छपी-अनछपी: वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति को उठा ले गया अमेरिका, अभी कोल्ड डे जारी रहेगा

बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। अमेरिकी सेना ने शुक्रवार-शनिवार की देर रात वेनेजुएला में अभूतपूर्व सैन्य कार्रवाई को अंजाम दिया। महज डेढ़ घंटे चले ऑपरेशन के बाद अमेरिकी कमांडो वहां के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को बंदी बनाकर साथ ले गए। पूरे बिहार में जबरदस्त सर्दी और कोहरे का दौर फिलहाल जारी रहेगा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ऐलान किया है कि बुजुर्गों को उनके घर पर मेडिकल सेवाएं दी जाएंगी।

और, जानिएगा कि कैसे फ्रॉड करने वालों ने बिहार के एक युवक को फ़र्ज़ी रिज़ल्ट के साथ आईएएस की ट्रेनिंग लेने भेज दिया।

पहली ख़बर

हिन्दुस्तान के अनुसार कई महीनों से चली आ रही तनातनी और युद्ध की आशंकाओं के बीच अमेरिकी सेना ने शुक्रवार-शनिवार की देर रात वेनेजुएला में अभूतपूर्व सैन्य कार्रवाई को अंजाम दिया। महज डेढ़ घंटे चले ऑपरेशन के बाद अमेरिकी कमांडो वहां के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को बंदी बनाकर साथ ले गए। भारतीय समय के अनुसार शनिवार रात सवा दस बजे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने राष्ट्र के नाम संबोधन में कहा कि हमने मादुरो और उनकी पत्नी को पकड़ लिया है। अब मादुरो को अमेरिका के खिलाफ किए अपराधों के लिए न्याय के कठघरे में लाया जाएगा। इस कार्रवाई को ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजाल्व का नाम दिया गया।

अमेरिका का कब्ज़ा जारी रहेगा

ट्रंप ने कहा कि हालात सामान्य होने तक वेनेजुएला पर अमेरिका का नियंत्रण रहेगा, हम उनके तेल के कारोबार को अपने हाथ में लेंगे। अमेरिकी कंपनियां वहां के तेल कारोबार के तंत्र को दुरुस्त करेंगी। इससे पहले, वेनेजुएला में सत्तारूढ़ पार्टी के नेता नहुम फर्नांडीज ने बताया कि मादुरो को काराकस स्थित सैन्य अड्डे के भीतर उनके आवास से पकड़ा गया। मीडिया रिपोर्ट्स में अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया गया कि मादुरो और पत्नी को सेना ने बेडरूम से घसीटकर निकाला। कार्रवाई के समय रात के दो बज रहे थे। अमेरिका का कहना है कि कार्रवाई का उद्देश्य मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े नेटवर्क को तोड़ना है।

डेल्सी रोड्रिग्ज को राष्ट्रपति पद की शपथ दिला दी गई: ट्रंप

ट्रंप के दावे के अनुसार मादुरो के पकड़े जाने के बाद डेल्सी रोड्रिग्ज को राष्ट्रपति पद की शपथ दिला दी गई है। हालांकि, वेनेजुएला सरकार ने इसकी पुष्टि नहीं की है। कराकास की मूल निवासी डेल्सी रोड्रिग्ज का जन्म 18 मई 1969 को हुआ। 56 वर्षीय डेल्सी के पिता जॉर्ज एंटोनियो रोड्रिग्ज वामपंथी गुरिल्ला लड़ाके थे, जिन्होंने 70 के दशक में ‘क्रांतिकारी लीग सोशलिस्ट पार्टी’ का गठन किया। उनके भाई जॉर्ज रोड्रिग्ज नेशनल असेंबली के अध्यक्ष हैं। डेल्सी पेशे से वकील हैं।

