बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने तीखा हमला करते हुए कहा कि इस देश के तथाकथित गृह मंत्री में यहां आकर बैठने की हिम्मत नहीं है। पटना के बांकीपुर विधानसभा में आज उपचुनाव के लिए मतदान हो रहा है जहां प्रशांत किशोर की सबसे बड़ी परीक्षा होगी। बिहार सरकार ने 55279 पदों पर नियुक्ति का ऐलान किया है।
और, जानिएगा कि परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने एथेनॉल से किस गाड़ी को कैसे नुक़सान की बात कबूल की।
पहली ख़बर
जागरण के अनुसार पेपर लीक की घटनाएं रोकने के लिए लाए गए सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन अधिनियम पर बुधवार को लोकसभा में चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी गृह मंत्री अमित शाह पर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि गृह मंत्री ने छात्रं प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ज्यादतियों और फायरिंग की अनुमति दी थी। उनके इस आरोप पर सदन में जमकर हंगामा हुआ। बाद में चर्चा का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री कार्यालय के राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि कहीं भी गोली चलाने का आदेश मंत्री नहीं, मजिस्ट्रेट देता है। यह भी बार-बार स्पष्ट किया गया है कि गोली चली ही नहीं, सिर्फ आंसू गैस का इस्तेमाल हुआ। सत्तापक्ष ने कहा कि राहुल बेबुनियाद व तथ्यहीन आरोप लगाकर भ्रमित करना चाहते हैं और वह मांफी मांगे। संशोधन विधेयक पर चर्चा में हिस्सा लेते हुए राहुल गांधी ने सदन में अमित शाह की अनुपस्थिति का जिक्र करते हुए कहा, “इस देश के तथाकथित गृह मंत्री में यहां आकर बैठने की हिम्मत नहीं है… गृह मंत्री आज यहां क्यों नहीं हैं? गृह मंत्री आज यहां इसलिए नहीं हैं क्योंकि वह डरे हुए हैं।
हीरो और भगवान की छवि बनाने में सरकार कर रही करोड़ों खर्च: राहुल
प्रभात ख़बर के अनुसार लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों पर बलप्रयोग के मुद्दे पर गृह मंत्री अमित शाह को निशाने पर लेते हुए संसद से लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस तक सरकार पर तीखा हमला बोला. राहुल ने प्रश्नपत्र लीक रोधी विधेयक पर लोकसभा में चर्चा में भाग लेने के बाद संवाददाता सम्मेलन में भी अमित शाह पर निशाना साधा. प्रेस वार्ता में राहुल गांधी ने कहा कि उन्होंने 25 जुलाई को गृह मंत्री को पत्र लिखकर पूछा था कि छात्रों पर बलप्रयोग का आदेश किसने दिया और सादे कपड़ों में छात्रों की पिटाई करने वाले लोग कौन थे, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार उन्हें सदन में बोलने नहीं देना चाहती और उनसे माफी मांगने का दबाव बनाया गया. राहुल ने कहा कि वह भाजपा, आरएसएस या उनसे जुड़े किसी भी व्यक्ति से कभी माफी नहीं मांगेंगे. उन्होंने दावा किया कि सरकार युवाओं के भविष्य और शिक्षा व्यवस्था को नुकसान पहुंचा रही है तथा गृह मंत्री सदन में आकर जवाब देने का साहस नहीं दिखा रहे हैं. राहुल ने कहा कि एक छवि बनायी गयी है, जो यह है कि अमित शाह देश के हीरो हैं और नरेंद्र मोदी भगवान हैं. इस छवि को बनाये रखने में हजारों करोड़ रुपये फूंके जा रहे हैं.
