मिस्र में मुर्दों को संरक्षित किया जा रहा है, बिहार में ऐतिहासिक धरोहरों को तोड़ा जा रहा है

बिहार लोक संवाद डाॅट नेट पटना

खुदाबख्श ओरिएंटल पब्लिक लाइब्रेरी, पटना को टूटने से बचाने के लिए मंगलवार को पटना में नागरिक समुदाय की बैठक आयोजित की गयी। बैठक के दौरान सरकारी रवैये पर घोर चिंता व्यक्त की गई। बिहार सरकार का पुल निर्माण निगम गांधी मैदान के पास कारगिल चैक से लेकर एनआईटी तक एलिवेटेड रोड बनाना चाहता है। इसके लिए पुल निर्माण निगम यूनेस्को हेरिटेज में शामिल खुदाबख़्श लाइब्रेरी के कुछ हिस्से को तोड़ने का मंसूबा बना रहा है। सिविल सोसायटी इस मंसूबे के खि़लाफ़ खड़ी हो गई है।

बैठक में शरीक एक्टिविस्ट तबस्सुम अली ने बिहार लोक संवाद डाॅट नेट को बताया कि प्रदेश सरकार की नीयत साफ़ नहीं है। ज्ञान और शिक्षा से उसे बैर जैसा है। पिछले कुछ वर्षों में कई लाइबे्ररियों का वजूद मिट गया। भाषाई विकास के लिए बने हिन्दी भवन जैसी इमारत में समाहरणालय कार्यालय खोल दिया गया।

बिहार विधान सभा की पुस्तकालय समिति और सिविल सोसायटी ऐतिहासिक खुदा बख़्श लाइबे्ररी के कुछ हिस्से को तोड़ जाने का लगातार विरोध कर रहा है। पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ दास ने तो अपना पुलिस मेडल राष्ट्रपति को लौटाने तक की घोषणा कर दी है। अब देखना है नीतीश सरकार पर इस सबका क्या असर पड़ता है।

कैमरापर्सन शीश अहमद के साथ सैयद जावेद हसन, बिहार लोक संवाद डाॅट नेट, पटना।

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