बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। बिहार में ट्रैफिक पुलिस के सिपाही, हवलदार और जमादार न तो जांच के नाम पर गाड़ी रोकेंगे और न ही किसी तरह का ऑन स्पॉट चालान कर सकेंगे। नेपाल के मधेस इलाके में भारी तनाव की खबर है। मोरक्को की ओर से गुरुवार-शुक्रवार को 60 हजार प्रवासी स्पेन के स्यूटा में दाखिल हुए तो पानी में डूबने और भगदड़ से 57 की मौत हो गई।
और, भाजपा के देवेश कुमार ने एमएलसी का पद छोड़ ताकि उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश मंत्री बने रहें।
पहली ख़बर
जागरण के अनुसार यातायात पुलिस के सिपाही, हवलदार और जमादार (सहायक अवर निरीक्षक) न तो वाहन जांच के लिए गाड़ी रोकेंगे और न ही किसी तरह का ऑन स्पॉट चालान कर सकेंगे। उनका काम सिर्फ ट्रैफिक रेगुलेशन (सुगम यातायात) करना होगा। चालान से जुड़ी किसी भी तरह की कार्रवाई दारोगा (सब-इंस्पेक्टर) या उससे ऊपर के पदाधिकारी ही करेंगे। अगर ट्रैफिक पुलिसकर्मी इसका उल्लंघन करते पाए तो उनके विरुद्ध प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वाहन चेकिंग के दौरान ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद एडीजी यातायात सुधांशु कुमार ने इससे जुड़ा आदेश जारी किया है। पुलिस मुख्यालय में शुक्रवार दिशा-निर्देश जारी कर दिया गया को प्रेस वार्ता में एडीजी सुधांशु कुमार ने बताया कि वाहन जांच को लेकर सभी जिलों को नया है। कई बार ट्रैफिक सिपाही वाहन जांच के लिए गाड़ी रोकते हैं और आगे की कार्रवाई के लिए दारोगा या उससे ऊपर के अधिकारी के पास भेज देते हैं, अब वह यह काम भी नहीं करेंगे। वाहन जांच के दौरान डिजिटल रिकार्ड रखने वाले डिजी लाकर को भी मान्य किया गया है। सभी ट्रैफिक एसपी-डीएसपी को इसका सख्ती से अनुपालन कराने का निर्देश दिया गया है।
नेपाल में भी सांप्रदायिक हिंसा
हिन्दुस्तान के अनुसार नेपाल के सुनसरी जिले में कांवरियों के साथ हुई हिंसा के बाद भड़का तनाव शुक्रवार को भी मधेश क्षेत्र में बना रहा। जनकपुरधाम, सिरहा, गोलबाजार, लहान, वीरगंज, जलेश्वर, गौशाला, बद्रीवास, सबैला, मलंगवा, गौर और अन्य इलाकों में प्रदर्शन जारी रहे। हालात को देखते हुए धनुषा जिला प्रशासन जनकपुरधाम ने उपमहानगरपालिका क्षेत्र में बेमियादी कर्फ्यू लागू रखा है, जबकि सिरहा और गोलबाजार सहित कई संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।
मोरक्को से स्पेन में घुसे हजारों प्रवासी, 57 की मौत
हिन्दुस्तान के अनुसार मोरक्को की ओर से गुरुवार-शुक्रवार को 60 हजार प्रवासी स्पेन के स्यूटा में दाखिल हुए। पानी में डूबने और भगदड़ से 57 की मौत हो गई। स्थिति बिगड़ी तो सेना को तैनात करना पड़ा। ट्रंप ने इस घटना की निंदा की है। स्पेन के पीएम पेड्रो सांचेजने आरोप लगाया कि मानव तस्कर युवाओं को धोखा देकर जबरन घुसपैठ के लिए उकसा रहे हैं। मोरक्को की तरफ बॉर्डर पर सुरक्षा बलों और प्रवासियों के बीच झड़प हुई। मोरक्को के बलों ने आंसू गैस के गोलों से भीड़ को तितर-बितर किया और हवा में गोलियां चलाई। कई वाहनों को भी आग लगा दी गई। जिसके बाद प्रवासियों के बड़े समूह घर लौटने के लिए स्यूटा से मोरक्को की ओर वापस चले गए। प्रवासियों ने मुख्य रूप से तराजल ब्रेकवाटर के पास समुद्र में तैरकर, टायरों और ट्यूब के सहारे, या तटीय किनारों पर पैदल चलकर सीमा पार की।
