छ्पी-अनछपी: होर्मुज फिर बंद- भारत के जहाज रोके, महिला आरक्षण पर मोदी बोले- हम हारे नहीं

बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। अमेरिका द्वारा ईरानी बंदरगाहों, तटीय क्षेत्रों की नाकेबंदी जारी रखने के फैसले के बाद ईरान होर्मुज खोलने के फैसले को वापस ले लिया है और इस दौरान दो भारतीय पोत पर फायरिंग की गई। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्र के नाम संबोधन में विधेयक पास नहीं करा पाने के लिए नारी शक्ति से क्षमा मांगते हुए उन्होंने कहा कि हम नाकाम नहीं हुए हैं। कुछ संवेदनशील जगहों पर कथित तौर पर हमले की साज़िश के आरोप में कटिहार के सोहैल के साथ चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

पहली ख़बर

हिन्दुस्तान के अनुसार अमेरिका द्वारा ईरानी बंदरगाहों, तटीय क्षेत्रों की नाकेबंदी जारी रखने के फैसले के बाद ईरान होर्मुज खोलने के फैसले से पलट गया है। ईरान ने शनिवार को ऐलान किया कि जब तक ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिकी नाकेबंदी रहेगी होर्मुज नहीं खुलेगा। ईरान के खातम अल अंबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर के प्रवक्ता ने बताया अमेरिकी उल्लंघनों को आधार बनाकर होर्मुज पर पुरानी स्थिति फिर बहाल कर दी गई है। पहले की तरह चुनिंदा देशों के लिए ये खुला रहेगा। हर पोत को समुद्री मार्ग से निकलने के लिए पहले की तरह ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड से अनुमति लेनी होगी। ईरान के जॉइंट सेंट्रल कमांड ने बताया कि होर्मुज पर ईरान का पूरा नियंत्रण है। ईरानी संसद के अध्यक्ष मो. बागेर गालिबफ ने होर्मुज बंद करने से पहले शनिवार को चेताया था कि अगर अमेरिकी नाकेबंदी जारी रहेगी तो होर्मुज खुला नहीं रह सकता है। ईरान के नौसेना प्रमुख कमांडर शहराम ईरानी ने कहा है कि ट्रंप ने नाकेबंदी से ईरान नहीं अपने दास्तों का रास्ता रोका है।

दो भारतीय पोत पर फायरिंग

ईरान के होर्मुज बंद करने के ऐलान के बाद रिवोल्यूशनरी गार्ड ने शनिवार को दो भारतीय पोत पर फायरिंग कर दी। ईरानी कार्रवाई के चलते दोनों पोतों को रास्ता बदलकर वापस लौटना पड़ा। भारत ने घटना पर कड़ी नाराजगी जताते हुए भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फताली को तलब किया। भारतीय विदेश मंत्रालय ने शनिवार शाम साढ़े छह विदेश सचिव विक्रम मिसरी के कार्यालय में ईरानी राजदूत को तलब किया गया। सूत्रों के अनुसार, विदेश सचिव मिसरी ने शनिवार सुबह होर्मुज जलमार्ग पर भारत के झंडे वाले दो वाणिज्यिक पोतों पर ईरानी तटरक्षक बल द्वारा की गई फायरिंग पर गहरी चिंता प्रकट की। विदेश सचिव ने कहा कि भारत वाणिज्यिक नौवहन और नाविकों की सुरक्षा को बहुत महत्व देता है, उन्होंने याद दिलाया कि ईरान ने पहले भी भारत जाने वाले कई जहाजों को सुरक्षित रास्ता बनाने में मदद की थी।

हम हारे नहीं: मोदी

जागरण के अनुसार परिसीमन के साथ नारी शक्ति वंदन अधिनियम संशोधन विधेयक लोकसभा में पारित नहीं होने को सरकार की नाकामी बताने वालों को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने करारा जवाब दिया है। राष्ट्र के नाम संबोधन में विधेयक पास नहीं करा पाने के लिए नारी शक्ति से क्षमा मांगते हुए उन्होंने कहा कि हम नाकाम नहीं हुए हैं, हमारे हौसले बुलंद हैं और आधी आबादी को उनका हक दिलाने का संकल्प पूरा करके रहेंगे। अभी हमारे पास संख्या बल नहीं था, लेकिन हमारा आत्मबल अजेय है। हमारे पास आगे और मौके आएंगे। देश के भविष्य के लिए इस संकल्प को पूरा करना ही है। उन्होंने विधेयक पास नहीं होने के लिए कांग्रेस, तृणमूल, द्रमुक और सपा को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि देश की महिलाएं उन्हें कभी माफ नहीं करेंगी।

