बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। वोट चोरी और दूसरी धांधलियों के मुद्दे पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने और उनकी गिरफ्तारी के लिए पूरे देश में आंदोलन तेज हो रहा है। नेपाल और बिहार में बीते दो दिनों से रुक-रुक कर हो रही वर्षा के कारण नदियां फिर उफनाने लगी हैं।
और, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के साथ जमुई की नाबालिग यौन हिंसा पीड़िता की तस्वीर उनके सोशल मीडिया हैंडल पर शेयर करने के मामले में मुख्यमंत्री कार्यालय के स्टेनो के खिलाफ किया दर्ज किया गया है।
पहली ख़बर
हिन्दुस्तान के अनुसार मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और उनकी गिरफ्तारी की मांग को लेकर कांग्रेस ने शुक्रवार को देशभर में प्रदर्शन किया। पार्टी ने उन पर एसआईआर के सहारे मतदाता सूची से 13 करोड़ से अधिक मतदाताओं के नाम काटने का आरोप लगाया। इस दौरान कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया। बिहार, यूपी, हिमाचल, मध्य प्रदेश, पंजाब समेत कई राज्यों में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय का घेराव करने की कोशिश की। उन्होंने ज्ञानेश कुमार के पुतले जलाए और उनके खिलाफ नारेबाजी की।
कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने एक दिन पहले प्रदेश इकाइयों को आंदोलन के निर्देश दिए थे। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी गुरुवार को संवाददाता सम्मेलन में कहा था कि कांग्रेस इस मुद्दे पर चुप नहीं रहेगी और मतदाता सूची में गड़बड़ी के खिलाफ पूरे देश में प्रदर्शन करेगी।
मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अर्ज़ी
प्रभात खबर के अनुसार एसआइआर से जुड़े कानूनी कर्तव्यों के कथित उल्लंघन को लेकर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गयी. इसमें उनके खिलाफ आपराधिक मुकदमा चलाने एवं वोटर लिस्ट से नाम हटाने की एसआइटी जांच की मांग की गयी है. याचिका अधिवक्ता शैलेंद्र मणि त्रिपाठी ने दायर की. इसमें कहा गया है कि ज्ञानेश कुमार द्वारा अन्य दो चुनाव आयुक्तों की सहमति के बिना लिये गये फैसले, जारी किये गये दिशा-निर्देश और सॉफ्टवेयर में किये गये बदलाव असंवैधानिक हैं. एसआइआर में कथित तौर पर करीब 13 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाये गये, जिनकी जांच के लिए एसआइटी गठित हो.
भाजपा बोली: राहुल गांधी लोकतंत्र में अविश्वास पैदा कर रहे
भाजपा ने शुक्रवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी और उनकी पार्टी पर देश के लोकतंत्र में अविश्वास पैदा करने की साजिश रचने का आरोप लगाया। भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कहा कि हम राहुल गांधी से कहना चाहते हैं कि आपका खेल खत्म हो चुका है भाई। देश की जनता आपकी असलियत देख रही है कि आप लोकतांत्रिक संकट पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। भारत के लोग और देश का युवा आपकी साजिश को देख रहे हैं।
दो चुनाव आयुक्तों ने पत्र राष्ट्रपति को ना लिखकर कैबिनेट सेक्रेटरी को क्यों लिखा?
