छ्पी-अनछपी: राहुल की सीधी मांग- ज्ञानेश सरकारी गवाह बनें, नीट पेपर लीक में 52 पर आरोप

बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश पर मतदान व्यवस्था नष्ट करने का आरोप लगाते हुए उनसे इस्तीफा देकर सरकारी गवाह बनने को कहा। मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी 2024 पेपर लीक कांड के 52 आरोपियों के खिलाफ सुनवाई शुरू हो गई है। जमुई की यौन हिंसा की घटना के बाद इसी तरह का मामला समस्तीपुर से सामने आया है।

और, जानिएगा कि क्यों यह फैसला हुआ कि सिर्फ दूध से बना प्रोडक्ट ही कहलाएगा पनीर।

पहली ख़बर

भास्कर के अनुसार निर्वाचन आयोग में मतभेद उजागर होने पर गुरुवार को राजनीतिक संग्राम तेज हो गया। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पीएम नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार पर तीखा हमला बोला। आरोप लगाया कि इन्होंने मतदान व्यवस्था नष्ट कर दी। उन्होंने सीईसी से इस्तीफा देकर सरकारी गवाह बनने को कहा। साथ ही कहा कि चुनाव चोरी की भी जांच होगी। भाजपा ने राहुल के ‘वोट चोरी’ के आरोप निराधार बताए। पार्टी ने कहा, जब मतदाता पहचान पत्र नहीं थे, बूथ कैप्चरिंग होती थी और बैलेट बॉक्स लूटे जाते थे, तब कांग्रेस लंबे समय सत्ता में रही। पारदर्शी चुनाव और सीसीटीवी कैमरे के बाद उसे सत्ता में आना मुश्किल लग रहा है। 

महाभियोग… सीईसी के खिलाफ तीसरी बार मसौदा तैयार हो रहा

सीईसी ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए विपक्ष लोकसभा और राज्यसभा में महाभियोग नोटिस देने की तैयारी में है। सूत्रों के अनुसार, इंडिया गठबंधन के दल मिलकर नोटिस का मसौदा तैयार कर रहे हैं। कानूनी विशेषज्ञों की जांच के बाद जल्द ही इसे संसद के दोनों सदनों में पेश किया जा सकता है। ज्ञानेश को हटाने के लिए विपक्ष का यह तीसरा प्रयास होगा। 24 अप्रैल को 73 सांसदों ने उन्हें हटाने के लिए राज्यसभा में नोटिस दिया था, जो लंबित है। इससे पहले, लोकसभा और राज्यसभा में दिए गए नोटिस खारिज हो गए थे।

सहनी ने कहा-‘…तो सीईसी ज्ञानेश कुमार को गोली मार देता’

 वीआईपी सुप्रीमो मुकेश सहनी ने कहा-‘अगर मुझे एक खून माफ होता, तो सबसे पहले सौईसी (मुख्य चुनाव आयुक्त) ज्ञानेश कुमार को गोली मार देता। लेकिन हम संविधान को मानने वाले लोग हैं।’ वे गुरुवार को मीडिया से मुखातिब थे। बोले- ‘चुनाव आयोग, भाजपा का आयोग है। भाजपा के कहने पर भाजपा का काम करता है। चुनाव में विपक्षी दलों को नियोजित तरीके से हरवाया गया।’

नीट पेपर लीक में 52 पर आरोप गठित

हिन्दुस्तान के अनुसार पटना स्थित सीबीआई की विशेष अदालत-2 में नीट-यूजी 2024 पेपर लीक कांड के 52 आरोपियों के खिलाफ सुनवाई शुरू हो गई है। सीबीआई के विशेष न्यायाधीश मो. रुस्तम ने गुरुवार को इस कांड के सभी 52 आरोपियों पर आरोप गठित कर दिया। दो आरोपियों का केस अलग कर दिया। एक अक्टूबर से आरोपियों पर साक्ष्य व गवाह पेश करने का निर्देश सीबीआई को दिया है। सुनवाई के दौरान सीबीआई की ओर से विशेष लोक अभियोजक सत्यजीत अदालत में उपस्थित थे। इस कांड में सीबीआई ने कुल 54 आरोपियों पर चार्जशीट दायर किया है। इस कांड की जांच दिल्ली सीबीआई ने की है। सीबीआई ने इस कांड में संजीव मुखिया के खिलाफ कोई साक्ष्य नही पाया। इस वजह से जांच एजेंसी ने उसके खिलाफ चार्जशीट दायर नहीं की है। 

