बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। सम्राट चौधरी के मंत्रिमंडल के सदस्यों (मंत्रियों) की संख्या गुरुवार को 3 से 30 हो जाएगी जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत का नाम तय माना जा रहा। पश्चिम बंगाल के संभावित मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के पीए का मर्डर हो गया है। आय से अधिक संपत्ति के मामले में सुपौल के जिला अवर निबंधक अमरेन्द्र कुमार के ठिकानों पर 10 करोड़ की संपत्तियों का पता चला है। तमिलनाडु में डीएमके को हटाने के नाम पर वोट मांगने वाली पार्टी अब उसी की मदद से सरकार बनाने की जुगत में है।
और, जानिएगा कि कैसे दूल्हा पाठक की जगह निषाद निकला और फिर शादी टूट गई।
पहली ख़बर
भास्कर के अनुसार सम्राट चौधरी के मंत्रिमंडल के सदस्यों (मंत्रियों) की संख्या गुरुवार को 3 से 30 हो जाएगी। पूर्व – मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार मंत्री बनेंगे। उनके अलावा 26 मंत्रियों के शपथ लेने की बात है। इनमें भाजपा के 12, जदयू के 11, लोजपा (रा.) से 2, हम व रालोमो से 1-1 मंत्री होंगे। मंत्रियों में ज्यादातर पुराने चेहरे होंगे। मंत्रियों की 6 सीटें खाली रखी जा सकती हैं। भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन व केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह बुधवार की रात यहां पहुंचे। राजवंशी नगर स्थित बजरंगबली के मंदिर में पूजा-अर्चना की। साथ में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी। होटल मौर्या में देर रात चली बैठक में भाजपा के मंत्रियों के नाम पर मुहर लगी। जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा, केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह ‘ललन’ तथा रालोमो अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा अमित शाह से मिले, अपने कोटे के मंत्रियों के बारे में बात की।
संभावित मंत्री
जदयू: श्रवण कुमार, अशोक चौधरी, लेशी सिंह, मदन सहनी, मो. जमा खान, रत्नेश सदा, शीला मंडल, सुनील कुमार, भगवान सिंह कुशवाहा, श्वेता गुप्ता। निशांत कुमार का नाम फाइनल है। बुलो मंडल भी रेस में हैं।
भाजपा: मंगल पांडेय, विजय सिन्हा, दिलीप जायसवाल, रामकृपाल यादव, श्रेयसी सिंह, रमा निषाद, नीतीश मिश्रा, प्रमोद चंद्रवंशी, अरुण शंकर प्रसाद, संजय सिंह ‘टाइगर’, सुरेंद्र मेहता, लखेंद्र पासवान। संगीता कुमारी व संजीव चौरसिया के नाम की भी चर्चा है।
लोजपा (आर.) संजय सिंह तथा संजय कुमार।
हम (से.): संतोष सुमन (केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी के पुत्र)।
रालोमो: दीपक प्रकाश (रालोमो अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा के पुत्र)।
आज पटना में सफर से देख लें- रास्ता किधर बंद है
सम्राट कैबिनेट का विस्तार गुरुवार को होगा। गांधी मैदान में मंत्री शपथ लेंगे। कार्यक्रम दोपहर 12:10 बजे से शुरू होगा। मैदान में पश्चिम तरफ वाटर पूफ्र जर्मन हैंगर लगाया गया है। समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और विजेंद्र प्रसाद यादव के साथ केंद्रीय मंत्री, भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री, एनडीए गठबंधन में शामिल सभी दलों के के प्रमुख शामिल होंगे। प्रधानमंत्री का कारकेड गांधी मैदान के गेट नंबर 1 से प्रवेश करेगा। आमलोगों का प्रवेश गेट नंबर 5, 6, 7, 8, 9 और 10 से होगा। शपथ ग्रहण समारोह को लेकर गांधी मैदान और एयरपोर्ट के आसपास सुबह 8 से दोपहर 3 बजे तक (या कार्यक्रम की समाप्ति तक) वाहनों के परिचालन पर प्रतिबंध लगाया गया है। डुमरा टीओपी (शेखपुरा मोड़) से एयरपोर्ट की ओर और एयरपोर्ट गोलंबर से पटेल गोलंबर तक वाहनों का परिचालन नहीं होगा। उधर, भट्टाचार्य चौराहा और पटना जंक्शन से डाकबंगला चौराहा की ओर गाड़ियां नहीं जाएंगी। डाकबंगला चौराहा, जेपी गोलंबर, रामगुलाम चौक, करगिल चौक और चिल्ड्रन पार्क तक के रास्तों पर भी सामान्य यातायात बंद रहेगा। डाकबंगला चौराहा से पटना जंक्शन तक और गांधी मैदान के बाहर चारों तरफ की सड़कों पर वाहन, ठेला या खोमचा लगाना सख्त मना है।
