छ्पी-अनछपी: बिहार में 33 लाख राशन कार्ड रद्द होंगे, राहुल ने पीएम मोदी से पूछे 5 सवाल

बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। बिहार में सरकारी राशन लेने वाले 33 लाख 25 हजार कार्डधारियों के नाम कटेंगे। राहुल गांधी ने अमेरिका से हुई ट्रेड डील के खिलाफ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से पांच सवाल पूछे। बांग्लादेश जमात-ए-इस्लामी ने चुनावों परिणामों को चुनौती देते हुए निर्वाचन आयोग से 32 निर्वाचन क्षेत्रों में मतों की पुनर्गणना कराने की मांग की।

और जानिएगा कि दुनिया में सबसे ज्यादा छुट्टियों वाला देश भारत है।

पहली ख़बर

हिन्दुस्तान की खास खबर है कि जन वितरण प्रणाली से जुड़े राज्य के 33 लाख 25 हजार राशन कार्डधारियों के नाम कटेंगे। खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने नाम काटने वाली सूची में इन्हें शामिल किया है। इनमें से 4.70 लाख के नाम काटे भी जा चुके हैं। शेष के नाम काटने को लेकर जिलों को दिशा-निर्देश दिये गये हैं। ये 33 लाख कार्डधारी केंद्र सरकार की ओर से चिह्नित 5701 731 संदिग्धों की सूची में शामिल हैं। इनमें 51 लाख की जांच पूरी कर ली गई है। पदाधिकारी बताते हैं कि संदिग्ध सूची वालों को नोटिस भेजा जा रहा है। लाभुकों के जवाब संतोषप्रद नहीं होने पर उनके नाम हटाने वाली सूची में शामिल किये गये हैं। इसके बाद इनके नाम चरणवार काटे जा रहे हैं। केंद्र ने संदिग्धों की सूची में वैसे कार्डधारियों को शामिल किया था, जिनके पास चारपहिया है, बड़ी कंपनियों में निदेशक के पद पर है या आयकर दाता हैं। महीनों से राशन का उठाव न करने वाले भी हैं। मालूम हो कि राज्य में 2.09 करोड़ परिवारों के पास राशन कार्ड हैं। इनमें लाभुकों की संख्या करीब साढ़े आठ करोड़ है।

राहुल गांधी के मोदी से पांच सवाल

जागरण ने खबर दी है कि लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने अमेरिका से हुई ट्रेड डील के खिलाफ अपने तेवरों में किसी तरह की नरमी नहीं लाने का इरादा साफ करते हुए रविवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से पांच सवाल पूछे। साथ ही कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि इस ट्रेड डील के नाम पर हम देश के किसानों के साथ विश्वासघात होते हुए दिख रहे हैं। नेता विपक्ष ने कहा कि किसानों को उनके पूछे गए सवालों पर सफाई तो मिलनी ही चाहिए। यह सिर्फ आज की बात नहीं है। ये भविष्य की भी बात है और क्या हम किसी दूसरे देश को भारत के कृषि उद्योग पर लंबे समय की पकड़ बनाने दे रहे हैं। इनमें एक सवाल यह है कि डीडीजी (ड्राई डिस्टिलर्स ग्रेन्स) इंपोर्ट करने का वास्तव में क्या मतलब है? क्या इसका मतलब यह है कि भारतीय मवेशियों को जीएम अमेरिकी मक्का से बने डिस्टिलर्स ग्रेन खिलाए जाएंगे? क्या इससे हमारे दूध उत्पाद प्रभावी रूप से अमेरिकी कृषि उद्योग पर निर्भर नहीं हो जाएंगे। इसी तरह सोया तेल के आयात पर और दूसरे मुद्दों पर सवाल भी हैं।

जम्मू कश्मीर में 800 म्यूल खातों का भंडाफोड़

प्रभात खबर के अनुसार सुरक्षा एजेंसियों ने जम्मू-कश्मीर में म्यूल खातों के लगातार बढ़ते नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है और अधिकारियों को आशंका है कि इन खातों के माध्यम से भेजे गये धन का उपयोग अलगाववादी और सबसे कमजोर, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण राष्ट्रविरोधी गतिविधियों के लिए किया जा सकता है. अधिकारियों ने बताया कि तीन वर्षों की अवधि में इस क्षेत्र में संचालित 8,000 से अधिक म्यूल खातों की पहचान की गयी है और इनसे लेन-देन रोक दिया गया है, जिससे धन शोधन के एक जटिल नेटवर्क का पता चला है.

