छपी-अनछपी: ईरान जंगबंदी पर इसराइल की बमबारी, असम व केरलम में आज वोटिंग
बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। ईरान और अमेरिका ने तो जंगबंदी का ऐलान कर दिया लेकिन इसराइल ने बमबारी नहीं छोड़ी है। असम, केरलम और केंद्र शासित पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान हो रहा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 14 अप्रैल को अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं।
और, सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अंधविश्वास क्या है, यह वह तय करेगा।
पहली ख़बर
प्रभात ख़बर के अनुसार पश्चिम एशिया में जारी युद्ध अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान को दी गयी ‘सभ्यता मिटाने’ की अंतिम समयसीमा खत्म होने से करीब 90 मिनट पहले थम गया. अमेरिका, इसराइल और ईरान दो सप्ताह के युद्धविराम पर सहमत हो गये. लेकिन इस सहमति के 24 घंटे से भी कम समय में इस युद्ध विराम पर संकट के बाद गहरा गये हैं. 40 दिनों से जारी इस भीषण संघर्ष में भारतीय समयानुसार बुधवार सुबह करीब चार बजे ट्रंप ने सीजफायर का एलान किया और इसका श्रेय पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख आसिम मुनीर को दिया. इसराइल ने भी इस पर सहमति जतायी, लेकिन यह भी स्पष्ट किया कि लेबनान इस समझौते से बाहर है. ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने भी युद्ध विराम की घोषणा करते हुए हमले रोकने का आदेश जारी किया. हालांकि साथ ही ईरान ने लेबनान पर हमले रोकने की भी शर्त रखी, शाम होते-होते इसराइल ने ईरान की इस शर्त को खारिज करते हुए लेबनान पर भीषण हवाई हमले किए जिसमें 254 लोगों की मौत हो गयी. साथ ही 1100 से अधिक लोग घायल भी हो गये. इसके विरोध में ईरान ने खोलने के कुछ देर बाद ही दोबारा होर्मुज स्ट्रेट को बंद करने की घोषणा कर दी. ईरान के विदेश मंत्री अराग़ची ने कहा कि सीजफायर और हमले एक साथ जारी नहीं रह सकते.
ईरान को हथियार सप्लाई करने वाले देशों पर ट्रंप का 50 फ़ीसद टैरिफ
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर बड़ी घोषणा की है. ट्रंप ने स्पष्ट कर दिया है कि जो भी देश ईरान को जिन देशों ने सैन्य हथियार या युद्ध सामग्री सप्लाई किया है और आगे भी करेगा, उसे भारी आर्थिक नुकसान झेलना होगा. ट्रंप ने घोषणा की है कि ऐसे देशों से अमेरिका आने वाले हर सामान पर तुरंत प्रभाव से 50 फीसदी का आयात शुल्क, यानी की टैरिफ लगा दिया गया है. ट्रंप ने साफ-साफ कहा कि इस फैसले में किसी भी देश को कोई छूट या रियायत नहीं दी जायेगी.
ईरान के साथ मिल कर करेंगे काम
राष्ट्रपति ट्रंप ने चौंकाने वाला दावा करते हुए कहा कि ईरान में सत्ता परिवर्तन हो चुका है. नयी व्यवस्था के तहत अब ईरान में यूरेनियम का संवर्धन पूरी तरह बंद कर दिया जायेगा. हम ईरान के साथ मिल कर काम करेंगे और वहां जमीन के नीचे दबे हुए परमाणु मलबे को बाहर निकाल कर नष्ट करेंगे.
