छ्पी-अनछपी: शेख हसीना को सुनाई गई मौत की सजा, मदीना जा रहे 42 भारतीयों की हादसे में मौत
बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को मान्यता के खिलाफ अपराध के मामले में मौत की सजा सुनाई गई है। सऊदी अरब के मदीना में उम्र के लिए गए 42 भारतीयों की सड़क हादसे में मौत हो गई। राजद नेता तेजस्वी यादव शुरुआती इनकार के बाद विधायक दल के नेता बने। वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण एसआईआर को लेकर तमिलनाडु और केरल में विरोध बढ़ गया है।
और, जानिएगा कि चुनाव के बाद दानापुर मंडल से 65 लाख यात्री दूसरे राज्य गए।
पहली ख़बर
प्रभात खबर के अनुसार बांग्लादेश की अपदस्थ प्रधानमंत्री 78 वर्षीया शेख हसीना को उनकी गैर मौजूदगी में सोमवार को एक विशेष न्यायाधिकरण ने मौत की सजा सुनायी. उन्हें पिछले वर्ष जुलाई में अपनी सरकार के खिलाफ व्यापक विरोध प्रदर्शनों के दौरान किये गये ‘मानवता के विरुद्ध अपराधों’ के लिए यह सजा सुनायी गयी. उन्हें यह सजा बांग्लादेश के अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण ने महीनों तक चले मुकदमे के बाद सुनाया, न्यायाधिकरण ने इस अवामी लीग नेता को हिंसक दमन का मास्टरमाइंड और प्रमुख सूत्रधार बताया, जिसमें सैकड़ों प्रदर्शनकारियों की मौत हो गयी थी. ढाका में कड़ी सुरक्षा वाले अदालत कक्ष में फैसला पढ़ते हुए न्यायाधिकरण ने कहा कि अभियोजन पक्ष ने यह साबित कर दिया है कि पिछले साल 15 जुलाई से 15 अगस्त के बीच छात्रों के नेतृत्व वाले विरोध प्रदर्शनों पर घातक कार्रवाई के पीछे हसीना का ही हाथ था. संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय की एक रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि ‘जुलाई विद्रोह’ के नाम से करीब एक महीने तक चले आंदोलन के दौरान 1,400 लोग मारे गये थे. शेख हसीना ने इस फैसले को राजनीति से प्रेरित बताया है जबकि भारत ने सजा के मामले में कोई टिप्पणी नहीं की.
उमरा के लिए मदीना गए 45 लोगों की सड़क हादसे में मौत
भास्कर के अनुसार सऊदी अरब के मदीना में रविवार देर रात हुए भयावह सड़क हादसे में 42 भारतीय जायरीन की मौत हो गई। इनमें ज्यादातर यात्री हैदराबाद के थे और उमरा करके लौट रहे थे। बस सवार दो स्थानीय लोगों (फैसिलेटर्स) की भी मौत हुई है। मक्का से मदीना जा रही बस रास्ते में किनारे खड़ी थी। इसी दौरान पीछे से आए तेज रफ्तार फ्यूल टैंकर ने बस को टक्कर मार दी। विस्फोट के बाद बस में आग लग गई। हादसा मदीना से करीब 40 किमी दूर मुहरस/मुफरिहात में हुआ। आग इतनी विकराल थी कि यात्रियों के निकलने का मौका नहीं मिला। बस सवार सिर्फ एक भारतीय युवक शोएब जीवित बचा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे पर दुख जताया है। जद्दा में भारतीय मिशन ने 24×7 कंट्रोल रूम बनाया है। अधिकारी दुर्घटनास्थल और अस्पतालों में भेजे हैं। हैदराबाद पुलिस आयुक्त वीसी सज्जनार ने बताया, तेलंगाना के 54 लोग 9 नवंबर को जद्दा पहुंचे थे। उनमें से 43 यात्री बस से मदीना जा रहे थे। इसी दौरान हादसा हुआ। मृतकों में 10 बच्चे भी शामिल हैं।
ना-नुकुर के बाद विधायक दल के नेता पद बने तेजस्वी यादव
