छ्पी-अनछपी: “जिसकी लाठी उसकी भैंस वाली सोच छोड़ें”, ट्रेनिंग लेने ऑक्सफोर्ड जाएंगे बिहार के प्रोफेसर

बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने दिल्ली के ब्रिक्स सम्मेलन में कहा कि दुनिया को ‘जिसकी लाठी उसकी भैंस’ वाली सोच से बाहर निकलना होगा। बिहार सरकार ने ऐलान किया है कि राज्य के 100 प्रोफेसर ऑक्सफोर्ड और हार्वर्ड में ट्रेनिंग लेने जाएंगे। 

और, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि भाजपा शासित राज्यों में 3 वर्षों के अंदर यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू हो जाएगा। 

पहली खबर

हिंदुस्तान के दिल्ली संस्करण ने लिखा है कि चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने रविवार को कहा कि दुनिया को ‘जिसकी लाठी उसकी भैंस’ वाली सोच से बाहर निकलना होगा। उन्होंने कहा कि बिना नियमों वाली दुनिया बिना ट्रैफिक लाइट वाले चौराहे जैसी है, जहां अव्यवस्था तय है। सभी देशों को मिलकर अंतरराष्ट्रीय नियम बनाने चाहिए और उन्हें समान रूप से लागू किया जाना चाहिए। ब्रिक्स के समापन सत्र में जिनपिंग ने ग्लोबल साउथ के देशों से एकजुट होकर बहुपक्षवाद को मजबूत करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आकार, ताकत या संपन्नता चाहे कुछ भी हो, सभी देश अंतरराष्ट्रीय समुदाय के समान सदस्य हैं। 

मोदी बोले खनिजों को हथियार न बनाएं

भास्कर के अनुसार नई दिल्ली में आयोजित 18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन रविवार को संपन्न हो गया। समापन सत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रिक्स देशों को चेताया कि तकनीक और महत्वपूर्ण खनिजों (क्रिटिकल मिनरल्स) को ‘हथियार’ बनाने की प्रवृत्ति साझा प्रगति और समृद्धि में बाधा बन सकती है। इस दौरान चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग उनके बगल में बैठे थे। ये बयान अहम है, क्योंकि क्रिटिकल मिनरल्स के निर्यात संबंधी चीन की सख्त नीति और उन्नत तकनीक साझा करने में अनिच्छा पर चिंताएं बढ़ रही हैं। मोदी ने कहा कि बढ़ते युद्ध, महामारी, आपदाएं और सप्लाई चेन में रुकावटें किसी एक देश या क्षेत्र तक सीमित नहीं रहतीं। ब्रिक्स को इनके लिए पहले से तैयार रहना होगा। ग्लोबल साउथ का ब्रिक्स पर भरोसा बढ़ा है, क्योंकि यहां समाधान थोपे नहीं, साथ मिलकर बनाए जाते हैं। 

ईरान और यूएई में बातचीत ‘आइस ब्रेकर’

जागरण के अनुसार यूएई के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के साथ अहम बैठक के एक दिन बाद ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने रविवार को इसे “अच्छी बातचीत” बताया और कहा कि दोनों पक्षों ने अतीत को पीछे छोड़ने पर सहमति जताई। पेजेश्कियान ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान नाहयान के साथ बातचीत की। इसे दोनों पक्षों के बीच “आइस-ब्रेकर” के रूप में देखा गया। दोनों देशों के बीच संबंधों में पिछले कुछ महीनों में तनाव बढ़ गया था, जब ईरान ने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में कई अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया था। ईरानी दूतावास के अनुसार, पेजेश्कियान ने रविवार को कहा-‘हमने यूएई के क्राउन प्रिंस के साथ अच्छी बातचीत की और अतीत को पीछे छोड़ने और भविष्य की ओर देखने पर सहमति जताई।”

