छ्पी-अनछपी: सम्राट को आई नीतीश की याद, परिसीमन पर विपक्षी दल लेंगे सरकार से टक्कर

बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। 15 अप्रैल को सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री पद का शपथ लिया तो इससे जुड़े विज्ञापन में पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार गायब थे लेकिन 16 अप्रैल को छपे विज्ञापन में नीतीश की वापसी हुई है। परिसीमन के मुद्दे पर विपक्ष ने सरकार को टक्कर देने का फैसला किया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान से समझौते की बात दोहरा रहे हैं।

और, जानिएगा कि कैसे शेयर ट्रेडिंग में मुनाफा दिखाती रही युवती ने रिटायर्ड बैंक मैनेजर से 97 लाख रुपए की ठगी कर ली।

पहली ख़बर

15 अप्रैल को सम्राट चौधरी के शपथ ग्रहण समारोह के बारे में अखबारों में जो विज्ञापन दिया गया था उसमें केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सम्राट चौधरी की तस्वीर थी। ऐसा लगता है कि उसकी भरपाई में 16 अप्रैल को अखबारों में जो विज्ञापन छपा है उसमें ऊपर तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की तस्वीर है लेकिन नीचे सम्राट चौधरी के साथ पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के भी तस्वीर है।

सम्राट के साथ विजय और विजेंद्र ने भी ली शपथ

हिन्दुस्तान के अनुसार भाजपा के वरिष्ठ नेता सम्राट चौधरी ने बुधवार को बिहार के 24वें मुख्यमंत्री के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ ली। इसके साथ ही उन्होंने एनडीए की नई सरकार की कमान भी संभाल ली है। बिहार में भाजपा के 46 साल के सियासी सफर में पहली बार इस दल का मुख्यमंत्री बना है। एनडीए के शीर्षस्थ नेताओं और बड़ी संख्या में समर्थकों की मौजूदगी में लोकभवन में आयोजित एक सादे समारोह में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (से.) सय्यद अता हसनैन ने सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलायी। जदयू के दो वरिष्ठ नेता विजय कुमार चौधरी और बिजेन्द्र प्रसाद यादव ने मंत्री पद की शपथ ली। दोनों सरकार में उप मुख्यमंत्री बने हैं। तीनों नेताओं ने हिन्दी में शपथ ली। शपथ समारोह में सम्राट चौधरी के समर्थन में खूब नारे लगे।

अगले माह होगा मंत्रिमंडल का विस्तार

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी अगले महीने मई में अपने मंत्रिमंडल का विस्तार करेंगे। जिसमें एनडीए के सभी घटक दलों लोजपा (रा), रालोमो और हम (से) को भी प्रतिनिधित्व मिलेगा। घटक दलों को विधानसभा में उनकी सदस्य संख्या के अनुपात में जगह मिलेगी। अभी राज्य मंत्रिपरिषद में 33 पद रिक्त रह गए हैं। माना जा रहा है कि कैबिनेट विस्तार में नीतीश सरकार का फॉर्मूला ही रहेगा और ज्यादातर पुराने चेहरे को जगह मिलेगी। हालांकि कुछ नए चेहरे भी शामिल हो सकते हैं। माना जा रहा है कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद विस्तार किया जाएगा।

मोदी-नीतीश मॉडल से चलेगा बिहार: सम्राट

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बुधवार को शपथ लेने के बाद कहा कि बिहार में मोदी-नीतीश मॉडल ही चलेगा। उन्होंने जनता को आश्वस्त करते हुए कहा कि विकास और सुशासन उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने आज से ही बिहार के लिए काम करना शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री ने अपने कार्यों की प्राथमिकताएं भी गिनाईं। इसके पहले मुख्य सचिवालय में उन्होंने सूबे के वरीय अधिकारियों के साथ बैठक की और कहा कि अधिकारी दोगुनी गति से काम करें। बिहार में जो भी काम हो रहे हैं, उसका संचालन अच्छे ढंग से हो रहा है। आप सभी काम की गति को और तीव्र करें। दुगुनी गति से काम होने पर समस्याओं का समाधान तेजी से होगा। उन्होंने सभी विभागों की योजनाओं की अद्यतन स्थिति की रिपोर्ट भी मांगी है। वे शीघ्र उनकी समीक्षा करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में भ्रष्टाचार खत्म करने को लेकर जीरो टॉलरेंस की नीति पर पूरी दृढ़ता से काम करना है। ऊपर से नीचे तक किसी भी कीमत पर भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

