छ्पी-अनछपी: अमेरिका ने बम- ईरान ने मिसाइलें बरसाईं, ऑस्ट्रेलिया से यूरेनियम खरीदेगा भारत

बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। अमेरिका और ईरान ने एक दूसरे पर ताबड़तोड़ हमले जारी रखे। ऑस्ट्रेलिया भारत को यूरेनियम उपलब्ध कराने वाला पांचवां देश बन गया है। डेनमार्क की दवा कंपनी नोवो नोर्डिस्क ने भारत में टाइप-1 और टाइप-2 डायबिटीज से पीड़ित वयस्कों के लिए सप्ताह में एक बार लगने वाला इंसुलिन इंजेक्शन ‘अवीकली’ लॉन्च किया है।

और, जानिएगा कि भारत में टायरों में हवा कम होने से हर साल कितने हज़ार करोड़ रुपए के पेट्रोल का नुकसान होता है।

पहली ख़बर

हिन्दुस्तान के अनुसार अमेरिका ने गुरुवार तड़के ईरान पर फिर हवाई हमले किए। उसने रखने और मिसाइल लॉचरों समेत 90 स्थानों को निशाना बनाया। इसके जवाब में ईरान ने बहरीन, कुवैत, कतर और जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले किए। हालांकि, कुछ देर बाद अमेरिकी सेना ने ईरान में हमले समाप्त करने की घोषणा कर दी। खाड़ी देशों पर गुरुवार को हुए ईरानी हमले अधिक तीव्र थे। बहरीन में कम से कम दो बार सायरन बजे। बहरीन में अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े का मुख्यालय है। वहीं, कुवैत की सेना ने ड्रोन-मिसाइलों को लक्ष्य तक पहुंचने से पूर्व ही रोकने का दावा किया। उधर, अमेरिकी सेना ने कहा कि हमलों का मकसद होर्मुज में पोतों पर हमले की ईरान की क्षमता को कमजोर करना है।

मरहूम ख़ामेनेई को दफ़न किया गया

ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अली खामेनेई गुरुवार को मशहद में दफन कर दिए गए। तेहरान से शुरू हुआ उनका आखिरी सफर कोम, नजफ व कर्बला से होते हुए मशहद पहुंचा। यहां 70 लाख लोगों के जुटने का दावा है। हफ्तेभर चले अंतिम विदाई कार्यक्रम में 3.5 करोड़ लोग शामिल हुए। यह अंतिम विदाई में भीड़ का वर्ल्ड रिकॉर्ड है। अभी यह रिकॉर्ड तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री सीएन अन्नादुराई के नाम है। 1969 में उनके अंतिम संस्कार में 1.5 करोड़ लोग जुटे थे।

ऑस्ट्रेलिया से यूरेनियम खरीदेगा भारत

प्रभात खबर के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ऑस्ट्रेलिया यात्रा के दौरान भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच गुरुवार को कई अहम समझौते हुए. इनमें यूरेनियम आपूर्ति पर महत्वपूर्ण समझौता शामिल है. इसके तहत ऑस्ट्रेलिया भारत के असैन्य परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम के लिए यूरेनियम की आपूर्ति करेगा. समझौते के साथ ही ऑस्ट्रेलिया भारत को यूरेनियम उपलब्ध कराने वाला पांचवां देश बन गया है. भारत लक्ष्य 2047 तक 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा उत्पादन का है. मेलबर्न में आयोजित तीसरे भारत-ऑस्ट्रेलिया वार्षिक शिखर सम्मेलन में दोनों देशों ने रक्षा, क्रिटिकल मिनरल्स, स्वच्छ ऊर्जा और तकनीक समेत 18 क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जतायी.

सीवान के एक्साइज इंस्पेक्टर का एक मकान 21 साल की सैलेरी से ज़्यादा का

प्रभात खबर के अनुसार सीवान के उत्पाद निरीक्षक अंकेश कुमार गोंड ने 21 साल की नौकरी में अकूत संपत्ति बनायी. गुरुवार को उनके पटना के दानापुर, सीवान और मुंगेर के कुल पांच ठिकानों पर इओयू की छापेमारी में जमीन के कई दस्तावेज जब्त किये गये. उसने पूरी नौकरी में मिले वेतन की राशि से कहीं अधिक राशि की मुंगेर में व्यावसायिक भवन की खरीद की है. छापेमारी के दौरान अंकेश राज गोंड के तीन भूखंड और एक मकान खरीदने की जानकारी मिली है. साथ ही दानापुर में दो कट्ठे जमीन पर भव्य तीन मंजिला मकान (लगभग 7500 वर्गफीट में निर्माण) पाया गया. इसकी अनुमानित लागत 80 लाख रुपये आंकी गयी है. इओयू जांच में भवन निर्माण का मूल्यांकन करायेगी. गौरतलब है कि 2005 में सरकारी सेवा में उत्पाद सहायक अवर निरीक्षक के पद पर नियुक्त हुए, सरकारी सेवा में आने के बाद अंकेश राज गोड के पास ज्ञात आय से 201.97% अधिक की परिसंपत्ति (दो करोड़ 36 लाख 31 हजार रुपये) अर्जन के प्रथम दृष्टया साक्ष्य मिले हैं।

