छपी-अनछपी: ट्रंप का ‘समझौता-हमला’ समझ से बाहर, नीतीश-नवीन का इस्तीफा

बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। ईरान पर हमले को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के अजीबोगरीब बयान जारी हैं और वह एक साथ समझौता और हमला दोनों की बात कर रहे हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विधान परिषद की सदस्यता से और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। भारतीय शेयर बाजार कोरोना के बाद सबसे बड़े संकट में फंस गया है।

और, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का ऐलान- देश नक्सलमुक्त।

पहली ख़बर

जागरण के अनुसार पश्चिम एशिया में महीनेभर से जारी युद्ध के बावजूद ईरान के झुकने के कोई स्पष्ट संकेत नहीं मिले हैं। अमेरिकी सैन्य तैयारियों और क्षेत्र में अतिरिक्त सैनिक तैनाती के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लगातार बदलते और परस्पर विरोधी बयानों ने स्थिति को और अधिक उलझा दिया है। एक ओर वह ईरान के साथ समझौते को निकट बताते हैं, वहीं दूसरी ओर खुले तौर पर उसके ऊर्जा ढांचे, तेल भंडार और रणनीतिक प्रतिष्ठानों को नष्ट करने की धमकी दे रहे हैं। इन सबके बीच ट्रंप ने ये भी कहा कि उनकी नजर ईरान के तेल पर है। सोमवार को ट्रंप ने फिर कहा कि ईरान को अमेरिका की 15 सूत्रीय मांगों पर शीघ्र सहमत होना चाहिए और होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह खोलना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ऐसा नहीं हुआ तो अमेरिका ईरान के सबसे महत्वपूर्ण रणनीतिक केंद्रों खार्ग द्वीप, बड़े बिजली उत्पादन संयंत्रों, तेल कुओं और जलशोधन केंद्रों को निशाना बना सकता है।

ईरान ने इसराइल की तेल रिफाइनरी उड़ाई

हिन्दुस्तान के अनुसार ईरान ने सोमवार को इजरायल के उत्तरी शहर हाइफा में स्थित तेल रिफाइनरी पर मिसाइल से हमला किया। इस हमले के बाद हाइफा रिफाइनरी में भीषण आग लग गई। इजरायली मीडिया में प्रसारित तस्वीरों में रिफाइनरी से काले धुएं का गुबार उठता हुआ दिखाई दे रहा है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि रिफाइनरी पर सीधे ईरान या लेबनान से आई किसी मिसाइल से हमला हुआ था, या फिर मिसाइल को बीच में ही रोकने के दौरान गिरे मलबे से उसे नुकसान पहुंचा था। लेकिन घटना उस बयान के तुरंत बाद हुई, जिसमें सेना ने कहा था कि ईरान की ओर से दागी गई मिसाइलों के नए जत्थे का पता चला है।

ईरान पर हमले को निकले अमेरिकी विमानों के लिए स्पेनिश हवाई क्षेत्र बंद

स्पेन की वामपंथी सरकार ने ईरान के खिलाफ मिशन पर निकले अमेरिकी विमानों के लिए स्पेनिश हवाई क्षेत्र बंद कर दिया है। इसके अलावा, वाशिंगटन को अपने सैन्य अड्डों का इस्तेमाल करने से भी मना कर दिया है। यह बात सोमवार को रक्षा मंत्री ने कही। मार्गरीटा रोबल्स ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि इन अड्डों के इस्तेमाल की अनुमति नहीं है। ईरान युद्ध से जुड़ी कार्रवाई के लिए स्पेनिश हवाई क्षेत्र के इस्तेमाल की भी अनुमति नहीं है।

