बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। अमेरिका ने एक बार फिर ईरान पर हमला किया है और ईरान से जगबंदी के नाम पर कई मुस्लिम देशों से कह रहा है कि वह इसराइल को मान्यता दे। आइजीआईएमएस में आयुष्मान भारत योजना के तहत महज दो महीनों में करीब 45 लाख रुपये की हेराफेरी और गबन का पता चला है। मेडिकल प्रवेश परीक्षा ‘नीट’ लीक मामले में सुप्रीम कोर्ट ने एनटीए को फटकार लगाई है।
और, 11 दिनों में पेट्रोल की क़ीमत 8 रुपये लीटर बढ़ गई है।
पहली ख़बर
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप मध्य पूर्व में अब्राहम अकॉर्ड्स के विस्तार की तैयारी में जुट गए हैं। इस क्रम में उन्होंने अरब और मुस्लिम देशों के कई नेताओं के साथ एक उच्चस्तरीय कॉन्फ्रेंस कॉल की, जिसमें ट्रंप ने इन देशों से इसमें शामिल होने का आग्रह किया। ट्रंप ने शनिवार को अरब और मुस्लिम देशों के कई नेताओं के साथ एक उच्चस्तरीय कॉन्फ्रेंस कॉल की। इसमें सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, कतर, पाकिस्तान, तुर्किये, मिस्त्र, जॉर्डन और बहरीन के शीर्ष नेता शामिल हुए थे। ट्रंप ने उनसे कहा कि ईरान के साथ संघर्ष समाप्त होने के बाद जिन देशों ने अब तक इसराइल को मान्यता नहीं दी है, उन्हें संबंध सामान्य करने चाहिए और अब्राहम अकॉर्ड्स में शामिल होना चाहिए। इस बयान से कई नेता चौंक गए और कुछ देर के लिए कॉल पर सन्नाटा छा गया। वहीं, पाकिस्तान ने ट्रंप के इस प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया। हालांकि अन्य देशों ने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। सबसे बड़ी चुनौती सऊदी अरब को माना जा रहा है। हालांकि क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान पहले इसरायल से रिश्तों के लिए सकारात्मक संकेत दे चुके हैं, लेकिन ग़ज़ा युद्ध और फलस्तीन मुद्दे पर अरब देशों में बढ़ते दबाव के कारण रियाद फिलहाल पीछे हटता दिख रहा है।
ईरान पर अमेरिका के ताजा हमले
बीबीसी के अनुसार अमेरिकी सेना ने कहा है कि उसने दक्षिणी ईरान में नए हमले किए हैं, जिनमें ईरानी मिसाइल ठिकानों और उनके जहाज़ों को निशाना बनाया गया जो समुद्र में बारूदी सुरंगें बिछाने की कोशिश कर रही थीं. अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने एक बयान में कहा कि ये हमले आत्मरक्षा में किए गए और उनका मक़सद ईरानी बलों से सैनिकों को होने वाले ख़तरे से बचाना था. सेंट्रल कमांड के प्रवक्ता कैप्टन टिम हॉकिन्स ने कहा कि अमेरिकी सेना जारी युद्धविराम के दौरान संयम बरतते हुए अपने सैनिकों की रक्षा करती रहेगी. ये हमले ऐसे समय हुए हैं, जब ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बक़ाई ने कहा कि अमेरिका के साथ बातचीत में कुछ प्रगति हुई है, लेकिन संघर्ष ख़त्म करने वाला कोई समझौता तत्काल होने वाला नहीं है.
आयुष्मान कार्ड वाले मरीजों के साथ लाखो का घपला
प्रभात ख़बर के अनुसार पटना के आइजीआइएमएस में आयुष्मान भारत योजना के तहत मरीजों के इलाज के नाम पर बड़े पैमाने पर वित्तीय गड़बड़ी का मामला सामने आया है. महज दो महीनों में करीब 45 लाख रुपये की हेराफेरी और गबन करने का पता चला है. जांच में सामने आया है कि आइजीआइएमएस में इलाज कराने आये कई मरीजों को आयुष्मान भारत योजना से हटाकर कैश बेसिस पर कर दिया गया. इसके बाद मरीजों से लिये गये पैसों में हेराफेरी कर राशि का गबन किया गया. मामला सामने आते ही संस्थान के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी प्रफुल्ल रंजन ने मेहता डाटा मैट्रिक्स आउटसोर्सिंग कंपनी के तहत काम करने वाले काउंटर क्लर्क अमरजीत राज, चंदन कुमार, साकेत कुमार व अभिषेक कुमार के खिलाफ में शास्त्रीनगर थाने में केस दर्ज करा दिया है.
