छ्पी-अनछपी: 20 फ़ीसद वोटरों के नाम काटने की साज़िश? पाकिस्तान हॉकी टीम आएगी राजगीर
बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। विपक्षी दलों ने आरोप लगाया है कि वोटर वेरीफिकेशन के नाम पर 20% मतदाताओं के नाम काटने की साजिश चल रही है। ऑपरेशन सिंदूर के बाद तनाव की वजह से पैदा हुए शक को दूर करते हुए यह बताया गया है कि पाकिस्तान की हॉकी टीम राजगीर आएगी। भारतीय जनता पार्टी के कोटे से मंत्री जीवेश कुमार को राजस्थान के कोर्ट ने दोषी कर दिया है। अमेरिका से मिनी ट्रेड डील के आसार हैं लेकिन भारत कृषि सेक्टर में नो एंट्री पर काम है।
और जानिएगा कि वायु प्रदूषण से समय से पहले और कम वजन के बच्चे पैदा हो रहे हैं।
पहली खबर
हिन्दुस्तान के अनुसार बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर कांग्रेस ने चुनाव आयोग पर निशाना साधा और कहा कि यह 20 फीसदी मतदाताओं के नाम कटाने की साजिश है। पार्टी ने आयोग से एक बार फिर एसआईआर वापस लेने की मांग करते हुए कहा कि इस मुद्दे पर अदालत जाने का विकल्प खुला है। नई दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में गुरुवार को आयोजित प्रेसवार्ता में पार्टी प्रवक्ता पवन खेड़ा, बिहार प्रभारी कृष्णा अल्लावारू और प्रदेश अध्यक्ष राजेश कुमार ने कहा कि एसआईआर के जरिए बिहार के करोड़ों दलित, वंचित और पिछड़ों से वोट का अधिकार छीनने का प्रयास है। किसी भी संवैधानिक संस्था को सरकार के बिचौलिए की भूमिका नहीं निभानी चाहिए। प्रदेश अध्यक्ष राजेश कुमार ने आरोप लगाया कि पूरी प्रक्रिया व्यावहारिक और पारदर्शी नहीं है। जिस तरह के दस्तावेज मांगे जा रहे हैं, उसमें आशंका है कि 20 फीसदी से अधिक मतदाता सूची से बाहर हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि सरकार के पास संसाधन नहीं हैं। कर्मचारियों की संख्या कम है।
सड़क पर उतर सकती है कांग्रेस
जागरण के अनुसार बिहार में चुनाव से ठीक पहले अचानक मतदाता सूची के विशेष संघा पुनरीक्षण करने के चुनाव आयोग के फैसले के खिलाफ कांग्रेस ने सड़क से संसद तक उतरने की घोषणा की है। कांग्रेस ने चुनाव आयोग पर सत्ताधारी भाजपा के इशारे पर काम करने का आरोप लगाते हुए कहा कि वह बिहार के गरीबों दलितों वंचितों और राज्य से बाहर रोजी रोजगार के लिए जाने वाले करोड़ों लोगों को वोटर लिस्ट से बाहर कर मतदान के अधिकार से वंचित करना चाहता है।
चुनाव आयोग ने दी ऑनलाइन फॉर्म भरने की सुविधा
प्रभात खबर के अनुसार चुनाव आयोग ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया को मतदाताओं के लिए और अधिक आसान और सुविधाजनक बनाने के लिए गुरुवार शाम ऑनलाइन गणना प्रपत्र जमा करने के लिए वेबसाइट पर लिंक जारी कर दी। चुनाव आयोग की वेबसाइट पर 2003 की मतदाता सूची के साथ-साथ वर्तमान मतदाताओं के आशिक भरे गणना फॉर्म पहले से ही उपलब्ध करा दिए गए। दूसरी ओर चुनाव आयोग ने बुधवार को 11 राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से मुलाकात के बाद बिहार में जारी फिर की प्रक्रिया को और अधिक स्पष्ट करते हुए इसे पांच चरणों में बांटा है।
पाकिस्तान की हॉकी टीम आएगी राजगीर