जागरण के अनुसार चुनाव आयोग के भीतर मुख्य चुनाव आयुक्त और दोनों चुनाव आयुक्तों के बीच उपजे मतभेदों की खबर के बाद धीरे-धीरे यह तो साफ हो रहा है कि एसआईआर के सभी अंतिम फैसले सर्वसम्मति से ही लिए गए थे। लेकिन एक बड़ा सवाल अबूझ बना हुआ है कि अगर दो चुनाव आयुक्तों एसएस संधू और विवेक जोशी ने किसी मुद्दे पर कैबिनेट सचिव को पत्र लिखा था, तो उसका मकसद या मंशा क्या थी। कानून के अनुसार चुनाव आयुक्तों की रिपोर्टिंग सीधे राष्ट्रपति को है। आयुक्तों की छुट्टी तक राष्ट्रपति कार्यालय से मंजूर होती है तो फिर उन्होंने ऐसा क्यों किया। अगर नहीं किया तो सामने आकर स्पष्ट क्यों नहीं कर रहे हैं। यह सवाल खुद पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त ओपी रावत ने उठाया है।
बिहार की नदियों में फिर उफान
जागरण के अनुसार नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों और बिहार में बीते दो दिनों से रुक-रुक कर हो रही वर्षा के कारण नदियां फिर उफनाने लगी हैं। जलस्तर में बढ़ोतरी हो रही है। कोसी के जलस्तर में अप्रत्याशित वृद्धि की आशंका है। शुक्रवार शाम तक सुपौल के वीरपुर स्थित कोसी बराज से पानी का डिस्चार्ज 2.62 लाख क्यूसेक के पार पहुंच गया। बराज के 56 में से 34 फाटकों को खोल दिया गया है। अगले 24 से 48 घंटों में बराज से छह लाख क्यूसेक तक जलस्त्राव का अनुमाने है। बाढ़ नियंत्रण विभाग वीरपुर के मुख्य अभियंता संजीव शैलेश ने बताया कि बढ़ते जलस्त्राव को सामान्य रूप से बराज के माध्यम से डाउनस्ट्रीम में प्रवाहित कराया जा रहा है। बांका जिले में धोरैया-नवादा मुख्य मार्ग पर मननिहाट के समीप गहिरा नदी के पुल पर करीब दो फीट पानी बह रहा है। आवागमन पूरी तरह रोक दिया गया है। वहीं, कुरमा गांव में मिर्चनी नदी पर बना डायवर्जन भी बह गया है, जिससे दर्जनों गांवों का सीधा संपर्क बाधित हो गया है।
समस्तीपुर में किशोरी से बदसलूकी तीन के तीन आरोपियों के घरों पर चला बुलडोजर
प्रभात खबर के अनुसार समस्तीपुर जिले के कर्पूरीग्राम थाना क्षेत्र के जगतसिंहपुर में किशोरी से अभद्रता और वायरल वीडियो मामले में गिरफ्तार आरोपितों पर शिकंजा कसने लगा है. शुक्रवार को घटना में संलिप्त तीन आरोपितों के ठिकानों को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया गया. गिरफ्तार जनवितरण प्रणाली विक्रेता अवधेश पासवान को लाइसेंस भी रद्द कर दिया गया है. अभियुक्त विकास कुमार शर्मा को नोटिस तामिला कराया गया है. पुलिस ने आगे की कार्रवाई स्पीडी ट्रायल के तहत कराने की तैयारी शुरू कर दी है.
शरई अदालतें कानूनी रूप से वैध नहीं: छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट
जागरण की खबर है कि छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने शरई अदालत के माध्यम से महिला को दिए गए तलाक के आदेश पर रोक लगा दी है। जस्टिस अमितेन्द्र किशोर प्रसाद की एकल पीठ ने सुनवाई के दौरान टिप्पणी करते हुए कहा कि देश में इस तरह के शरई अदालतों के गठन का कानून में कोई प्रविधान नहीं है। ऐसे में शरई अदालतें तलाक का आदेश नहीं दे सकती। हाई कोर्ट ने महिला की याचिका पर अंतरिम राहत देते हुए उनके तलाक की अगली कार्यवाही पर रोक लगा दी है और उन्हें वैध रूप से विवाहित जोड़ा माना है। मामले की अगली सुनवाई 26 अक्टूबर को होगी।
नाबालिग पीड़िता की पहचान उजागर करने पर मुख्यमंत्री कार्यालय के कर्मी पर केस