जागरण के अनुसार राजद विधायक दल की सोमवार को पटना में हुई बैठक में लालू प्रसाद के पुत्र व पूर्व उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव को विधायक दल का नेता चुन लिया गया। हालांकि, बैठक की शुरुआत में तेजस्वी ने नेता पद की जिम्मेदारी संभालने से साफ इंकार कर दिया और कहा कि जनता ने अगर विकल्प के रूप में उन्हें स्वीकार नहीं किया तो नेतृत्व संभालना तर्कसंगत नहीं होगा। उनके इस रुख से बैठक में कुछ देर के लिए सन्नाटा पसर गया। कई विधायकों ने एक स्वर से कहा कि इस मुश्किल घड़ी में संगठन को तेजस्वी के नेतृत्व की पहले से कहीं अधिक जरूरत है। दोपहर तीन बजे तेजस्वी के सरकारी आवास एक, पोलो रोड पर नवनिर्वाचित विधायकों और पूर्व विधायकों की बैठक बुलाई गई थी। सूत्रों ने बताया कि प्रस्ताव दिया गया कि तेजस्वी नेता प्रतिपक्ष पद का जिम्मा संभालें। तेजस्वी ने शुरुआत में इंकार किया। इससे असहज माहौल बनता देख लालू प्रसाद ने हस्तक्षेप किया पूर्ण राम लाल ने विधायकों से कहा कि तेजस्वी ने कठिन परिस्थितियों में पार्टी को मजबूती से खड़ा किया और यह समय उन पर और विश्वास जताने का है।
एसआईआर को लेकर तमिलनाडु और केरल में विरोध बढ़ गया
भास्कर के अनुसार निर्वाचन आयोग के मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर पश्चिम बंगाल के बाद केरल और तमिलनाडु में विरोध बढ़ता जा रहा है। तमिलनाडु के बीएलओ के साथ ही तहसीलदार स्तर तक के अधिकारियों ने मंगलवार से बायकॉट का ऐलान किया है। केरल में बीएलओ ने एक साथी अनीश जॉर्जी की आत्महत्या के बाद सोमवार को एसआईआर के जुड़े काम का बहिष्कार किया। राज्य सरकार के कर्मचारियों के विभिन्न ट्रेड यूनियनों ने तिरुवनंतपुरम में मुख्य चिन अधिकारी के कार्यालय ओ सभी जिला कलेक्ट्रेट्स पर प्रदर्शन किया। उन्होंने बीएलओ पर अत्यधिक दबाव न डालने और एआईआर को स्थगित करने की मांग की। केरल एनजीओ एसोसिएशन ने भी राज्यभर में प्रदर्शन किया।
दानापुर मंडल से बिहार से बाहर गए 65 लाख रेलयात्री
प्रभात खबर के अनुसार छठ और बिहार विधानसभा चुनाव के बाद पूर्व मध्य रेलवे के दानापुर मंडल में रिकॉर्ड तोड़ यात्रियों ने दूसरे प्रदेश के लिए सफर किया है. छठ के दूसरे दिन यानी 28 अक्तूबर से 16 नवंबर तक दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, उत्तर प्रदेश के अलावा विभिन्न प्रदेशों में कुल 64 लाख 65 हजार 330 यात्रियों यानी करीब 65 लाख के आसपास परदेशी यात्रियों ने दानापुर मंडल से ट्रेन में सफर किया है. जिसमें 10 लाख 66 हजार 42 यात्रियों ने आरक्षित टिकट पर व 53 लाख 99 हजार 288 यात्रियों ने यूटीएस के माध्यम से टिकट लेकर यात्रा किया. इससे कुल 20 दिनों में दानापुर मंडल को इन यात्रियों से 1,260,366,368 (126 करोड़ से अधिक) रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ. जबकि पिछले साल की तुलना में एक लाख 27 हजार 700 यात्रियों ने इस वर्ष अधिक सफर किया है. दानापुर मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक अभिनव सिद्धार्थ ने इस बात की जानकारी देते हुए कहा कि आवश्यकता के अनुसार 334 अतिरिक्त ट्रेनें इस दौरान मंडल के विभिन्न स्टेशनों से चलायी गयी.