जागरण के अनुसार पाकिस्तान हॉकी टीम को अगले महीने भारत में एशिया कप और नवंबर-दिसंबर में होने वाले जूनियर हॉकी विश्व कप में भाग लेने की अनुमति देने के साथ ही केंद्र सरकार ने पड़ोसी देश के खिलाड़ियों के लिए यहां होने वाली बहुराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लेने के रास्ते खोल दिए हैं। खेल मंत्रालय के सूत्र ने गुरुवार को कहा कि बहुराष्ट्रीय टीमों के टूर्नामेंट में हम अपनी टीम को पाकिस्तान से खेलने से नहीं रोकेंगे क्योंकि ऐसा करना ओलंपिक चार्टर का उल्लंघन होगा। हॉकी एशिया कप 29 अगस्त से 7 सितंबर तक बिहार के राजगीर में आयोजित किया जाएगा जिसमें भारत सहित 8 टीम में भाग लेंगी। वहीं जूनियर हॉकी विश्व कप चेन्नई और मदुरई में 28 नवंबर से 10 दिसंबर तक खेला जाएगा।’ऑपरेशन सिंदूर’ के कारण पाकिस्तान की भागीदारी को लेकर संदेह था। सूत्रों ने कहा कि अगर हम उन्हें खेलने की अनुमति नहीं देते हैं तो यह ओलंपिक चार्टर का उल्लंघन होगा। हॉकी इंडिया के अध्यक्ष दिलीप टिर्की ने कहा, हॉकी के लिये अच्छी खबर है। बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के महानिदेशक रवीन्द्रण शंकरण ने कहा कि पाक की 31 सदस्यीय टीम यहां आएगी।
मंत्री जीवेश राजस्थान की अदालत में दोषी करार
प्रभात खबर के अनुसार नगर विकास मंत्री जीवेश मिश्रा को राजस्थान के राजसमंद जिले की एक अदालत ने 2010 में दवा आपूर्ति से जुड़े मामले में दोषी पाया है। मंगलवार को जीवेश मिश्रा कोर्ट में पेश हुए। कोर्ट ने 23 पन्नों के फैसले में जीवेश सहित सभी आरोपित को ₹7000 के अर्थ दंड और ₹5000 के बॉन्ड पर जमानत दे दी। राजसमंद में सीजेएम ममता सैनी की कोर्ट ने 4 जून को नगर विकास मंत्री और ऑल्टो हेल्थ केयर प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के डायरेक्टर जीवेश मिश्रा सहित नौ आरोपियों को दोषी करार दिया था। इस मामले में जीवेश कुमार मिश्रा के फोन पर संपर्क करने पर कोई जवाब नहीं मिल पाया।
अमेरिका से मिनी ट्रेड डील के आसार
भास्कर के अनुसार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा सभी देशों के लिए ट्रेड डील की डेडलाइन का काउंटडाउन शुरू हो गया है। सूत्रों के अनुसार 9 जुलाई को डेडलाइन से पहले भारत और अमेरिका के बीच मिनी ट्रेड डील होने के आसार हैं। बताया जा रहा है कि दोनों देशों के बीच कई बिंदुओं पर सहमति बन गई है। अगले दो-तीन दिन में डील हो सकती है। इसे मिनी ट्रेड डील इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि भारत और अमेरिका सितंबर अक्टूबर में होने वाले 45 लाख करोड़ के द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) पर फोकस कर रहे हैं। वाशिंगटन में व्यापार वार्ता में भारतीय पक्ष ने अमेरिका को कृषि सेक्टर में एंट्री देने से इनकार कर दिया है।
वायु प्रदूषण से समय से पहले और कम वजन के बच्चे पैदा हो रहे
हिन्दुस्तान के अनुसार वायु प्रदूषण का असर महिलाओं की कोख पर भी पड़ रहा है। एक अध्ययन के अनुसार, खराब हवा के चलते दिल्ली में 13 फीसदी बच्चों ने समय से पहले जन्म ले लिया, जबकि 17 फीसदी बच्चे कम वजन के साथ पैदा हुए। आईआईटी दिल्ली, मुंबई के अंतरराष्ट्रीय जनसंख्या विज्ञान संस्थान, ब्रिटेन और आयरलैंड के संस्थानों के शोधकर्ताओं ने राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण 2019-2021 और रिमोट सेंसिंग डाटा के विस्तृत विश्लेषण के आधार पर यह बात कही। अध्ययन के दौरान वैज्ञानिकों ने पाया कि पीएम 2.5 के बढ़ते संपर्क के कारण महिलाओं में समय से पहले प्रसव की 70 फीसदी संभावना और कम वजन वाले बच्चों के जन्म की 40 प्रतिशत संभावना पाई गई। वैज्ञानिकों ने पाया कि उत्तर भारत में रहने वाले बच्चे वायु प्रदूषण के प्रति अधिक संवेदनशील हैं।
