छ्पी-अनछपी: बेंगलुरू में जीत के जश्न में भगदड़- 11 मरे, जनगणना अहले साल अक्टूबर से
बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। आईपीएल में आरसीबी के चैंपियन बनने पर बेंगलुरु में आयोजित जीत के जश्न में भगदड़ मचने से 11 लोगों की मौत हो गई। 2021 में होने वाली जनगणना अगले साल अक्टूबर में शुरू होगी, इसके साथ जातीय जनगणना भी होगी। दस हजार ऐसे शिक्षक अपना ट्रांसफर वापस लेंगे जिन्हें अपनी पसंद की जगह नहीं मिल पाई है।
और, जानिएगा कि बिहार से कितने टन सब्ज़ियां हर हफ्ते दुबई भेजी जाएंगी।
पहली खबर
भास्कर के अनुसार पहली बार आईपीएल विजेता बनने वाली रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) का जश्न बुधवार को बड़े हादसे में बदल गया। विजेता खिलाड़ियों के स्वागत में बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर जुटी भीड़ में भगदड़ मचने से 11 लोगों की मौत हो गई। कम से कम 33 लोग घायल हैं। कर्नाटक क्रिकेट संघ ने टीम के स्वागत में स्टेडियम में कार्यक्रम आयोजित किया था। दोपहर में टीम एयरपोर्ट पहुंची तो डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने स्वागत किया। इसके बाद टीम बस से विधानसभा पहुंची। यहां राज्यपाल थावरचंद गहलोत और सीएम सिद्धारमैया ने सम्मान किया। इसके बाद टीम स्टेडियम पहुंची। सिद्धारमैया ने कहा कि स्टेडियम की क्षमता 35000 है लेकिन तीन लाख लोग आ गए। इससे हालात बिगड़े। 15 दिन में मजिस्ट्रेट जांच की रिपोर्ट मांगी है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक जो गिरा, उठ नहीं पाया। भीड़ के चलते एंबुलेंस भी देर से पहुंची। लोग घायलों को सड़क पर ही सीपीआर देते रहे। प्रभात खबर के अनुसार एक साथ बड़ी संख्या में क्रिकेट प्रेमी स्टेडियम में घुसने की कोशिश कर रहे थे। पुलिस को भीड़ नियंत्रित करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। उसे हल्का लाठी चार्ज भी करना पड़ा। प्रारंभिक जांच के मुताबिक भीड़ में स्टेडियम में घुसने के लिए गेट नंबर 12, 13 और 10 को तोड़ने की कोशिश की। लगभग 3:30 बजे भीड़ और बढ़ी तो सभी गेट बंद कर दिए गए। इससे पास वाले भी अंदर नहीं घुस पाए तो हंगामा शुरू हो गया। एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि लाखों लोग विराट कोहली और आरसीबी टीम को देखने आए थे। “बहुत सी लड़कियों ने गेट को धक्का देकर एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में घुसने की कोशिश की। मैंने तीन लड़कियों को गिरते देखा, लेकिन किसी ने उन्हें बचाया नहीं। पुलिस भी भीड़ के कारण असहाय थी। इसके बाद चारों ओर चीख-पुकार मच गई। लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। आनन-फानन में लोग जमीन पर गिरने लगे।”
चार राज्यों से अगले साल शुरू होगी जनगणना
प्रभात खबर के अनुसार भारत में जनगणना की तारीख तय हो गई है। केंद्र सरकार द्वारा तैयार किए गए प्रारंभिक कार्यक्रम के मुताबिक जनगणना 1 मार्च 2027 को दोपहर 12:00 शुरू होगी। हालांकि पहाड़ी राज्यों में जनगणना इस बार भी अन्य राज्यों से पहले शुरू होगी जिसकी तारीख 1 अक्टूबर 2026 तय की गई है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बुधवार को जानकारी दी कि इस बार जनगणना के साथ जाति गणना भी होगी। ऐसा 1931 के बाद पहली बार होगा। जाति गणना करने पर लंबे समय से राजनीतिक और सामाजिक बहस चलती रही है। जनगणना की पूरी प्रक्रिया इस बार डिजिटल होगी और इसे 3 साल में पूरा किया जाएगा। इससे पहले यह प्रक्रिया 5 साल में पूरी की जाती थी।
दस हजार शिक्षक अपना ट्रांसफर वापस लेंगे
भास्कर के अनुसार बिहार के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले दस हजार शिक्षक अब ट्रांसफर का आवेदन वापस लेंगे। इसकी वजह है कि उन्हें मनचाहा ब्लॉक और स्कूल नहीं मिल पाया है। शिक्षकों कहना है की ऐच्छिक ब्लॉक के अधिकांश स्कूलों में शिक्षकों की सीट खाली नहीं है। जिले में दूसरे ब्लॉक में पोस्टिंग दी जा रही है। मेन रोड से स्कूल की दूरी 8 से 14 किलोमीटर है। ऐसे में आवाजाही में ही तीन-चार घंटे लग जाएंगे। दूर दराज इलाकों में परिवहन की भी गंभीर समस्या है। शिक्षकों के ट्रांसफर का आवेदन वापस लेने की प्रक्रिया मंगलवर से शुरू हो गई है।
ग़ज़ा में इसराइल का कार्बन फुटप्रिंट 100 देश से ज्यादा
