छपी-अनछपी: ज़हरीली शराब से 33 मरे, नीतीश बोले- भाजपा वाले बिकवा रहे

बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। सारण जिले में जहरीली नकली शराब पीने से कई लोगों की मौत की खबर और इस पर विधानसभा में भारतीय जनता पार्टी के हंगामे की बात सभी अखबारों में प्रमुखता से छपी है। उनके हंगामे से भड़के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भाजपा पर ही शराब बिकवाने का आरोप लगाया है। विश्व कप फुटबॉल में मोरक्को की कामयाबी का सिलसिला सेमीफाइनल में टूट गया जब उसे फ्रांस के हाथों 2-0 से हार का सामना करना पड़ा। उधर अरुणाचल प्रदेश की सीमा पर चीन के साथ झड़प के मामले की खबरें भी पहले पन्ने पर हैं।

हिन्दुस्तान की पहली खबर है: जहरीली शराब से 33 मरे, विधानसभा में बवाल। इसके तहत दो और सुर्खी है: 1. सारण: अलग-अलग जगहों पर लोगों ने पी शराब, कई बीमार। दूसरी सुर्खी है: हंगामे से खफा मुख्यमंत्री बोले भाजपा वाले बिकवा रहे शराब। जागरण की सुर्खी है जहरीली शराब पर भाजपा का सदन में हंगामा, भड़के मुख्यमंत्री नीतीश। इसके साथ ही यह खबर दी गई है: सारण में जहरीली शराब पीने से 31 लोगों की मौत। भास्कर में संबंधित खबर है: सारण में 27 की मौत, परिजन बोले देसी शराब पीने से बिगड़ी तबीयत। इसके साथ यह सुर्खी भी है: भाजपा का आरोप शराबबंदी फेल, मुख्यमंत्री नाराज, कहा- इसका मतलब आप ही लोग गड़बड़ करा रहे हो। हिन्दुस्तान में एक और सुर्खी है भाजपा सत्ता में थी तब शराब से होने वाली मौत पर क्यों नहीं बोलती थी तेजस्वी।
हिन्दुस्तान के अनुसार सारण में मंगलवार रात से लेकर बुधवार शाम तक जिन 33 की मौत हुई है, उनमें सबसे ज्यादा मशरक के 23 और शेष 10 लोग इसुआपुर, अमनौर व मढ़ौरा के हैं। इस मामले पर विधानसभा में विपक्ष की नारेबाजी और हंगामे से खफा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि भाजपा के लोग ही शराब बिकवा रहे हैं। गुस्से में उन्होंने कहा कि सब भाजपा वाले ही करवा रहे हैं। बहुत गंदा काम कर रहे हैं। अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कितना हल्ला करेंगे। इसके बाद नेता प्रतिपक्ष विजय कुमार सिन्हा ने सीएम पर सदन के अपमान का आरोप लगाते हुए माफी मांगने की मांग की। इस पर संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि सीएम ने ऐसा कोई अमर्यादित आचरण नहीं किया है कि वह माफी मांगें।

केंद्र में 9.8 लाख पद खाली
भास्कर की पहली खबर है केंद्र सरकार में 9.8 लाख पद खाली, इनमें आठ लाख सिर्फ 4 मंत्रालयों में क्यों। इसमें बताया गया है कि रेलवे, गृह, रक्षा और डाक विभाग में सबसे ज्यादा पद रिक्त हैं। इस कारण काम का बोझ दोगुना हो चुका है। साइंस और टेक्नोलॉजी और कॉमर्स जैसे विभागों में 50% से ज्यादा पद नहीं भरे गए हैं। केंद्र के 15 प्रमुख विभागों में 30% से ज्यादा पद अब भी खाली है। इसका असर यह हुआ है कि आईएएस के 1472 और आइपीएस के 864 पद रिक्त हैं। केंद्र सरकार ने बुधवार को संसद में यह जानकारी दी है।

तवांग मुद्दे पर अमेरिका खुलकर भारत के साथ
हिन्दुस्तान की दूसरी सबसे बड़ी खबर है: तवांग मुद्दे पर अमेरिका खुलकर भारत के साथ। जागरण ने लिखा है: तवांग घुसपैठ के मुद्दे पर भारत को मिला अमेरिका का साथ। तवांग मुद्दे पर अमेरिका ने भारत का खुलकर समर्थन किया है। अमेरिका की ओर से व्हाइट हाउस, रक्षा विभाग (पेंटागन) और विदेश मंत्रालय ने अलग-अलग बयान जारी कर अपना रुख स्पष्ट किया। पेंटागन ने साफ कहा कि चीन अमेरिका के सहयोगियों को उकसा रहा है। पेंटागन स्थित रक्षा विभाग के अधिकारी ब्रिगेडियर जनरल पैट राइडर ने कहा कि भारत-चीन सीमा पर चल रहे घटनाक्रमों पर हमारी करीबी नजर है। उन्होंने कहा कि हम चीन सीमा पर स्थिति को नियंत्रित करने के लिए भारत के प्रयासों का पूर्ण समर्थन करते हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नेड प्राइस ने कहा, भारत अमेरिका का अहम कूटनीतिक साझेदार है और वह सीमा पर किसी भी हमले या झड़प की निंदा करता है। वास्तविक नियंत्रण रेखा पर सीमा पार से क्षेत्र पर दावे के किसी भी एकतरफा प्रयास का हम कड़ा विरोध करते हैं।
इस बारे में भास्कर की खबर है: अमेरिका का खुलासा- चीन के जेट , ड्रोन का एलएसी पर जमावड़ा।