कुछ और सुर्खियां:
- नैनीताल के भीमताल के पास वायु सेना के दो जवानों की डूबने से मौत
- बिहार में आम आदमी पार्टी अकेले विधानसभा चुनाव लड़ेगी
- पटना के बैरिया में कचरा प्रोसेसिंग के लिए 500 करोड़ का प्लांट लगेगा
- मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के बागेश्वर धाम में भगदड़, 20 लोग दबे, एक की मौत
- दिल्ली हाई कोर्ट ने पतंजलि से कहा, अपमानजनक विज्ञापन हटाए
- मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गंगा में बढ़ते जल स्तर से सावधान रहने को कहा
अनछपी: चुनाव आयोग ने बिहार में विशेष गहन मतदाता सूची पुनरीक्षण के नाम पर जो प्रक्रिया शुरू की है उसके पहले सप्ताह के बाद यह कहा जा सकता है कि उसने इसे नाक का सवाल बना रखा है लेकिन अगर वह इस पर अड़ा रहा तो उसकी नाक कट सकती है। इस मामले में चुनाव आयोग और विपक्ष की आपत्तियों को तो बताया गया है लेकिन आम आदमी को और बीएलओ यानी बूथ लेवल ऑफिसर को होने वाली परेशानियों की चर्चा कम हुई है। इस एक सप्ताह में जो कुछ हुआ है उसे इस तरह समझते हैं:
- चुनाव आयोग ने अपने आदेश में कई बदलाव किए हैं।
- चुनाव आयोग ने दावा किया कि उसने 8 करोड़ फॉर्म बांट दिए हैं लेकिन जमीनी सच्चाई यह है कि अभी सिर्फ 25% लोगों को ही फॉर्म मिला है।
- बीएलओ का कहना है कि उन्हें कम फॉर्म दिए गए हैं और बाकी फॉर्म बाद में देने की बात कही गई है।
- चुनाव आयोग ने कहा है कि फॉर्म की दो कॉपी दी जाएगी लेकिन बीएलओ का कहना है कि उन्हें एक ही कॉपी दी जा रही है। इसलिए वह एक ही कॉपी दे रहे हैं।
- चुनाव आयोग ने इस प्रक्रिया के लिए एक महीने का समय देने की बात कही है लेकिन बीएलओ फॉर्म देने के अगले ही दिन भरा हुआ फॉर्म मांग रहे हैं।
इसके अलावा भी कई बातें हैं जिनसे वोटर वेरीफिकेशन का यह काम सवालों के घेरे में है और चुनाव आयोग का रवैया भी अड़ियल ही बताया जा रहा है। एक हकीकत यह भी है कि अभी हमारी बड़ी आबादी को यह पता ही नहीं है कि किस तरह की प्रक्रिया चल रही है, फॉर्म कैसे भरा जाएगा और दस्तावेज कैसे दे पाएंगे। दिल्ली में बैठे चुनाव आयोग के अधिकारी लगातार फरमान जारी कर रहे हैं और बिहार में मौजूद उनके अधिकारी उनको लागू करने के अलावा कोई चारा नहीं पाते हैं। यही हाल बीएलओ का है जो साफ तौर पर यह मानते हैं कि यह बहुत ही झगड़ा वाला और तनाव देने वाला काम है लेकिन चुनाव आयोग है कि किसी की कोई बात सुनने को तैयार नहीं है। अगर इस मामले को सुप्रीम कोर्ट में ले जाया जाए तो तय नहीं है कि उसका रुख क्या होगा लेकिन अगर जनता की अदालत में इसे ले जाया जाए तो जरुर जानता इस विरोध को पसंद करेगी। इसलिए विपक्षी राजनीतिक दलों को चुनाव आयोग से मिलने और सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने के साथ-साथ आम लोगों के बीच भी जाना चाहिए बल्कि इस काम को सबसे ज्यादा तवज्जो देनी चाहिए।
472 total views