धमाकों से नींद खुली

वेनेजुएला में तड़के अचानक तेज धमाकों से नींद खुली तो लोगों को कुछ पल तक समझ ही नहीं आया कि हो क्या रहा है। कुछ ही देर में आसमान गूंज उठा, जमीन कांपने लगी और बेहद नीचे उड़ान भरते लड़ाकू विमानों की गड़गड़ाहट से पूरे कराकस में अफरातफरी मच गई। घबराए लोग घरों से बाहर निकल आए। कोई इधर-उधर भागता दिखा। हमले के कुछ घंटे बाद राजधानी की तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी थी। राष्ट्रपति भवन मिराफ्लोरेस के आसपास भारी हथियारों से लैस सुरक्षाबलों की तैनाती दिखी, लेकिन शहर के बड़े हिस्से में सन्नाटा पसरा रहा। जिन इलाकों को सत्तारूढ़ दल का गढ़ माना जाता है, वहां हथियारबंद लोग सड़कों पर दिखे पर बाकी क्षेत्रों में दुकानें बंद रहीं और सड़कें खाली नजर आईं।

घना कोहरा और कोल्ड डे जारी रहेगा

बिहार में फिलहाल भीषण ठंड से राहत मिलने के आसार नहीं है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार राज्य में तापमान में गिरावट आने के साथ ठंड और कोहरे में वृद्धि की संभावना है। अगले 24 घंटों के दौरान अधिकतम तापमान में एक से तीन डिग्री सेल्सियस गिरावट की संभावना है। चार से पांच दिनों के दौरान घना कोहरे का प्रभाव बना रहेगा। मौसम विज्ञान केंद्र पटना के अनुसार रविवार को पटना सहित अधिसंख्य भागों में घना कोहरा छाए रहने के साथ कोल्ड डे की चेतावनी है। खगड़िया, मुंगेर, भागलपुर, जमुई, बांका में घना कोहरा को लेकर यलो अलर्ट जारी किया गया। राज्य में सबसे कम न्यूनतम तापमान 6.4 डिग्री सेल्सियस भागलपुर सबौर में दर्ज किया गया। राजधानी का न्यूनतम तापमान 10.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।

बुजुर्गों के लिए होम हेल्थकेयर

भास्कर के अनुसार बिहार सरकार ने वरिष्ठ नागरिकों के जीवन को आसान और सम्मानजनक बनाने की दिशा में एक बड़ा और दूरगामी कदम उठाया है। राज्य में अब बुजुर्गों को इलाज के लिए अस्पतालों और क्लीनिकों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे, बल्कि स्वास्थ्य सेवाएं खुद उनके घर तक पहुंचेंगी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सात निश्चय पार्ट 3 के तहत ‘सबका सम्मान-जीवन आसान’ के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए यह फैसला लिया है, जिसकी घोषणा उन्होंने शनिवार सुबह सोशल मीडिया के जरिए की। नई व्यवस्था के तहत बुजुगों को घर बैठे पैथोलॉजी जांच, ब्लड प्रेशर की जांच और ईसीजी जैसी जरूरी मेडिकल जांच की सुविधा मिलेगी। आवश्यकता पड़ने पर डॉक्टर खुद घर पहुंचकर परामर्श और इलाज करेंगे, जबकि नर्सिंग केयर भी उपलब्ध कराई जाएगी। स्वास्थ्य विभाग इसके लिए कार्ययोजना बना रहा है।

बिहार के युवक के साथ फ्रॉड: फ़र्ज़ी रिज़ल्ट के साथ आईएएस की ट्रेनिंग लेने भेजा

हिन्दुस्तान के अनुसार मसूरी स्थित एलबीएस एकेडमी में आईएएस की ट्रेनिंग लेने के लिए संदिग्ध युवक के पहुंचने से हड़कंप मच गया। प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ कि युवक फर्जी यूपीएससी रिजल्ट के आधार पर एलबीएस में ट्रेनिंग के लिए आया था। हरियाणा में आरोपियों ने युवक को फर्जी यूपीएससी का रिजल्ट तैयार कर उसे उत्तीर्ण दिखाया और 27564 रुपये की ठगी की। खुफिया एजेंसी ने युवक से पूछताछ की है। मसूरी पुलिस ने जीरो एफआरईआर दर्ज कर ली है। युवक मूल रूप से बिहार का रहने वाला है। जानकारी के अनुसार शनिवार को एक युवक एलबीएस एकेडमी के गेट पर पहुंचा। यहां युवक ने खुद को यूपीएससी परीक्षा में उत्तीर्ण बताकर ट्रेनिंग के लिए आने की बात कही। सुरक्षा कर्मियों ने यह जानकारी एलबीएस प्रबंधन को दी। प्रबंधन के पास युवक के संबंध में कोई जानकारी नहीं थी जिसके बाद प्रबंधन ने युवक से जानकारी ली। युवक ने नाम पुष्पेश सिंह पुत्र राकेश कुमार सिंह निवासी अरियॉव पो. फुलवरिया ताजपुर थाना दाउतपुर जिला- सारण बिहार बताया।इसकी सूचना मसूरी पुलिस को दीगई।सूचना के बाद खुफिया विभाग व मसूरी पुलिस मौके पर पहुंची। युवक से पूछताछ की गई। युवक ने कुछ दस्तावेज पुलिसकर्मियों को दिखाए जो फर्जी निकले।

