बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। मधुबनी में गलत नीयत से घुसे एएसआई ने लोगों पर फायरिंग की तो एक की मौत हो गयी और कई घायल हो गए। शिक्षा विभाग में जिला कार्यक्रम अधिकारी के पास 3 करोड़ के चार प्लॉट के अलावा और भी कई संपत्ति का ब्योरा मिला है। अमेरिका ने ईरान के एकदम पर हमला किया है।
और, मुस्लिम महिलाओं पर अश्लील गीत गाने वाले मोतिहारी के गायक ने पुलिस दबिश के बाद किया सरेंडर।
पहली ख़बर
मधुबनी ज़िले के बाबूबरही से जागरण ने ख़बर दी है कि गलत नीयत से बलिराजगढ़ इलाके में सोमवार की रात एक महिला के घर में घुसे एएसआई चंद्रमोहन सिंह को ग्रामीणों ने घेरा तो उसने सर्विस रिवाल्वर से फायरिंग कर दी। गोली लगने से अशोक यादव (40) की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि धनिक लाल यादव (45), फूलो देवी (32) और विजेंद्र यादव (55) गंभीर रूप से घायल हो गए। तीनों को प्राथमिक उपचार के बाद दरभंगा रेफर कर दिया गया। फूलो देवी की हालत गंभीर है। एएसआई की तैनाती बलिराजगढ़ पुरातत्व स्थल की सुरक्षा के लिए बने पुलिस पिकेट पर थी। घटना के बाद वह भाग निकला। तत्काल उसे निलंबित कर दिया गया है और गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये के इनाम की घोषणा की गई है। एएसआइ पर पहले से कुछ मामले चल रहे हैं। आरोपित चंद्रमोहन सिंह 2007 बैच का एएसआइ है। वह बक्सर के डुमरांव का रहने वाला है। ग्रामीणों और राजनीतिक संगठनों ने छह घंटे तक सड़क जाम कर दिया। हंगामे के दौरान महिलाओं ने डीएम के साथ बदसलूकी की। गांव में 500 से अधिक पुलिस जवान व अधिकारी कैंप कर रहे थे।
शिक्षा अधिकारी के पास 3 करोड़ के प्लॉट
प्रभात खबर के अनुसार किशनगंज जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय की जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (डीपीओ) रूबी कुमारी और उनके पति रेलवे में लोको सहायक गौरव कुमार के चार ठिकानों पर मंगलवार को आर्थिक अपराध इकाई (इओयू) ने छापेमारी की. डीपीओ और उनके पति के पास से दो करोड़ 45 लाख 84 हजार रुपये की आय से अधिक संपत्ति के साक्ष्य मिले हैं. ये संपत्ति उनकी कुल वास्तविक आय से 87.49% अधिक है. डीपीओ और उनके पति के आवास से 2.80 लाख नगद और छह लाख रुपये के आभूषण खरीदने के कागजात मिले हैं. इस दौरान कुल 10 कीमती जमीन खरीदने के भी दस्तावेज जब्त किये गये हैं, इसकी कीमत लगभग तीन करोड़ रुपये है. इसके अलावा कटिहार शहर के पॉश इलाके में लगभग आठ डिसमिल में बना पांच मंजिला नवनिर्मित भवन भी पाया गया है. इसमें सजावट का कार्य जारी है. इस मकान के निर्माण में करोड़ों रुपये खर्च किये गये हैं. एक बेनामी स्कॉर्पियो भी मिला है. अधिकारियों न बताया कि बरामद एवं जब्त दस्तावेजों की जांच हो रही है.
ईरान के केश्म द्वीप पर अमेरिकी हमला
जागरण के अनुसार अमेरिका में मध्यावधि चुनाव के बीच अमेरिकी सेना ने सोमवार रात ईरान के केश्म द्वीप पर गुपचुप तरीके से हमला किया। बताया गया कि ईरान के खिलाफ हाल के हफ्तों में सीमित सैन्य हमलों की कड़ी में ही ये कार्रवाई भी शामिल थी। ये हमला तब किया गया, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ये दावा कर रहे थे कि तेहरान के साथ बातचीत अच्छी चल रही है। फाक्स न्यूज से बातचीत में ट्रंप ने मंगलवार को कहा कि केश्म द्वीप में ईरान एंटी-एयरक्राफ्ट फैसिलिटी तैयार कर रहा था। इस पर पिछले दो महीने से हमारी नजर थी। जैसे ही ये पूरा हुआ, हमने इसे बहुत अच्छे से ध्वस्त कर दिया। हमलों की बाबत ट्रंप ने कहा कि हम लोगों को नहीं मारना चाहते हैं, लेकिन हमें करना पड़ेगा। और इस समय हम बहुत मजबूत स्थिति में हैं। ऐसे में केश्म द्वीप पर हमने बहुत छोटी सी कार्रवाई की।
सांसद सुधाकर का आरोप- डीजी कुंदन कृष्णन के पास 100 करोड़ की संपत्ति
भास्कर ने लिखा है कि भोजपुर के बिलौटी निवासी भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में 5 करोड़ का मानहानि नोटिस मिलने के बाद सांसद सुधाकर सिंह ने बिहार एसटीएफ के डीजी कुंदन कृष्णन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में सुधाकर सिंह ने सरकारी और भूमि पोर्टल के दस्तावेज जारी कर आरोप लगाया कि इस वरिष्ठ आईपीएस और उनके परिवार के पास 100 करोड़ रुपए से अधिक की संपत्ति है। सांसद के अनुसार, संपत्ति घोषणा में दर्ज मूल्य और वर्तमान बाजार मूल्य में भारी अंतर है। इधर डिग्री कुंदन कृष्णन ने कहा कि आरोप गलत है।
