास रविवार की दोपहर बेकाबू ट्रक ने आठ लोगों को रौंद दिया। प्रशासन के मुताबिक, इनमें पांच की मौके पर ही मौत हो गई जबकि तीन घायल हैं। छह बाइक और एक रिक्शा पर सवार समेत कुछ पैदल लोग सड़क पार करने के लिए खड़े थे। तभी यह हादसा हुआ। घटना से आक्रोशित लोगों ने एनएच पर एक वाहन को फूंक डाले। शवों के साथ साढ़े तीन घंटे तक हाइवे जाम कर दिया। मौके पर पहुंची पुलिस को काफी विरोध का सामना करना पड़ा। पूर्वी चंपारण के कोटवा प्रखंड के बेतिया बसंत के श्यामाकांत पटेल के पुत्र नीतेश पटेल (26), कररिया पांडेय टोला के मोहन साह के पुत्र अशोक साह (40), गढ़वा खजुरिया के तौकीर आलम के पुत्र मो. आतीफ (16) व मो. रईस के पुत्र मो. कैफ (18), प. चंपारण के मानपुर के चौहट्टा वार्ड 12 निवासी लवर गुरु के पुत्र सीतम गुरु (28) की मौत हो गई।
खगड़िया में एनआईए की छापेमारी
प्रभात खबर के अनुसार दिल्ली बम ब्लास्ट के तार खगड़िया से जुड़ गये हैं. एनआइए की 15 सदस्यीय टीम ने रविवार सुबह तीन बजे मानसी के सैदपुर गांव वार्ड संख्या-8 में सेवानिवृत्त पोस्टमास्टर अब्दुल हादी और उनके भाई के घर पर छापेमारी की. एनआइए की टीम यहां से एक मोबाइल अपने साथ ले गयी है. स्थानीय लोगों के अनुसार दिल्ली बम ब्लास्ट में अब्दुल हादी के पुत्र के शामिल होने के संदेह में छापेमारी की गयी है. हालांकि प्रशासनिक पुष्टि नहीं हो पायी है. मानसी थानाध्यक्ष दीपक कुमार ने बताया कि छापेमारी हुई है. किस कारण से हुई है, ये जानकारी नहीं है. रविवार की सुबह आसपास की सभी सड़कों व गलियों की नाकेबंदी कर दी गई थी। किसी को बाहर निकालने की अनुमति नहीं दी गई। अब्दुल हादी उर्फ नन्नू ने बताया कि एनआईए की टीम सुबह 3:00 बजे 10 फीट ऊंची दीवार फनकार घर में घुस गई और तलाशी लिए पूर्ण नाम टीम में दो महिलाएं भी थी। उन्होंने बताया कि उनके छोटे भाई दिवंगत अब्दुल अहद के घर में घुसकर तलाशी ली गई। उन्होंने बताया कि किसी तरह का कोई सामान या आपत्तिजनक सामग्री नहीं मिली।
निकाह के बाद जश्न में गोली चली दूल्हे की मौत
खगड़िया से प्रभात खबर के अनुसार निकाह की रस्म के बाद हर्ष फायरिंग में गोली लगने से दूल्हे की मौत हो गयी. घटना मुफस्सिल थाना क्षेत्र के कुतुबपुर गांव की है. बताया जाता है कि शनिवार की देर रात कुतुबपुर गांव के वार्ड संख्या 5 निवासी मो. इमरान के 22 वर्षीय पुत्र मो. इरशाद की गोली लगने से मौत हो गयी. कुतुबपुर निवासी मो. अमजद के घर शादी समारोह का आयोजन किया जा रहा था. निकाह के बाद बारातियों के बीच छुआरा वितरण की रस्म चल रही थी. इसी दौरान आगे में बैठे बारात पक्ष के एक युवक ने हर्ष फायरिंग शुरू कर दी. पहली फायरिंग पंडाल छेद करते हुए निकल गयी. दूसरी फायरिंग करने के दौरान पिस्टल में कारतूस फंस गया. उसके बाद जैसे ही पिस्टल का ट्रिगर दबाया तो गोली चल गयी. गोली दूल्हे के गले में जाकर लग गई। दूल्हे को अस्पताल ले जाया गया लेकिन वहां से उसे बेगूसराय रेफर किया गया. बेगूसराय के डॉक्टर ने भी पटना रेफर कर दिया लेकिन इस दौरान जख्मी दूल्हे की रास्ते में ही मौत हो गई.
