छपी-अनछपी: एनडीटीवी की कंपनी से प्रणय राय का इस्तीफा, छेड़खानी से रोका तो घर चढ़कर लगाई आग

बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। प्राइवेट न्यूज़ चैनल के जनक माने जाने वाले और एनडीटीवी के संस्थापक प्रणय रॉय ने पत्नी राधिका रॉय के साथ एनडीटीवी की कंपनी इस्तीफा दे दिया है। रवीश कुमार के कारण एनडीटीवी का हिन्दी जगत में भी बहुत नाम था। अब उद्योगपति गौतम अडानी इसके मालिक बन रहे। इसकी खबर अखबारों में बहुत तवज्जो के साथ नहीं छपी है लेकिन सोशल मीडिया पर इसकी बहुत चर्चा है। अखबारों में जो खबर सबसे अहम है वह आंगनबाड़ी में बहाली से जुड़ी है। अरवल में छेड़खानी के बाद घर चढ़कर आग लगाने से महिला की मौत की खबर भी प्रमुखता से छपी है।

जागरण की सबसे बड़ी खबर है: आंगनबाड़ी में 12वीं पास ही बनेगी सेविका और दसवीं पास सहायिका।
हिन्दुस्तान की पहली खबर है: बदलाव: इंटर पास ही अब बनेगी आंगनबाड़ी सेविका। प्रभात खबर की लीड भी यही है: सेविका को 12वीं व सहायिका को 10 वीं पास होना जरूरी, डीडीसी की कमेटी करेगी चयन।
कैबिनेट का फैसला लगातार मिल रही शिकायतों के बाद किया गया है। पहले यह सेविकाके लिए मैट्रिक और सहायिका के लिए 8वीं पास होना ज़रूरी था। सीएम नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में इसकी स्वीकृति दी गई। कैबिनेट के अपर मुख्य सचिव डॉ. एस सिद्धार्थ ने बताया कि नियुक्ति के लिए जिला स्तर पर ऑनलाइन आवेदन लिये जाएंगे।

कोविड टीके से मौत पर सरकार ने पल्ला झाड़ा
भास्कर की लीड है: हमें हमदर्दी, पर टीके के साइड इफेक्ट से मौत में हम जिम्मेदार नहीं: सरकार। सुप्रीम कोर्ट में यह बात कोविड टीका लगवाने के बाद दो युवतियों की मौत के मामले में मुआवज़े वाली याचिका की सुनवाई पर कही है। केंद्र ने कहा है कि देश में कहीं भी अगर कोई वैक्सीन के साइड इफेक्ट से किसी की मौत हुई या हो जाती है तो इसके लिए केंद्र सरकार जिम्मेदार नहीं है। कोई वैक्सीन के साइड इफेक्ट की जानकारी हर व्यक्ति के लिए सार्वजनिक की जा चुकी है। कोई उन्हें जानने के बावजूद टीका लगवाता है और उससे परेशानी होती है तो सरकार को दोषी नहीं ठहराया जा सकता क्योंकि टीका लगाने की अनुमति खुद उस व्यक्ति ने दी होती है। केंद्र सरकार ने कहा है कि कोरोना वैक्सीन लगवाना कानूनी बाध्यता नहीं है।

एनडीटीवी की कंपनी से प्रणय रॉय विदा
एनडीटीवी के अधिग्रहण के लिए अडानी समूह की खुली पेशकश के बीच, प्रणय रॉय और राधिका रॉय ने आरआरपीआर होल्डिंग प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक मंडल से इस्तीफा दे दिया है। एनडीटीवी ने एक पत्र में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज को बताया कि बोर्ड की मंगलवार को हुई बैठक में प्रणव रॉय और राधिका रॉय के इस्तीफे को निदेशक मंडल ने मंजूरी दे दी है। 23 अगस्त को गौतम अडानी के नेतृत्व वाले अडानी समूह टेलीविजन चैनल एनडीटीवी लिमिटेड में 29.18 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल की।

एनआईए की कार्रवाई
हिन्दुस्तान की दूसरी सबसे बड़ी खबर है: आतंकी गैंगस्टर गठजोड़ के खिलाफ एनआईए छापे। नई दिल्ली की खबर में बताया गया है कि एनआईए ने दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब, राजस्थान और हरियाणा में कार्रवाई की है।
एनआईए की कार्रवाई से जुड़ी एक और खबर हिन्दुस्तान में पटना से है: गजवा-ए-हिंद: मरगूब पांच तक एनआईए की रिमांड पर रहेगा। इसमें बताया गया है कि बेऊर जेल में बंद गजवा-ए-हिंद के तहत देश विरोधी गतिविधियों में शामिल मरगूब अहमद उर्फ ताहिर को रिमांड पर लेकर पूछताछ करने के लिए एनआईए टीम को अनुमति मिल गई है। जागरण में खबर है: नूरुद्दीन जंगी को 7 दिनों के लिए पुलिस रिमांड पर देने का निर्देश। इसमें बताया गया है कि एनआईए ने विशेष कोर्ट में एक आवेदन देकर पुलिस रिमांड पर आरोपित को देने का अनुरोध किया था।