कुछ और सुर्खियां:
- नीतीश कुमार 19 नवंबर को एनडीए विधायक दल के नेता चुने जाएंगे
- पटना के दानापुर प्रखंड के नासरीगंज में एचडीएफसी बैंक की एटीएम तोड़ 14.5 लाख की लूट
- समाजवादी पार्टी के नेता आज़म खान और उनके बेटे अब्दुल्लाह अज्जाम दो पैन कार्ड रखने के मामले में दोषी, सात साल सज़ा
- अमेरिका से पहली बार रसोई गैस खरीदेगा भारत
- उत्तर प्रदेश के सोनभद्र में खदान धंसने से 6 मजदूरों की मौत
अनछपी: बिहार में शराबबंदी ऐसा मुद्दा है जिस पर नीतीश कुमार के विरोधी भी उनका समर्थन करते हैं तो नीतीश कुमार के समर्थक भी इस नीति का विरोध करते हैं। नीतीश कुमार की शराबबंदी का विरोध करने वालों का यह तर्क होता है कि इससे सरकारी खजाने को घाटा होता है लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट ने एक टिप्पणी में कहा है कि सरकार राजस्व कमाने के लिए लोगों की सेहत गांव पर लगा रही है। इस टिप्पणी में सुप्रीम कोर्ट ने किस सरकार के बारे में यह बात कही है इसका साफ तौर पर तो पता नहीं चला लेकिन क्योंकि यह मामला ट्रेडमार्क से जुड़ा हुआ है इसलिए माना जा सकता है कि इस मामले में सरकार से मतलब केंद्र सरकार है। तो मामला यह है कि शराब की दो दिग्गज कंपनियों के बीच ट्रेडमार्क का झगड़ा है और इसकी सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में हो रही है। इसी सुनवाई के दौरान जूस के पैकेट की तरह दिखने वाला शराब का टेट्रा पैक पेश किया गया तो सुप्रीम कोर्ट के जज भी हैरत में रह गए। न्यायमूर्ति सूर्यकांत और जॉयमाल्या बागची की पीठ के सामने वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी ने दोनों कंपनियों के टेट्रा पैक पेश किए जिनकी पैकिंग मिलती-जुलती थी। दोनों जजों ने इस बात पर हैरानी जताई कि सरकार ने इस तरह के पैकेट में शराब बेचने की इजाजत कैसे दे रखी है। कोर्ट ने से गंभीर मामला बताया। कोर्ट ने कहा कि ऐसे पैक को छात्र अपने बैग में रखकर स्कूल या कॉलेज ले जा सकते हैं। कोर्ट ने शराब के बुरे असर के बारे में तो कुछ नहीं कहा लेकिन उसकी बातों से इसका अंदाजा लगाया जा सकता है कि उसे कम उम्र के लोगों की फिक्र है जो ऐसे टेट्रा पैक में मिलने वाली शराब का इस्तेमाल कर सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट को फैसला वैसे तो ट्रेडमार्क के बारे में करना है लेकिन उसका कहना है कि अगर यह मुद्दा उसके सामने पीआईएल के तौर पर आए तो वह इस पर जरूर फैसला देगा। लोकतंत्र और लोक कल्याणकारी राज्य में पैसे कमाने के लिए बच्चों की सेहत को भी दांव पर लगाने वाली सरकार की इस इजाज़त को तुरंत वापस लिया जाना चाहिए।
465 total views