प्रियंका बोलीं- संघीय ढांचे-संविधान पर हमले की साजिश का था बिल

लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़ा परिसीमन संबंधी संविधान संशोधन विधेयक गिरने के बाद पक्ष-विपक्ष में शुरू हुई नैरिटव की जंग में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने शनिवार को विपक्षी दलों की ओर से सरकार पर जवाबी हमले का मोर्चा खोल दिया। कांग्रेस नेता ने राजग-भाजपा सरकार पर महिला आरक्षण की आड़ में देश के संघीय ढांचे और संविधान को बदलने की साजिश रचने का आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा का एकमात्र मकसद मनमाने तरीके से परिसीमन कर हमेशा सत्ता में बने रहना था। 2023 में पारित नारी शक्ति वंदन अधिनियम के तहत वर्तमान 543 सीटों पर ही महिला आरक्षण लागू करने का समर्थन दोहराते हुए कहा कि सरकार ऐसा करती है तो संपूर्ण विपक्ष इसका समर्थन करेगा।

साज़िश के आरोप में चार गिफ्तार

प्रभात खबर के अनुसार दिल्ली पुलिस ने बिहार के कटिहार, महाराष्ट्र और ओडिशा के चार कट्टरपंथी लोगों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार लोगों ने कथित तौर पर आतंकी गतिविधियों की साजिश रची थी, कुछ संवेदनशील जगहों को निशाना बनाने के लिए उनकी रेकी की थी और ‘एन्क्रिप्टेड’ ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिये अन्य लोगों को भर्ती करने की कोशिश कर रहे थे. पुलिस ने बताया कि अभियान के दौरान एक आइइडी और उससे जुड़ा सामान जब्त किया गया. उन्होंने आरोप लगाया कि दो आरोपी भीड़भाड़ वाली जगहों को निशाना बनाने के लिए आइइडी युक्त रिमोट संचालित टॉय कार को तैयार कर रहे थे. चारों खिलाफत स्थापित करने के विचार के इर्द-गिर्द केंद्रित चरमपंथी विचारधारा से प्रभावित थे और ग़जवा-ए-हिंद जैसी धारणा को बढ़ावा दे रहे थे। जैसी धारणा को बढ़ावा दे रहे थे. गिरफ्तार संदिग्ध आतंकियों में से एक सोहेल कटिहार के मनिहारी थाना क्षेत्र के नवाबगंज का रहने वाला है.

एसपी ने क्या बताया

कटिहार एसपी शिखर चौधरी ने बताया कि सोहेल की गिरफ्तारी केंद्रीय एजेंसी ने दिल्ली से की है. एसपी ने यह भी कहा कि चार दिन पहले केंद्रीय जांच एजेंसी और कटिहार पुलिस की टीम ने मनिहारी थाना क्षेत्र के नवाबगंज में छापेमारी भी की थी. जागरण के अनुसार सोहेल की मां अंगूरी खातून ने बताया कि वह मैट्रिक के बाद काम की तलाश में बेंगलुरु गया था लेकिन तबीयत खराब होने पर लौट आया और पिता मोहम्मद मुमताज के साथ प्लंबिंग का काम करता था।

एईडीओ भर्ती परीक्षा में ब्लैकलिस्टेड कंपनी ले रही थी बॉयोमेट्रिक

भास्कर के अनुसार बीपीएससी की सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी (एईडीओ) भर्ती परीक्षा में बायोमेट्रिक लेने का काम जयपुर की कंपनी साईं एडुकेयर को दिया गया है। इस कंपनी को नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) डिबार कर चुकी है। एनटीए ने 15 अक्टूबर 2025 को इस संबंध में पत्र जारी किया था। इस मसले पर बीपीएससी ने कहा कि निविदा की प्रक्रिया अगस्त 2025 में पूरी कर ली गई थी। उसके दो माह बाद एनटीए ने कंपनी को डिबार किया है। इससे निविदा प्रक्रिया पर कोई प्रभाव नहीं पड़ सकता। एईडीओ की परीक्षा के दौरान मुंगेर, नालंदा और बेगूसराय में दो दर्जन से अधिक परीक्षार्थी, बायोमेट्रिक लेने वाले कर्मी और स्कॉलर गिरफ्तार हुए हैं।

