छ्पी-अनछपी: डीटीओ के पास ढाई करोड़ की जर-जमीन, जामिया हिंसा में शरजील पर केस चलेगा
बिहार लोक संवाद डॉट नेट, पटना। नालंदा के जिला परिवहन अधिकारी (डीटीओ) के पास ढाई करोड़ की जमीन और जेवरात मिले हैं जो उनकी असल कमाई से काफी ज्यादा मानी जा रही है। सीएए विरोधी कार्यकर्ता शरजील इमाम के बारे में यह खबर आई है कि उन पर जामिया हिंसा मामले में केस चलेगा। सुधा डेयरी प्रॉडक्ट्स की पहली खेप अमेरिका और कनाडा भेजी गई है। कर्नाटक में सरकारी ठेकों में मुसलमानों को चार प्रतिशत आरक्षण दिया गया है।
और, जानिएगा कि पैसे की कमी की वजह से कितने लोग जमानत मिलने के बावजूद कैद में हैं।
प्रभात खबर के अनुसार निगरानी विभाग की स्पेशल विजिलेंस यूनिट (एसयूवी) ने शुक्रवार को नालंदा के जिला परिवहन अधिकारी (डीटीओ) अनिल कुमार दास के चार ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। यह छापेमारी डीटीओ के बिहारशरीफ स्थित कार्यालय व आवास के साथ ही पटना के रूपसपुर स्थित उनके फ्लैट पर दानापुर के धनोट स्थित उनके आवास पर की गई। छापेमारी के दौरान हुई तलाशी में नालंदा डीटीओ के ठिकानों से करीब एक करोड़ रुपए मूल्य की ज्वेलरी और डेढ़ करोड़ रुपए से अधिक मूल्य की जमीन के डीड मिले हैं। उनके साथ ही अनिल कुमार दास और उनकी पत्नी के नाम पर पटना व दानापुर में आवासीय मकान व फ्लैट हैं। शुरुआती जांच में उनकी आय से कई गुना अधिक संपत्ति का पता चला है। एसवीयू से मिली जानकारी के अनुसार डीटीओ अनिल कुमार दास पर 15 वर्ष की सरकारी सेवा के दौरान गलत तरीके से अकूत संपत्ति अर्जित किए जाने का आरोप लगा था। इसके आधार पर उनके विरुद्ध कल 94 लाख 90 हजार 606 रुपये ग़ैर कानूनी ढंग से अर्जित करने का कांड दर्ज किया गया।
शरजील पर जामिया हिंसा में केस चलेगा
हिन्दुस्तान की खबर है कि जामिया हिंसा मामले में अदालत ने शरजील इमाम समेत एक दर्जन से ज्यादा लोगों पर हिंसा भड़काने, जानलेवा हमला करने, आगजनी व सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप तय किए हैं। अदालत ने 14 अन्य लोगों को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया है। वहीं, दो आरोपियों को भगोड़ा करार देने के निर्देश दिए हैं। हालांकि यह खबर दूसरे अखबारों में नहीं है और शरजील को पहले इस मामले में बरी करने की खबर आ चुकी है। साकेत स्थित एडिशनल सेशन जज विशाल सिंह की अदालत ने 15 दिसंबर 2019 की दोपहर जामिया विश्वविद्यालय के बाहर से शुरू हुए दंगों के मामले में शरजील इमाम समेत 13 आरोपियों के खिलाफ मुकदमा चलाने की हरी झंडी दे दी है। अदालत ने अपने आदेश में कहा, इस मामले में अभियोजन पक्ष इन आरोपियों के खिलाफ प्रथमदृष्टया मुकदमा चलाने के लिए साक्ष्य पेश करने में सफल रहा। कोर्ट ने इस मामले के 14 लोगों को आरोपमुक्त कर दिया। इनको लेकर अभियोजन पक्ष का कहना था कि इनके मोबाइल नंबर प्रदर्शन के दौरान वहां मौजूद थे। इस पर कोर्ट ने कहा, महज मोबाइल नंबर होना काफी नहीं है।