जमात ने बांग्लादेश चुनाव परिणाम को चुनौती दी

बांग्लादेश में हाल में संपन्न हुए चुनावों में मुख्य विपक्षी दल के रूप में उभरी जमात-ए-इस्लामी ने रविवार को परिणामों को चुनौती देते हुए निर्वाचन आयोग से उन 32 निर्वाचन क्षेत्रों में मतों की पुनर्गणना कराने की मांग की, जहां उसके उम्मीदवारों को अनुचित तरीके से पराजित किया गया था. पार्टी ने बीते गुरुवार को हुए चुनावों में अपने पूर्व सहयोगी बीएनपी की जीत को स्वीकार करने वाले फेसबुक संदेश को भी वापस ले लिया. चुनाव परिणाम शुक्रवार को घोषित किये गये थेः तारिक रहमान के नेतृत्व वाली बीएनपी ने 49.97 प्रतिशत मतों और 209 सीट के साथ दो-तिहाई बहुमत से सत्ता हासिल की.

भारत दुनिया में सबसे ज्यादा छुट्टियों वाला देश

हिन्दुस्तान के अनुसार दुनिया भर में छुट्टियों का कैलेंडर बताता है कि कोई देश संस्कृति, धर्म और काम के बीच कैसे संतुलन बनाता है। 2026 में छुट्टियों को लेकर जारी इंडेक्स में भारत दुनिया के 190 देशों की सूची में सबसे शीर्ष पर है। भारत 42 सार्वजनिक छुट्टियों के साथ पहले स्थान पर है। वहीं दुनिया का औसत मात्र 13 छुट्टियां हैं। वहीं अमेरिका छुट्टियों के मामले में वैश्विक औसत से भी नीचे है। यह रिपोर्ट दुनिया भर के सांस्कृतिक, धार्मिक और राष्ट्रीय त्योहारों के आधार पर तैयार की गई है।

कुछ और सुर्खियां:

  • भारत ने पाकिस्तान को टी 20 विश्व कप में 61 रनों से हराकर सुपर आठ में प्रवेश किया
  • बिहार की 25 लाख महिलाओं को आज मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत मिलेंगे दस-दस हज़ार रुपये
  • बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान का शपथ ग्रहण समारोह कल, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला जाएंगे
  • दिल्ली पुलिस ने गया में पकड़ी नकली दवा बनाने वाली फैक्ट्री
  • लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को हटाने के प्रस्ताव पर बहस और वोटिंग 9 मार्च को
  • फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों आज भारत के तीन दिवसीय दौरे पर मुंबई पहुंचेंग

अनछपी: बहुत कम लोगों ने बिहार सरकार के जल संसाधन विभाग की बरनार जलाशय योजना के बारे में सुना होगा। इसे एक नई कृषि क्रांति का आगाज बताया गया है और दावा किया गया है कि इसके जरिए 22 हज़ार 226 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होगी। जमुई जिले के सोनो, झाझा, खैरा और गिद्धौर प्रखंड को यह सुविधा पहुंचाने के लिए बरनार नदी पर कंक्रीट डैम और नहर का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए प्रोजेक्ट कॉस्ट है 2579.3785 करोड़ रुपए। हम इसकी चर्चा यहां इसलिए कर रहे हैं कि 285 मीटर लंबे 74.67 मीटर ऊंचे डैम का निर्माण करने का प्रोजेक्ट अगर कामयाब होता है तो बिहार के लिए बहुत अच्छी बात है लेकिन ऐसे कितने डैम हैं जिनसे र बिहार को आज सिंचाई की सुविधा मिल रही है, इसका भी विश्लेषण होना चाहिए। कहा तो यह जा रहा है कि बरनार डैम से निकलने वाली ओपन लाइंड नहर की लंबाई बाईं तरफ 17.31 किलोमीटर और दाहिनी तरफ़ 25.10 किलोमीटर होगी। इस योजना के तहत 147 किलोमीटर लंबी पाइप लाइन वितरण प्रणाली भी बनाई जाएगी। इन सब बातों को सुनना बहुत अच्छा लगता है लेकिन बिहार के लोगों को अक्सर इन पर भरोसा नहीं होता और इनमें भ्रष्टाचार का डर उन्हें सताते रहता है। बिहार सरकार को ऐसी व्यवस्था करनी चाहिए ताकि लोगों का भरोसा बना रहे और जीरो टॉलरेंस की जो बात की जाती है वह शत प्रतिशत लागू की जाए।

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