आज बांकीपुर में पीके की परीक्षा, पीके देर रात जक्कनपुर पुर थाना पहुंचे
हिन्दुस्तान के अनुसार को सुबह आठ बजे से शुरू होगा। तीन लाख 79 हजार 616 मतदाता मैदान में खड़े 25 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करेंगे। इनमें भाजपा के नीरज कुमार सिन्हा, जनसुराज के प्रशांत किशोर, राजद की रेखा गुप्ता भी शामिल हैं। कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिए जाने के खिलाफ बांकीपुर से जनसुराज के प्रत्याशी प्रशांत किशोर पार्टी नेताओं व समर्थकों के साथ बुधवार की देर रात जन जक्कनपुर थाना पहुंचे। उन्होंने पुलिस से कार्यकर्ताओं के संबंध में जानकारी मांगी और काफी देर तक थाने में रहे। पीके ने कहा कि पुलिस यह नहीं बता रही है कि किस वजह से पार्टी कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया है। उन्हें कहां रखा गया है। कहा कि स्थित स्पष्ट होने तक थाने में डटे रहेंगे। देर रात तक प्रशांत किशोर कार्यकर्ताओं के साथ थाने में डटे रहे। थानेदार के मुताबिक, वरीय अधिकारियों के आदेश पर कार्यकर्ताओं को यहां लाया गया। फिर यहां से उन्हें ले जाया गया।
पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को क्लीन चिट
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कोयला खदान आवंटन घोटाले में पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह को समन जारी करने का विशेष अदालत का 2015 का आदेश रद्द कर दिया। शीर्ष अदालत ने कहा कि विशेष अदालत के पास सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट (केस बंद की अर्जी) खारिज करने और पूर्व पीएम सिंह के खिलाफ संज्ञान लेने कोई आधार नहीं था। सीजेआई सूर्यकांत, न्यायमूर्ति बागची और वी. मोहना की पीठ ने पूर्व प्रधानमंत्री सिंह की ओर से दाखिल अपील स्वीकार करते हुए यह फैसला दिया। पीठ ने उन्हें क्लीन चिट देने वाली सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट स्वीकार करते हुए उनके खिलाफ विशेष कोर्ट द्वारा जारी समन रद्द कर दिया। हालांकि, पूर्व प्रधानमंत्री सिंह का दिसंबर 2024 में निधन हो गया था, फिर भी कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के आदेश की वैधता की जांच करने का फैसला किया क्योंकि उसमें उनके खिलाफ प्रतिकूल टिप्पणियां की गई थीं। सीजेआई सूर्यकांत, न्यायमूर्ति बागची और मोहना की पीठ ने पूर्व प्रधानमंत्री सिंह की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल अपील को स्वीकार करते हुए कहा कि विशेष जज ने पूर्व प्रधानमंत्री सहित छह लोगों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत संज्ञान लिया था, जबकि सीबीआई ने जांच के बाद उन्हें क्लीन चिट देते मुकदमा बंद करने के लिए क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की थी।
55279 पदों पर नियुक्ति का ऐलान
भास्कर के अनुसार मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में कुल 24 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। आंगनबाड़ी में 22,891 पदों पर सीधी बहाली होगी। वहीं, सीएम ने बताया कि चौथे चरण की शिक्षक भर्ती (टीआरई-4) के तहत 32,388 पदों की अधियाचना बीपीएससी को भेज दी गई है। आयोग अगले महीने अगस्त में इसका विज्ञापन जारी कर सकता है और प्रक्रिया नवंबर तक पूरी होने की उम्मीद है।
गडकरी ने एथेनॉल से किस गाड़ी को कैसे नुक़सान की बात कबूल की