दीया के वीडियो पर हाई कोर्ट बोला- पर्यावरण के मुद्दे को दूसरा रंग ना दें
भास्कर के अनुसार ईको फ्रेंडली दिवाली से जुड़े अभिनेत्री दीया मिर्जा के वीडियो पर छिड़े विवाद पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने मंगलवार को नाराजगी जताई। कोर्ट ने बीएमसी के पटाखा मुक्त दिवाली अभियान को सांप्रदायिक रंग देने वाले नेताओं को फटकार लगाई। साथ ही, बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) को दीया मिर्जा का वीडियो फिर अपलोड करने के निर्देश दिए। जस्टिस गिरिश कुलकर्णी और जस्टिस नीला गोखले की बेंच ने कहा, ‘सोमवार को जो हुआ, वह दुर्भाग्यपूर्ण हैं। पर्यावरण के मुद्दे को कोई और रंग देकर हड़पने की कोशिश नहीं होनी चाहिए।’ कोर्ट शोर और वायु प्रदूषण से जुड़े स्वतः संज्ञान वाले जनहित केस की सुनवाई कर रहा था। बीएमसी ने शोर के बजाय रोशनी के साथ दिवाली मनाने की अपील करते हुए दीया समेत कई हस्तियों से मैसेज रिकॉर्ड करवाए थे। ये सुझाव हाईकोर्ट ने ही दिया था। हालांकि, मुंबई की मेयर सहित कुछ नेताओं ने दीया के वीडियो पर आपत्ति जताते हुए अभियान को हिंदू विरोधी बताया। इस पर बीएमसी ने वीडियो हटा दिया।
आपत्तिजनक गीत गाने वाले ने पुलिस दबिश के बाद कोर्ट में सरेंडर किया
भास्कर के अनुसार मोतिहारी के पास मधुबन प्रखंड के राजेपुर थाना क्षेत्र के कदमा गांव निवासी भोजपुरी गायक संजय सिंह ने पुलिस की लगातार दबिश के बाद न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। उस पर सोशल मीडिया के माध्यम से जातीय और धार्मिक उन्माद फैलाने तथा एक समुदाय की महिलाओं के प्रति आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग करने का आरोप है। (ध्यान रहे कि उसने मुस्लिम महिलाओं के बारे में बेहद आपत्तिजनक गीत बनायाऔर गया था।) इस मामले में मोतिहारी साइबर थाने में कांड संख्या 159/26 दर्ज की गई थी। पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी के लिए 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। साथ ही उनकी सूचना देने वालों की पहचान गोपनीय रखने की बात कही गई थी।
कुछ और सुर्खियां:
- नेपाल के प्रसिद्ध पर्यटन क्षेत्र सोलुखुम्बु जिले में माउंट एवरेस्ट क्षेत्र में लैंडिंग के समय दो हेलीकाप्टर आपस में टकरा गए, एक भारतीय नागरिक की मौत
- मुरासु तूफान से आंध्र प्रदेश में भारी तबाही, दो की मौत
- बिहार में स्वास्थ्य विभाग में 11000 से अधिक पदों पर भर्ती के लिए नवंबर के आखिरी तक आएगा विज्ञापन
- उमर अब्दुल्ला की पार्टी नेशनल कांफ्रेंस के सांसद रूहुल्ला मेहदी का पार्टी और लोकसभा से इस्तीफा
अनछपी: भारत में प्रशासनिक व्यवस्था कितनी लचर और लाचार है इसका एक अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि केंद्र सरकार ने जब राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से जिलों में जाति के आधार पर होने वाले भेदभाव के बारे में रिपोर्ट मांगी तो 2 साल बीत जाने के बाद भी 23 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से इसका जवाब नहीं मिला। सरकारों की संवेदनहीनता की बात पर तो बात होनी चाहिए लेकिन क्या यह अजीबोगरीब नहीं है कि भारत को एक लोकतांत्रिक गणतंत्र बने हुए 75 साल से ज्यादा हो गए लेकिन अब तक यहां के समाज में और जेल में जातिगत भेदभाव जारी है। खबरों में बताया गया है कि जस्टिस जे.बी. पार्डीवाला और जस्टिस मनमोहन की पीठ ने ‘जेलों के भीतर भेदभाव’ से जुड़े स्वतः संज्ञान वाले मामले की सुनवाई के दौरान सरकारों के रवैया को बेहद दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण बताया। कोर्ट ने न्याय मित्र वरिष्ठ अधिवक्ता एस. मुरलीधर के उन सुझावों का भी संज्ञान लिया, जिसमें राज्यों द्वारा जिला-स्तरीय ‘बोर्ड आफ विजिटर्स’ के गठन जैसे जरूरी कदमों पर रिपोर्ट न देने की बात उठाई गई थी। दरअसल अक्टूबर 2024 में सुप्रीम कोर्ट ने जेल मैनुअल के उन नियमों को संवैधानिक बताया था जो कैदियों के बीच जाति की वजह से अलग-अलग काम तय करते और भेदभाव को बढ़ावा देते हैं।
119 total views