समस्तीपुर में किशोरी से सरेआम छेड़खानी

जागरण के अनुसार : जमुई में छात्रा से छेड़छाड़ का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ है कि समस्तीपुर से भी एक किशोरी के साथ सरेराह अभद्रता और छेड़खानी का वीडियो प्रसारित हो रहा है। जिले के कर्पूरीग्राम थाना क्षेत्र के जगतसिंहपुर गांव स्थित बांध के समीप सड़क पर इस तरह के अभद्र व्यवहार का वीडियो बुधवार की देर शाम इंटरनेट मीडिया पर तेजी से प्रसारित हुआ। पुलिस ने इस मामले में चार आरोपितों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। सभी ने पूछताछ में जुर्म स्वीकार किया है। सभी शराब के धंधे से जुड़े बताए जाते हैं। एक का भाई हत्या के आरोप में जेल में है। घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए पीड़िता की पहचान होने का इंतजार किए बिना पुलिस पदाधिकारी के बयान पर पाक्सो और आइटी एक्ट की धाराओं में केस दर्ज किया गया है। 

आंध्र प्रदेश के तट से टकराया तूफान, 9 राज्यों में भारी बारिश

भास्कर के अनुसार बंगाल की खाड़ी से उठा तूफान जैसा शक्तिशाली मौसमी सिस्टम बुधवार देर रात आंध्र प्रदेश के तट से टकराया। इस मौसमी सिस्टम के असर से विशाखापट्टनम में 28 सेमी बारिश हुई। कई इलाकों में सड़कें डूब गई और यातायात प्रभावित हुआ। इसके बाद यह सिस्टम उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ रहा है, जिससे ओडिशा, छत्तीसगढ़, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में भारी बारिश का दौर शुरू हो गया है। कम से कम 9 राज्य इससे प्रभावित हैं। ओडिशा में भारी बारिश की आशंका को देखते हुए 8 हजार से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। दक्षिण और तटीय हिस्सों में तेज बारिश जारी है। राज्य के कुछ जिलों में बाढ़ जैसे हालात से निपटने के लिए बचाव दल तैनात किए गए हैं। कुछ जिलों में भूस्खलन की आशंका भी है। अगले 24 घंटे में छत्तीसगढ़, तटीय आंध्र, ओडिशा और तेलंगाना में भारी से बेहद भारी बारिश हो सकती है। कुछ जगह अत्यधिक भारी बारिश भी होने की आशंका है। इन क्षेत्रों में 50-60 किमी प्रति घंटे की तेज हवाओं के साथ गरज-चमक हो सकती है।

जमशेदपुर में बैंक से 33 करोड़ के कैश और जेवर की लूट

प्रभात खबर के अनुसार जमशेदपुर के गोलमुरी थाना क्षेत्र स्थित केनरा बैंक में गुरुवार को 14 कर्मियों को बंधक बनाकर डकैती की बड़ी घटना को अंजाम दिया गया. पांच अपराधी एक घंटे तक लूटपाट करते रहे. अपराधी बैंककर्मियों और गार्ड को बंधक बनाकर 23.80 किलोग्राम सोने के आभूषण और 42 लाख रुपये कैश लूट कर फरार हो गये. लूटे गये सोने के आभूषणों की कीमत करीब 33.20 करोड़ रुपये बतायी जा रही है. घटना गुरुवार सुबह करीब 9:15 बजे की है. पूरी घटना को अंजाम देकर सभी अपराधी बैंक से बैग लेकर बाहर निकले. बैंक से निकलने के बाद अपराधी कुछ दूर पैदल गये, फिर दो बाइक पर सवार होकर अलग-अलग रास्ते से फरार हो गये. सभी अपराधी रेनकोट पहने हुए थे. घटना की पूरी वारदात बैंक में लगे सीसीटीवी में कैद हुई है. घटना के बाद बैंककर्मी ने 112 पर फोन कर पुलिस को जानकारी दी. जिसके बाद ग्रामीण एसपी शुभम खंडेलवाल, डीएसपी और गोलमुरी थाना प्रभारी समेत कई थानों की पुलिस घटनास्थल पर पहुंची. जिसके बाद बैंक को भीतर से बंद कर छानबीन शुरू की गयी. पुलिस फिलहाल बैंक और आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है, ताकि आरोपियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी सुनिश्चित की जा सके. इलाके में अपराधियों की धर-पकड़ के लिए सघन चेकिंग अभियान भी चलाया जा रहा है.