जागरण के अनुसार केंद्र सरकार ने बुधवार को कहा कि ई-20 (20 प्रतिशत एथनाल मिश्रित पेट्रोल) के इस्तेमाल से वाहनों के इंजन पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ता है। हालांकि, एक अप्रैल 2005 से लागू बीएस-3 मानकों के तहत पंजीकृत और वर्ष 2016 से पहले निर्मित कुछ वाहनों में रबर के कुछ हिस्सों और गैस्केट को बदलने की जरूरत पड़ सकती है यानी यह खराब हो सकते हैं। सरकार ने कहा कि इनके बदलाव नियमित सर्विसिंग के दौरान आसानी से किए जा सकते हैं। राज्यसभा में सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने क्हा कि ई-20 ईंधन के इस्तेमाल के कारण वाहन की माइलेज के संबंध में आटोमोबाइल निर्माताओं और वाहन/इंजन परीक्षण एजेंसियों ने स्पष्ट किया है कि वाहन की माइलेज कई कारकों से प्रभावित होती है न कि सिर्फ ईंधन के प्रकार से।
कुछ और सुर्खियां
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 20 नवंबर को दरभंगा जिले में रैयाम और मधुबनी जिले में सकरी चीनी मिल की आधारशिला रखेंगे
- पश्चिम बंगाल के बीरभूमि जिले में सरकारी बस ड्राइवर से पत्थर कारोबारी बने मीनार मंडल के घर से 28 करोड रुपए और 15 किलो सोना जब
- आज से सावन की शुरुआत, शिवालय और मंदिर सज धज कर तैयार
- पटना के बांकीपुर बस डिपो बंद, रेलवे स्टेशन के पास के मल्टी मॉडल हब से चलेंगे सरकारी बसें
अनछपी: भारत में केंद्र और राज्य सरकारों के पास पहले से ही ऐसे कई कानून है जिसके गलत इस्तेमाल से वह विरोधियों को प्रताड़ित करने और जेल में डालने के हथकंडे अपनाती रही हैं। अब एक और इसी तरह का कानून पास हो रहा है जो वंदे मातरम के गायन को लेकर है। याद रखने की बात यह है कि भारत की आजादी के बाद से अभी तक वंदे मातरम की कुछ शुरुआती लाइन ही गाने की परंपरा थी। इस गीत की बाद की लाइनों में चूंकि हिन्दू देवी देवताओं की स्तुति है, इसलिए उन पंक्तियों को आस्था का सवाल मानते हुए राष्ट्रीय गीत के तौर पर शामिल नहीं किया गया था। केंद्र की भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने इस धार्मिक भावना के प्रति अत्यंत असंवेदनशीलता दिखाते हुए उन पंक्तियों को भी राष्ट्रीय गीत का हिस्सा बना डाला है। यही नहीं अब वह जो कानून ला रही है उसके अनुसार वंदे मातरम गीत को भी वही दर्जा मिलेगा जो राष्ट्रध्वज, संविधान और राष्ट्रगान सहित राष्ट्रीय प्रतीकों को मिला हुआ है। इसके बाद सरकार ने एक बेबात की बात उठाते हुए इसके अपमान के बारे में भी कानून बनाया जबकि कोई भी यह बात जानता है कि इसके अपमान का कहीं कोई सवाल नहीं है। आखिर अपमान की परिभाषा क्या होगी और अगर कोई इसके गाने से अलग हट जाए तो क्या वह भी अपमान माना जाएगा? दरअसल इस कानून के साथ यह खतरा पैदा हो गया है कि सरकार और उसके समर्थन हर उसे व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा कर सकते हैं जो यह कहे कि उसे वंदे मातरम नहीं गाना है। इस तरह के झूठे आरोपों पर भारतीय जनता पार्टी के शासन में मुकदमा चलाने और जेल में डालने की लंबी परंपरा रही है। यह भी सही है कि कांग्रेस की सरकारों में भी ऐसा हुआ है लेकिन उसमें वंदे मातरम को लेकर कोई ऐसा खतरा नहीं था। नए कानून में कहा गया है कि कोई जानबूझकर वंदे मातरम् को गाने के दौरान रोकता है तो उस पर वही कार्रवाई होगी जो राष्ट्रीय गान के मामले में होती है। इसके तहत 3 साल की कैद, जुर्माना या दोनों की सजा हो सकती है। इस तरह भारत सरकार और भारतीय जनता पार्टी के हाथ एक और हथियार लग गया है जिससे वह अपने विरोधियों को बिना सबूत जेल में डाल सकती है।
69 total views