नीतीश और नितिन का बिहार विधान मंडल से इस्तीफा

प्रभात खबर के अनुसार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को विधान परिषद व भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया. 2006 से लगातार विधान परिषद के सदस्य रहे नीतीश कुमार का इस्तीफा लेकर विधान परिषद पहुंचे पार्टी के मुख्य सचेतक संजय गांधी ने सभापति अवधेश नारायण सिंह को इस्तीफा सौंप दिया. सभापति ने मुख्यमंत्री का इस्तीफा स्वीकार कर लिया. वहीं बांकीपुर विधानसभा सीट से विधायक रहे नितिन नवीन का इस्तीफा पत्र भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने विधानसभा अध्यक्ष को दिया. विधानसभा अध्यक्ष डॉ प्रेम कुमार ने भी उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया. इस्तीफे के बाद दोनों सीटों को खाली घोषित कर दिया गया. मुख्यमंत्री 16 मार्च को राज्यसभा के लिए निर्वाचित हो चुके हैं. पार्टी सूत्रों के मुताबिक वे पहले राज्यसभा के सदस्यता ग्रहण करेंगे. इसके बाद सीएम पद से इस्तीफा देंगे. नौ अप्रैल के बाद कभी भी वे राज्यसभा की सदस्यता के लिए शपथ ले सकते हैं. इसके पहले विधान परिषद में मुख्यमंत्री का इस्तीफा लेकर आये संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि इस्तीफा का पत्र लेकर संजय गांधी और वे सभापति से मिलने आए हैं.

कोरोना के बाद सबसे बुरे हाल में भारतीय शेयर बाजार

हिन्दुस्तान के अनुसार घरेलू शेयर बाजारों में सोमवार को चालू वित्त वर्ष के अंतिम कारोबारी सत्र में तेज गिरावट आई और सेंसेक्स 1,636 अंक लुढ़क गया। वहीं, एनएसई निफ्टी 488 अंक के नुकसान में रहा। पश्चिम एशिया में संघर्ष जारी रहने और कच्चे तेल के दाम में तेजी से बाजार में भारी बिकवाली हुई। इसी के साथ मार्च 2020 के बाद शेयर बाजार का यह सबसे खराब प्रदर्शन है। पश्चिम एशिया में युद्ध तेज होने की आशंका से निवेशक जोखिम लेने से बचते दिख रहे हैं। इसके अलावा विदेशी निवेशकों की रिकॉर्ड बिकवाली ने भी बाजार में घबराहट का माहौल बना रखा है। इससे पूरे बाजार में बिकवाली का माहौल रहा और हर सेक्टर में बिकवाली नजर आई। वित्त वर्ष 2025-26 में बीएसई सेंसेक्स 5,467.37 अंक यानी सात प्रतिशत लुढ़का है, जबकि निफ्टी 1,187.95 अंक यानी पांच प्रतिशत नीचे आया है।

सीएए के विरुद्ध आंदोलन के दौरान चर्चित चेहरा रहे शरजील इमाम का पैरोल खत्म

हिन्दुस्तान के अनुसार नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के विरुद्ध आंदोलन के दौरान चर्चित चेहरा रहे दिल्ली दंगा में आरोपी छात्र नेता शरजील इमाम सोमवार को अपनी अंतरिम जमानत की अवधि समाप्त होने पर आत्मसमर्पण करने के लिए सोमवार की सुबह दिल्ली के लिए रवाना हो गए। पैतृक गांव काको से उनकी विदाई का दृश्य अत्यंत भावुक रहा। परिजनों और ग्रामीणों ने भावुक होकर विदायी दी। उल्लेखनीय है कि शरजील इमाम को उनके छोटे भाई की शादी में शामिल होने के लिए न्यायालय द्वारा 20 मार्च से 30 मार्च तक दस दिनों की अंतरिम जमानत प्रदान की गई थी। इस अवधि में उनके घर में खुशी का माहौल बना रहा।