सिर्फ दूध से बना प्रोडक्ट ही कहलाएगा पनीर

हिन्दुस्तान के अनुसार अब सिर्फ दूध से बने उत्पाद को ही पनीर लिखा जा सकेगा। नए नियमों के बाद भविष्य में जो उत्पाद दूध से नहीं बना हो, उसे पनीर नहीं लिखा जा सकेगा। खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने इस संदर्भ में मौजूदा नियमों में संशोधन के लिए मसौदा जारी किया है। यह कदम एनालॉग उत्पादों को पनीर के रूप में प्रचारित करने के मद्देनजर उठाया है, जिससे उपभोक्ताओं में भ्रम पैदा हो रहा है। एनालॉग यानी कृत्रिम पनीर की बिक्री गुमराह करने वाली है। एनालॉग पनीर ऐसा कृत्रिम उत्पाद है, जो देखने में और काफी हद तक स्वाद में भी पनीर जैसा लगता है, लेकिन यह प्राकृतिक दूध से बना नहीं होता है। यह वनस्पति तेल जैसे पाम आयल, आलू या मक्के के स्टार्च, सोया प्रोटीन और कुछ रसायनों से बनाया जाता है।

कुछ और सुर्खियां:

  • दिल्ली से उत्तर प्रदेश के महोबा जा रही स्लीपर बस यमुना एक्सप्रेसवे पर ग्रेटर नोएडा के जेवर के पास आग का गोला बनी, 9 यात्री जिंदा जले
  • जमशेदपुर में रात करीब 3:45 बजे ट्रक में टक्कर मारने से कर पर सवार झारखंड सरकार की मंत्री दीपिका पांडे की बेटी समेत चार की मौत
  • समस्तीपुर के विभूतिपुर थाना क्षेत्र में तेज आंधी में सूखे बरगद के गिरने से तीन छात्राओं की मौत
  • गया में होने वाले पितृपक्ष मेले की शुरुआत आज से 10 अक्टूबर तक चलेगा
  • वेलकम ब्रदर और हम हैं राही प्यार के जैसी हिट फिल्मों में अपनी पहचान बनाने वाले दिग्गज अभिनेता मुश्ताक खान का 75 वर्ष की उम्र में निधन

अनछपी: वैसे तो भारत का पूरा निर्वाचन आयोग ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के पसंद के चुने हुए अधिकारियों पर चल रहा है लेकिन पिछले दो दिनों से जिस तरह दो निर्वाचन आयुक्तों के बारे में यह खबर आई है कि उन्होंने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के कई फ़ैसलों से असहमति जताई और उन्हें गैर कानूनी भी बताया, उसके बाद विपक्ष की यह मांग स्वाभाविक रूप से जोर पकड़ रही है कि ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा देना चाहिए। हो सकता है कि अगले कुछ दिनों में इस दबाव का माहौल काम करने के लिए सरकार ज्ञानेश कुमार से इस्तीफा दिलवा दे लेकिन इससे लोकतंत्र की हत्या की जो शिकायत है वह दूर नहीं होगी। सही बात तो यह है कि आज जिन दो निर्वाचन आयुक्तों की असहमति की बात सामने आ रही है उन्होंने पहले कभी निर्वाचन आयोग की असंवैधानिक और वोटर विरोधी गतिविधियों का सार्वजनिक रूप से विरोध नहीं किया। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट से भी लोगों को बहुत ज्यादा निराशा हाथ लगी। खासकर सुप्रीम कोर्ट के उस बयान से जिसमें उसने कहा कि अगर लोग इस बार वोट नहीं दे रहे तो क्या हुआ, अगली बार तो दे सकते हैं। वोटर लिस्ट के सुधार के नाम पर अब तक 13 करोड़ लोगों के नाम हटाए जा चुके हैं और इनमें से बहुत बड़ी तादाद उन लोगों की है जो इसके खिलाफ अदालतों में और ट्रिब्युनल्स में अपनी अर्जी दे रहे हैं। सवाल यह है कि जो सही वोटर हैं, उन्हें निर्वाचन आयोग की मनमानी की वजह से इस अधिकार से वंचित होना पड़ा है तो इसके लिए दोषियों को कठोर सजा क्यों नहीं दी जाए? कुल मिला कर पिछले दिनों बिहार और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में हुए चुनाव भी सवाल के घेरे में हैं। इससे यह आरोप मजबूत बनता दिख रहा है कि जहां भारतीय जनता पार्टी को ज्यादा जरूरत होती है वहां तो निर्वाचन आयोग उनकी पसंद का फैसला कर देता है और कुछ जगहों को छोड़ देता है जहां विपक्ष की जीत पर यह दलील दी जा सके कि निर्वाचन आयोग तो स्वतंत्र है। 

 

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