बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। राहुल गांधी ने एथेनॉल मिले पेट्रोल की बिक्री को लेकर मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि ई20 बना 420, जनता की गाड़ी से पेट्रोल चोरी। शिक्षा विभाग के हर ज़िले में वेतन घोटाले की परत धीरे धीरे खुल रही है। ममता बनर्जी की पार्टी के सांसद अभिषेक बनर्जी के घर भाजपा के कार्यकर्ताओं ने हमला किया।
और, सोनिया गांधी ने इमर्जेंसी को बताया ग़लती, कहा- इंदिरा को बाद में एहसास हुआ।
पहली ख़बर
जागरण के अनुसार लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने कर्नाटक सरकार की जांच रिपोर्ट का हवाला देते हुए पेट्रोल में तय सीमा से अधिक एथनाल मिलाए जाने का आरोप लगाया। राहुल ने कहा कि सरकार की ई-20 नीति अब “420” बन गई है और जनता की गाड़ियों से पेट्रोल की चोरी हो रही है। शनिवार को एक्स पर राहुल ने लिखा कि सरकार पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथनाल मिश्रण का दावा करती है, जबकि कर्नाटक के सात जिलों से लिए गए नमूनों की मान्यता प्राप्त लैब में जांच में 14 में से 11 नमूनों में एथनाल की मात्रा 20 प्रतिशत से अधिक मिली।
पेट्रोलियम मंत्रालय का जवाब
पेट्रोलियम मंत्रालय ने सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों की ओर से सप्लाई किए जाने वाले ई20 पेट्रोल में 26-31 प्रतिशत तक एथनाल मिलाए जाने के कर्नाटक सरकार और राहुल गांधी के आरोपों को खारिज किया है। मंत्रालय के अनुसार, 27 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लिए गए 893 नमूनों की जांच में एथनाल की मात्रा 20 प्रतिशत के तय मानक के अनुरूप मिली। यही नहीं, जिस कर्नाटक में ई20 में अधिक एथनाल मिलाए जाने के दावे किए जा रहे हैं, वहां भी सितंबर में लिए गए 56 नमूनों की जांच में भी एथनाल 19 से 20 प्रतिशत तक पाया गया।
38 ज़िलों में 35 करोड़ का वेतन घोटाला
प्रभात ख़बर के अनुसार शिक्षा विभाग में अगस्त-2022 से एचआरएमएस के माध्यम से वेतन विपत्र तैयार कर सीएफएमएस द्वारा शिक्षकों व कर्मियों को वेतन तथा अन्य मदों में भुगतान किया जाता रहा है. इस बीच, विभाग को चार नवंबर 2026 तक जांच में पता चला है कि जिलों में मेकर, चेकर व अप्रूवर की साठगांठ से एचआरएमएस पोर्टल में छेड़छाड़ कर शिक्षक व कर्मियों द्वारा वेतन, मकान किराया भत्ता व एरियर मद में निर्धारित से अधिक राशि की अवैध निकासी कर ली गयी है. प्रदेश के सभी 38 जिलों में अवैध निकासी के 7202 मामले उजागर हुए हैं. अवैध निकासी की कुल राशि 35,27,49,333 रुपये में से 33,02,36,122 रुपये की वसूली की जा चुकी है, जबकि 2,24,30,205 रुपये वसूल किया जाना बाकी है. सीतामढ़ी में 62 शिक्षकों ने 44.28 लाख रुपये लौटाये हैं.
टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी के आवास पर हमला
तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी ने शनिवार को आरोप लगाया कि भाजपा के कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार देर रात कोलकाता में उनके आवास पर हमला किया। इसके बाद दोनों दलों के समर्थकों के बीच झड़प हो गई। अभिषेक ने दावा किया कि हमला उनकी जान लेने की साजिश के तहत किया गया। इस प्रकरण को लेकर पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता ने भी आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव के आवास पर हमला पूर्व नियोजित था। उन्होंने भाजपा और बंगाल पुलिस पर विपक्षी गठबंधन इंडिया का समर्थन करने के कारण उनकी पार्टी को निशाना बनाने का आरोप लगाया।
सोनिया गांधी ने इमर्जेंसी को बताया ग़लती, कहा- इंदिरा को बाद में एहसास हुआ
हिन्दुस्तान के अनुसार कांग्रेस नेता सोनिया गांधी ने आपातकाल लागू करने के फैसले को एक गलती करार दिया। साथ ही कहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को भी बाद में इसका एहसास हुआ था। कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया ने अपनी आगामी पुस्तक ‘बिलॉन्गिंग अ जर्नी ऑफ लव’ में यह भी लिखा है कि अगर संजय गांधी को नियंत्रण में रखा गया होता तो आपातकाल के बाद हुए नुकसान को काफी हद तक रोका जा सकता था। इस किताब के विमोचन से पहले एक ब्रिटिश समाचार पत्र को दिए गए साक्षात्कार में सोनिया ने कहा कि मुझे हमेशा लगता है कि इंदिरा दिल से लोकतांत्रिक थीं।
सामाजिक ताने-बाने को भारी नुकसान पहुंचा