सुधा डेयरी के प्रोडक्ट्स अमेरिका और कनाडा भेजा गया
जागरण के अनुसार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को सुधा प्रोडक्ट के वाहनों को हरी झंडी देखकर रवाना किया। इनमें से एक गाड़ी अमेरिका के लिए घी और मखाना और दूसरे में कनाडा के लिए गुलाब जामुन था। यह गाड़ियां बंदरगाह तक इन प्रॉडक्ट्स को पहुंचाएंगे फिर वहां से समुद्री जहाज से उन्हें आगे भेजा जाएगा। सुधा के इन प्रॉडक्ट्स की पहली खेत के रवाना होने से अब यह माना जाने लगा है कि बिहार का यह ब्रांड जल्द ही ग्लोबल बन जाएगा। पहली खेप में 48 लाख रुपए का सामान शामिल है।
कर्नाटक के ठेकों में मुसलमानों के लिए चार प्रतिशत आरक्षण
कर्नाटक में सरकारी ठेकों में मुसलमानों को चार प्रतिशत आरक्षण मिलेगा। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने शुक्रवार को विधानसभा में राज्य सरकार का बजट पेश करते हुए ऐलान किया कि सार्वजनिक निर्माण कार्यों के चार प्रतिशत ठेके अब मुसलमान के लिए आरक्षित किए जाएंगे। विभिन्न सरकारी विभागों, निगमों और संस्थाओं के अंतर्गत वस्तुओं और सेवाओं की एक करोड़ तक की खरीद में मुस्लिम आपूर्तिकर्ताओं को आरक्षण दिया जाएगा। इस घोषणा का विपक्षी दल भाजपा ने विरोध किया है।
भारत का सेमीकंडक्टर उद्योग 2030 तक 40 अरब का होगा
प्रभात खबर के अनुसार इलेक्ट्रॉनिक चिप बनाने में शामिल केमिकल और गैसों सहित सप्लाई चेन के आसपास एक परिवेश को बढ़ावा देकर भारतीय सेमीकंडक्टर उद्योग का आकार वर्ष 2030 तक 40 अरब डालर तक पहुंच सकता है। उद्योग निकाय के शीर्ष अधिकारियों ने शुक्रवार को यह संभावना जताई। सेमीकंडक्टर उद्योग के निकाय इंडिया इलेक्ट्रॉनिक्स एंड सेमीकंडक्टर संगठन के अध्यक्ष अशोक चांडक ने एक सम्मेलन में कहा कि भारत को सेमीकंडक्टर के वैश्विक केदो से सीखने की जरूरत है।
ट्रंप ने कहा, भारत सबसे ज्यादा तारीफ पर सुनने वाला देश
हिन्दुस्तान के अनुसार अमेरिका दुनिया पर थोपे गए जवाबी शुल्क (रेसिप्रोकल टैरिफ) पर नरम दिख रहा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कनाडा और मेक्सिको पर थोपे गए जवाबी शुल्क को एक माह के लिए टाल दिया है जो सिर्फ कुछ वस्तुओं पर लागू होगा। ट्रंप ने गुरुवार को ओवल ऑफिस में शासकीय आदेशों पर हस्ताक्षर करते हुए ये फैसला लिया। इस दौरान उन्होंने ये भी कहा कि भारत उच्च टैरिफ वसूलने वाला देश है। वहीं चीन ने कहा है कि वे अमेरिका के मनमाने टैरिफ का कड़ा जवाब देगा।
चीन ने भारत से मांगा साथ
दुनिया भर में छिड़े टैरिफ युद्ध के बीच देशों के बीच नए समीकरण बन रहे हैं। चीन ने शुक्रवार को सीमा विवाद को दरकिनार कर चौतरफा साझेदारी बढ़ाने पर भारत का साथ मांगा। चीन ने कहा कि हमें एक-दूसरे की राह में रोड़े अटकाने की बजाय साथ मिलकर काम करना चाहिए।
पैसे की कमी से हजारों जेल में
