छपी-अनछपी: प्रशांत किशोर बांकीपुर में आगे, ईओ मर्डर में लोजपा विधायक पर आरोप

बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। पटना के बांकीपुर विधानसभा में हुए उपचुनाव में वोटों की गिनती के तीसरे चरण के बाद जन सुराज के प्रशांत किशोर भाजपा के नीरज कुमार सिन्हा से  आगे चल रहे हैं। डेहरी नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी (ईओ) विमल कुमार की हत्या के मामले में उनकी पत्नी ने डेहरी से लोजपा (आर) के विधायक सोनू सिंह पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

और, नीदरलैंड्स की राजधानी हेग में एक बीच पर 15000 जूते रखकर ग़ज़ा के मासूम बच्चों को याद किया गया।

पहली ख़बर

बांकीपुर विधानसभा में हुए उपचुनाव में वोटों की गिनती के तीसरे चरण के बाद जन सुराज के प्रशांत किशोर भाजपा के नीरज कुमार सिन्हा से  आगे चल रहे हैं। तीसरे राउंड में प्रशांत किशोर को 5032, नीरज सिन्हा को 3870 और रेखा गुप्ता को 767 वोट मिले थे। पहले राउंड में प्रशांत किशोर को 2220, नीरज सिन्हा को 1,423 और आरजेडी की रेखा गुप्ता को 501 वोट मिले थे। दूसरे राउंड में प्रशांत किशोर को 3795, नीरज सिन्हा को 2634 और रेखा गुप्ता को 664 वोट मिले थे। मतगणना के लिए त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। इसके लिए केंद्रीय सुरक्षा बल, एसटीएफ और जिला पुलिस को भी लगाया गया था। सहायक निर्वाचन पदाधिकारी राघवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि ईवीएम जमा होने के दिन से ही सुरक्षा की कड़ी व्यवस्था की गई है। 24 घंटे सीसीटीवी कैमरे से भी निगरानी की जा रही है। मतगणना के लिए त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। इसके लिए केंद्रीय सुरक्षा बल, एसटीएफ और जिला पुलिस को भी लगाया गया था। सहायक निर्वाचन पदाधिकारी राघवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि ईवीएम जमा होने के दिन से ही सुरक्षा की कड़ी व्यवस्था की गई है। 24 घंटे सीसीटीवी कैमरे से भी निगरानी की जा रही है।

ईओ की पत्नी ने लोजपा विधायक सोनू सिंह पर लगाया आरोप

डेहरी नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी (ईओ) विमल कुमार की हत्या के मामले में नया मोड़ आ गया है। सासाराम पहुंची उनकी पत्नी बबीता कुमारी ने डेहरी से चिराग पासवान की पार्टी लोक जनशक्ति पार्टी (आर) के विधायक राजीव रंजन सिंह उर्फ सोनू सिंह पर उनके पति को प्रताड़ित करने और 50 लाख की रंगदारी मांगने का आरोप लगाया है। कहा कि विधायक रोज फोन करता था। तंग करता था, पैसे मांगता था। 29 को भी मिलने के लिए भी बुलाया था। विधायक पर आरोप लगाने के चंद घंटे बाद पुलिस ने ईओ की पत्नी का फर्द बयान लिया। इसमें उन्होंने विधायक का नाम नहीं लिया। बारूण थाने में एफआईआर दर्ज की गई है, जिसमें ईओ के ड्राइवर मिथिलेश व कुछ अज्ञात को आरोपी बनाया गया है। पटना पहुंचने के बाद ईओ की पत्नी ने विधायक पर रंगदारी के आरोप से भी इनकार किया। बबीता ने कहा, ड्राइवर अकेले इस हत्याकांड को अंजाम नहीं दे सकता, इसके पीछे और भी लोग शामिल हैं। पुलिस सच सामने लाए। विधायक ने इससे इनकार किया। कहा कि आरोप असत्य हैं। आईजी विकास वैभव के मुताबिक, ईओ का ड्राइवर मिथिलेश ही हत्यारा है। ईओ के पार्थिव शरीर की रविवार को दीघा घाट पर अंत्येष्टि हुई जिसमें नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी भी पहुंचे। 

 

ईरान पर हमले की धमकी के बाद ट्रंप का यू टर्न, सऊदी अरब ने मनाया

जागरण के अनुसार ईरान के खिलाफ नए सैन्य हमलों की चेतावनी देने के कुछ ही दिन बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने रुख में बड़ा बदलाव किया है। न्यूयार्क टाइम्स के अनुसार, ट्रंप ने इंटरनेट मीडिया मंच ‘टूथ सोशल’ पर दावा किया कि पश्चिम एशिया के सहयोगी देशों की मध्यस्थता से ईरान के साथ संभावित समझौते की रूपरेखा तैयार हो गई है। इसी वजह से उन्होंने फिलहाल प्रस्तावित हमलों को स्थगित कर दिया है। ट्रंप के अनुसार, यदि तेहरान शीघ्र समझौते को अंतिम रूप देता है तो होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह खोला जाएगा और ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़े विवाद का समाधान भी निकाला जाएगा। ट्रंप ने लिखा कि ईरान के खिलाफ कार्रवाई के लिए अमेरिका पूरी तरह तैयार (लॉक्ड एंड लोडेड) है। यह तैयारी सेना की ताकत और क्षमता के उस स्तर पर है, जैसा दूसरे विश्व युद्ध के बाद से कभी नहीं देखा गया। उन्होंने यह भी दावा किया कि इसराइल ने भी संघर्ष रोकने की प्रतिबद्धता जताई है, हालांकि इसराइली सरकार ने इस पर सार्वजनिक रूप से कोई पुष्टि नहीं की है। वहीं, ईरान ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने कहा है कि होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों के आवागमन के संयुक्त प्रबंधन के लिए ईरान और ओमान के बीच समझौता वार्ता अंतिम दौर में पहुंच गई है। 