देरी का बहाना बनाकर मरीजों से कैश लिया
जो मरीज आयुष्मान भारत योजना के तहत इलाज के लिए अस्पताल आते हैं, उनका मुफ्त इलाज होना था. लेकिन, कर्मचारी आयुष्मान कार्ड सत्यापन में देरी का बहाना बनाकर उनका इलाज कैश बेसिस पर शुरू कर देते थे. इसके लिए उनसे पैसे लेकर नकली मेडिकल बिल भी दिया जाता था और मरीज का पैसा गबन कर लेते थे. इधर, मरीज का डेटा आयुष्मान कार्ड से इलाज के लिए अपलोड हो जाता था और अस्पताल के वास्तविक रिकॉर्ड में मरीज का इलाज आयुष्मान कार्ड से होता था.
नीट पेपर लीक: सुप्रीम कोर्ट ने एनटीए को फटकार लगाई
प्रभात ख़बर के अनुसार सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को नीट-यूजी पेपर लीक मामले पर राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि एजेंसी ने पिछली गलतियों से कोई सबक नहीं लिया. जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक आराधे की पीठ ने केंद्र सरकार, एनटीए, सीबीआइ और इसरो के पूर्व प्रमुख के राधाकृष्णन की अध्यक्षता वाली निगरानी समिति को नोटिस जारी कर जवाब मांगा. अदालत ने एनटीए को 2024 में सुप्रीम कोर्ट द्वारा सुझाए गये सुधारों के अनुपालन पर गुरुवार तक हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया. पीठ ने कहा कि पहले भी इसी तरह का मामला अदालत के समक्ष आया था और तब गठित समिति ने कई सिफारिशें दी थीं, जिन्हें स्वीकार भी किया गया था.
बिहार न्यायिक सेवा प्रतियोगिता परीक्षा स्थगित
बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) ने 33वीं बिहार न्यायिक सेवा प्रतियोगिता परीक्षा (वि.सं. 12 / 2026) से संबंधित अभ्यर्थियों को सूचित किया है है कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय, नई दिल्ली द्वारा Writ Petition(s) (Civil) No(s). 1110/2025 में दिनांक-22.05.2026 को पारित अंतरिम न्यायादेश के आलोक में दिनांक 03 जून, 2026 (बुधवार) को आयोजित की जाने वाली (प्रारम्भिक) प्रतियोगिता परीक्षा स्थगित की जाती है। ध्यान रहे कि पहले इस परीक्षा के लिए आवश्यक शर्तों में 3 वर्ष की प्रैक्टिस को ज़रूरी बताया गया था। समझा जाता है कि सुप्रीम कोर्ट 3 वर्ष की प्रैक्टिस की शर्त में बदलाव ला सकता है।
11 दिनों में पेट्रोल की क़ीमत 8 रुपये बढ़ा दी
जागरण के अनुसार पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी जारी है। तेल कंपनियों ने एक बार फिर ईंधन के दाम बढ़ा दिए हैं। नई दरें 25 मई की सुबह 06:00 बजे से लागू हो गई हैं। लगातार बढ़ती कीमतों ने आम लोगों, वाहन चालकों और किसानों की चिंता बढ़ा दी है। पेट्रोलियम कंपनियों की ओर से जारी नई दरों के अनुसार पेट्रोल 2.88 पैसे जबकि डीजल 2.83 रुपये प्रति लीटर बढ़ी दर और मिलेगा। पहले पेट्रोल 110.47 रुपये था जो अंब 113.35 रुपये लीटर जबकि डीजल 96.53 था जो 99.36 हो गया। 14 मई को पेट्रोल 105.35 रुपये तथा डीजल 91.46 रुपए था।
कुछ और सुर्खियां:
- कश्मीर का गुलमर्ग रोपवे खराब होने से हवा में लटके 320 पर्यटक, 7 घंटे के बाद सुरक्षित निकाला गया