कुछ और सुर्खियां:
● 1993 बैच के आईएएस अधिकारी मिहिर कुमार सिंह बिहार के नए विकास आयुक्त बने
● पटना में अवैध रूप से बांग्लादेश और नेपाल भेजी जा रही 70 लख रुपए की कफ सिरप और नशीली दवाएं जब्त
● कुहासे को वजह बता कर गया जंक्शन से गुजरने वाली कई ट्रेनें आज से कैंसिल
● साइबर फ्रॉड, फेक करेंसी और हवाला कारोबार से जुड़े मामले में एनआईए ने पूर्वी चंपारण के चकिया में की छापेमारी
● श्रीलंका के बाद तमिलनाडु में भी दित्वा तूफान का कर तीन लोगों की मौत
● अमेरिका के शहर कैलिफोर्निया के बैंक्वेट हॉल में गोलीबारी, चार लोग की मौत, 10 लोग घायल
● भारत ने दक्षिण अफ्रीका को रांची के पहले वनडे में 17 रनों से हराया, विराट कोहली ने 52वां वन डे शतक लगाया
अनछपी: हमारे देश और समाज में आमतौर पर यह समझा जाता है कि इंजीनियरिंग व मेडिकल में एडमिशन की तैयारी के लिए कोटा जाने वाले लड़के ज्यादा सुसाइड करते हैं और यह बात एक हद तक सही भी है लेकिन बिहार जैसे राज्य में कॉम्पटीटिव एग्जाम और नौकरी के इम्तिहानों का दबाव इतना बढ़ गया है कि यहां भी सुसाइड की घटनाएं होने लगी हैं लेकिन ऐसा लगता है कि समाज और सरकार का इस पर बिल्कुल ध्यान नहीं है। पहले हम दूसरी जगहों के बारे में ऐसा सुनते थे कि किसी ने वीडियो कॉल कर सुसाइड करने की बात कही और फिर फांसी लगा ली। अब पटना के गर्दनीबाग थाना क्षेत्र के अनीसाबद की पुलिस कॉलोनी पहाड़पुर से ख़बर आई है कि एक युवक ने इसी तरह फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। 29 साल के इस युवक के बारे में बताया गया कि उसके पिता किराना दुकान चलाते थे और वह प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करता था। पुलिस ने कमरे की छानबीन की लेकिन सुसाइड नोट नहीं मिला है। पुलिस ने उसका मोबाइल फोन अपने पास रख लिया है ताकि जांच कर सके लेकिन आसपास के लोगों का कहना है कि वह कुछ समय से परेशान चल रहा था। यह पता नहीं चल पाया कि जब उसे युवक ने अपने पिता को वीडियो कॉल कर आत्महत्या करने की बात बताई तो वह दोनों कितनी दूर थे। इस खबर में जानकारी नहीं दी गई है लेकिन ऐसा लगता है कि शायद पिता पुत्र दोनों अलग-अलग जगह रह रहे थे। यह जरूर बताया गया है कि जब उसने वीडियो कॉल सुसाइड की बात कही तो उसके पिता ने उसे ऐसा करने से रोकने की कोशिश की और भागते हुए वह उसके कमरे तक पहुंचे भी लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। हमारे लिए सोचने की बात यह है कि यह कोई अकेला मामला नहीं है और हमारे हजारों बच्चे इस तरह के तनाव में जी रहे हैं। वैसे तो विशेषज्ञ सुसाइड से बचने के तरीके बताते रहे हैं लेकिन मोटे तौर पर यह कहा जा सकता है कि बच्चों से लगातार संपर्क बनाए रखना, उनसे बातचीत करना और उनकी समस्याओं के बारे में पूछते रहना जहर जरूरी है। इस बातचीत का मुख्य बिंदु यह होना चाहिए कि बच्चों को किसी तरह का कोई नुकसान न पहुंचे और बाकी बातें उसके बाद ही आती हैं।
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