बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। आम लोगों को झटका देते हुए तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में फिर बढ़ोतरी कर दी है। बिहार समेत उत्तर-पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत के मैदानी इलाके ज़बर्दस्त लू की चपेट में हैं। औरंगाबाद की ओबरा सीट से चुने गये सोमप्रकाश सिंह को पूर्व विधायक के रूप में मिलने वाली सारी सुविधाएं खत्म कर दी गयी हैं।
और, 12 लाख से अधिक भारतीय-अमेरिकी परिवारों के लिए ग्रीन कार्ड पाना मुश्किल हुआ।
पहली ख़बर
जागरण के अनुसार पटना में पेट्रोल की कीमत में 96 पैसे प्रति लीटर तथा डीज़ल में 96 पैसे प्रति लीटर की वृद्धि की गई है। बढ़ोतरी के बाद अब पेट्रोल 110.47 रुपये प्रति लीटर और डीजल 96.53 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। वहीं, एक्सपी95 पेट्रोल की कीमत 119.37 रुपये प्रति लीटर हो गई है। इससे पूर्व पेट्रोलियम कंपनियां 15 मई को तीन रुपये से अधिक, 19 मई को लगभग एक रुपये पेट्रोल में वृद्धि कर चुकी है।
भीषण और जानलेवा लू की चपेट में आधा भारत
प्रभात खबर के अनुसार देश का एक बड़ा हिस्सा इस समय भीषण और जानलेवा लू (हीटवेव) की मार झेल रहा है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आइएमडी) के अनुसार, उत्तर-पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत के मैदानी इलाकों में अगले एक सप्ताह तक झुलसाने वाली गर्मी से कोई राहत मिलने की उम्मीद नहीं है. तापमान कई राज्यों में 44 से 47.6 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है. दिल्ली, पंजाब और हरियाणा में रविवार से पारे में और बढ़ोतरी होने का अनुमान है. यह संकट अब अंतरराष्ट्रीय हो चुका है, पड़ोसी देश नेपाल के भी छह तराई जिलों में तापमान 40 डिग्री पार होने पर तीन दिनों का ‘हीटवेव अलर्ट’ जारी किया गया है. गर्मी का यह प्रकोप अब जानलेवा साबित हो रहा है. तेलंगाना के राजस्व मंत्री पी श्रीनिवास रेड्डी ने बताया कि राज्य के सात जिलों में लू के कारण 16 लोगों की मौत हो गयी है, जिसके बाद सरकार ने मृतकों के परिवारों को चार-चार लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने और अत्यधिक गर्म गांवों में विशेष ‘हीट अलर्ट’ जारी करने के निर्देश दिए हैं.
पटना सहित 13 शहरों का तापमान 40 डिग्री के पार
जागरण के अनुसार बिहार का दक्षिणी भाग गर्म पछुआ हवा के कारण तप रहा है. जबकि उत्तर बियर में नमीयुक्त हवा के कारण मौसम सामान्य है। मौसम विज्ञान केंद्र पटना के अनुसार, अगले 24 घंटे के दौरान राजधानी सहित राज्य के दक्षिण भाग का मौसम गर्म और शुष्क बना रहेगा। पटना सहित 13 शहरों का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के ऊपर दर्ज किया गया। औरंगाबाद, भभुआ एवं बक्सर में लू की चेतावनी जारी की गई है। 45.1 डिग्री सेल्सियस के साथ डेहरी में सर्वाधिक तापमान दर्ज किया गया।
इस्तीफा मंज़ूर हुए बिना लड़े थे चुनाव, अब पूर्व विधायक का दर्जा भी छिना
हिन्दुस्तान के अनुसार सोमप्रकाश सिंह को पूर्व विधायक के रूप में मिलने वाली सारी सुविधाएं खत्म कर दी गयी हैं। विधानसभा ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद 15 वीं विधानसभा के सदस्यों की सूची से भी उनका नाम हटा दिया है। कोर्ट ने ओबरा से उनके निर्वाचन को ही रद्द कर दिया था। वर्ष 2010 में सोमप्रकाश निर्दलीय जीते थे। उनके खिलाफ लड़े एनडीए प्रत्याशी प्रमोद सिंह चन्द्रवंशी ने आरोप लगाया था कि सोमप्रकाश दारोगा पद से इस्तीफा देकर चुनाव लड़े। लेकिन, इस्तीफा मंजूर नहीं हुआ था। ऐसे में उनका निर्वाचन अवैध है। प्रमोद ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। हाईकोर्ट ने उनका निर्वाचन रद्द कर दिया। फिर सोमप्रकाश सुप्रीम कोर्ट पहुंचे। शीर्ष कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी थी। इससे उन्हें राहत मिली। लेकिन, पिछले 28 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले पर मुहर लगा दी।
सीबीएसई में कैसे हो री-इवैल्यूएशन? 5 दिनों से वेबसाइट लगातार क्रैश, कैसे हो आवेदन?