जाकिर नायक को मलेशिया से भारत लाने का मुद्दा भी उठा

प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने पुष्टि की कि इस्लामिक उपदेशक जाकिर नाइक के प्रत्यर्पण का मुद्दा नई दिल्ली में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान भारत के साथ हुई चर्चाओं में उठाया गया। अनवर इब्राहिम ने शनिवार सुबह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ बैठक के बाद एक साक्षात्कार में पूछा गया था कि क्या बैठक के दौरान प्रत्यर्पण का मुद्दा चर्चा में आया। इसके जवाब में मलेशियाई प्रधानमंत्री ने कहा, “निजी चर्चाओं में निश्चित रूप से ये संवाद जारी रहते हैं।” उन्होंने कहा, “हमने सोचा कि हमें इसे बहुत निजी रखना चाहिए ताकि दोनों देशों के हितों की रक्षा हो सके। लेकिन, निश्चित रूप से, हमने इसे हमारे देशों के बीच विश्वास और संबंधों को बनाने के लिए प्राथमिकता सूची में रखा।” 

ट्रेनिंग लेने ऑक्सफोर्ड जाएंगे बिहार के प्रोफेसर

प्रभात खबर के अनुसार मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा है कि विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के 100 टीचर को चिह्नित कर ऑक्सफोर्ड सहित विश्व के अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों में प्रशिक्षण के लिए भेजने की पहल की जायेगी. इसके साथ ही विश्व के बेहतरीन शिक्षण संस्थानों के शिक्षकों और विशेषज्ञों के साथ संवाद तथा अनुभव साझा करने के अवसर भी उपलब्ध कराए जायेंगे. इसका मकसद शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए शिक्षकों और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े लोगों की क्षमता का विकास करना है. गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और व्यापक शैक्षणिक विस्तार से बिहार के युवाओं के भविष्य को नयी दिशा मिलेगी.

बंगाल में 252 मदरसों को तुरंत बंद करने का आदेश

जागरण के अनुसार बंगाल में बिना सरकारी पंजीकरण या मान्यता के संचालित हो रहे मदरसों पर कार्रवाई शुरू हो गई है। बंगाल में मई में हुए सत्ता परिवर्तन व शुभेंदु अधिकारी की अगुवाई में भाजपा की सरकार बनने के बाद राज्य के 22 जिलों और राजधानी कोलकाता में कराए गए सर्वेक्षण में 2396 मदरसे अवैध पाए गए हैं। इनके पास जरूरी सरकारी पंजीकरण या किसी मान्यता प्राप्त सरकारी बोर्ड की मंजूरी नहीं है। राज्य के अल्पसंख्यक मामलों और मदरसा शिक्षा विभाग की ओर से कराए गए इस सर्वेक्षण के आधार पर पहले चरण में 252 मदरसों को तत्काल बंद करने का आदेश जारी किया गया है। इसके अलावा 100 अन्य मदरसों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। इन संस्थानों में गंभीर अनियमितताएं मिलने के बाद उनसे यह स्पष्ट करने को कहा गया है कि वे किस आधार पर इसका संचालन कर रहे हैं। राज्य सरकार ने यह कदम सर्वेक्षण के बाद जिलाधिकारियों की रिपोर्ट के आधार पर उठाया है।

भाजपा शासित 21 राज्यों में 3 वर्षों के अंदर यूनिफॉर्म सिविल कोड

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को मुंबई में ऐलान किया कि देश के 21 राज्यों में भाजपा और भाजपा के नेतृत्व वाली राजग सरकारें 2029 से पहले समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करेंगी। गृहमंत्री शाह ने संवाददाताओं को संबोधित करते हुए पिछले 12 वर्षों के दौरान केंद्र की उपलब्धियों और प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भाजपा की 25 साल की यात्रा का जिक्र किया। इस दौरान शाह ने तीन तलाक, भारतीय न्याय संहिता समेत मोदी सरकार द्वारा लिए गए कई बड़े फैसलों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने भारतीय न्याय संहिता के जरिए देश की आपराधिक न्याय प्रणाली को मजबूत किया है। 

कुछ और सुर्खियां:

