छ्पी-अनछपी: प्रदर्शकारियों की रिहाई में बेदागी का पेच, देश के नए शिक्षा मंत्री ‘रेपिस्ट समर्थक’

बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। दिल्ली के जंतर मंतर पर कॉकरोच पार्टी के प्रदर्शन के बाद सरकार से सभी प्रदर्शनकारियों को छोड़ने का समझौता हुआ था लेकिन उसमें अब दागी और बेदागी का पेच लगा दिया गया है हालांकि बिहार सरकार ने सिलसिले के सभी 64 मामले वापस ले लिए हैं। कांग्रेस पार्टी ने आरोप लगाया है कि देश के नए शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी रेपिस्ट समर्थक हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पोस्ट को हटाए जाने के मामले में फेसबुक चलाने वाली कंपनी से जवाब तलब किया गया है। 

और, जानिएगा कि जमुई जिला परिषद अध्यक्ष के पति ने 10 वर्षों में 100 करोड़ की संपत्ति बनाई तो पड़ा छापा- हुए फरार। 

पहली ख़बर

भास्कर के अनुसार पेपर लीक के खिलाफ देशभर में छात्र आंदोलनों के दौरान पुलिस ज्यादती पर मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने सख्ती दिखाई। कोर्ट ने संकेत दिया कि इसकी जांच सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज की अध्यक्षता वाली एसआईटी को सौंप सकते हैं। इस पर अंतिम फैसला केंद्र और राज्यों के जवाब आने के बाद होगा। कोर्ट ने केंद्र, दिल्ली, असम, बिहार, प. बंगाल, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और केरल सरकार को नोटिस जारी किया है। अगली सुनवाई 3 अगस्त को होगी। विभिन्न याचिकाओं पर सुनवाई के बाद सीजेआई सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने कई अंतरिम निर्देश जारी किए। जिन प्रदर्शनकारियों का आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है, उन पर दंडात्मक कार्रवाई नहीं होगी। 18 साल से छोटे ऐसे छात्र रिहा होंगे। दिल्ली और अन्य राज्य सरकार एफआईआर पर जांच जारी रख सकती हैं। पर, सुनवाई लंबित रहने तक कार्रवाई नहीं होगी। आपराधिक लोगों को को छूट नहीं होगी। सभी सीसीटीवी फुटेज, ड्रोन रिकॉर्डिंग, बॉडी कैमरा फुटेज, पीसीआर लॉग और अन्य डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित रखने होंगे। प्रदर्शनकारी छात्रों का डेटा, जानकारी व पहचान सार्वजनिक नहीं होगी। कोर्ट ने कहा, जिसने भी कानून हाथ में लिया या प्रोटोकॉल का उल्लंघन किया, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। जांच में आरोपों की पड़ताल के साथ यह भी देखा जाएगा कि 250 पुलिसकर्मियों पर हमला छात्रों ने किया था या उपद्रवियों ने।

बिहार सरकार ने वापस लिए सभी 64 मामले

प्रभात खबर के अनुसार बिहार सरकार ने नीट यूजी पेपर लीक के विरोध में प्रदेश भर में किये गये प्रदर्शन और तोड़फोड़ के मामले में जेल में बंद सभी युवाओं को एक और राहत दी है. मंगलवार को राज्य सरकार के निर्देश पर प्रदेश के महाधिवक्ता एसडी संजय ने सभी डीएम और लोक अभियोजक (पीपी) को पत्र लिख कर निर्देश दिया है कि वह 26 जुलाई की शाम छह बजे के पहले दर्ज सभी 64 मामलों में बंद युवाओं की रिहाई की पहल करे. महाधिवक्ता ने पत्र में सभी डीएम से भी अनुरोध किया है कि वे सभी पीपी को इसका निर्देश जारी करें. साथ ही कार्रवाई रिपोर्ट डीएम द्वारा सरकार के साथ-साथ उन्हें भी भेजने को कहा है. इसके पहले सोमवार की देर शाम सरकार ने 26 जुलाई की शाम छह बजे के पहले दर्ज सभी प्राथमिकी के आधार पर गिरफ्तार युवाओं को रिहा करने का फैसला लिया था. इस संबंध में गृह विभाग की ओर से आधिकारिक घोषणा भी की गयी. 