- सीबीएसई के स्कूलों में अब क्लास एक से आठवीं तक पढ़ाई जाएगी मैथिली
- मोकामा के जदयू विधायक आनंद सिंह को हथियार प्रदर्शन मामले में 30 में तक गिरफ्तारी से छूट मिली
- गया के पूर्व कांग्रेसी सांसद रणजीत सिंह उर्फ रंग सिंह के मकान में छापेमारी, लाखों रुपए की नकली दवाएं बरामद
अनछपी: आप ने अबतक 12वीं कक्षा के छात्र वेदांत श्रीवास्ताव का नाम सुन लिया होगा जिसे अपनी एक फरियाद पर सरकार समर्थक ट्रोल्स ने पाकिस्तानी और देशद्रोही करार दे दिया था। ख़ैरियत है कि वह मुसलमान नहीं था वरना उसकी लिंचिंग भी हो सकती थी। दरअसल वेदांत ने अपनी फिजिक्स आंसर शीट को लेकर सेंट्रल बोर्ड ऑफ़ सेकेंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) से शिकायत को सोशल मीडिया पर भी दर्ज कराया था। वेदांत ने आरोप लगाया था कि री-इवैल्यूश प्रोसेस के तहत सीबीएसई ने जो स्कैन्ड कॉपी डाउनलोड की वह उनकी नहीं किसी और की थी. इसके बाद वेदांत को जहां कई लोगों ने सपोर्ट किया, वहीं उनकी भयंकर ट्रोलिंग भी हुई और उनको कई लोगों ने एंटी नेशनल तक कहा। लेकिन अब इस विवाद में सीबीएसई ने अपनी ग़लती मानते हुए बताया कि वेदांत को उनकी सही आंसर शीट भेज दी गई है। सीबीएसई ने सोमवार रात को एक एक्स पोस्ट में लिखा, “डियर वेदांत, फिजिक्स आंसर शीट को लेकर जो आपकी चिंता थी उस पर हमारा ध्यान दिलाने के लिए धन्यवाद। समीक्षा के बाद मामले की जांच कर ली गई है और आपकी आंसर शीट की सही कॉपी आपके रजिस्टर्ड ईमेल पते पर भेज दी गई है. साथ ही, आवश्यकता अनुसार आपके परिणाम को अपडेट करने की प्रक्रिया भी की जा रही है। हम आपके धैर्य की सराहना करते हैं और आपको अपने निरंतर सहयोग का आश्वासन देते हैं।” इस मामले में वेदांत के भाई सिद्धांत ने कहा, “कई लोगों ने हमें बहुत ट्रोल किया। हमें पाकिस्तानी तक कह दिया। कई न्यूज़ एंकर तक ने बिना वेरीफ़ाई किए हमें पाकिस्तानी कहना शुरू कर दिया।” दरअसल भारतीय जनता पार्टी के अंध समर्थक यह समझते हैं कि किसी को पाकिस्तान कहकर उसका मुंह बंद किया जा सकता है ताकि आम लोग भी उसके खिलाफ हो जाएं। एक और आसानी से समझ में आने वाली बात यह है कि भारतीय जनता पार्टी ने भी अपने समर्थकों को यही हथियार दिया है कि जो भी उनका या उनकी सरकार की गड़बड़ियों का विरोध करे उसे सीधे पाकिस्तानी कह दो ताकि पूरी बहस ही बदल जाए। पहले इस तरह के हमले मुसलमानों पर होते थे अब हर उस व्यक्ति पर होता है जो भारतीय जनता पार्टी की गलत नीतियों और सरकार की गलतियों के विरोध में आवाज उठाता है। यह सिलसिला इसलिए नहीं रुकता क्योंकि हमारी अदालतें ऐसे लोगों पर कार्रवाई करने में बिल्कुल नाकाम हैं। वेदांत पर आरोप लगाने वालों में सरकारी प्रसारक ‘दूरदर्शन’ के एक बड़े कर्मचारी भी शामिल हुए लेकिन सवाल यह है कि क्या उन पर कोई कानूनी कार्रवाई होगी? क्या भारत को एक ऐसे कानून की जरूरत नहीं जो उन लोगों को सजा दे जो भारतीय को पाकिस्तानी बताकर ट्रोल करता हो?
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