हर दिन नहीं, हफ्ते में एक बार इंसुलिन लगाना काफी होगा

जागरण के अनुसार डायबिटीज के मरीजों के लिए राहत भरी खबर है। डेनमार्क की दवा कंपनी नोवो नोर्डिस्क ने भारत में टाइप-1 और टाइप-2 डायबिटीज से पीड़ित वयस्कों के लिए सप्ताह में एक बार लगने वाला इंसुलिन इंजेक्शन ‘अवीकली’ लांच किया है। कंपनी का दावा है कि यह दुनिया का पहला बेसल इंसुलिन है, जिसे रोजाना की बजाय सप्ताह में केवल एक बार लेना होता है। इस नई थेरेपी से मरीजों को सालभर में 365 के बजाय केवल 52 इंजेक्शन लगाने पड़ेंगे। कंपनी के अनुसार, वैश्विक आनवर्ड्स-1 क्लीनिकल ट्रायल में अवीकली ने रोजाना दिए जाने वाले इंसुलिन ग्लारजीन-यू 100 की तुलना में ब्लड शुगर (एचबीएसी) को बेहतर ढंग से नियंत्रित करने और ग्लूकोज को सुरक्षित स्तर पर अधिक समय तक बनाए रखने में अच्छे नतीजे दिए।

हवा कम रहने से 42 करोड़ लीटर से ज्यादा पेट्रोल का नुकसान

जागरण के अनुसार भारत में वाहनों के टायर में कम हवा होने से हर साल 4,500 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के 42 करोड़ लीटर से ज्यादा पेट्रोल का नुकसान हो रहा है। वाहन टायर विनिर्माता संघ (एटीएमए) की तकनीकी इकाई इंडियन टायर टेक्निकल एडवाइजरी कमेटी के अध्ययन से पता चला है कि बड़ी संख्या में ऐसे वाहन हैं जिनके टायर में हवा यात्री वाहन विनिर्माता द्वारा अनुशंसित स्तर से कम होती है। इससे ईंधन की भारी बर्बादी, वाहन रखरखाव लागत में वृद्धि और सड़क सुरक्षा जोखिम बढ़ रहे हैं। पिछले कुछ वर्षों में देशभर में 1.3 लाख से अधिक यात्री वाहनों (जिनमें दोपहिया वाहन भी हैं) के टायर की जांच की गई। निष्कर्षों से पता चला कि 32 प्रतिशत टायर में हवा अनुशंसित स्तर से 20 प्रतिशत से अधिक कम थी। वहीं 21 प्रतिशत टायर में हवा अनुशंसित स्तर से 10 से 20% कम पाई गई।’ एटीएमए ने कहा कि टायर में हर एक पीएसआइ (पाउंड प्रति वर्ग इंच) की कमी से ईंधन दक्षता लगभग 0.2% घट जाती है।

कुछ और सुर्खियां:

  • डोभी-पटना फोरलेन पर बोधगया के सिजुआ के पास ट्रक से टक्कर के बाद कार में लगी आग, चार लोगों की मौत
  • जहानाबाद रेलवे स्टेशन के पास रेलवे ट्रैक पर हाई टेंशन तार को काट ले गए चोर, ढाई घंटे तक ट्रेनों की आवाज आई रुकी रही
  • बिहार में एक करोड़ नए राशन कार्ड बनाने का ऐलान
  • गुरुग्राम में व्यवसाई के घर फायरिंग कर रहे हैं चार शूटर मुठभेड़ में ढेर

अनछपी: भारत में खासकर भारतीय जनता पार्टी के शासन वाले राज्यों में मुसलमानों के लिए जीवन कितना दूभर होता जा रहा है, इसका प्रदर्शन आए दिन होता रहता है और इससे प्रतिष्ठित मुसलमान भी नहीं बचे हैं। ऐसा ही एक उदाहरण हमें मध्यप्रदेश में मिला है जहां जबलपुर जिले के सिवनी मालवा में कथित गो तस्करी के बाद उग्र भीड़ की हिंसा में हुई हत्या के मामले में 14 लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाने वाली सेशन जज तबस्सुम खान को डरावनी धमकियां दी गई हैं। इस मामले में अच्छी और राहत की बात यह है कि सोशल मीडिया पर मिली ऐसी धमकियों के मामले में हाई कोर्ट सुनवाई कर रहा है। इसी का नतीजा है मध्यप्रदेश के डीजीपी की ओर से हलफनामा पेश कर महिला न्यायाधीश की सुरक्षा के लिए उठाए गए कदमों का विस्तृत ब्योरा दिया गया है। लLमम्मीध्यान रहे कि इस महिला न्यायाधीश को धमकियां मिलने की घटना को न्यायपालिका की स्वतंत्रता से जुड़ा गंभीर विषय मानते हुए हाई कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया था। कोर्ट ने राज्य सरकार और पुलिस विभाग से हलफनामा देकर यह बताने के निर्देश दिए थे कि न्यायिक अधिकारी की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए क्या-क्या कदम उठाए गए हैं। भारत में अल्पसंख्यक मुसलमानों की बुनियादी सुरक्षा के बारे में जब भी चर्चा होगी तो इस मामले को ज़रूर शामिल किया जाएगा। इस मामले से स्पष्ट है कि गौरक्षा और अन्य बहानों से निर्दोषों की न केवल मॉब लिंचिंग की जा सकती है बल्कि इस अपराध में शामिल लोगों को बचाने के लिए भी कानून की धज्जियां उड़ाई जा सकती हैं। और जब एक जज ने कानून के तहत ऐसे अपराधियों को सजा देने की कोशिश की तो उसको ही तरह तरह की धमकी दे दी गई। इसके बावजूद भारत में ऐसे लोग हैं जो इसे मुसलमानों के लिए सबसे अच्छी जगह बताते हैं लेकिन ऐसे मामलों में चुप्पी साध जाते हैं।

 

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