परिसीमन पर विपक्षी दल लेंगे सरकार से टक्कर

सरकार लोकसभा की सीटें बढ़ाने के लिए नए सिरे से परिसीमन करना चाहती है और इसके लिए सत्र बुलाया गया है। सीट निर्धारण के लिए 2011 की जनगणना को आधार बनाया जाना है लेकिन इस मुद्दे पर विवाद शुरू हो गया है। विपक्षी दलों का कहना है कि परिसीमन से दक्षिण भारत की तुलना में उत्तर के राज्यों की सीटों में अधिक वृद्धि हो सकती है। इससे भाजपा को लाभ मिल सकता है, क्योंकि इन राज्यों में उसकी स्थिति मजबूत है, जबकि दक्षिण और अन्य राज्यों की हिस्सेदारी घट सकती है। हालांकि, सरकार की ओर से स्थिति स्पष्ट की गई है कि सभी राज्यों में 50 प्रतिशत सीटें बढ़ाई जाएंगी। सीटों की संख्या अलग से शेड्यूल में होगी, जिसमें यह दिखाया जाएगा कि किस राज्य में कितनी सीटें बढ़ रही हैं। परिसीमन से जुड़े प्रविधानों के विरोध के विपक्ष के पलान से स्पष्ट है कि वह 13 1वें संविधान संशोधन के खिलाफ बोट करेगा। संविधान संशोधन विधेयक पारित कराने के लिए लोकसभा के मौजूदा 543 या सदन में उपस्थित कुल सदस्यों के दो तिहाई बहुमत की जरूरत है यानी सरकार को 360 से अधिक सदस्यों का समर्थन चाहिए। एनडीए के पास लोकसभा में अभी कुल 293 सदस्य है और विपक्ष के समर्थन के बिना संविधान संशोधन पारित होना मुश्किल है।

नए प्रस्ताव में क्या है?

लोकसभा सीटों की संख्या 545 से बढ़ाकर 850 करने का प्रस्ताव है। इसमें राज्यों की सीटें 530 से बढ़ाकर 815 और केंद्र शासित प्रदेशों की सीटें 20 से बढ़ाकर 35 तक करने की बात कही गई है। दूसरा बदलाव जनसंख्या के आधार से जुख है। पहले तय था कि नवीनतम जनगणना के आंकड़ों के आधार पर सीटों का निर्धारण होगा, लेकिन अब यह निर्णय संसद पर छोड़ा जाएगा। यानी बहुमत से यह तय किया जा सकेगा कि परिसीमन के लिए किस जनगणना को आधार बनाया जाए। तीसरा बदलाव 1976 से लागू उस सुरक्षा प्राविधान को हटाने से जुड़ा है, जो जनसंख्या नियंत्रण वाले राज्यों को राजनीतिक नुकसान से बचाता था। अब जनसंख्या आधारित सेट निर्धारण का रास्ता साफ हो सकता है।

ट्रंप ने फिर की ईरान से समझौते की बात

पश्चिम एशिया में युद्ध समाप्त करने के लिए अमेरिका और ईरान के बीच इस्लामाबाद में वार्ता के दूसरे दौर की तैयारियां की जा रही हैं। बातचीत के प्रति सकारात्मक संकेत देते हुए अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान के साथ युद्ध जल्द ही समाप्त हो सकता है और दो हफ्ते के युद्धविराम को संभवतः आगे बढ़ाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। उन्होंने दुनिया से अगले दो शानदार दिन पर नजर रखने को कहा।