प्रभात खबर के अनुसार इसराइल और ग़ज़ा के बीच पिछले 15 महीनों से जारी युद्ध का कार्बन फुटप्रिंट इतना अधिक है कि यह दुनिया के 100 देश के सालाना ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन से भी ज्यादा है। एक नई रिसर्च में यह पता चला है कि यह युद्ध जलवायु संकट को भी और गंभीर बना रहा है। अध्ययन के अनुसार ग़ज़ा को तबाह करने, मलबा हटाने और दोबारा बसाने की प्रक्रिया का दीर्घकालिक जलवायु खर्च 3.1 करोड़ टन ग्रीन हाउस गैस उत्सर्जन तक पहुंच सकता है। यह आंकड़ा कोस्टा रिका और एस्टोनिया जैसे देश के साल 2023 में संयुक्त रूप से उत्सर्जित ग्रीनहाउस गैसों से भी अधिक है।
बिहार से हर हफ्ते 45 टन सब्जी दुबई जाएगी
हिन्दुस्तान के अनुसार दुबई के लोग अब बिहारी तरकारी खाएंगे। कटहल और करेला सहित 1500 किलोग्राम सब्जियों की पहली खेप बुधवार को पटना से दुबई भेजी गई। सहकारिता मंत्री डॉ. प्रेम कुमार ने दशरथ मांझी श्रम एवं नियोजन अध्ययन संस्थान से हरी झंडी दिखा कर सब्जियों की खेप दुबई के लिए रवाना किया। पटना से सड़क मार्ग से सब्जियां वाराणसी हवाई अड्डा ले जायी जाएंगी। वहां से दुबई भेजी जाएंगी। इसमें कटहल, फूलगोभी, करेला, लौकी सहित 10 प्रकार की सब्जियां शामिल हैं। सभी सब्जी संघों हरित सब्जी संघ, पटना, तिरहुत सब्जी संघ मोतिहारी, मिथिला सब्जी संघ दरभंगा एवं मगध सब्जी संघ गया के संयुक्त प्रयास से सब्जियों का पहला परीक्षण शिपमेंट दुबई के लिए भेजा जा रहा है। मंत्री ने बताया कि हर हफ्ते 45 टन बिहार की सब्जियां दुबई भेजी जाएंगी।
कुछ और सुर्खियां:
- अमेरिका में दो चीनी नागरिकों को एक खतरनाक फंगस की तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया गया
- अहमदाबाद से पटना आ रही इंडिगो की फ्लाइट में बम की सूचना से हड़कंप मचा
- पाकिस्तान के लिए जासूसी के आरोप में पंजाब के यूट्यूबर जसवीर सिंह गिरफ्तार
- कैमूर जिले के भगवानपुर थाने में तैनात दो दारोगा को ₹40000 रिश्वत लेते दबोचा गया
- राज्य के विश्वविद्यालयों के शिक्षकों और कर्मियों को इस साल मार्च से मई तक 3 माह के लिए 1094 करोड़ जारी किए गए
अनछपी: बेंगलुरु में मची भगदड़ में 11 लोगों की मौत के बारे में अब तक काफी कुछ कहा जा चुका है और इस पर पक्ष-विपक्ष की राजनीति तेज हो चुकी है। विपक्ष को इस भगदड़ से वहां की कांग्रेस सरकार पर हमला करने का मौका मिल गया तो कांग्रेस के नेता भाजपा शासित प्रदेशों के बारे में बात करने लगे। असली बात यह है कि आईपीएल क्रिकेट के नाम पर जो उन्माद और पागलपन पैदा हुआ है उसमें लगभग हर राजनीतिक पार्टी की चुप्पी या सहमति शामिल है। पिछले 20 सालों से क्रिकेट के खेल में जो बदलाव हुए हैं उससे एक बहुत बड़ा वर्ग ऐसा तैयार हुआ है जो इसके पीछे पागल है। इसकी वजह केवल खेल से प्यार नहीं बल्कि इसके लिए बनाया गया कृत्रिम आकर्षण है। हर टीम में विदेशी और दूसरे राज्यों के खिलाड़ी होते हैं लेकिन हर टीम को भावनात्मक रूप से संबंधित राज्य के लोगों से जोड़ दिया गया है। इसके साथ ही आईपीएल की जिस बात के लिए सबसे ज्यादा आलोचना होती है वह है इससे जुड़ी सट्टेबाजी और जुआ। यह सट्टेबाजी और जुआ छिपछिपाकर कर नहीं बल्कि खुलेआम खेला जाता है। इसके लिए बड़े-बड़े खिलाड़ी प्रचार करते हैं। पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट में भी यह मुद्दा बहस में आया था और यह देखना दिलचस्प होगा कि सुप्रीम कोर्ट इसके बारे में क्या फैसला करता है। ऐसा माना जाता है कि करोड़ों लोग जिसमें बड़ी संख्या में युवा भी शामिल हैं, आईपीएल की वजह से सट्टेबाजी में अपने पैसे और अपना चैन गंवाते हैं। मीडिया में एक दो लोगों के 50 लाख या एक करोड़ जीतने की खबर को खूब प्रचारित किया जाता है लेकिन इससे होने वाले नुकसान की चर्चा नहीं होती। ऐसे में जो पागलपन और उन्माद पैदा होता है वह किसी भगदड़ में बदलता है तो किसी को ताज्जुब नहीं होना चाहिए। ऐसा नहीं है कि दूसरे मामलों या दूसरे देशों में भगदड़ नहीं मचती। सवाल है कि भगदड़ की स्थिति नहीं बने इसके लिए क्या कोशिश की जा सकती है। लोगों को इसके लिए जागरूक करना होगा कि बेहद भीड़ वाली जगह पर जाने से बचना जरूरी है और किसी भी चीज के लिए बाहर से जो उन्माद पैदा किया जा रहा है उस पर पर नियंत्रण भी जरूरी है।
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