कांग्रेस नेता ने अपने साक्षात्कार में आरोप लगाया है कि पिछले 12 वर्षों में भारत के सामाजिक-ताने-बाने, लोकतंत्र और संस्थाओं को भारी नुकसान पहुंचा है। लोग अब बेचैन होने लगे हैं और इस क्षति को महसूस कर रहे हैं। अपनी पुस्तक को लेकर उठे सेंसरशिप विवाद पर कहा कि प्रकाशक पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया सरकार की आलोचना को लेकर असहज था। प्रकाशक के पुस्तक प्रकाशित न करने के फैसले से उन्हें निराशा हुई, लेकिन वह इससे हैरान नहीं थीं।
बाबरी मस्जिद गिराए जाने पर रो पड़ी थीं सोनिया
जागरण के अनुसार सोनिया गांधी ने कहा है कि 1992 में अयोध्या में ढांचा ध्वंस होने के बाद वह रो पड़ी थीं। (जागरण की इस ख़बर में बाबरी मस्जिद को ढांचा लिखा गया है।)ब्रिटिश अखबार ‘द गार्जियन’ को दिए साक्षात्कार में सोनिया की इस टिप्पणी पर भाजपा ने तुरंत पलटवार किया। पार्टी प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि इस टिप्पणी से पता चलता है कि कांग्रेस व सोनिया के दिल में बाबर पहले भी था और आज भी है। 10 नवंबर को अपने संस्मरण ‘बिलांगिंग अ जर्नी आफ लव’ के विमोचन से पहले ब्रिटिश अखबार को दिए साक्षात्कार में सोनिया ने विवादित ढांचा ध्वंस की घटना को याद करते हुए कहा कि उनको तभी समझ आ गया था कि पंथनिरपेक्ष राष्ट्र के लिए लंबी लड़ाई लड़नी होगी, जिसे बनाने के लिए महात्मा गांधी, नेहरू व उनके साथियों ने संघर्ष किया था। सोनिया ने माना कि भाजपा और उसकी हिंदुत्ववादी राजनीति के उभार में कुछ हद तक उनकी पार्टी की विफलताएं भी जिम्मेदार थी।
कुछ और सुर्खियां:
- पटना, मुजफ्फरपुर, दरभंगा और भागलपुर में आईजी और डीआईजी दोनों रहेंगे
- जहानाबाद में हुलासगंज के पास गया- पटना रोड पर हार्वेस्टर से ऑटोरिक्शा की टक्कर में जहानाबाद इंजीनियरिंग कॉलेज के दो छात्रों की मौत
- उत्तर प्रदेश निवासी और बंगाल से खेलने वाले मोहम्मद शमी ने टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कहा, 13 साल में 64 टेस्ट खेल लिए 229 विकेट
अनछपी: बिहार में नौकरियों की भर्ती परीक्षा पिछले कई वर्षों से विवादों में रही है। इसमें ज्यादातर बदनामी बीपीएससी की हुई है। इसकी वजह से बीपीएससी को कई बार परीक्षा रद्द भी करनी पड़ी है। लेकिन अभी जिस भर्ती प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े किए गए हैं उसमें बिहार विधान परिषद सचिवालय की बदनामी हुई है। ऐसा नहीं है कि बिहार विधान परिषद में नौकरी की प्रक्रिया पर पहले सवाल खड़े नहीं हुए हैं लेकिन इससे तो यही पता चलता है कि शासन चाहे जिस दल का हो भर्ती में बेईमानी की बात आ ही जाती है। विधान परिषद सचिवालय में हाल ही में हुई 125 से अधिक भर्ती हुई है और इसपर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। दिलचस्प बात यह है कि जब बीजेपी के एमएलसी और विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह अपने पद से हटे और जदयू के एमएलसी रामवचन राय इस पद पर आए तब यह मामला उजागर हुआ है। वैसे, धांधली की शिकायत पटना हाईकोर्ट तक पहुंच चुकी है और इसी वजह से अब दोबारा जांच की बात की जा रही है। कहा जा रहा कि विधानसभा सचिवालय को भी बहुत सी शिकायतें मिली हैं मगर भर्ती भी तो उसी ने की है। यह भर्ती पूर्व सभापति अवधेश नारायण सिंह के कार्यकाल में हुई और जिस एजेंसी के माध्यम से भर्ती की गई वह हाईकोर्ट से ब्लैकलिस्टेड बताई है। यह भी बताया गया कि शॉर्ट हैंड के लिए जिन लोगों को सफल घोषित किया गया था, उन्हें जब टेस्ट के लिए बुलाया गया तो वह नहीं आए। विधान परिषद सचिवालय में निजी सहायक के 7, एलडीसी 10, डाटा एंट्री ऑपरेटरों के 33 पदों पर भर्ती हुई है। अब इनके लिए दक्षता परीक्षा की नई तारीख 18 नवंबर तय की गई है। इस परीक्षा में उपस्थित न होने पर उनकी भर्ती रद्द कर दी जाएगी। इसके पहले शॉर्टहैंड के 12 और सिक्योरिटी गार्ड के 56 पदों सहित दूसरे पदों पर नियुक्ति की गई है, लेकिन उनका योगदान मंज़ूर नहीं किया गया है। यह सवाल भी खड़ा किया जा रहा कि विभिन्न पदों पर चुने गए उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र आनन-फानन में उस वक़्त दिया गया, जब यह तय हो गया था अवधेश नारायण सिंह विधान परिषद के सभापति पद से हटेंगे और उनकी जगह रामवचन राय लेंगे। इस बारे में अवधेश नारायण सिंह का कहना है कि वह फिलहाल पटना से बाहर हैं और जब लौटेंगे तो अपना पक्ष रखेंगे लेकिन कई ऐसे सवाल हैं जिनका जवाब अगर जल्द नहीं मिलता तो जांच की आंच उन तक पहुंचेगी ही।
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