  • बिहार में सिपाही बहाली के नाम पर उगाही करने वाले गिरोह का पर्दाफाश पांच गिरफ्तार
  • उत्तर प्रदेश के शहर सहारनपुर में 17 करोड़ रुपए की नकली करेंसी बरामद होने के बाद अब 70 करोड रुपए के नकली सिक्के का पता चला
  • दिल्ली हाई कोर्ट के जस्टिस वी कामेश्वर राव को पटना के 49वें चीफ जस्टिस के पद की शपथ दिलाई गई
  • पंजाब के बरनाला जिले में प्रसिद्ध पंजाबी गायक गुलाब सिद्धू के घर पर अज्ञात लोगों द्वारा गोलियां चलाई गईं
  • अररिया के नरपतगंज में मिट्टी के देर में चार बच्चे दबे, दो की मौत
  • धनबाद में कोयला चोरी करने के दौरान मलबे में पांच लोग दबे, तीन की गई जान
  • कजाकिस्तान की 27 वर्षीय अलोना रायबाकीना ने यूएस ओपन टेनिस चैंपियनशिप जीती
  • बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमो मायावती ने भतीजे आकाश आनंद पर लगाया आरोप- फैला रहे हैं उनके बीमार होने की अफवाह

अनछपी: ‘ब्रिक्स’ में जो देश शामिल हैं, उन में बी ब्रिटेन के लिए नहीं बल्कि ब्राजील के लिए है लेकिन उसके बाद आर रूस के लिए, आई इंडिया के लिए और सी चीन के लिए है। एस साउथ अफ्रीका के लिए है लेकिन इन देशों के अलावा भी कई देश ब्रिक्स के सम्मेलन में दिल्ली में शामिल हुए। ईरान का इस सम्मेलन में शामिल होना एक बेहद महत्वपूर्ण संकेत है जो अमेरिका और इसराइल की आक्रमणकारी नीतियों के खिलाफ एक मजबूत आवाज बनकर उभरा है। ब्रिक्स सम्मेलन में जो बात सबसे प्रमुख रूप से सामने आई वह यह कि अमेरिका की दादागिरी को चुनौती दी जाएगी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के मनमानी टैरिफ को भी मंजूर नहीं किया जाएगा। इसके अलावा एक और अहम बात यह हुई कि इसमें फलस्तीन, खासकर ग़ज़ा में इसराइल की हिंसात्मक कार्रवाइयों को बिल्कुल अस्वीकार किया गया और फलस्तीन के लोगों के अधिकार की बात की गई। ध्यान रहे कि इस बात का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है कि इस समय इसराइल दुनिया में सबसे ज्यादा अलग-थलग दौर से गुजर रहा है। अब आने वाले दिनों में सही अर्थों में यह पता चलेगा कि भारत अमेरिका के टैरिफ से टकराने के लिए किस हद तक तैयार है। कहीं ऐसा तो नहीं होगा कि एक बार फिर राष्ट्रपति ट्रंप को खुश करने के लिए भारत ऐसे ऐलान करे जिसे खुशामद माना जाए? दरअसल दुनिया की राजनीति और कूटनीति हमेशा पेच से भरी होती है और इस वक्त भी कौन देश किसके साथ किस संघ में है और किस पॉलिसी पर काम कर रहा है, इसका एक तय जवाब पाना मुश्किल है। याद रखने की बात यह है कि भारत उन संगठनों में भी है जहां अमेरिका और ब्रिटेन जैसे देशों का वर्चस्व है। सवाल यह है कि भारत ने दूसरे देशों के साथ ब्रिक्स में जो बातें कही हैं, क्या वह उन अन्य संगठनों में भी कहेगा? दूसरी अहम बात यह है कि इसराइल की नरसंहारी नीति के विरोध में और फलस्तीन के लोगों के समर्थन में जो बातें ब्रिक्स के दूसरे देशों के साथ भारत ने कही हैं, क्या इस पर वह इसराइल के प्रधानमंत्री से मिलने के वक्त क़ायम रह पाएगा? अगर इन दो मुद्दों पर भारत अपनी उस राय पर कायम रहे जो ब्रिक्स में जाहिर की गई है तो निश्चित रूप से दुनिया की राजनीति में भारत का झंडा और बुलंद होगा।

 

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