बंगाल के संभावित सीएम के पीए की हत्या
हिन्दुस्तान के अनुसार पश्चिम बंगाल में बुधवार को भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी (संभावित सीएम) के निजी सहायक (पीए) चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या कर दी गई। घटना बुधवार देर रात उत्तर 24 परगना के मध्यग्राम में हुई। खबर लिखे जाने तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया था कि हत्यारे कौन हैं। घटना के बाद पूरे इलाके में हडकंप मच गया। सुवेंदु अधिकारी भी घटना की जानकारी मिलने के बाद फौरन अस्पताल पहुंच गए। सूत्रों ने बताया कि हमलावरों ने उनपर करीब से गोलियां चलाईं। तीन गोली उनकी छाती में लगी। उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल में ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूत्रों का दावा है कि तृणमूल कार्यकर्ताओं ने इस वारदात को अंजाम दिया है। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद हुई इस वारदात से सनसनी फैल गई है। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, जिस समय यह हमला हुआ चंद्रनाथ अपनी गाड़ी से घर लौट रहे थे। हमलावरों ने उनकी गाड़ी को घेरकर गोलियां मारी गईं।
ज़मीन रजिस्ट्रार ने 15 साल में जमा कर ली 10 करोड़ की दौलत
जागरण के अनुसार आय से अधिक संपत्ति के मामले में आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने बुधवार को सुपौल के जिला अवर निबंधक अमरेन्द्र कुमार के पटना, सारण, सुपौल समेत पांच ठिकानों पर छापेमारी की। इसमें अवर निबंधक के पास दस करोड़ रुपये की चल-अचल अमरेंद्र कुमार संपत्ति से जुड़े दस्तावेज मिले हैं। छापेमारी के दौरान अन्य व्यक्तियों के नाम पर भी परिसंपत्तियां खरीदे जाने के दस्तावेज मिले हैं, जिसका अनुसंधान किया जा रहा है। ईओयू के अनुसार, अमरेन्द्र कुमार की पत्नी नीता कुमारी गृहिणी हैं, जिनके नाम पर पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी शहर की पाश सोसाइटी में करीब 25 कट्ठा जमीन 15 लाख प्रति कट्ठे की दर से खरीदी गई है।
डीएमके के खिलाफ लड़ी पार्टी उसी की मदद से सरकार बनाने की जुगत में
तमिलनाडु में बहुमत का जादुई आंकड़ा हासिल करने में जुटे टीवीके प्रमुख विजय को रोकने के लिए द्रविड़ राजनीति में एक-दूसरे के धुर विरोधी द्रमुक (डीएमके) और अन्नाद्रमुक (एआईडीएमके) के हाथ मिलाने के संकेत मिल मिल रहे रहे हैं। राज्य के राजनीतिक गलियारे में दिनभर दोनों दलों के बीच “बातचीत” की चर्चाएं चलती रहीं। इन चर्चाओं के बीच कांग्रेस का समर्थन पाने के बाद विजय ने बुधवार को राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर से मुलाकात कर राज्य में सरकार बनाने का दावा पेश किया। लेकिन, अभी लोकभवन से उन्हें कोई संकेत नहीं मिला है। राज्यपाल अर्लेकर बहुमत होने के विजय के दावे से पूरी तरह संतुष्ट नहीं हैं। ऐसे में सात मई को नई सरकार के शपथ ग्रहण की कोई संभावना नहीं है। राजनीतिक गहमागहमी के बीच अन्नाद्रमुक के नवनिर्वाचित विधायकों को पुडुचेरी के एक रिजार्ट में ले जाया गया है।
जालंधर और अमृतसर में धमाके के बाद एनआईए की जांच
हिन्दुस्तान के अनुसार जालंधर में सेना के ठिकानों के पास हुए विस्फोट के तीन घंटे बाद मंगलवार रात 11 बजे अमृतसर में सैन्य छावनी के पास दूसरा विस्फोट हुआ। दोनों विस्फोट की जांच में एनआईए जुट गई है। अमृतसर (ग्रामीण) के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) सुहैल मीर कासिम ने बताया कि पहला विस्फोट जालंधर में मंगलवार रात आठ बजे सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के पंजाब फ्रंटियर के मुख्यालय के बाहर हुआ था। दूसरा धमाका रात करीब 11 बजे अमृतसर में सैन्य छावनी के पास हुआ। फिलहाल दोनों विस्फोट की जांच की जा रही है। पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने बताया कि ऐसा प्रतीत होता है कि इस घटना के पीछे पाकिस्तान की आईएसआई का हाथ है। इसके साथ अन्य कोण से भी मामले की जांच की जा रही है।