कुछ और सुर्खियां:

  • छत्तीसगढ़ में सुरक्षा बलों ने 14 नक्सलियों को मार गिराने का दावा किया
  • मोकामा के पास ट्रेन के इंजन में भैंस फंसी, पटना- हावड़ा अप लाइन पर 3 घंटे तक आवाज ही बंद रही
  • मुजफ्फरपुर के एग्रीकल्चर ऑफ़िसर सुधीर कुमार रिश्वत लेते गिरफ्तार, घर से 11 लाख नक़द बरामद
  • कोलकाता नाइट राइडर्स ने बांग्लादेश के गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को बीसीसीआई के कहने पर टीम से निकाला

अनछपी: अमेरिका ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति को जिस तरह उनके राष्ट्रपति आवास से उठा लिया और दावा किया कि उन्हें न्यूयॉर्क लाया गया है जहां उन्हें मुकदमे का सामना करना पड़ेगा, उसमें दुनिया के लिए जानने की कोई नई बात नहीं है लेकिन यह बात जरूर याद रखने की है कि ऐसे वक्त में दुनिया अमेरिका को रोक नहीं पाई। रूस, चीन, यूरोपीय यूनियन, ब्राज़ील कोलंबिया और दूसरे कई देशों ने इस घटना पर चिंता तो व्यक्त की लेकिन किसी ने खुलकर अमेरिका का ऐसा विरोध नहीं किया जिससे इस कार्रवाई पर कोई फर्क पड़े। यानी अमेरिका को भी मालूम है कि दुनिया निंदा चाहे जितनी कर ले उसकी किसी कार्रवाई पर कोई असर नहीं पड़ेगा और वह अपनी मनमानी करेगा। एक जमाने में सुपर पावर माने जाने वाला ब्रिटेन अब तो केवल अमेरिका का पिछलग्गू बनकर रह गया है। इससे पहले अमेरिका ने वियतनाम, इराक, अफगानिस्तान, पनामा और कई दूसरे देशों में सत्ता परिवर्तन के लिए वहां के चुने हुए या घोषित शासन अध्यक्षों के साथ यही हाल किया। इराक के राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन को जिस तरह फांसी दी गई वह बहुत पुरानी बात नहीं है। एक जमाने में अमेरिका के लिए सबसे बड़ी रुकावट रूस को माना जाता था लेकिन अब वह वैसा शक्तिशाली रहा नहीं। दूसरी तरफ रूस खुद यूक्रेन पर कब्जा करने की कोशिश में लगा हुआ है और इस मामले में अमेरिका का रोल वही है जो रूस के मामले में वेनेजुएला का है बल्कि एक हद तक अमेरिका तो रूस की मदद ही कर रहा है। चीन की नजर ताइवान पर है और उसने हालांकि अमेरिका की कार्रवाई की निंदा की है लेकिन वह भी वेनेजुएला के लिए अपने हित को नुकसान नहीं पहुंचाएगा। कुल मिलाकर यह लड़ाई वेनेजुएला के लोगों को ही लड़नी है। इससे पहले अमेरिका को वियतनाम में वहां के लोगों की लड़ाई की वजह से ही भागना पड़ा और यही मामला अफगानिस्तान में भी हुआ। अमेरिका को ताकत का जो नशा है वह बार-बार टूटने के बावजूद पूरी तरह से खत्म नहीं होता और कोई ना कोई शासक उठकर किसी न किसी देश पर कब्ज़ा कर लेता है। इस वक्त यह बता पाना बिल्कुल मुमकिन नहीं है कि अमेरिका का नशा पूरी तरह खत्म होने में कितने साल और लगेंगे, अलबत्ता यह जरूर है कि लोगों का संघर्ष कभी खत्म नहीं होगा।

 

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