पप्पू यादव ने चंदा चोरी का ड्रामा दिखाया
भास्कर के अनुसार संसद परिसर में विपक्ष के प्रदर्शन में शुक्रवार को सांसद पप्पू यादव ने भगवा पहन राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का ड्रामा किया। राहुल गांधी व अन्य सांसदों ने दान दिया। पप्पू इसे लेकर भागे। सांसदों ने उन्हें पकड़ा और ‘चंदा चोर, गद्दी छोड़’ के नारे लगाए। विहिप के अंतरराष्ट्रीय संयुक्त महासचिव सुरेंद्र जैन ने कहा- इससे हिंदुओं की भावनाएं आहत हुई हैं। स्पीकर संबंधित सांसदों पर कार्रवाई करें। वहीं, अखिल भारतीय संत समिति के राष्ट्रीय महामंत्री जितेंद्रानंद सरस्वती ने कहा- ये सनातन और संतों की तपस्या का अपमान है। इस मामले में लोकसभा अध्यक्ष एवं बिरला ने भी नाराजगी जिटेट हुए सख्त कदम उठाने की चेतावनी दी है।
बाल वाटिका और आंगनबाड़ी पर भी तैनात होंगे शिक्षक
हिन्दुस्तान के अनुसार बिहार के प्राथमिक विद्यालयों के मानक से अधिक पदस्थापित शिक्षकों (सरप्लस) को बाल बाटिका और आंगनबाड़ी केंद्रों में तैनात किया जाएगा। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने शुक्रवार यह ऐलान किया। उन्होंने कहा कि इस समय सूबे के सरकारी विद्यालयों में 1.06 लाख अधिशेष (सरप्लस) शिक्षक हैं। इनमें 65413 अधिशेष शिक्षक पहली से पांचवीं कक्षा के प्राथमिक विद्यालयों में हैं। हालांकि, तीन जिलों अररिया, जमुई और पूर्णिया में शिक्षकों की कमी है। प्रेस कांफ्रेंस में मंत्री ने कहा कि शिक्षकों का तबादला पूरी तरह ऐच्छिक है। जो आवेदन करेंगे, उनका ही तबादला होगा। इस प्रक्रिया के तहत शिक्षक कम से कम 30 विद्यालयों का विकल्प दे सकेंगे। 30 बच्चों पर एक शिक्षक के निर्धारित मानक से अधिक पदस्थापित शिक्षकों को चरणबद्ध तरीके से उन विद्यालयों में भेजा जाएगा जहां शिक्षकों की कमी है।
ताकि उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश मंत्री बने रहें
भास्कर के अनुसार आखिरकार भाजपा ने पंचायती राज मंत्री और रालोमो अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा के पुत्र दीपक प्रकाश के मंत्री बने रहने का इंतजाम कर दिया। अपने एमएलसी देवेश कुमार की सीट खाली कराई। शुक्रवार को देवेश ने इस्तीफा दिया। उनकी जगह अब दीपक एमएलसी बनेंगे। मंत्री रहेंगे। सुप्रीम कोर्ट का, व्हिसल ब्लोअर राकेश कुमार सिंह की याचिका पर बेहद सख्त रुख के बाद दीपक को मंत्री बनाए रखने का दूसरा कोई उपाय नहीं था। गुरुवार को कोर्ट ने बिहार सरकार से पूछा था कि दीपक 6 महीने से न एमएलए हैं, न एमएलसी; फिर मंत्री कैसे हैं। 4 अगस्त को अगली सुनवाई है। मंत्री कैसे हैं। 