भास्कर के अनुसार सीबीएसई द्वारा 19 तारीख से शुरू की गई आंसर-शीट की स्कैन कॉपी के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया तकनीकी खामियों से जूझ रही है। पिछले 5 दिनों से वेबसाइट लगातार क्रैश हो रही है। 24 मई यानी आज आवेदन की आखिरी तारीख है, पर दिक्कत ये है कि सुबह 11 बजे, दोपहर 2 बजे, शाम 6 बजे या रात 8 बजे, किसी भी वक्त वेबसाइट लोड ही नहीं हो पा रही। अगर संयोग से साइट खुल भी जाए, तो एक स्टेप बढ़ने के लिए पेज को कम से कम 10 बार रिफ्रेश करना पड़ रहा है।
ग्रीन कार्ड: 12 लाख से अधिक भारतीय-अमेरिकी परिवार मुश्किल में
जागरण के अनुसार अमेरिका में रहकर स्थायी निवासी-बनने (ग्रीन कार्ड हासिल करने) का सपना देख रहे विदेशी नागरिकों को ट्रंप सरकार ने बड़ा झटका दिया है। अमेरिकी नागरिकता और आव्रजन सेवा (यूएससीआइएस) ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि जो विदेशी अस्थायी तौर पर अमेरिका में हैं, उन्हें ग्रीन कार्ड आवेदन के लिए अब अपने वतन वापस लौटना होगा। सरकार के इस फैसले से हजारों प्रवासियों की उम्मीदों और उनके भविष्य पर अनिश्चितता के बादल मंडराने लगे हैं। यह कदम राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस सख्त आव्रजन नीति का हिस्सा है जिसके तहत पिछले साल छात्रों और पत्रकारों के वीजा की अवधि घटाई गई थी और अब तक एक लाख से अधिक वीजा रद किए जा चुके हैं। आव्रजन नीति में किए गए बड़े बदलावों ने अमेरिका में रह रहे भारतीय पेशेवरों की चिंता बढ़ा दी है। विशेष रूप से वे लोग प्रभावित हैं, जो वर्षों से रोजगार-आधारित ग्रीन कार्ड के इंतजार में फंसे हैं। व्हाइट हाउस के पूर्व सलाहकार अजय जैन भुटोरिया के अनुसार, इस फैसले से 12 लाख से अधिक भारतीय-अमेरिकी परिवारों का भविष्य अधर में लटक गया है। उन्होंने कहा कि दशकों तक सभी नियमों का पालन करने और ईमानदारी से टैक्स भरने के बाद भी इन परिवारों को अनिश्चितता का सामना करना पड़ रहा है।
कुछ और सुर्खियां:
- सिक्किम हाई कोर्ट की सीनियर जज जस्टिस मीनाक्षी एम राय पटना हाई कोर्ट की चीफ जस्टिस होंगी
- गुरिंदरवीर सिंह बने भारत के सबसे तेज एथलीट, रांची में नेशनल एथलेटिक्स में 100 मीटर की दूरी 10.09 सेकंड में पूरी की
- पश्चिम बंगाल में बकरीद के लिए दी जाने वाली दो दिनों की छुट्टी को घटाकर एक दिन का किया गया
- चीन की कोयला खदान में गैस विस्फोट से 90 खनिको की मौत
- इलेक्ट्रिक गाड़ियों की सब्सिडी के लिए 1 जून से लिए जाएंगे आवेदन
अनछपी: यह बात बहुत दिलचस्प है कि जब देश में पेट्रोल-डीजल का दाम बढ़ता है तो सुविधापूर्वक इसे अंतरराष्ट्रीय हालात से जोड़ दिया जाता है और जब दाम नहीं बढ़ता तो इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व का कमाल बताया जाता है। पिछले दस दिनों के दौरान पेट्रो प्रोडक्ट्स की क़ीमतों में स्लो पॉइज़न की तरह धीरे धीरे इजाफा किया जा रहा है ताकि लोगों को इसका सीधे एहसास ना हो कि सरकार ने कितनी महंगाई बढ़ाई है। ऐसा नहीं है की पिछली या गैर भाजपा सरकारों ने पेट्रोलियम प्रॉडक्ट्स की कीमत ना बढाई हो लेकिन दिलचस्प बात यह है कि भाजपा ने इस बात में कामयाबी हासिल कर ली है कि कीमतों मैं इजाफा होने के बावजूद लोग इसकी शिकायत ना करें। अब यह जिम्मेदारी तो विपक्षी राजनीतिक दलों की है कि वह जनता के सामने सच्चाई को रखे। सच्चाई यह है कि जब बाजार में पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स की कीमतें कम थीं तो भी मोदी सरकार ने कीमतें कम नहीं की थीं। और, जैसे ही पेट्रोल डीजल का दाम बढ़ता है किराया तो मनमाने ढंग से बढ़ ही जाता है, दूसरे सामान का भाव भी बेतहाशा बढ़ जाता है। इन दोनों मुद्दों को जनता तक ले जाने की ज़रूरत है।
110 total views