40 दिन की जंग में आठ हजार लोगों की मौत
भास्कर के अनुसार खाड़ी क्षेत्र में 40 दिन से जारी अमेरिका-इसराइल और ईरान युद्ध ने वैश्विक स्तर पर भारी तबाही मचाई है। एक अनुमान के मुताबिक करीब 43 हजार मिसाइल, ड्रोन और बम हमलों के साथ औसतन हर मिनट हमला हुआ, जिसमें 8710 लोगों की मौत और 40 हजार से अधिक लोग घायल हुए। इस युद्ध से 14 देश सीधे प्रभावित हुए हैं। युद्ध के कारण वैश्विक स्तर पर कुल नुकसान 590 अरब डॉलर (करीब 49 लाख करोड़ रुपए) तक पहुंच गया है। ऊर्जा कीमतों में उछाल से 30 से ज्यादा बड़ी अर्थव्यवस्थाएं वाले देश दबाव में हैं। चीन, जापान और दक्षिण कोरिया में आर्थिक सुस्ती के संकेत हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि युद्ध खत्म होने के बाद भी वैश्विक अर्थव्यवस्था को पटरी पर लौटने में 1 से 2 साल लग सकते हैं। वहीं युद्ध के कारण जो पर्यावरणीय नुकसान हुआ है, उसे ठीक होने में 20 से 30 साल लग सकते हैं। इस रणनीतिक ठहराव के बावजूद यह सवाल भी गंभीर बना हुआ है कि क्या इसराइल ने ईरान के मिसाइल कार्यक्रम को हुए नुकसान का बढ़ा-चढ़ाकर आकलन किया? प्रधानमंत्री नेतन्याहू के दावों के विपरीत, ईरान अब भी रोजाना 10 से 20 मिसाइलें दागने की क्षमता बनाए हुए है। अमेरिकी खुफिया विभाग के अनुसार, ईरान के आधे लॉन्चर अब भी पूरी तरह सक्रिय हैं। ईरान ने चतुराई से अपने मिसाइल बेड़े को नागरिक ट्रकों के रूप में छिपाया है और भूमिगत ‘मिसाइल शहरों’ का उपयोग कर रहा है।
तीन राज्यों में विधानसभा के लिए वोटिंग आज
देश के अहम राज्यों असम, केरलम और केंद्र शासित पुडुचेरी में गुरुवार को विधानसभा चुनाव के लिए मतदान होने जा रहा है और इसके साथ ही लोकतंत्र का महापर्व अपने निर्णायक चरण में प्रवेश कर चुका है। चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि मतदान पूरी तरह निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और पारदर्शी तरीके से कराने के लिए सभी व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं। असम की 126 सीटों, केरल की 140 सीटों और पुडुचेरी की 30 सीटों पर एक ही चरण में मतदान होगा। असम में 722 और केरलम में 883 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं, हजारों पुलिसकर्मी और केंद्रीय बल तैनात है. वहीं मतदानकर्मी अपने कर्तव्यों में जुटे हुए हैं।
नीतीश कुमार 14 अप्रैल को दे हैं सीएम पोस्ट से इस्तीफा दे
भास्कर के अनुसार बिहार में नई सरकार का काउंटडाउन शुरू हो गया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार गुरुवार को दोपहर 1.20 बजे एयर इंडिया की फ्लाइट (AI 2524) से दिल्ली जाएंगे। 10 अप्रैल को राज्यसभा की सदस्यता लेंगे। 14 अप्रैल को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देंगे। इसी दिन या अगले 24 घंटों (15 अप्रैल) में नई सरकार बन जाएगी। नई सरकार में मुख्यमंत्री किसे बनाया जाए, इसको लेकर भाजपा का शीर्ष नेतृत्व फिलहाल डिस्कशन की मोड में है। इस मोड के 10 अप्रैल को नतीजे की मुकाम तक पहुंचने की बात है, जब भाजपा की कोर कमेटी बैठेगी। कोर कमेटी में मुख्यमंत्री पद के लिए चर्चा होगी। सर्वानुमति बनाई जाएगी। नाम तय होगा। जदयू के वरीय नेता व मंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि भाजपा सबसे बड़ी पार्टी है। स्वाभाविक तौर पर वही लीड लेकर मुख्यमंत्री तय करेगी। हम एनडीए के साथ हैं। बैठक का फैसला लागू होगा।
तृणमूल कांग्रेस सांसद और मुख्य चुनाव आयुक्त में तीखी बहस