बैंक मैनेजर से 97 लाख की ठगी

प्रभात ख़बर के अनुसार सोशल मीडिया के जरिये निवेश का झांसा देकर साइबर ठगों ने एसबीआइ के रिटायर्ड बैंक मैनेजर से 97 लाख रुपये से अधिक की बड़ी ठगी कर ली. फेसबुक पर आये एक आकर्षक विज्ञापन ने उन्हें ऐसे जाल में फंसा दिया, जहां फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म, वीडियो कॉलिंग और भावनात्मक दबाव के सहारे धीरे-धीरे उनकी पूरी जमा पूंजी हड़प ली गयी. पूर्णिया स्थित एसबीआइ की होम लोन शाखा से 30 अगस्त 2024 को मुख्य प्रबंधक पद से रिटायर हुए अमरेंद्र कुमार सिन्हा फेसबुक पर एक्टिव थे. इसी दौरान उन्हें एक निवेश संबंधी विज्ञापन दिखाई दिया, जिस पर क्लिक करने के बाद उनकी बातचीत साक्षी अग्रवाल नाम की युवती से शुरू हुई. उसने खुद को मुंबई स्थित एक निजी कंपनी की सीइओ बताया. बाद में फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर पीड़ित को लाखों का मुनाफा दिखाया गया जो वास्तव में केवल स्क्रीन पर मौजूद अंक था असली पैसा नहीं।

कुछ और सुर्खियां:

  • ट्रैक पर शव देखने उतरे कालका एक्सप्रेस के यात्री वापस ट्रेन पर चढ़ने के दौरान इलाहाबाद के पास पुरुषोत्तम एक्सप्रेस की चपेट में आए चार यात्रियों की मौत
  • भारत से ₹100 से ज्यादा की खरीदारी पर अब नेपाल में भंडार यानी कस्टम शुल्क देना होगा
  • पूर्वी चंपारण में चार साइबर फ्रॉड गिरफ्तार, विदेश से इंटरनेट मीडिया पर भ्रामक पोस्ट कर डिजिटल अरेस्ट करते थे

अनछपी: नीतीश कुमार वैसे तो अब पूर्व मुख्यमंत्री हो गए हैं लेकिन उनके कार्यकाल में बिहार की वैसी इमारतें ढाह दी गई हैं जिन्हें विरासत का दर्जा मिल सकता था। ऐसा ही एक मामला सुल्तान पैलेस का है जो भले ही सरकारी दस्तावेजों में हेरिटेज बिल्डिंग का दर्जा न रखता हो लेकिन बहुत से लोगों के लिए वह एक विरासत से कम नहीं है। अब खबर आई है कि पर्यटन विभाग के तहत पटना के आर ब्लॉक स्थित परिवहन भवन ‘सुल्तान पैलेस’ की इमारत को तोड़कर वहां फाइव स्टार होटल बनाया जाएगा। इस इमारत को बहुत पुराना बताकर इसे तोड़कर यहां फाइव स्टार होटल बनाने का विरोध हो रहा था और इस वजह से यह मामला फंसा हुआ था। विरोध करने वालों का तर्क यह है कि इसे हेरिटेज साइट मान उसका रेनोवेशन कराकर इसे संरक्षित किया जाए और फिर होटल बनाया जाए। लेकिन सरकार इसे तोड़ने पर अड़ी हुई थी और इस मामले में फैसला लेने के लिए कला संस्कृति सचिव की अध्यक्षता में विशेष कमेटी का गठन किया गया था। कहा जा रहा है कि इस कमेटी ने पुरातत्व निदेशालय एवं भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के विशेषज्ञों से सलाह ली। कमेटी ने पाया कि यह भवन हेरिटेज भवनों की सूची में शामिल नहीं है। इसलिए पर्यटन विभाग का कहना है कि कला संस्कृति सचिव की अध्यक्षता वाली विशेष कमेटी की रिपोर्ट मिलने के बाद अब राज्य सरकार के स्तर पर सुल्तान पैलेस को तोड़कर फाइव स्टार होटल बनाने के लिए अंतिम निर्णय लिया जाएगा। यही नहीं, इसके लिए पर्यटन विभाग प्रस्ताव तैयार कर राज्य मंत्रिपरिषद की मंजूरी के लिए भेजेगा। अब चूंकि सरकार बदल गई है और पहली बार बिहार में भाजपा की सरकार बनी है तो क्या इस बात की उम्मीद बची है कि सुल्तान पैलेस को बचाया जा सकेगा?

 

 202 total views

Share Now