पेपर लीक मामले की जांच अब ईओयू करेगी

एईडीओ की परीक्षा में कदाचार या प्रश्नपत्र लीक मामले की जांच अब ईओयू करेगी। ईओयू की तरफ से बताया गया कि मुंगेर के मुफस्सिल और नालंदा के सोहसराय थाने में केस दर्ज किए गए हैं। एसपी राजेश कुमार के नेतृत्व में नौ सदस्यीय एसआईटी गठित की गई है। यही एसआईटी अब इस मामले की जांच करेगी। इस एसआईटी में एसपी के अलावा दो डीएसपी, चार इंस्पेक्टर, एक एसआई और साइबर मामलों के दो एक्सपर्ट को रखा गया है। ईओयू इस बात की भी जांच करेगी कि बीपीएससी ने साईं एडुकेयर को बायोमेट्रिक का ठेका कब दिया था।

कुछ और सुर्खियां:

  • मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी 24 अप्रैल को विश्वास मत पेश करेंगे
  • पटना हाई कोर्ट में सबसे बड़े अधिवक्ता संघ एडवोकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष योगेश चंद्र वर्मा बने
  • इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने राहुल गांधी की कथित दोहरी नागरिकता के मामले में फिर के अपने आदेश पर रोक लगाई
  • नीतीश कुमार के पुत्र निशांत को जेड श्रेणी और श्रवण कुमार को वाई प्लस श्रेणी की सुरक्षा मिलेगी
  • नगर विकास एवं आवास विभाग के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर राजीव कुमार के ठिकानों पर छापेमारी, एक करोड़ से अधिक की अवैध कमाई

अनछपी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़े संशोधन विधेयक पास नहीं होने के लिए कांग्रेस, टीएमसी, डीएमके, समाजवादी पार्टी और विपक्षी दलों को उस वक़्त ज़िम्मेदार ठहराया जबकि बंगाल और तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव होने हैं। यह एक राजनीतिक हमला है लेकिन उन्होंने इसके लिए राष्ट्र के नाम संबोधन जैसे विशुद्ध सरकारी प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया जो बेहद आपत्तिजनक और चुनावी आदर्श संहिता का घोर उल्लंघन है। अफसोस की बात यह है कि इस समय चुनाव आयोग पर पूरी तरह भारतीय जनता पार्टी की शाखा के तौर पर काम करने का गंभीर आरोप लग रहा और उसकी तरफ से किसी इंसाफ की कोई उम्मीद विपक्षी दलों को नहीं है। इसके बावजूद बेहतर यही है कि विपक्षी दल चुनाव आयोग के पास सरकारी प्लेटफ़ॉर्म का गलत इस्तेमाल करने के मामले को ले जाएं और देखें कि उसका क्या जवाब होता है। ऐसे मामलों में सुप्रीम कोर्ट से भी विपक्षी दलों को निराशा हाथ लगती है लेकिन इसे भी एक विकल्प के तौर पर इस्तेमाल करने के बारे में सोचा जा सकता है। कांग्रेस पार्टी का कहना है कि आचार संहिता पहले से ही लागू है और यह स्पष्ट था कि प्रधानमंत्री मोदी ने अपने विरोधियों पर हमला करने के लिए सरकारी तंत्र का दुरुपयोग कैसे किया। उसके मुताबिक यह लोकतंत्र और भारत के संविधान का घोर अपमान है। मशहूर वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि वह यह सोच रहे कि प्रधानमंत्री, प्रधानमंत्री के रूप में बोल रहे थे या संसद में बीजेपी के नेता के रूप में। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री के पीछे राष्ट्रीय झंडा था और वह भारत के प्रधानमंत्री के तौर पर बोल रहे थे, जबकि चुनाव चल रहा है। उनके अनुसार यह भारत की राजनीति में एक नया निम्न स्तर है,  लेकिन “मुझे पता है कि न तो मुख्य चुनाव आयुक्त और न ही कोई अन्य संस्था इस पर कुछ करेगी.” ऐसे में लोकतंत्र की संस्थाएं जब नाकाम हों या किसी एक पार्टी के साथ उसकी मिलीभगत हो तो जनता की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है।

 

 

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