भास्कर के अनुसार जमुई में नाबालिग पीड़िता और परिजनों की तस्वीर सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर पोस्ट करने के आरोप में पटना के सचिवालय थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। महिला पुलिस अवर निरीक्षक अमिता कुमारी के आवेदन पर सीएमओ के स्टेनो सागर प्रसाद और अज्ञात लोगों पर पोक्सो एक्ट की धारा 23, बीएनएस की धारा 73 और आईटी एक्ट के तहत केस दर्ज हुआ है। उधर, इसी मामले में मुख्यमंत्री के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने राजद सांसद डॉ. मीसा भारती सचिवालय थाने पहुंचीं। मीसा ने आरोप लगाया कि थाना प्रभारी ने मुख्यमंत्री के खिलाफ पोक्सो एक्ट (धारा 23) और जेजे एक्ट (धारा 74) के तहत केस दर्ज करने से मना कर दिया। तेजस्वी यादव ने कहा कि अगर मुख्यमंत्री के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज नहीं हुआ, तो हम कोर्ट जाएंगे। पुलिस को भी पार्टी बनाएंगे।
कुछ और सुर्खियां:
- छुट्टी पर चल रहे बिहार के डीजीपी विनय कुमार राज्य के नए मुख्य सूचना आयुक्त होंगे
- पटना में मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कांग्रेस के प्रदर्शन को पानी की बौछार कर रोका
- रामलाल खेतान बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष पद पर निर्विरोध निर्वाचित हुए
- विधान परिषद के लिए तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से जनसुरज के घोषित उम्मीदवार भूषण झा ने टिकट लौटाया, निर्दलीय लड़ेंगे
- जिउतिया व्रत के लिए बिहार के सरकारी स्कूलों में 3 अक्टूबर को छुट्टी रहेगी
अनछपी: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के सोशल मीडिया हैंडल से उनके साथ जमुई की नाबालिग पीड़िता और उसके परिवार के साथ जो तस्वीर साझा की गई, उस मामले में कायदे से तो पोक्सो एक्ट सीधे सम्राट चौधरी पर लगाने की मांग की जा रही है लेकिन बिहार पुलिस ने इसकी लीपापोती शुरू कर दी है। ध्यान रहे कि जमुई में यौन हिंसा की शिकार छात्र का वीडियो शेयर करने को आधार बनाकर बिहार पुलिस ने दर्जनों लोगों पर पोक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज किया है। पहली बात यह है कि यह पूछा जाना चाहिए कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आखिर पीड़ित नाबालिग़ छात्रा के साथ तस्वीर खिंचवाई ही क्यों? यह बात भी हैरत में डालने वाली है कि ऐसे समय में जब छात्रा अपने यौन उत्पीड़न की वजह से मानसिक दबाव में थी तो उसे और उसके परिवार वालों को पटना मुख्यमंत्री आवास पर बुलाया क्यों गया? अगर मुख्यमंत्री उस परिवार को अशवासन दिलाना चाहते थे तो यह काम फोन पर भी हो सकता था। इस ममले में विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के खिलाफ यह याद दिलाया कि पोक्सो एक्ट के तहत पीड़ित बच्चे या नाबालिग की पहचान को गुप्त रखना कानूनन अनिवार्य है और इसे सार्वजनिक करना गंभीर अपराध है। उन्होंने लिखा, “पॉक्सो अधिनियम-2012 की धारा 23 के अनुसार, किसी भी मीडिया (प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक या सोशल मीडिया) या अन्य माध्यम से पीड़ित बच्चे की पहचान उजागर नहीं की जा सकती। इसमें बच्चे का नाम, पता, फोटो, स्कूल या परिवार से जुड़ी कोई भी जानकारी शामिल है जिससे उसकी पहचान का खुलासा हो सके। पहचान उजागर करने पर 6 महीने से 1 साल तक की जेल या जुर्माना, या दोनों हो सकते हैं।” इधर बिहार पुलिस ने इस मामले में मुख्यमंत्री कार्यलय के कर्मचारी पर केस दर्ज किया है। याद रखने की बात यह है कि हाल के दिनों में किसी बड़ी वारदात के बाद मुख्यमंत्री की छवि सुधारने के लिए पीड़ित परिवार के साथ तस्वीर खिंचवाने और उसे सोशल मीडिया पर साझा करने की नीति चल रही है। ऐसी ही एक तस्वीर भरत एनकाउंटर मामले में भी मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के साथ खिंचवाई और साझा की गई थी। शायद सम्राट चौधरी को इस बात का ध्यान नहीं रहा कि अपनी छवि चमकाने के लिए नाबालिग पीड़िता और उसके परिवार के साथ खिंचवाई तस्वीर को साझा करना दरअसल कानूनन अपराध है। इसलिए तेजस्वी यादव यह मांग कर रहे हैं कि सम्राट चौधरी पर पोक्सो के तहत कार्रवाई की जाए। सवाल यह है कि क्या बिहार पुलिस इतनी हिम्मत कर सकती है और क्या ऐसा नहीं होने पर तेजस्वी अदालत का सहारा लेंगे?
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