देश नक्सलमुक्त: शाह

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को देश के नक्सलवाद से होने की घोषणा की। उन्होंने संसद में कहा, औपचारिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद इसकी जानकारी देश को दी जाएगी। गृह मंत्री ने कहा, अब हथियार उठाने वालों को उसकी कीमत चुकानी होगी। अन्याय का समाधान संविधान में है, हथियार में नहीं। शाह लोकसभा में ‘वामपंथी उग्रवाद से देश को मुक्त करने के प्रयास’ पर चर्चा का जवाब दे रहे थे। शाह ने 24 अगस्त 2024 को देश से नक्सलवाद के सफाये की डेडलाइन 31 मार्च 2026 तय की थी। इसके पूरा होने से एक दिन पहले ही उन्होंने सदन को बताया कि इस दौरान 706 नक्सली मारे गए। 4839 ने सरेंडर किया। 2218 गिरफ्तार हुए। इनमें लगभग सभी बड़े व ईनामी नक्सली हैं। उन्होंने कांग्रेस पर आदिवासियों की अनदेखी करने का आरोप लगाया।

कुछ और सुर्खियां:

  • इंट्रा डे में भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले पहली बार 95 के पार पहुंचा
  • बिहार की अदालतों को बम से उड़ने की धमकी देने के आरोप में श्रीनिवास को मैसूर से गिरफ्तार किया गया
  • आंधी बारिश से प्रभावित बिहार के 12 जिलों के 111 प्रखंडों के किसानों को अनुदान मिलेगा
  • राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज नालंदा यूनिवर्सिटी के कन्वोकेशन में आएंगी
  • नेपाल के सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली की गिरफ्तारी पर सरकार से जवाब तलब किया

अनछपी: वैसे तो वर्तमान लोकसभा अध्यक्ष का नाम ओम बिड़ला है लेकिन विपक्ष की तरफ से मामूली सी आलोचना के शुरू होते ही वह जैसे ‘नो नो नो’ कहते हैं, उससे सबक लेते हुए अगर कोई उन्हें ‘नो-नो बिड़ला’ कहे तो इसे मानहानि का मुद्दा बनाया जा सकता है लेकिन हक़ीक़त कुछ वैसी ही लगती है। खासकर अगर कोई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सवाल खड़ा करे या उनकी आलोचना करे तो ओम बिड़ला विपक्ष के सदस्यों का मुंह तुरंत बंद करना चाहते हैं। हाल ही में लोकसभा के एक सदस्य ने यह सवाल पूछना चाह कि क्या डॉलर के मुकाबले रुपए का मूल्य गिरने से प्रधानमंत्री की गरिमा भी गिर रही है या नहीं, तो ओम बिड़ला फिर ‘नो नो नो’ करने लगे। ध्यान रहे कि नरेंद्र मोदी जब प्रधानमंत्री नहीं बने थे तो वह कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार के दौर में डॉलर के मुकाबले रुपए की कीमत गिरने के बाद यही कहते थे कि इससे प्रधानमंत्री की साख भी गिरती है। उस समय एक डॉलर के बदले रुपए की कीमत 65 तक थी। अब डॉलर के मुकाबले रुपए की कीमत 95 तक पहुंच गई है तो इस पर ना तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कुछ बोलते हैं ना ओम बिड़ला सहजता से कुछ बोलने देते हैं। वैसे सिर्फ प्रधानमंत्री मोदी ही नहीं बल्कि कांग्रेस के जमाने में बड़े-बड़े फिल्म स्टार और कथित योग गुरु भी इसी तरह की बात किया करते थे। भारत में इस बात की चर्चा जरूरी हो गई है कि $1 के मुकाबले अगर जल्द ही ₹100 मिलने लगे तो इससे अर्थव्यवस्था पर क्या असर होगा और क्या इतना बुरा हाल मोदी सरकार की गलत नीतियों की वजह से हुआ है। या नरेंद्र मोदी जिस तरह रुपए की कीमत गिरने को प्रधानमंत्री की साख गिरना बताते थे वह गलत था। बेहतर होगा कि लोकसभा में ‘नो नो नो’ का डंडा ज़ब्त किया जाए और आलोचना-विवेचना के लिए अनुमति दी जाए।

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