हेग बीच पर 15 हजार जूते रख ग़ज़ा के मासूमों को याद किया

भास्कर के अनुसार ग़ज़ा में इजराइल के हमलों में मारे गए बच्चों की याद में नीदरलैंड्स के हेग में शेवेनिंगन बीच पर अनूठा विरोध प्रदर्शन किया गया। हमलों में मारे गए बच्चों की याद में करीब 15,000 जूते रखे गए। इन जूतों को आम नागरिकों से दान में जुटाया गया था। प्रदर्शन का मकसद ग़ज़ा में जारी भयावह मानवीय क्षति की ओर दुनिया का ध्यान आकर्षित करना था।

इस आयोजन में सैकड़ों स्थानीय नागरिकों ने पीड़ितों के प्रति अपनी एकजुटता जताई और मौन रखकर बच्चों को याद किया। जूतों की हर एक जोड़ी युद्ध की भेंट चढ़े मासूमों की खोई हुई जिंदगी का दर्दनाक प्रतीक बनी, जिसे देखकर वहां मौजूद हर शख्स भावुक नजर आया। यूएन की रिपोर्ट के अनुसार ग़ज़ा युद्ध में अब तक मारे गए मासूम बच्चों की संख्या 15,000 से ज्यादा हो गई है। प्रदर्शन का आयोजन एक डच एनजीओ ने किया था। यह एनजीओ ऐसे आयोजन दुनिया का ध्यान खींचने के लिए अलग-अलग शहरों में करता है।

कुछ और सुर्खियां:

  • पूर्णिया के निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव पर दिल्ली के आवास में प्रेस कांफ्रेंस के दौरान हमले की कोशिश, एक गिरफ्तार
  • ईपीएफओ में

 

अनछपी: डेहरी नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी (ईओ) विमल कुमार की हत्या के मामले मैं उनकी पत्नी द्वारा स्थानीय विधायक पर लगाए गए आरोपों की गंभीरता से जांच करने की जरूरत है। हालांकि पुलिस ने प्रारंभिक तौर पर यह बताया है कि इस हत्या में एक्जीक्यूटिव ऑफिसर के ड्राइवर का हाथ है लेकिन पुलिस को इस बारे में कुछ सवालों के जवाब भी देने पड़ेंगे। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर विधायक का इस मामले में नाम क्यों आ रहा है। दिलचस्प बात यह है कि स्थानीय विधायक सोनू सिंह का संबंध चिराग पासवान की पार्टी लोक जनशक्ति पार्टी आर से है लेकिन अखबारों ने उनकी पार्टी का नाम देने से परहेज क्यों किया। यह बात भी याद रखने की है कि चिराग पासवान सरकार चल रही एनडीए के एक महत्वपूर्ण घटक दल के नेता है और केंद्र में मंत्री भी हैं। हो सकता है कि इस मामले में स्थानीय विधायक की कोई भूमिका नहीं हो लेकिन जब आप लगा है तो इसकी जांच गंभीरता से कराना ही बेहतर मालूम होता है। इस हत्या के बाद बिहार में शहरी नागरिक सेवाओं के सही से संचालन और प्रशासनिक अधिकारियों की सुरक्षा को लेकर नगर विकास एवं आवास विभाग तथा बिहार अर्बन सर्विस एसोसिएशन के बीच आपातकालीन बैठक भी की गई। बैठक में सुल्तानगंज के तत्कालीन एग्जीक्यूटिव ऑफिसर कृष्ण कुमार भूषण कुमार की हत्या और डेहरी के ईओ के इस हत्याकांड पर भी चर्चा हुई। इसकी बैठक की एक बात नोट करने लायक है जिसमें कहा गया है कि बिना शपथ पत्र के जांच नहीं की जाए और झूठे शिकायतकर्ताओं पर दंडात्मक कार्रवाई की जाए। दरअसल नगर परिषद जैसे निकायों का बजट इतना बड़ा होता है और उसमें भ्रष्टाचार की इतनी गुंजाइश होती है कि मामला मर्डर तक पहुंच जाता है। विधायक समेत दूसरे जन्म प्रतिनिधियों का भी इसमें काफी दखल माना जाता है। बिहार सरकार को चाहिए कि कार्यपालक पदाधिकारी की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए भ्रष्टाचार के इन आरोपों को रोकने के उपाय भी करे। डेहरी के मामले में अगर सीबीआई जांच की जाए तो शायद सबको मंजूर हो। 

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