दानापुर में दिनदहाड़े बीच सड़क पर दो युवकों के सिर में गोली मारकर हत्या
जागरण में यह खबर प्रमुखता से छपी है: दानापुर में दिनदहाड़े बीच सड़क पर दो युवकों के सिर में गोली मारकर हत्या। हिन्दुस्तान ने लिखा है: दुस्साहस: 30 हज़ार के विवाद में दो युवकों की गोली मारकर हत्या। जागरण ने लिखा है फुलवारी शरीफ में घर में घुसकर 3 लोगों को गोली मारने की घटना को 24 घंटे में नहीं गुजरे थे कि बुधवार को बेखौफ अपराधियों ने दिनदहाड़े दानापुर के खगड़ी रोड गुडला स्थान मंदिर के पास बीच सड़क पर दो युवकों के सिर में गोली मारकर हत्या कर दी। दोनों की पहचान दफ्तर अखाड़ा रोड निवासी संतोष प्रसाद के 20 साल के बेटे रोहित कुमार और दलदली रोड के पप्पू साहब के 20 साल के बेटे अंकित उर्फ ठेकुआ के रूप में की गई है। दानापुर थाना अध्यक्ष कमलेश्वर प्रसाद सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला आपसी रंजिश का है।

अनछपी: सारण में जहरीली शराब पीने से हुई मौत की घटना ऐसी पहली घटना नहीं है और ना ही आखरी है। वास्तव में यह ज़हरीली नकली शराब होती है जो जान लेती है हालांकि असली शराब भी शरीर पर लंबे समय में बुरा ही असर डालती है। भारतीय जनता पार्टी और यहां तक कि नीतीश के कुछ समर्थक पार्टियां भी चाहती है कि शराबबंदी समाप्त की जाए। ऐसे लोगों में कई नेता शराब के ठेके भी लेना चाहते होंगे। यह मौकापरस्त नेता दो बिल्कुल अलग-अलग बातों को शराबबंदी समाप्त करने के लिए तर्क के तौर पर पेश करते हैं। नकली या जहरीली शराब से मौत तभी होती है जब शराबबंदी नहीं होती है। बिहार में और दूसरी जगहों पर भी नकली शराब से उस समय भी मौत हुई है जब असली शराब बेचे जाने की अनुमति रही है। यह शराबबंदी की विफलता नहीं बल्कि प्रशासनिक विफलता है जो ऐसे नकली और जहरीली शराब बेचने वाले सिंडिकेट को समय रहते पकड़ नहीं पाता। ऐसी शराब अक्सर स्थानीय तौर पर बनाई जाती है जिसका पुलिस को पता नहीं होना अविश्वसनीय लगता है और अगर पुलिस को वाकई पता ना हो तो यह उसकी विफलता का स्पष्ट परिचायक है। कई बार ऐसी जहरीली शराब आसपास के राज्यों से भी आती है। सरकार को चाहिए कि वह ऐसा धंधा करने वालों को जल्द से जल्द पकड़े और कठोर से कठोर सजा दिलवाए। इससे पहले भी जहरीली शराब से मौत हुई है लेकिन उसके जिम्मेदार लोगों को या तो पकड़ा नहीं गया या पकड़ा गया तो अब तक उन्हें ऐसी सजा नहीं मिले जो दूसरों के लिए उदाहरण बने। ऐसे मौके का फायदा उठाकर शराब बेचने के इच्छुक ठेकेदार नेता शराबबंदी को ही विफल बताते हैं जबकि शराबबंदी एक अलग विषय है। शराबबंदी के बावजूद शराब बिकने का कारण आसपास के राज्यों में शराबबंदी न होना है और इसकी तस्करी भी वहीं से होती है। सरकार को चाहिए कि वह शराबबंदी से होने वाले फायदे से लोगों को आगाह करें। साथ ही ऐसी जहरीली शराब बेचने वाले सिंडिकेट को जल्द से जल्द नष्ट करें।

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