अमित शाह का चुनावी दावा और ‘रावण’
गुजरात चुनाव के पहले चरण के मतदान से ठीक एक दिन पहले केंद्रीय गृह मंत्री और भाजपा नेता अमित शाह का इंटरव्यू छपा है। हिंदुस्तान में इसकी सुर्खी है: पीएम मोदी के नेतृत्व में सीट वोट के नए रिकॉर्ड बनेंगे: अमित शाह। जागरण ने लिखा है: पीएम मोदी की लोकप्रियता और विकास मॉडल से अभूतपूर्व जीत। प्रभात खबर की सुर्खी है ‘गद्दार’ पर तूफान शांत अब ‘रावण’ पर बवंडर। यह सुर्खी दरअसल राजस्थान में कांग्रेस की समस्या और गुजरात में प्रधानमंत्री मोदी पर कांग्रेस अध्यक्ष खड़के की टिप्पणी से संबंधित है। राजस्थान में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपनई ही कांग्रेस पार्टी के सचिन पायलट को गद्दार कहा था लेकिन अब वह एक साथ बताए जाते हैं। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के प्रधानमंत्री मोदी के बारे में रावण वाली टिप्पणी को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक जंग छिड़ गई है। खड़गे ने कहा था: मोदी कहते हैं सब कुछ नजरअंदाज कर दें और आंखों के सामने उनका चेहरा रखकर वोट करें… आपके कितने चेहरे हैं? क्या आप रावण की तरह 100 सिर वाले हैं? यह समझ में नहीं आता।

दुष्कर्म में नाकाम होने पर लगा दी आग महिला की मौत
भास्कर ने पहले पेन पर खबर दी है: छेड़खानी की शिकायत करने गई, पुलिस बोली- लिखित दो, पंचायत बुलाओ, आते हैं…नहीं आये, रात में वहशी ने मां और 5 साल की बेटी को जिंदा जलाया। जागरण ने लिखा है: अरवल में दुष्कर्म में नाकाम होने पर घर में लगा दी आ, महिला की झुलस कर मौत, बेटा गंभीर। हिन्दुस्तान है: महिला को जिंदा जलाया, बेटी गंभीर। मेहंदीया से इसके संवाददाता की खबर है: जिले के परासी चकिया गांव में सोमवार की रात जबरदस्ती का विरोध करने पर बदमाशों ने घर में आग लगाकर महिला को जिंदा जला दिया। इलाज के क्रम में उसकी मौत हो गयी। उसकी 5 साल की पुत्री पीएमसीएच में मौत से जूझ रही है। मृतका की गोतनी के बयान पर तीन लोगों के खिलाफ केस दर्ज कराया गया है। पुलिस ने एक नामजद नन्द महतो को गिरफ्तार किया है। वहीं पटना से एसएफएल की टीम ने मौके पर पहुंचकर नमूने एकत्र किए। परिजनों का आरोप है कि आरोपितों ने बाहर से दरवाजा की कुंडी लगाकर पेट्रोल छिड़कर घर में आग लगा दी। इससे घर में सोयी सुमन देवी (29) व उसकी बेटी शारदा बुरी तरह झुलस गयी। लोगों ने किसी तरह दोनों को घर से निकालकर सदर अस्पताल पहुंचाया जहां से उन्हें पीएमसीएच रेफर कर दिया गया।

34 ट्रेनें रद्द रहेंगी
हिन्दुस्तान में पहले पेज पर यह सूचना है: बरौनी में मरम्मत कार्य के कारण 34 ट्रेनें रद्द रहेंगी। सोनपुर मंडल के बरौनी जंक्शन पर दो से आठ दिसंबर तक प्री नॉन इंटरलॉकिंग और नॉन इंटरलॉकिंग कार्य होना है। जिन ट्रेनों को रद्द किया गया है, उनमें कटिहार-पटना एक्स., हटिया-पूर्णिया कोर्ट एक्स., नई दिल्ली-बरौनी स्पेशल, पाटलिपुत्र-सहरसा स्पेशल, पटना-जयनगर एक्स., पटना-सहरसा एक्स. शामिल हैं।
बिल्डरों पर क्यों होगा केस?
जागरण ने खबर दी है: पैसा लेकर फ्लैट न देने वाले बिल्डरों पर करें एफआईआर। यह आदेश डीजीपी एसके सिंघल ने दिया है। हिन्दुस्तान ने लिखा है: पैसे लेकर फ्लैट नहीं देने वाले बिल्डरों पर होगा केस। डीजीपी ने कहा कि ऐसे बिल्डरों के खिलाफ विधिवत जांच कर प्राथमिकी दर्ज करने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने बिल्डरों के खिलाफ की गई कार्रवाई की सूचना भी उपलब्ध कराने को कहा ताकि उच्च न्यायालय में इस बाबत शपथ पत्र समर्पित किया जा सके।
अनछपी: बिहार में महिलाओं को सुरक्षा दिलाने के लिए कई कदम उठाए गए हैं लेकिन आए दिन उन पर होने वाले अत्याचार की खबर भी चिंताजनक नहीं है। अरवल से जिस तरह एक महिला के साथ छेड़खानी की गई वह नीतीश सरकार के लिए और बिहार के समाज के लिए एक गंभीर चुनौती है। वह महिला मदद के लिए थाने भी गयी थी लेकिन उसे सुरक्षा नहीं मिली और उसके घर पर चढ़कर आग लगा दी गई जिसमें उसकी मौत हो गई। यह बात बिहार में पुलिस के रोल पर बेहद चिन्ताजनक सवाल खड़े करती है। छेड़खानी एक सामाजिक समस्या है लेकिन पुलिस की आनाकानी प्रशानिक अयोग्यता की निशानी है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार महिलाओं का साथ पाते रहे हैं और उनके साथ होने का दावा भी करते रहे हैं लेकिन ऐसी घटनाएं हैं उनके लिए भी शर्मसार करने वाली हैं।

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