कॉकरोच पार्टी बोली- सुप्रीम कोर्ट के दागी बेदागी वाला फैसला मंजूर नहीं 

जागरण के अनुसार आंदोलन के दौरान हिंसा व उपद्रव मामले में दर्ज सभी एफआइआर को वापस लेने तथा सभी की रिहाई सुनिश्चित करने को लेकर केंद्र सरकार पर दबाव बना रही काकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) की बेचैनी सर्वोच्च न्यायालय ने बढ़ा दी है। सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को बिना किसी आपराधिक पृष्ठभूमि वाले सभी नाबालिगों और युवाओं को रिहा करने का आदेश दिया है। उच्चतम न्यायालय के उक्त आदेश में सीजेपी का बड़ा पेच यह फंसा है कि वह मामले में सभी एफआइआर एकमुश्त वापस लेने व सभी की रिहाई सुनिश्चित करने की मांग कर रही है, जिसमें आपराधिक प्रवृत्ति के प्रदर्शनकारी भी शामिल हैं। माना जा रहा है कि ऐसे आपराधिक प्रवृत्ति के प्रदर्शनकारियों ने ही सुरक्षा बलों पर हमले के साथ बड़े स्तर पर सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया धा। 

कांग्रेस का आरोप- शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी रेपिस्ट समर्थक

जागरण के अनुसार लोकसभा में पेपर लीक संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान विपक्ष ने नए शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी पर बेहद तीखा हमला किया। जोशी के बारे में कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा की टिप्पणी पर भाजपा ने आपत्ति जताई। भाजपा नेता अनिल बलूनी ने कहा कि जोशी के बारे में राहुल और प्रियंका के बयान भ्रामक है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी सदन के बाहर प्रल्हाद जोशी को “दुष्कर्मियों का बचाव करने वाला घिनौना व्यक्ति” बताते हुए उन पर बेहद तीखा हमला किया। राहुल ने कहा, प्रधानमंत्री अपनी कैबिनेट में किसी को भी शिक्षा मंत्री चुन सकते थे। जब इतने सारे युवा शिक्षा प्रणाली को लेकर विरोध कर रहे थे तब भाजपा ने ऐसे व्यक्ति को शिक्षा मंत्री नियुक्त किया जो दुष्कर्मियों का बचाव करता है। 

प्रधानमंत्री की फेसबुक पोस्ट हटाने के मामले में मेटा को तलब किया गया

हिन्दुस्तान के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आधिकारिक फेसबुक अकाउंट से की गई एक पोस्ट को हटाए जाने के मामले में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने मेटा को तलब किया है। उधर, मंत्रालय की सख्ती के बाद मेटा ने खेद जताया है और तकनीकी गड़बड़ी का हवाला देकर पोस्ट को फेसबुक पर री-स्टोर कर दिया। इस पूरे मामले पर मंत्रालय के सचिव एस कृष्णन ने कहा कि कंपनी तकनीकी गड़बड़ी की सफाई स्वीकार्य नहीं है। सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि भारत के प्रमुख और सत्यापित व्यक्तियों के सोशल मीडिया अकाउंट को विशेष सुरक्षा दी जाए।

10 वर्षों में 100 करोड़ की संपत्ति बनाई तो पड़ा छापा

भास्कर के अनुसार आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने मंगलवार को जमुई जिला परिषद अध्यक्ष दुलारी देवी के पति और नेता गुड्डू यादव ने पिछले 10 वर्षों में करीब 100 करोड़ रुपए की संपत्ति बनाई है। यह राजफाश ईओयू की जांच में हुआ। जांच के बाद मंगलवार को ईओयू की टीम ने उसके जमुई और शेखपुरा के 25 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। यह कार्रवाई संगठित अपराध और अवैध तरीके से अकूत संपत्ति अर्जित करने के मामले में की गई है। छापेमारी के दौरान गुड्डू के भाई बबलू समेत 5 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। 25 ठिकानों पर एक साथ कार्रवाई के लिए 23 डीएसपी को कमान सौंपी गई थी। मुख्य आरोपी गुड्डू यादव गिरफ्तारी से पहले फरार हो गया। 