भास्कर की विशेष खबर के अनुसार देश की जेलों में 24 हजार से अधिक ऐसे कैदी हैं जो जमानत मिलने के बावजूद बंद हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह उन कैदियों के पास जमानत की शर्त पूरी न कर पाना या जमानत राशि जमा न कर पाना है। इनमें बहुत से ऐसे कैदी हैं जो मामूली अपराधों में जेल गए हैं। आंकड़े बताते हैं कि जमानत के बावजूद जेल में बंद 24879 कैदियों में से 50% से ज्यादा उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और बिहार के हैं। बिहार के ऐसे कैदियों की संख्या 3345 है।
कुछ और सुर्खियां:
- साहित्य अकादमी का अनुवाद पुरस्कार अंग्रेजी के लिए अनीसुर रहमान, हिंदी के लिए मदन सोनी और मैथिली के लिए केषकर ठाकुर को
- बिहार में 3.81 करोड़ लोगों का बना इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ रिकॉर्ड
- बीपीएससी 70वीं मुख्य परीक्षा पर रोक लगाने से हाईकोर्ट का इनकार
- सीरिया के तटीय क्षेत्र लताकिया व टार्टस में सेना व पूर्व राष्ट्रपति बशर अल असद के लड़ाकों के बीच झड़प में 71 की मौत
अनछपी: अखबारों में छपने वाली और नहीं छपने वाली खबरों के इस कॉलम में हम बराबर यह ध्यान दिलाते रहे हैं कि किसी खबर को किस अखबार ने कैसे छापा और कैसे किसी खबर को पूरी तरह दबा दिया गया। लेकिन क्या सुप्रीम कोर्ट के किसी फैसले की खबर को भी दबाया जा सकता है? उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मनमाने ढंग से लोगों के घरों को गिराने के लिए बदनाम रहे हैं लेकिन अखबारों में इसकी चर्चा कम ही होती है। 6 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार को प्रयागराज (इलाहाबाद) में एक वकील, एक प्रोफेसर और तीन अन्य लोगों के घरों को अवैध रूप से गिराने के लिए कड़ी फटकार लगाई। 7 मार्च को हमने यह खबर अखबारों में नहीं पाई तो हम भी इसे कवर नहीं कर पाए लेकिन बाद में इस खबर का पता चला। खबर यह है कि न्यायमूर्ति अभय एस ओका और न्यायमूर्ति एन कोटेश्वर सिंह ने राज्य सरकार की इस कार्रवाई पर कड़ी आपत्ति जताते हुए बिना कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए घर तोड़ने के गंभीर प्रभाव पर चिंता व्यक्त की। यह मामला उन घरों को ध्वस्त करने से जुड़ा है जिसे उत्तर प्रदेश सरकार ने कथित रूप से दिवंगत गैंगस्टर राजनीतिज्ञ अतीक अहमद की संपत्ति बताकर गिरा दिया। यह कार्रवाई इतनी तेजी से हुई कि मकान मालिकों को कोई जवाब देने या अपील करने का मौका नहीं मिला और हैरत की बात है कि इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इस मामले में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया था। न्यायमूर्ति ओका ने अपने बयान में इसे मौलिक अधिकारों का उल्लंघन बताते हुए भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत आश्रय के अधिकार का हवाला दिया। सुप्रीम कोर्ट ने साफ़ निर्देश दिया कि गिराए गए मकानों को दोबारा बनाया जाए। अखबारों में और मीडिया में इस खबर की चर्चा न होने या बिल्कुल कम होने से यह समझा जा सकता है कि उत्तर प्रदेश सरकार की अत्याचारपूर्ण कार्रवाई में उनकी मिलीभगत होती है।
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