4 अगस्त को सुनवाई है। भाजपा ने डैमेज कंट्रोल किया। उपेंद्र भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व को मनाने में सफल रहे। वे पहले से कहते रहे हैं कि दीपक का मसला वही जानें जिन्होंने उन्हें मंत्री बनाया है। पार्टी के निर्देश पर देवेश ने विधान परिषद सभापति को इस्तीफा सौंपा। देवेश का. कार्यकाल मार्च 2027 तक है। अब इसे दीपक पूरा करेंगे। इस मामले में देवेश बोले-हां, मैंने इस्तीफा दे दिया। क्यों? देवेश-मैं इस पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता। क्या दीपक के लिए सीट छोड़ी ? देवेश-नो कमेंट। राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल ने कहा कि बिहार सरकार सुप्रीम कोर्ट का फैसला मानेगी। उपेंद्र बोले-बिहार सरकार सुप्रीम कोर्ट में जवाब देगी। दीपक ने कहा-एनडीए नेताओं के आशीर्वाद से मंत्री हूं। निर्णय सुप्रीम कोर्ट को करना है। विपक्ष (राजद) को नहीं।
कुछ और सुर्खियां:
- भोजपुर मुठभेड़ में भरत तिवारी की हत्या में आरोपित एसटीएफ का जवान अक्षय कुमार गिरफ्तार
- दिल्ली दंगों के दौरान आईबी अफ़सर अंकित शर्मा की हत्या के ममले में आम आदमी पार्टी के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन समेत पांच को उम्रकैद
- समस्तीपुर में रेल बनाने के दौरान वाया नदी में डूबे सात छात्र, एक की मौत
- जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और लंबे समय से अलग रह रही उनकी पत्नी पायल तलाक के लिए सुप्रीम कोर्ट में सहमत
- जम्मू कश्मीर के कुलगाम में दो हिंदू श्रमिकों को गोली मारी गई, एक की मौत
अनछपी: बिहार में बर्थ और डेथ सर्टिफिकेट बनाने में बहुत लापरवाही देखी जाती है और उसकी एक बड़ी वजह यह है कि लोगों को इसके बारे में जानकारी नहीं होती लेकिन अब पूरी तरह से जागने का वक्त आ गया है क्योंकि केंद्र सरकार जो नया कानून ला रही है, उसके अनुसार बहुत देर तक लापरवाही करने से यह सर्टिफिकेट बनवाना बेहद मुश्किल हो जाएगा। इसके लिए संसद में जो बिल लाया गया है उसका नाम जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक है। इसका मक़सद पैदाईश और मौत के वक़्त पर रजिस्ट्रेशन को बढ़ावा देना और देरी से पंजीकरण की प्रक्रिया अपनाने को और कड़ा बनाना है। नए कानून के तहत अगर जन्म या मृत्यु की सूचना दो वर्ष से अधिक समय बाद रजिस्ट्रार को दी जाती है तो पंजीकरण के लिए प्रथम श्रेणी के न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश की जरूरत होगी। अभी एक वर्ष से अधिक देर के मामलों में जिला मजिस्ट्रेट, सब डिविजनल मजिस्ट्रेट या अधिकृत एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के आदेश से रजिस्ट्रेशन हो सकता है। संशोधन के बाद यह व्यवस्था एक वर्ष से अधिक लेकिन दो वर्ष तक की देरी के मामलों में लागू रहेगी, जबकि दो वर्ष से अधिक देरी पर न्यायिक मजिस्ट्रेट की अनुमति अनिवार्य होगी। तो इस तरह बर्थ या डेथ सर्टिफिकेट बनवाने में देरी करने से बचाना पहले से बहुत ज्यादा जरूरी हो गया है वरना बेइंतिहा परेशानी होगी।
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