कुछ और सुर्खियां:

  • छात्रों के आंदोलन के सिलसिले में बेवर जेल में बंद पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव को जमानत के बाद रिहाई मिली
  • राजगीर नवोदय विद्यालय में खराब भोजन मिलने की शिकायत कर छात्रों ने बवाल किया, स्कूटी फूंकी
  • दिल्ली हाई कोर्ट का आदेश- पेटीएम बैंक बंद होगा, यूपीआई समेत बाकी सेवाएं मिलती रहेंगी
  • बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए प्रचार खत्म, 30 जुलाई को होगी वोटिंग
  • मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सुल्तानगंज को अजगैबीनाथ धाम कहने को कहा

अनछपी: कॉकरोच जनता पार्टी और दूसरे छात्र आंदोलनकारियों को अगर लगता है कि उन्होंने धर्मेंद्र प्रधान को भारत के शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा दिलाकर बड़ी कामयाबी हासिल की है तो इसमें कोई शक नहीं लेकिन उनके सामने उससे भी बड़ी चुनौती आ गई है क्योंकि कांग्रेस पार्टी ने जो आरोप लगाया है उसके मुताबिक देश के नए शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी तो रेपिस्ट के समर्थक हैं। दिलचस्प बात यह है कि जब लोकसभा में कांग्रेस की सांसद प्रियंका गांधी ने यह आरोप लगाया तो भारतीय जनता पार्टी के सांसदों ने इसका सबूत मांगा। खुद नए शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने लोकसभा में कहा, “सर प्रियंका जी को ऑथेंटिकेट करना चाहिए वरना मिसइन्फ़ॉर्मेशन के लिए उनके ख़िलाफ़ कार्रवाई की जाने चाहिए।” जब प्रियंका गांधी इसके लिए तैयार हो गईं तो इस बात को खत्म करा दिया और उनके इस आरोप को भी कार्यवाही से निकाल दिया गया। अगर भारतीय जनता पार्टी को वाकई ऐसा लगता है कि प्रियंका गांधी या कांग्रेस के दूसरे नेता गलत आरोप लगा रहे हैं तो उन्हें सबूत पेश करने का मौका दिया जाना चाहिए था। याद रहे कि गुजरात दंगों के दौरान बिलकीस बानो के साथ गैंगरेप और उनके परिवार के सात सदस्यों की हत्या के आरोप में 11 अभियुक्तों को साल 2008 में उम्र क़ैद की सज़ा सुनाई गई थी। बाद में बॉम्बे हाई कोर्ट ने इस सज़ा पर अपनी मुहर लगाई थी। जब सभी दोषी 15 साल से अधिक वक़्त तक सज़ा काट चुके तो इसे बहाना बनाकर इनमें से एक अभियुक्त राधेश्याम शाह ने सज़ा में रियायत की गुहार लगाई थी, जिसके बाद गुजरात सरकार ने उन्हें रिहा कर दिया था। इस फ़ैसले पर एनडीटीवी ने प्रल्हाद जोशी से सवाल किया तो उन्होंने कहा था, “जब सरकार और संबंधित लोगों ने फ़ैसला ले लिया है, तो मुझे इसमें कुछ भी ग़लत नहीं लगता क्योंकि यह क़ानून की प्रक्रिया है।” तब वह केंद्र में संसदीय कार्य मंत्री थे। अब सवाल यह है कि क्या कॉकरोच जनता पार्टी और दूसरे छात्र आंदोलनकारी को देश का ऐसा शिक्षा मंत्री क़बूल है? धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा तो होना ही चाहिए था लेकिन अगर नए शिक्षा मंत्री बन रहे तो देश को धर्मेंद्र प्रधान के समय से भी ज्यादा शर्म की बात होगी।

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