दूल्हा पाठक की जगह निषाद निकला, शादी टूटी
निषाद युवक खुद को पाठक ब्राह्मण बता कर शादी करने पहुंच गया लेकिन भांवरों के समय पंडित के गोत्र पूछने पर उसका भेद खुल गया। गोत्र नहीं बता पाया तो फेरे रोक दिए गए। जांच-पड़ताल होने लगी। पता चल गया कि दूल्हे का परिवार पाठक नहीं निषाद है। इस पर हंगामा मच गया। बात थाने तक पहुंची। दोनों पक्षों के बीच काफी देर तक पंचायत हुई लेकिन बात नहीं बनी। अंत में बिना दुल्हन के ही बारात बैरंग वापस लौटा दी गई। इटावा जिले के बकेवर थाना क्षेत्र की रहने वाली 19 वर्षीय युवती की शादी बांदा के जसपुरा क्षेत्र के अमारा निवासी प्रभू से तय हुई थी। दोनों पक्ष कई साल से सूरत में रहते हैं। वही पर उनकी शादी तय हुई थी। लड़की पक्ष के लोग पूरे इंतजाम के साथ जसपुरा के गेस्ट हाउस पहुंचे। यही पर शादी का कार्यक्रम था। मंगलवार शाम अमारा से आई बारात का भव्य स्वागत हुआ। द्वारचार और जयमाल हंसी-खुशी निपट गए। फेरों के समय पंडित ने दूल्हे से उसका गोत्र पूछा तो वह नहीं बता पाया। कई बार पूछने पर भी वह बगलें झांकता रहा। इस पर हंगामा शुरू हो गया।
कुछ और सुर्खियां:
- छपरा में स्पीड ब्रेकर पर पिकअप वैन पलटने से 11 लोग गिरे, पीछे से आ रहे ट्रक ने रौंदा- चार की मौत
- सिवान में दिनदहाड़े ज्वेलरी दुकान से 20 लाख रुपए के जेवरात की लूट
- आईआरसीटीसी के कथित घोटाले में राजद प्रमुख लालू प्रसाद पर फैसला 22 मई को
- इंडिया गठबंधन के नेताओं का 16 मई को दरभंगा में भाकपा माले के कार्यक्रम में होगा महजुटान
- भारत के खेल मंत्रालय ने कहा- पाकिस्तान के साथ खेलों पर लगी रोग जारी रहेगी
अनछपी: सरकार के हवाले से यह खबर आई है कि वंदे मातरम के अपमान के लिए उसी तरह की सजा होगी जैसी राष्ट्रगान जन गण मन के अपमान के लिए होती है। यह फैसला भारत सरकार के मंत्रिमंडल का है। ध्यान रहे कि पहले वंदे मातरम की कुछ पंक्तियां ही गाई जाती थीं। इनमें वह पंक्तियां शामिल नहीं थी जिनमें दुर्गा और अन्य देवियों की स्तुति की गई है। यह बहुत पुरानी बहस है और इसी वजह से इसे राष्ट्रगीत तो माना गया लेकिन इसमें इन आपत्तिजनक पंक्तियों को शामिल नहीं किया गया था। अब दिलचस्प स्थिति यह है कि जन गण मन तो 52 सेकंड में गाया जाएगा लेकिन वंदे मातरम के गाने के लिए 3 मिनट 52 सेकंड का समय रखा गया है। इससे यह साफ तौर पर समझा जा सकता है कि कैसे राष्ट्रगान की भावना को नजरअंदाज किया जा रहा है और एक खास आस्था के गीत को बढ़ावा दिया जा रहा है। वैसे तो सुप्रीम कोर्ट ने यह कहा है कि वंदे मातरम का गाना अनिवार्य नहीं किया जा रहा लेकिन सवाल यह है कि जब सभी राष्ट्रीय कार्यक्रमों और स्कूलों में इसे गाना जरूरी करार दिया जा रहा तो सुप्रीम कोर्ट की इस बात का क्या मतलब रह जाता है? अब राष्ट्रीय गीत को राष्ट्रगान के बराबर या उससे ऊपर लाया जा रहा है तो क्या यह संविधान सम्मत बात है? भारत सरकार को यह दावा अब छोड़ ही देना चाहिए कि वह सभी धर्म को समान दृष्टि से देखते हैं बल्कि कैबिनेट का यह आदेश बताता है कि दरअसल भारत में हिंदू देवी देवता ही सरकार की आस्था के प्रतीक हैं। जिन लोगों को पहले वंदे मातरम के सभी छंदों को गाने में इस बात इसलिए एतराज था कि वह उनकी धार्मिक आस्था के विरुद्ध हैं, उनकी धार्मिक स्वतंत्रता का क्या होगा? वह एतराज अब भी कायम है और इसी वजह से उन छंदों को हटाया गया था तो अब की सरकार ऐसा क्यों कर रही है? सरकार साफ तौर पर हिंदू देवी देवताओं की आस्था को प्रोत्साहित कर रही है जबकि यह उसका काम नहीं माना गया है और सुप्रीम कोर्ट का रवैया भी इस मामले में सरकार के सहायक का ही है और उन लोगों के लिए बेहद निराशाजनक है जिन्हें उससे इंसाफ की उम्मीद रहती है।
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