जागरण के अनुसार बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर तृणमूल कांग्रेस और चुनाव आयोग के बीच बुधवार को एक बार फिर तीखी नोकझोंक हुई। आलम यह रहा कि बैठक महज छह मिनट में खत्म हो गई। टीएमसी ने मुख्य चुनाव अयुक्त (सीईसी) पर गलत और अपमानजनक व्यव्हार करने का आरोप लगाया जबकि चुनाव आयोग ने टीएमसी के नेता डेरेक ओ-ब्रायन पर मुख्य चुनाब आयुक्त को बोलने से रोकने और चिल्लाने का आरोप लगाया। सूत्रों के अनुसार जब तुणमूल सांसद चिल्लाए तो मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने भी कहा यहां से दफा हो जाइए। इस दौरान मुख्य चुनाव अयुक्त ज्ञानेश कुमार ने टीएमसी नेताओं को स्पष्ट रूप से कहा कि वे कितना भी चीखें-चिल्लाएं, लेकिन बंगाल में हर हाल में भय और धमकी मुक्त, हिंसा मुक्त, प्रलोभन मुक्त और बिना किसी बूथ जाम के निष्पक्ष चुनाव कराए जाएंगे।
अंधविश्वास क्या है, हम तय करेंगे: सुप्रीम कोर्ट
हिन्दुस्तान के अनुसार सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ ने बुधवार को कहा कि उसके पास यह तय करने का अधिकार है कि किसी धर्म में कौन सी प्रथा अंधविश्वास पर आधारित है। केरल के सबरीमाला मंदिर सहित अन्य धार्मिक स्थलों में महिलाओं काे प्रवेश देने से जुड़े मामले पर दूसरे दिन बुधवार को सुनवाई करते हुए संविधान पीठ ने यह टिप्पणी की। पीठ ने कहा कि यदि कोई प्रचलित प्रथा या अंधविश्वास सार्वजनिक व्यवस्था, नैतिकता का उल्लंघन करता है तो उसे रद्द करने से अदालतों को नहीं रोक सकते। भले ही धर्म सुधार कानून बनाने की शक्ति विधायिका के पास हो। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अगुवाई वाली संविधान पीठ ने यह टिप्पणी तब की, जब केंद्र सरकार ने कहा कि जज कानून के जानकार होते हैं, धर्म के नहीं। पीठ ने केंद्र से यह बताने को कहा कि जो लोग भगवान अयप्पा के भक्त नहीं हैं, वे केरल के सबरीमाला मंदिर की रीतियों को कैसे चुनौती दे सकते हैं?
कुछ और सुर्खियां:
- बिहार की 8000 से ज्यादा पंचायतों के सचिव हड़ताल पर गए, पांच मांगें रखीं
- मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने हाल ही में नियुक्त 4954 महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता एएनएम को जॉइनिंग लेटर दिया
- कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मोहसिना किदवई का 94 साल की उम्र में इंतकाल
अनछपी: अफसोस की बात है कि ईरान और अमेरिका ने जिस सीजफायर का ऐलान किया उसे बर्बाद करने पर इसराइल ने कोई कोर कसर नहीं छोड़ी है। इससे भी बड़ी अफसोस की बात यह है कि अमेरिका अब तक इस बात को समझने के लिए तैयार नहीं है। अमेरिका के लिए यह बात समझना इसलिए भी जरूरी है क्योंकि इसराइल उसी के दिए हुए हथियारों और पैसों के बल पर अपने पड़ोसियों के साथ गुंडागर्दी करता है। यह बात तो सब जानते हैं कि पश्चिम एशिया में शांति सिर्फ ईरान और खाड़ी देशों के लिए नहीं बल्कि पूरी दुनिया के लिए जरूरी है क्योंकि इसराइल को जंग से होने वाले घाटे की भरपाई तो अमेरिका कर देता है लेकिन दुनिया भर को हुए नुकसान की भरपाई कैसे हो सकती है? यह सही है कि अरब देश अपनी सुरक्षा के लिए अमेरिका से समझौता किए हुए हैं लेकिन क्या उनके लिए भी यह जरूरी नहीं है कि वह अमेरिका से कहे कि वह इसराइल को मदद देना बंद करे और उसे पर लगाम लगाए। असल बात यह है कि इसराइल यह समझता है कि वह जब जिस इलाके पर चाहे हमला कर सकता है और जिसकी चाहे उसकी हत्या कर सकता है। उसकी यह हरकत पूरी दुनिया देख रही है लेकिन सिर्फ इस एक देश की वजह से पूरी दुनिया को होने वाली परेशानी को रोकने के लिए सब लोग इकट्ठा नहीं हो पा रहे हैं। यह ऐसा समय है जब भारत को भी सोचना पड़ेगा कि इसराइल की ऐसी मानवता विरोधी हरकतों में शामिल ना होया जाए और अपनी और दुनिया की बर्बादी को रोकने के लिए साफ-साफ इसराइल को संदेश दिया जाए।
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